Ravinder Bishnoi
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#राम #🙏हनुमान चालीसा🏵 #🙏 जय हनुमान #श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️ #🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺
राम - ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः a R गै जननी पहिं भयभीता| देखा बाल तहाँ पुनि सूता। | आई देखा सुत सोई। बहुरि हृदयँ कंप मन धीर न होई।। २००/३, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस माता भयभीत होकर (पालने में सोया भावार्थ था, यहां किसने बैठा दिया ,इस बात से डरकर ) कुत्रे पास गयी।वहाँ पालने में बालक (श्रीराम जी) सोया देखा। फिर आकर पूजा स्थल पर देखा कि पुत्र उनके हृदय में कंप होने लगा वहां भोजन कर रहे हैं और मन में धीरज नहीं होता। ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः a R गै जननी पहिं भयभीता| देखा बाल तहाँ पुनि सूता। | आई देखा सुत सोई। बहुरि हृदयँ कंप मन धीर न होई।। २००/३, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस माता भयभीत होकर (पालने में सोया भावार्थ था, यहां किसने बैठा दिया ,इस बात से डरकर ) कुत्रे पास गयी।वहाँ पालने में बालक (श्रीराम जी) सोया देखा। फिर आकर पूजा स्थल पर देखा कि पुत्र उनके हृदय में कंप होने लगा वहां भोजन कर रहे हैं और मन में धीरज नहीं होता। - ShareChat
#श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️ #🙏हनुमान चालीसा🏵 #🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺 #🙏 जय हनुमान #राम
श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️ - ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः करि पूजा नैबेद्य चढ़ावा | आपु गई जहॅँ पाक बनावा। | बहुरि मातु चलि आई। तहवाँ भोजन करत देख सुत जाई।। २००/२, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस माता कौशल्या जी ने) पूजा करके भावार्थ नैवेद्य चढ़ाया और स्वयं वहाँ गई जहाँ रसोई बनाई गई थी। फिर माता वहीं पूजा के स्थान पर आती है तो आने पर पुत्र को (इष्टदेव को चढ़ाया हुआ नैवेद्य का ) भोजन करते देखा। ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः करि पूजा नैबेद्य चढ़ावा | आपु गई जहॅँ पाक बनावा। | बहुरि मातु चलि आई। तहवाँ भोजन करत देख सुत जाई।। २००/२, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस माता कौशल्या जी ने) पूजा करके भावार्थ नैवेद्य चढ़ाया और स्वयं वहाँ गई जहाँ रसोई बनाई गई थी। फिर माता वहीं पूजा के स्थान पर आती है तो आने पर पुत्र को (इष्टदेव को चढ़ाया हुआ नैवेद्य का ) भोजन करते देखा। - ShareChat
#राम #🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺 #🙏हनुमान चालीसा🏵 #🙏 जय हनुमान #श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️
राम - ऊँ श्री কন্তুমন रामदूताय नमः एक बार जननीं अन्हवाए पौढ़ाए। करि सिंगार पलनाँ அ निज कुल इष्टदेव भगवाना| पूजा हेतु कीन्ह अस्नाना २००/1 , बालकाण्ड श्रीरामचरितमानस एक बार माताजी ने श्री रामचन्द्र जी को भावार्थ स्नान कराया और श्रृंगार करके पालने पर पौढ़ा फिर अपने कुल के इष्टदेव भगवान की पूजा दिया लिए के स्नान किया। ऊँ श्री কন্তুমন रामदूताय नमः एक बार जननीं अन्हवाए पौढ़ाए। करि सिंगार पलनाँ அ निज कुल इष्टदेव भगवाना| पूजा हेतु कीन्ह अस्नाना २००/1 , बालकाण्ड श्रीरामचरितमानस एक बार माताजी ने श्री रामचन्द्र जी को भावार्थ स्नान कराया और श्रृंगार करके पालने पर पौढ़ा फिर अपने कुल के इष्टदेव भगवान की पूजा दिया लिए के स्नान किया। - ShareChat
#🙏 जय हनुमान #🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺 #श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️ #🙏हनुमान चालीसा🏵 #राम
