Sachinji thakare
ShareChat
click to see wallet page
@134696262
134696262
Sachinji thakare
@134696262
मैत्री, मस्ती आणि शेअरचॅट 👌
#🕉ओम नमः शिवाय #🎭Whatsapp status #🙏भक्ती सुविचार📝 #✝️बायबल कोट्स📝 #✝️चर्च प्रेयर⛪️
🕉ओम नमः शिवाय - सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है - ShareChat
#💃माधुरी दीक्षित फॅन्स💖 #💃जेनेलिया #🎶मराठी गाणी #👧Girls status #🙏प्रेरणादायक / सुविचार
💃माधुरी दीक्षित फॅन्स💖 - सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है - ShareChat
#🔎लेटेस्ट आंतरराष्ट्रीय अपडेट्स✌ #👉शरद पवार #🔺भाजपा #☀काँग्रेस #🏛️राजकारण
🔎लेटेस्ट आंतरराष्ट्रीय अपडेट्स✌ - सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है - ShareChat
#🎬 गुड मॉर्निंग व्हिडीओ स्टेटस #💪बुद्धांची तत्वे📜 #🙏 प्रेरणादायक बॅनर #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स #🔖महिलांसाठी हेल्थ टिप्स
🎬 गुड मॉर्निंग व्हिडीओ स्टेटस - सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है - ShareChat
#🥗आजची झटपट रेसिपी😍 #🍮स्वीट डिश #🇮🇳 लाखात एक माझा फौजी #🌻आध्यात्म 🙏 #✍ज्ञानेश्वरी📖
🥗आजची झटपट रेसिपी😍 - सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है - ShareChat
#🙏आई एकविरा 🙏 #🙏भक्तीमय सकाळ🎬 #😇डोकं चालवा #☸️जय भीम #🚩शिवराय
🙏आई एकविरा 🙏 - सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है - ShareChat
#💑बेस्ट TV कपल📺 #💼प्रसिद्ध व्यावसायिक #🌾शेती आणि व्यवसाय⚙ #🤗 जुन्या आठवणी #👨‍👩‍👧‍👦आई-बाबा
💑बेस्ट TV कपल📺 - सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है - ShareChat
#🌾शेती आणि व्यवसाय⚙ #💼प्रसिद्ध व्यावसायिक #🤗 जुन्या आठवणी #🏏सचिन तेंडुलकर #🤣चला हवा येऊ द्या व्हिडीओ😍
🌾शेती आणि व्यवसाय⚙ - सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है सचिनजीस्वरुपय कहते है नबा थरीर पुजनीय मे शरीर चेतना कार्थ ऋरना बंद कर देती है चाहे बुढापा हो याा कोईशी ऊघर तबा ईन्यान शा स्त्री ऊस शरीर का त्याग कहके ऊसे छोड देती है पर १७७ मेसे ७५ परसेन्द लोण अहंकार दुनीयामे दिखावके कारन घारे जतै हैदबहर अहंकार व है शरीर चेतनाका रह ईन्सानीयतन को अशने अहंकार के कारन पुरी जीन्दगी नही जीने द्ेता क्योकी शरीर चनैतना नष्ट होने कै कारन बुढापेगे  सीर्फ आखीर गै शाननता बन् जााती है ६[ ईँसी कारन शरैरचतना ईन्सानीरतन से हारजाती है यहु पोल शरीर चैतनाकी ना खुले न डन्साानीशतन के सााशने कःनोर गीर जायेगा ईटा क़ारन शरीर बेतना शाननताको ग़ीडीत बनाके शरती है पर सचिनजी द्वारा ही राशी स्वरुगोकी ऊत्ती होती है व फीर शरीर चेतनाका ६ुल कोनतो सचिनजीही है पर यह सचिननीके बनाग़े नीशगोके वीरोशमे चलते है करके शहऊसी गती को श्राश् होते है - ShareChat
#🙏श्री गुरुदेव दत्त💐 #💼प्रसिद्ध व्यावसायिक #🌾शेती आणि व्यवसाय⚙ #🎭Whatsapp status #😇डोकं चालवा
