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MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
MEKHRAM SAHU
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#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
जीवन में नाम का प्रकाश ही सबसे बड़ा सहारा है। जब नाम से प्रेम हो जाता है, तब हर अंधकार मिट जाता है और भीतर शांति का उदय होता है। पंथ श्री हुजूर प्रकाश मुनि नाम साहेब जीवन में नाम का प्रकाश ही सबसे बड़ा सहारा है। जब नाम से प्रेम हो जाता है, तब हर अंधकार मिट जाता है और भीतर शांति का उदय होता है। पंथ श्री हुजूर प्रकाश मुनि नाम साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    मोहिनी HII कबीर वाणी कबीर माया मोहिनी, जैसी मीठी खांड | सतगुरू की कृपा भई, नहीं तोड करती भांड Il रूप, रस, गंध, स्पर्श और शब्द মন সামা ক নাল 81 aFa धन 444 ப14 अहंकार 312f कबीर साहेब जी कहते हैं कि माया मोहिनी चीनी ( खांड) की तरह बहुत मीठी लगती है, जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। ৭ন, সনিতা भोग विलास মনা यह मीठास जीब को मोह में फंसा लेती है और माया मीठे खांड के समान है, सांसारिक बंधन में बांध देती है। जो हर किसी को लुभाती है, लेकिन यदि सतगुरु की कृपा प्राप्त हो जाए और अंत में दुख का कारण बनती है। तो यह जीब माया के बंधन को तोड़ सकता है और I से जुड़कर मोक्ष का मार्ग प्राप्त करता है। सच्चे परमात्मा Kabir Bhajan Gyan सत भक्ति और नाम स्मरण से ही जीवन सफल है। ஈ +0|1 सन মনযুত কী কৃণা सत्य की पहचान माया का त्याग नाम स्मरण मोक्ष का मार्ग সন কী হানি जीवन का कल्याण जीवन का उद्रेश्य मोहिनी HII कबीर वाणी कबीर माया मोहिनी, जैसी मीठी खांड | सतगुरू की कृपा भई, नहीं तोड करती भांड Il रूप, रस, गंध, स्पर्श और शब्द মন সামা ক নাল 81 aFa धन 444 ப14 अहंकार 312f कबीर साहेब जी कहते हैं कि माया मोहिनी चीनी ( खांड) की तरह बहुत मीठी लगती है, जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। ৭ন, সনিতা भोग विलास মনা यह मीठास जीब को मोह में फंसा लेती है और माया मीठे खांड के समान है, सांसारिक बंधन में बांध देती है। जो हर किसी को लुभाती है, लेकिन यदि सतगुरु की कृपा प्राप्त हो जाए और अंत में दुख का कारण बनती है। तो यह जीब माया के बंधन को तोड़ सकता है और I से जुड़कर मोक्ष का मार्ग प्राप्त करता है। सच्चे परमात्मा Kabir Bhajan Gyan सत भक्ति और नाम स्मरण से ही जीवन सफल है। ஈ +0|1 सन মনযুত কী কৃণা सत्य की पहचान माया का त्याग नाम स्मरण मोक्ष का मार्ग সন কী হানি जीवन का कल्याण जीवन का उद्रेश्य
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    जब अकेले हाे तो 66 99 परमात्मा से बात किया करो और जब किसी ক মাথ ৪্ী নী परमात्मा  66 की बात किया करो जब अकेले हाे तो 66 99 परमात्मा से बात किया करो और जब किसी ক মাথ ৪্ী নী परमात्मा  66 की बात किया करो
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    कबीर वाणी 66 मन की डोरी ढीली पडे़ , चले माया के संग | सत्य-्नाम जो थाम ले, मिटे जन्म का जंग| १९ भावार्थ संत कबीरदास जी मन की चंचल प्रवृत्ति को माया का मूल कारण बताते हैं। जब मन स्थिर नहीं रहता, तो वह इच्छाओं , लालच और दिखावे के पीछे भागता है, जिससे जीव जन्म-्जन्मांतर के बंधनों में फँसा रहता है। लेकिन सत्य ्नाम" का आश्रय लेने और सच्ची भक्ति अपनाने से भीतर के संधर्ष शांत होने लगते हैं। ईश्वर का स्मरण मन को स्थिरता , शांति और वास्तविक आनंद प्रदान करता है। ப सन कबीर वाणी 66 मन की डोरी ढीली पडे़ , चले माया के संग | सत्य-्नाम जो थाम ले, मिटे जन्म का जंग| १९ भावार्थ संत कबीरदास जी मन की चंचल प्रवृत्ति को माया का मूल कारण बताते हैं। जब मन स्थिर नहीं रहता, तो वह इच्छाओं , लालच और दिखावे के पीछे भागता है, जिससे जीव जन्म-्जन्मांतर के बंधनों में फँसा रहता है। लेकिन सत्य ्नाम" का आश्रय लेने और सच्ची भक्ति अपनाने से भीतर के संधर्ष शांत होने लगते हैं। ईश्वर का स्मरण मन को स्थिरता , शांति और वास्तविक आनंद प्रदान करता है। ப सन
