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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - टूट कर बिखर जाते है वो लोग दीवारों की तरह, जो लोग ज्यादा खुद से किसी और से मोहब्बत करते है! टूट कर बिखर जाते है वो लोग दीवारों की तरह, जो लोग ज्यादा खुद से किसी और से मोहब्बत करते है! - ShareChat
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - कल रात जब अपने दिल से तेरा रिश्ता पूछा, कमबख्त कहता है जितना में उसका हूं भी नहीं हूं ॰! उतना तो मैं तेरा कल रात जब अपने दिल से तेरा रिश्ता पूछा, कमबख्त कहता है जितना में उसका हूं भी नहीं हूं ॰! उतना तो मैं तेरा - ShareChat
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - बड़ा महंगा पड़ा औरों के जिंदगी जीना लिए "साहब" उम्र भी खर्च हुई और हाथ भी कुछ नहीं लगा ...!! बड़ा महंगा पड़ा औरों के जिंदगी जीना लिए "साहब" उम्र भी खर्च हुई और हाथ भी कुछ नहीं लगा ...!! - ShareChat
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - लोग पूछते हैं मुझसे कि तुम कुछ बदल से गए हो, बताओ ट्ूटे हुए पत्ते अब रंग भी ना बदले क्या.. 3 लोग पूछते हैं मुझसे कि तुम कुछ बदल से गए हो, बताओ ट्ूटे हुए पत्ते अब रंग भी ना बदले क्या.. 3 - ShareChat
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - 07444 दिल की उम्मीदों का हौसला तो देखो इंतज़ार उसका हैं जिसको अहसास तक नहीं ! ! 07444 दिल की उम्मीदों का हौसला तो देखो इंतज़ार उसका हैं जिसको अहसास तक नहीं ! ! - ShareChat
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - वक़्त ने हर बार हमें ही आजमाया है, किस्मत ने भी कहां साथ निभाया है। जिसे दिल से अपना माना था हमने , মীভ उसी ने हर पर ठुकराया है। अब ना किसी से कोई उम्मीद बाकी है, क्योंकि हर अपने ने हमें रुलाया है। वक़्त ने हर बार हमें ही आजमाया है, किस्मत ने भी कहां साथ निभाया है। जिसे दिल से अपना माना था हमने , মীভ उसी ने हर पर ठुकराया है। अब ना किसी से कोई उम्मीद बाकी है, क्योंकि हर अपने ने हमें रुलाया है। - ShareChat
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - निभाने वाले ही तो नहीं मिलते चाहने वाले तो हर मोड पर खड़े है निभाने वाले ही तो नहीं मिलते चाहने वाले तो हर मोड पर खड़े है - ShareChat
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - ताल्लुक़ तो नहीं है अब "साहब" पर ना जाने क्यों ...? RI ऐ - ख्याल - আড ঞী ; !! ताल्लुक़ तो नहीं है अब "साहब" पर ना जाने क्यों ...? RI ऐ - ख्याल - আড ঞী ; !! - ShareChat
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - आंगन में होती तो हम गिरा भी देते साहब. कमबख़्त कुछ लोगों ने दीवार दिल में बना रखी 81 !! आंगन में होती तो हम गिरा भी देते साहब. कमबख़्त कुछ लोगों ने दीवार दिल में बना रखी 81 !! - ShareChat
#🙏सुविचार📿
🙏सुविचार📿 - सुविचार 3Iত[ক हमेशा तैयारी के साथ रहना मौसम और इंसान कब बफ्ल जाउ भरेसा नह्वीं सुविचार 3Iত[ক हमेशा तैयारी के साथ रहना मौसम और इंसान कब बफ्ल जाउ भरेसा नह्वीं - ShareChat