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🌿🙏🌿BLOGGER=} 🙏♥️हिन्दी भोजपूरी गीत राईटर🌿🙏🌿
यह गीत मनुष्य के हृदय की संवेदनशीलता, प्रकृति से जुड़ाव और प्रेम-करुणा के महत्व को व्यक्त करता है। यह गीत बताता है कि मनुष्य का दिल प्रेम, करुणा और जागरूक भावनाओं से भरा होता है। संवेदनशील हृदय प्रकृति की सूक्ष्म सुंदरता जैसे फूलों की खुशबू, हवा की सरसराहट और चिड़ियों की चहचहाहट को गहराई से महसूस करता है। कुदरत हमेशा एक सच्चे साथी की तरह हमारे साथ रहती है, लेकिन उसे महसूस करने के लिए मन में दया प्रेम और सकारात्मक दृष्टि होना जरूरी है। जब मन करुणा से भर जाता है तब इंसान दूसरों के दुख-सुख को समझने लगता है और प्रकृति के साथ उसका आत्मीय संबंध बन जाता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, जागरूक भावना से भरा है दिल का प्यार जाने रे, #Jagruk Bhavna Se Bhara Hai Dil Ka Pyaar Jaane Re, Writer ✍️ #Halendra Prasad, #मेरी हृदय मेरी माँ http://hpdil.blogspot.com/2026/03/jagruk-bhavna-se-bhara-hai-dil-ka-pyaar.html
मेरी हृदय मेरी माँ - ShareChat
यह गीत मनुष्य के हृदय की संवेदनशीलता, प्रकृति से जुड़ाव और प्रेम-करुणा के महत्व को व्यक्त करता है। यह गीत बताता है कि मनुष्य का दिल प्रेम, करुणा और जागरूक भावनाओं से भरा होता है। संवेदनशील हृदय प्रकृति की सूक्ष्म सुंदरता जैसे फूलों की खुशबू, हवा की सरसराहट और चिड़ियों की चहचहाहट को गहराई से महसूस करता है। कुदरत हमेशा एक सच्चे साथी की तरह हमारे साथ रहती है, लेकिन उसे महसूस करने के लिए मन में दया प्रेम और सकारात्मक दृष्टि होना जरूरी है। जब मन करुणा से भर जाता है तब इंसान दूसरों के दुख-सुख को समझने लगता है और प्रकृति के साथ उसका आत्मीय संबंध बन जाता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, जागरूक भावना से भरा है दिल का प्यार जाने रे, #Jagruk Bhavna Se Bhara Hai Dil Ka Pyaar Jaane Re, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
Hindi Song, Bhojpuri Song,
आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल रचना, कसक से जागरण तक सरल जीवन का गूढ़ सत्य Kasak Se Jagaran Tak Saral Jeevan Ka Gudh Satya #मेरी हृदय मेरी माँ http://hpdil.blogspot.com/2026/03/kasak-se-jagaran-tak-saral-jeevan-ka.html
संकट के समय उपदेश नहीं बल्कि सहारा और संवेदना देना ही सच्ची मानवता है। क्योंकि जब कोई व्यक्ति संकट और दुःख में होता है तब लोग उसकी मदद करने के बजाय उसे उपदेश देने लगते हैं। दुःख से घिरा हुआ मनुष्य मानसिक रूप से बहुत कमजोर हो जाता है। उस समय उसका मन इतना व्यथित होता है कि वह सही-गलत या ज्ञान की बातों को समझ नहीं पाता। ऐसे समय में उसे सबसे पहले सहारा संवेदना और अपनापन चाहिए। जैसे जो व्यक्ति पानी में डूब रहा हो उसे तैरने का सिद्धांत समझाने से कोई लाभ नहीं होता बल्कि पहले उसे बचाना जरूरी होता है। उसी प्रकार जीवन में भी संकट में पड़े व्यक्ति को पहले सहयोग और सहानुभूति देनी चाहिए। जब व्यक्ति दुःख से बाहर निकल जाता है और उसका मन शांत हो जाता है तब वह शिक्षा और सीख को आसानी से ग्रहण कर सकता है। इसलिए मानवता का सच्चा धर्म यही है कि हम दुखी लोगों की सहायता करें, उन्हें सहारा दें और प्रेम व संवेदना से उनका मन मजबूत बनाएं। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, देते संकट में सहारा ना उपदेश देते है, #Dete Sankat Men Sahara Naa Updesh Dete Hai, Writer ✍️ #Halendra Prasad, #मेरी हृदय मेरी माँ http://hpdil.blogspot.com/2026/03/dete-sankat-men-sahara-naa-updesh-dete.html