🙏 जय हनुमान - ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः प्रेम मगन कौशल्या निसि दिन जात न जान। सुत सनेह बस माता बालचरित कर गान।। २००, बालकाण्ड  श्रीरामचरितमानस और ঈম ম মনে ব্ধীথাল্মা তী হান भावार्थ दिन का बीतना नहीं जानती थीं। पुत्र के स्नेह वश माताजी उनके बाल चरित्रों का गान किया करतीं থী | ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः प्रेम मगन कौशल्या निसि दिन जात न जान। सुत सनेह बस माता बालचरित कर गान।। २००, बालकाण्ड  श्रीरामचरितमानस और ঈম ম মনে ব্ধীথাল্মা তী হান भावार्थ दिन का बीतना नहीं जानती थीं। पुत्र के स्नेह वश माताजी उनके बाल चरित्रों का गान किया करतीं থী | - ShareChat
#राम #🙏हनुमान चालीसा🏵 #🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺 #श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️ #🙏 जय हनुमान
राम - ತ 9 हनुमते रामदूताय नमः एहि बिधि सिसुबिनोद प्रभु कीन्हा। सकल नगरबासिन्ह सुख दीन्हा। | लै उछंग कबहुँक हलरावै। कबहुं पालने घालि झुलावै। | १९९/४, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस इस प्रकार प्रभु श्रीरामचन्द्र जी ने बाल भावार्थ क्रीडा की और समस्त नगरवासियों को सुख दिया। कौशल्या जी कभी उन्हें गोद में लेकर हिलाती थी और कभी पालने में लेटाकर झुलाती डुलाती ef1 ತ 9 हनुमते रामदूताय नमः एहि बिधि सिसुबिनोद प्रभु कीन्हा। सकल नगरबासिन्ह सुख दीन्हा। | लै उछंग कबहुँक हलरावै। कबहुं पालने घालि झुलावै। | १९९/४, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस इस प्रकार प्रभु श्रीरामचन्द्र जी ने बाल भावार्थ क्रीडा की और समस्त नगरवासियों को सुख दिया। कौशल्या जी कभी उन्हें गोद में लेकर हिलाती थी और कभी पालने में लेटाकर झुलाती डुलाती ef1 - ShareChat
#🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺 #🙏हनुमान चालीसा🏵 #श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️ #🙏 जय हनुमान #राम
🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺 - ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः बिलास नचावइ ताही| भृकुटि अस प्रभु छाड़ि भजिअ कहु काही। | चतुराई। मन क्रम बचन छाडि भजत कृपा करिहहिं रघुराई। | १९९/३, बालकाण्ड  श्रीरामचरितमानस भौंह  भावार्थ মমবান (সীযাম) ওম মামা ব্রী के इशारे पर नचाते हैं। ऐसे प्रभु को छोड़कर कहो, किसका भजन (विश्वास) किया जाए।मन वचन और कर्म से चतुराई ( अहंकार) छोड़कर भजते ही श्री रघुनाथ जी कृपा करेंगे। ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः बिलास नचावइ ताही| भृकुटि अस प्रभु छाड़ि भजिअ कहु काही। | चतुराई। मन क्रम बचन छाडि भजत कृपा करिहहिं रघुराई। | १९९/३, बालकाण्ड  श्रीरामचरितमानस भौंह  भावार्थ মমবান (সীযাম) ওম মামা ব্রী के इशारे पर नचाते हैं। ऐसे प्रभु को छोड़कर कहो, किसका भजन (विश्वास) किया जाए।मन वचन और कर्म से चतुराई ( अहंकार) छोड़कर भजते ही श्री रघुनाथ जी कृपा करेंगे। - ShareChat
#राम #श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️ #🙏हनुमान चालीसा🏵 #🙏 जय हनुमान #🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺
राम - ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः 30 रघुपति बिमुख जतन कर कोरी। भव बंधन छोरी। | कवन सकइ जीव चराचर बस कै राखे। माया प्रभु सों भय भाखे।। १९९/२, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस श्री रघुनाथ जी विमुख रहकर मनुष्य जो भावार्थ चाहे करोड़़ों उपाय कर ले , परंतु उसका संसार कौन छुड़ा सकता है। जिसने (माया ने)सब चराचर जीवों को अपने वश में कर रखा है ,वह माया भी प्रभु (श्रीराम जी) से भय खाती है। ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः 30 रघुपति बिमुख जतन कर कोरी। भव बंधन छोरी। | कवन सकइ जीव चराचर बस कै राखे। माया प्रभु सों भय भाखे।। १९९/२, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस श्री रघुनाथ जी विमुख रहकर मनुष्य जो भावार्थ चाहे करोड़़ों उपाय कर ले , परंतु उसका संसार कौन छुड़ा सकता है। जिसने (माया ने)सब चराचर जीवों को अपने वश में कर रखा है ,वह माया भी प्रभु (श्रीराम जी) से भय खाती है। - ShareChat
