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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - चर्चे नशे के चल रहे थे, मैं ज़िक्र तुम्हारी निगाहों का कर आया... जब बात सुकून की छिड़ी , मैं बात तुम्हारी यादों की कर आया... GULZAR चर्चे नशे के चल रहे थे, मैं ज़िक्र तुम्हारी निगाहों का कर आया... जब बात सुकून की छिड़ी , मैं बात तुम्हारी यादों की कर आया... GULZAR - ShareChat