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संकट के समय उपदेश नहीं बल्कि सहारा और संवेदना देना ही सच्ची मानवता है। क्योंकि जब कोई व्यक्ति संकट और दुःख में होता है तब लोग उसकी मदद करने के बजाय उसे उपदेश देने लगते हैं। दुःख से घिरा हुआ मनुष्य मानसिक रूप से बहुत कमजोर हो जाता है। उस समय उसका मन इतना व्यथित होता है कि वह सही-गलत या ज्ञान की बातों को समझ नहीं पाता। ऐसे समय में उसे सबसे पहले सहारा संवेदना और अपनापन चाहिए। जैसे जो व्यक्ति पानी में डूब रहा हो उसे तैरने का सिद्धांत समझाने से कोई लाभ नहीं होता बल्कि पहले उसे बचाना जरूरी होता है। उसी प्रकार जीवन में भी संकट में पड़े व्यक्ति को पहले सहयोग और सहानुभूति देनी चाहिए। जब व्यक्ति दुःख से बाहर निकल जाता है और उसका मन शांत हो जाता है तब वह शिक्षा और सीख को आसानी से ग्रहण कर सकता है। इसलिए मानवता का सच्चा धर्म यही है कि हम दुखी लोगों की सहायता करें, उन्हें सहारा दें और प्रेम व संवेदना से उनका मन मजबूत बनाएं। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, देते संकट में सहारा ना उपदेश देते है, #Dete Sankat Men Sahara Naa Updesh Dete Hai, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
Hindi Song, Bhojpuri Song,
http://hpdil.blogspot.com/2026/02/meree-maiya-too-banaee-mujhako-phool.html #आध्यात्मिक दृष्टिकोण
आध्यात्मिक दृष्टिकोण - ShareChat
यह गीत माँ की महिमा, त्याग, प्रेम और शक्ति का भावपूर्ण वर्णन करती है। कवि बताता है कि माँ ही उसकी सबसे बड़ी रक्षक और प्रेरणा स्रोत है। संसार के तीर-तलवार, दुख-कष्ट और स्वार्थी लोगों का व्यवहार उसे विचलित नहीं कर सका, क्योंकि माँ के संस्कार और आशीर्वाद उसके साथ हैं माँ ने उसे कठिन परिस्थितियों में तपाकर मजबूत बनाया, ज्ञान दिया, साहस दिया और सही मार्ग पर चलना सिखाया। जब दुनिया स्वार्थ से भरी दिखाई देती है और कठिन समय में कोई साथ नहीं देता, तब माँ ही सच्ची सहारा बनती है। कवि माँ को देवी, शक्ति और ईश्वर का स्वरूप मानता है तथा उसके चरणों में समर्पित होकर कृतज्ञता व्यक्त करता है।माँ का प्रेम निष्काम, अटूट और जीवन का सबसे बड़ा आधार है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, #मेरी मईया तू बनाई मुझको फूल दिल के, #Meree Maiya Too Banaee Mujhako Phool Dil Ke, #Halendra Prasad,
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#मेरी हृदय मेरी माँ
मेरी हृदय मेरी माँ - केवल भोलेपन से जीवन नहीं जीया जा रखनी होंगी, विवेक सकता। आँखें பளி जागृत रखना होगा। क्योंकि विपत्ति, छल, अज्ञान और असावधानी में बुद्धि और विवेक शत्रु छिपे होते हैं। यही छिपे हुए शत्रु भीतर چ जीवन में कई विपत्तियाँ लाते हैं। जब मन लगता है, तभी शिव चेतना दिखाई देती डूबने है। जीवन संघर्षों से भरा है। संकट में ईश्वर और आत्मचिंतन सहारा बनते हैं। केवल धैर्य, विवेक और चेतना से ही इन्हें पार किया जा सकता है। केवल भोलेपन से जीवन नहीं जीया जा रखनी होंगी, विवेक सकता। आँखें பளி जागृत रखना होगा। क्योंकि विपत्ति, छल, अज्ञान और असावधानी में बुद्धि और विवेक शत्रु छिपे होते हैं। यही छिपे हुए शत्रु भीतर چ जीवन में कई विपत्तियाँ लाते हैं। जब मन लगता है, तभी शिव चेतना दिखाई देती डूबने है। जीवन संघर्षों से भरा है। संकट में ईश्वर और आत्मचिंतन सहारा बनते हैं। केवल धैर्य, विवेक और चेतना से ही इन्हें पार किया जा सकता है। - ShareChat
