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#वृक्ष #वृक्ष लगाओ जीवन पाओ #कल्प वृक्ष
वृक्ष - & कोई वृक्ष गिरता है॰ G तो सिर्फ़ लकड़ी नहीं ಞsf, किसी की कविता बीच पंक्ति में चुपहो जाती है। आकर किसी के हिस्से की छाया धूप मेंबदल जाती है কিমী নিভিয়া ক্ষা ঘীবলা हवा में बिखर जाता है। वही वृक्ष फिर किसी घर में , 8, बन जाता ತf की बातचीत सुनता है॰ आरम पर जंगल की ख़ामोशी भूल 81 जाता 8, रूूप बदल GII जाता है < H dt  ತ  ತ13 af 3d मिट्टी को याद करती हैं। সাহাঁথা সী নতুব নী ক্িং নী ২৪ ৪ী আনা ৪, में कुछ भी इस कायनात पूरी तरह ख़त्म होता है। कहाँ बस फर्क इतना है  - कहीं जीवन छिनता हे॰ और कहीं सुविधा ল লনী ৪1 స & कोई वृक्ष गिरता है॰ G तो सिर्फ़ लकड़ी नहीं ಞsf, किसी की कविता बीच पंक्ति में चुपहो जाती है। आकर किसी के हिस्से की छाया धूप मेंबदल जाती है কিমী নিভিয়া ক্ষা ঘীবলা हवा में बिखर जाता है। वही वृक्ष फिर किसी घर में , 8, बन जाता ತf की बातचीत सुनता है॰ आरम पर जंगल की ख़ामोशी भूल 81 जाता 8, रूूप बदल GII जाता है < H dt  ತ  ತ13 af 3d मिट्टी को याद करती हैं। সাহাঁথা সী নতুব নী ক্িং নী ২৪ ৪ী আনা ৪, में कुछ भी इस कायनात पूरी तरह ख़त्म होता है। कहाँ बस फर्क इतना है  - कहीं जीवन छिनता हे॰ और कहीं सुविधा ল লনী ৪1 స - ShareChat