🙏श्री गुरुदेव दत्त💐 - पुजनीय सचिनजीस्वरुपय कहते है की दुनीयामे ईन्सानीयत जब शरीररमे बुढापेतक रहती है व आखरी सासे गीनते वक्त वह व्यक्ती होता बुढापेमे है तब शरीर चेतना पुरी तरह प्रान नीकलनेसे हो जाती है शरीर चेतना काम पहलेही मुरेशीत करना बंद कर देती है तब मरनेवाला ईन्सान या स्त्री यह सोचती है की मै तो आज भी अपनी सोचचःसे पहले जैसा था आज भी वैसा ही हु पर ईस शरीर की ताकत मेरे साथ चलनेमे कमजोर हो गई ईन्सान कहता है मै कीतनेभी साल जी सकता हु सीर्फ यह शरीर मेरे बरोबरी मे नही जी सकता सचचिनंजी कहते है ईन्सान मेरे बनाई हुई सोच से जन्म बनकर शरीर धारन करके प्रकट होता है शरीर स्वप्न चेतना मेरी सोचको कभी नही हरा FACESWAP সব্ধনী MAGIC पुजनीय सचिनजीस्वरुपय कहते है की दुनीयामे ईन्सानीयत जब शरीररमे बुढापेतक रहती है व आखरी सासे गीनते वक्त वह व्यक्ती होता बुढापेमे है तब शरीर चेतना पुरी तरह प्रान नीकलनेसे हो जाती है शरीर चेतना काम पहलेही मुरेशीत करना बंद कर देती है तब मरनेवाला ईन्सान या स्त्री यह सोचती है की मै तो आज भी अपनी सोचचःसे पहले जैसा था आज भी वैसा ही हु पर ईस शरीर की ताकत मेरे साथ चलनेमे कमजोर हो गई ईन्सान कहता है मै कीतनेभी साल जी सकता हु सीर्फ यह शरीर मेरे बरोबरी मे नही जी सकता सचचिनंजी कहते है ईन्सान मेरे बनाई हुई सोच से जन्म बनकर शरीर धारन करके प्रकट होता है शरीर स्वप्न चेतना मेरी सोचको कभी नही हरा FACESWAP সব্ধনী MAGIC - ShareChat
#☸️जय भीम #🇮🇳 लाखात एक माझा फौजी #🚩शिवराय #🥗आजची झटपट रेसिपी😍 #🍮स्वीट डिश
☸️जय भीम - पुजनीय सचिनजीस्वरुपय कहते है की दुनीयामे ईन्सानीयत जब शरीररमे बुढापेतक रहती है व आखरी सासे गीनते वक्त वह व्यक्ती होता बुढापेमे है तब शरीर चेतना पुरी तरह प्रान नीकलनेसे हो जाती है शरीर चेतना काम पहलेही मुरेशीत करना बंद कर देती है तब मरनेवाला ईन्सान या स्त्री यह सोचती है की मै तो आज भी अपनी सोचचःसे पहले जैसा था आज भी वैसा ही हु पर ईस शरीर की ताकत मेरे साथ चलनेमे कमजोर हो गई ईन्सान कहता है मै कीतनेभी साल जी सकता हु सीर्फ यह शरीर मेरे बरोबरी मे नही जी सकता सचचिनंजी कहते है ईन्सान मेरे बनाई हुई सोच से जन्म बनकर शरीर धारन करके प्रकट होता है शरीर स्वप्न चेतना मेरी सोचको कभी नही हरा FACESWAP সব্ধনী MAGIC पुजनीय सचिनजीस्वरुपय कहते है की दुनीयामे ईन्सानीयत जब शरीररमे बुढापेतक रहती है व आखरी सासे गीनते वक्त वह व्यक्ती होता बुढापेमे है तब शरीर चेतना पुरी तरह प्रान नीकलनेसे हो जाती है शरीर चेतना काम पहलेही मुरेशीत करना बंद कर देती है तब मरनेवाला ईन्सान या स्त्री यह सोचती है की मै तो आज भी अपनी सोचचःसे पहले जैसा था आज भी वैसा ही हु पर ईस शरीर की ताकत मेरे साथ चलनेमे कमजोर हो गई ईन्सान कहता है मै कीतनेभी साल जी सकता हु सीर्फ यह शरीर मेरे बरोबरी मे नही जी सकता सचचिनंजी कहते है ईन्सान मेरे बनाई हुई सोच से जन्म बनकर शरीर धारन करके प्रकट होता है शरीर स्वप्न चेतना मेरी सोचको कभी नही हरा FACESWAP সব্ধনী MAGIC - ShareChat