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    कवीरबाणी 66 अव्वल अल्लाह नूर उपाया , कुदरत के सब बंदे। एक नूर ते सब जग उपजया , कौन भले को मंदे।l अथः सब जीवों में उसी एक ईश्वर का प्रकाश (नूर) है। उसकी की शक्त्ति से सारा संसार बना है, तो फिर हम कैसे किसी को अच्छा या बुरा समझ सकते हैं? सब बराबर हैं। कबीर भजन ज्ञान [  कवीरबाणी 66 अव्वल अल्लाह नूर उपाया , कुदरत के सब बंदे। एक नूर ते सब जग उपजया , कौन भले को मंदे।l अथः सब जीवों में उसी एक ईश्वर का प्रकाश (नूर) है। उसकी की शक्त्ति से सारा संसार बना है, तो फिर हम कैसे किसी को अच्छा या बुरा समझ सकते हैं? सब बराबर हैं। कबीर भजन ज्ञान [
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    नींबू मिर्ची टाँगकर, / समझे टल गया काल। कर्म सुधारे जो मनुज , उसका जोवन खुशहाल।| "अंधविश्वास नहीं, अच्छे कर्म जीवन बदलते हैं। " FOLLOW GOD VLOGS आध्यात्मिक विचार प्रेम - भक्ति - ज्ञान नींबू मिर्ची टाँगकर, / समझे टल गया काल। कर्म सुधारे जो मनुज , उसका जोवन खुशहाल।| "अंधविश्वास नहीं, अच्छे कर्म जीवन बदलते हैं। " FOLLOW GOD VLOGS आध्यात्मिक विचार प्रेम - भक्ति - ज्ञान
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    जीव मरा तो जोवित हुआ , मरकर पाया प्रण| अपना आप मिटा दिया, तब जाना भगवन।| अहंकार मिटा , आत्मज्ञान जागा। FOLLOW GOD VLOGS आध्यात्मिक विचार সস ০ মকি০ সান जीव मरा तो जोवित हुआ , मरकर पाया प्रण| अपना आप मिटा दिया, तब जाना भगवन।| अहंकार मिटा , आत्मज्ञान जागा। FOLLOW GOD VLOGS आध्यात्मिक विचार সস ০ মকি০ সান
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    ١١ ٦٠٢ सच्चा ज्ञान अंदर से जागता है कबीर साहिब की अमृतवाणी ८६   माला फेरत जंग भया, मन का फेरो न फेर | कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर।। ११ भावार्थ केवल हाथों से माला फेरने से कुछ नहीं होता, जब तक मन नहीं बदलता| असली साधना है मन के मनकों (विचारों ) को बदलना , उन्हें सतनाम से जोड़ना| सतनाम ही परम सत्य है, उसी से जीवन में शांति और आनंद मिलता है। Kabir Bhajan Gyan if प्रेम सतनाम ೊlrunl= Fam ١١ ٦٠٢ सच्चा ज्ञान अंदर से जागता है कबीर साहिब की अमृतवाणी ८६   माला फेरत जंग भया, मन का फेरो न फेर | कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर।। ११ भावार्थ केवल हाथों से माला फेरने से कुछ नहीं होता, जब तक मन नहीं बदलता| असली साधना है मन के मनकों (विचारों ) को बदलना , उन्हें सतनाम से जोड़ना| सतनाम ही परम सत्य है, उसी से जीवन में शांति और आनंद मिलता है। Kabir Bhajan Gyan if प्रेम सतनाम ೊlrunl= Fam
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    सतगुरू कबीर साहेब वाणी बंदौ चरण सरोज रज, मुद मंगल आगार | जेहि सेवत नर होत हैं, भवसागर से पर Il सतगुरु कबीर साहेब कहते हैं कि मैं उनके चरण ्कमलों की रज को प्रणाम करता हूँ जो सभी प्रकार के मांगलों के भंडार हैं | जिसकी सेवा करने से मनुष्य इस संसार रूघी हो जाता हैं | भवसागर से R साहेब 7 सप्रेम साहेब बंदगी साहेब सतगुरू कबीर साहेब वाणी बंदौ चरण सरोज रज, मुद मंगल आगार | जेहि सेवत नर होत हैं, भवसागर से पर Il सतगुरु कबीर साहेब कहते हैं कि मैं उनके चरण ्कमलों की रज को प्रणाम करता हूँ जो सभी प्रकार के मांगलों के भंडार हैं | जिसकी सेवा करने से मनुष्य इस संसार रूघी हो जाता हैं | भवसागर से R साहेब 7 सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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    गुरू पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं सप्रेम साहेब बंदगी साहेब गुरु पारस गुरु पुड़ष है, गुरु चंदन बास सुबास| सतगुरु पारस जीव के, दीन्हा मुक्ति निवास ।। साहेब कबीर Hat धनी धर्मदास साहेब पूर्णिमा (गुरू पूर्णिमा) के पावन पर्व की आषाढ़ आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! सप्रेम साहेब बंदगी साहेब... ४ गुरू पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं सप्रेम साहेब बंदगी साहेब गुरु पारस गुरु पुड़ष है, गुरु चंदन बास सुबास| सतगुरु पारस जीव के, दीन्हा मुक्ति निवास ।। साहेब कबीर Hat धनी धर्मदास साहेब पूर्णिमा (गुरू पूर्णिमा) के पावन पर्व की आषाढ़ आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! सप्रेम साहेब बंदगी साहेब... ४
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