#मेरी हृदय मेरी माँ
मेरी हृदय मेरी माँ - मत पूछो कि कांटे भरे रास्ते के बाद क्या मिलेगा| धैर्य और परिश्रम से ही विजय , शांति और छाँव मिलती है। वाणी और अंतरात्मा चेतावनी देती है और संभालती है। जीवन संदेश देता है किजो अंत तक टिकता है, वही शांति पाता है। इसे हम खंड आशा और साधना कहते हैं। मत पूछो कि कांटे भरे रास्ते के बाद क्या मिलेगा| धैर्य और परिश्रम से ही विजय , शांति और छाँव मिलती है। वाणी और अंतरात्मा चेतावनी देती है और संभालती है। जीवन संदेश देता है किजो अंत तक टिकता है, वही शांति पाता है। इसे हम खंड आशा और साधना कहते हैं। - ShareChat
#मेरी हृदय मेरी माँ
मेरी हृदय मेरी माँ - जीवन का मार्ग अक्सर कंकड़, पत्थर और चट्टानों से भरा होता है।दिल डरता है, रास्ता टेढ़ा लगता है, मन आकुल होता है। पर उसी संघर्ष में छिपी होती है शांति। आत्मा पुकारती है, रूह मार्ग दिखाती है। टकराव और संघर्ष अजीब होते हैं, पर सबसे बड़ा युद्ध स्वयं के भीतर होता है इसी को हम आंतरिक संघर्ष कहते हैं। जीवन का मार्ग अक्सर कंकड़, पत्थर और चट्टानों से भरा होता है।दिल डरता है, रास्ता टेढ़ा लगता है, मन आकुल होता है। पर उसी संघर्ष में छिपी होती है शांति। आत्मा पुकारती है, रूह मार्ग दिखाती है। टकराव और संघर्ष अजीब होते हैं, पर सबसे बड़ा युद्ध स्वयं के भीतर होता है इसी को हम आंतरिक संघर्ष कहते हैं। - ShareChat
#मेरी हृदय मेरी माँ
मेरी हृदय मेरी माँ - गंगासागर जीवन असीमित है। इसमें अनुभव, ज्ञान, पुण्य और चुनौतियाँ भरी हुई हैं। जीवन के अलग-्अलग अनुभव, रिश्ते और भावनाएँ अंततः आत्मा और पहुँचने का मार्ग बनते हैं। ज्ञान तक जीवन सहज नहीं है। दुख, संकट और विपत्तियाँ निरंतर आती रहती हैं। सुख क्षणिक है, संघर्ष स्थायी। यही जीवन की वास्तविकता है संघर्ष से भागा नहीं जा সব্না| गंगासागर जीवन असीमित है। इसमें अनुभव, ज्ञान, पुण्य और चुनौतियाँ भरी हुई हैं। जीवन के अलग-्अलग अनुभव, रिश्ते और भावनाएँ अंततः आत्मा और पहुँचने का मार्ग बनते हैं। ज्ञान तक जीवन सहज नहीं है। दुख, संकट और विपत्तियाँ निरंतर आती रहती हैं। सुख क्षणिक है, संघर्ष स्थायी। यही जीवन की वास्तविकता है संघर्ष से भागा नहीं जा সব্না| - ShareChat
#मेरी हृदय मेरी माँ
मेरी हृदय मेरी माँ - शिव संहार नहीं बल्कि कल्याण और चेतना के देव हैं। संकट के समय मन ईश्वर की शरण लेता है। गंगासागर जीवन का प्रतीक हैएक ऐसा सागर जो पवित्र स्थल के साथ-साथ गंगा नदी और समुद्र से मिलता है। यह जीवन में शुद्धि, पुण्य और अनंतता का संकेत देता है। शिव संहार नहीं बल्कि कल्याण और चेतना के देव हैं। संकट के समय मन ईश्वर की शरण लेता है। गंगासागर जीवन का प्रतीक हैएक ऐसा सागर जो पवित्र स्थल के साथ-साथ गंगा नदी और समुद्र से मिलता है। यह जीवन में शुद्धि, पुण्य और अनंतता का संकेत देता है। - ShareChat
#मेरी हृदय मेरी माँ
मेरी हृदय मेरी माँ - डूबना केवल शारीरिक नहीं है, बल्कि यह मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संघर्ष का संकेत है। यह जीवन में आए गहरे संकट का प्रतीक बनकर उभरता है। जब मनुष्य टूटने लगता है, तब वह बड़ी सोच, यानी ईश्वर, गुरु और आत्मचिंतन की ओर मुड़ता है। डूबना केवल शारीरिक नहीं है, बल्कि यह मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संघर्ष का संकेत है। यह जीवन में आए गहरे संकट का प्रतीक बनकर उभरता है। जब मनुष्य टूटने लगता है, तब वह बड़ी सोच, यानी ईश्वर, गुरु और आत्मचिंतन की ओर मुड़ता है। - ShareChat