RaysVeda
🪔 श्रीमद्भगवद्गीता अध्ययन – Day 13
📖 अध्याय 1 | अर्जुन विषाद योग | श्लोक 13
ततः शङ्खाश्च भेर्यश्च पणवानकगोमुखाः।
सहसैवाभ्यहन्यन्त स शब्दस्तुमुलोऽभवत्॥१३॥
🌿 अर्थ:
इसके बाद शंख, नगाड़े, ढोल, मृदंग और रणभेरियाँ एक साथ बज उठीं। उन सभी वाद्यों की संयुक्त ध्वनि से सम्पूर्ण कुरुक्षेत्र गूंज उठा।
✨ आज की सीख:
जब लोग एक लक्ष्य के लिए एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो उनकी सामूहिक शक्ति असाधारण परिणाम उत्पन्न करती है। एकता, समन्वय और दृढ़ संकल्प सफलता की मजबूत नींव हैं।
💭 चिंतन:
क्या मैं अपने परिवार, कार्यस्थल या समाज में एकता और सहयोग को बढ़ावा देता हूँ?
🙏 कमेंट में लिखें — "जय श्रीकृष्ण"
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