sn vyas
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#☝अनमोल ज्ञान #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 🙏ॐ श्रीपरमात्मने नमः 🙏 📕श्रीगीतोपदेश के समय अर्जुन की जो दशा थी, वही किंकर्तव्य- विमूढ़ दशा आज भारतवर्ष की है और इधर राज्य व्यवस्था को देखते रामायण की अर्थात् रामराज्य की अत्यधिक आवश्यकता प्रतीत होती है । जीवन में रामजी का आदर्श बर्ताव नितान्त प्रयोजनीय है और इसके लिये रामायण और गीता का श्रद्धापूर्वक पाठ करना, उसका अर्थ समझना और उसी के अनुसार जीवन बनाना परम आवश्यक है और यह सब तभी सम्भव है, जब कि हम गीता और रामायण को अच्छी तरह समझ कर तदनुकूल आचरण करें– उनको अपने जीवन में उतारें । इसलिये गीता और रामायण का स्वयं पठन-पाठन करना चाहिये और दूसरों से करवाना चाहिये । उन बालकों को जो आधुनिक समयानुसार धर्मरहित शिक्षा पाये हुए हैं, उन्हें विशेष रूप से सच्‍ची धार्मिक शिक्षा की आवश्यकता है । हमारे शास्त्रों का तो कहना है–‘धर्मेण हीनाः पशुभिः समानाः’ । यह पशुवृत्ति बड़े जोरों से हमारे देशमें फ़ैल रही है और घर कर रही है । अतः इसे निकालने के लिये उनकी शरण लेनी चाहिये जो स्वार्थ-त्यागी और हमारे यथार्थ हितैषी हैं । ऐसे हैं–भगवान्‌ और उनके प्यारे भक्त–📕 सुर नर मुनि सब के यह रीती । स्वारथ लागि करहिं सब प्रीती ॥ स्वारथ मीत सकल जग माहीं । सपनेहुँ प्रभु परमारथ नाहीं ॥ हेतु रहित जग जुग उपकारी । तुम्ह तुम्हार सेवक असुरारी ॥
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