#🙏 जय हनुमान #श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️ #🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺 #🙏हनुमान चालीसा🏵 #राम
🙏 जय हनुमान - 3 91T हनुमते रामदूताय नमः g एहि बिधि राम जगत माता। कोसलपुर बासिन्ह सुखदाता। | जिन्ह रघुनाथ चरण रति मानी। तिन्ह की यह गति प्रगट भवानी। | १९९/१ , बालकाण्ड श्रीरामचरितमानस भावार्थ -इस प्रकार संपूर्ण जगत के माता पिता अवधपुरी के निवासियों को सुख देते श्रीराम जी हैं, जिन्होंने श्रीरामचन्द्र जी के चरणों में प्रीति जोड़ी है। शिवजी कहते हैं कि - हे भवानी! यह प्रत्यक्ष गति है।(कि भगवान बाल लीला से उनको आनंद दे रहे 81) 3 91T हनुमते रामदूताय नमः g एहि बिधि राम जगत माता। कोसलपुर बासिन्ह सुखदाता। | जिन्ह रघुनाथ चरण रति मानी। तिन्ह की यह गति प्रगट भवानी। | १९९/१ , बालकाण्ड श्रीरामचरितमानस भावार्थ -इस प्रकार संपूर्ण जगत के माता पिता अवधपुरी के निवासियों को सुख देते श्रीराम जी हैं, जिन्होंने श्रीरामचन्द्र जी के चरणों में प्रीति जोड़ी है। शिवजी कहते हैं कि - हे भवानी! यह प्रत्यक्ष गति है।(कि भगवान बाल लीला से उनको आनंद दे रहे 81) - ShareChat
#🙏हनुमान चालीसा🏵 #श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️ #राम #🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺 #🙏 जय हनुमान
🙏हनुमान चालीसा🏵 - ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः सुख संदोह मोह पर ग्यान गिरा गोतीत। दंपति परम प्रेम बस सिसुचरित पुनीत। | कर १९९, बालकाण्ड श्रीरामचरितमानस जो ईश्वर सुख के पुंज है। जो मोह से भावार्थ परे तथा जो ज्ञान, वाणी और इंद्रियों से अतीत हैं, कौशल्या के अत्यंत प्रेम वही भगवान दशरथ वश होकर पवित्र बाल लीला करते हैं। ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः सुख संदोह मोह पर ग्यान गिरा गोतीत। दंपति परम प्रेम बस सिसुचरित पुनीत। | कर १९९, बालकाण्ड श्रीरामचरितमानस जो ईश्वर सुख के पुंज है। जो मोह से भावार्थ परे तथा जो ज्ञान, वाणी और इंद्रियों से अतीत हैं, कौशल्या के अत्यंत प्रेम वही भगवान दशरथ वश होकर पवित्र बाल लीला करते हैं। - ShareChat
#🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺 #श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️ #🙏 जय हनुमान #राम #🙏हनुमान चालीसा🏵
🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺 - ফঁ সী हनुमते रामदूताय नमः पीत झगुलिआ तनु पहिराई। जानु पानि बिचरनि मोहि भाई।। रूप सकहिं नहिं कहि श्रुति सेषा। सपनेहुँ जेहिं देखा। सो जानइ ا १९८/६, बालकाण्ड  श्रीरामचरितमानस (बालक श्रीराम जी के)शरीर पर पीली भावार्थ झँगुली पहनाई हुई है ।उनका और چ हाथों घुटनों मुझे बहुत ही प्यारा लगता है। उनके बल चलना का वर्णन वेद और शेषजी भी नहीं कर सकते उसे वही जानता है , जिसने कभी स्वप्न में भी देखा हा ফঁ সী हनुमते रामदूताय नमः पीत झगुलिआ तनु पहिराई। जानु पानि बिचरनि मोहि भाई।। रूप सकहिं नहिं कहि श्रुति सेषा। सपनेहुँ जेहिं देखा। सो जानइ ا १९८/६, बालकाण्ड  श्रीरामचरितमानस (बालक श्रीराम जी के)शरीर पर पीली भावार्थ झँगुली पहनाई हुई है ।उनका और چ हाथों घुटनों मुझे बहुत ही प्यारा लगता है। उनके बल चलना का वर्णन वेद और शेषजी भी नहीं कर सकते उसे वही जानता है , जिसने कभी स्वप्न में भी देखा हा - ShareChat