-
ShareChat
click to see wallet page
@154015118
154015118
-
@154015118
मुझे ShareChat पर फॉलो करें! चल ऐ दिल कही और चले ।
#📒 मेरी डायरी #👌 अच्छी सोच👍 #❤️जीवन की सीख #😒दर्द भरी शायरी🌸 #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - बेशक फासले कम होता लेकिन ज़माने की थी, दीवार गिराऊं तो गिराऊं कैसे? I अगर बात होती मेरे बस की तो बात ही क्या थी, नहीं फिर कोई फासला, अब ये मजबूरी है मेरी, फासला मिटाऊं तो मिटाऊं कैसे? हर रात के बाद सुबह आती हैं लेकिन मैं अपने दिल में उजाला लाऊं तो लाऊं कैसे?? रेत सी लगती है जितना दुनिया जानूं मुझे लेकिन उसे अपने কাথী ম ননাক্ত নী ননাক্ত কম? बेशक फासले कम होता लेकिन ज़माने की थी, दीवार गिराऊं तो गिराऊं कैसे? I अगर बात होती मेरे बस की तो बात ही क्या थी, नहीं फिर कोई फासला, अब ये मजबूरी है मेरी, फासला मिटाऊं तो मिटाऊं कैसे? हर रात के बाद सुबह आती हैं लेकिन मैं अपने दिल में उजाला लाऊं तो लाऊं कैसे?? रेत सी लगती है जितना दुनिया जानूं मुझे लेकिन उसे अपने কাথী ম ননাক্ত নী ননাক্ত কম? - ShareChat
#📒 मेरी डायरी #👌 अच्छी सोच👍 #❤️जीवन की सीख #😒दर्द भरी शायरी🌸 #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - रोज़़ -रोज़ ना सही मग़र कभी -कभी वो शख्श भी मुझे सोचता होगा ! @गुलज़ारshayari रोज़़ -रोज़ ना सही मग़र कभी -कभी वो शख्श भी मुझे सोचता होगा ! @गुलज़ारshayari - ShareChat
#📒 मेरी डायरी #👌 अच्छी सोच👍 #❤️जीवन की सीख #😒दर्द भरी शायरी🌸 #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - अधूरे से रहते मेरे लफ़्ज़ तेरे ज़िक्र के बिना... ! मानों जैसे मेरी हर शायरी की रुह तुम ही हो..! ~ अधूरे से रहते मेरे लफ़्ज़ तेरे ज़िक्र के बिना... ! मानों जैसे मेरी हर शायरी की रुह तुम ही हो..! ~ - ShareChat
#📒 मेरी डायरी #👌 अच्छी सोच👍 #❤️जीवन की सीख #😒दर्द भरी शायरी🌸 #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - जहर से भी जहरीले होते हैं वो लोग जो विश्वस जीत  विश्वासघात करते हें... ! कर जहर से भी जहरीले होते हैं वो लोग जो विश्वस जीत  विश्वासघात करते हें... ! कर - ShareChat
#📒 मेरी डायरी #👌 अच्छी सोच👍 #❤️जीवन की सीख #😒दर्द भरी शायरी🌸 #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - कोई अगरज़रा सा भी নুদ্কাযই, तो तुम्हें थोड़ा सा भी जाने नहीं देगा. DIVYAA )IIIAA 1 कोई अगरज़रा सा भी নুদ্কাযই, तो तुम्हें थोड़ा सा भी जाने नहीं देगा. DIVYAA )IIIAA 1 - ShareChat
#📒 मेरी डायरी #👌 अच्छी सोच👍 #❤️जीवन की सीख #😒दर्द भरी शायरी🌸 #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - मोमबत्ती को आखिर में जाकर पता लगा उसे तो उसी धागे ने तबाह किया जिसे उसने अपने सीने में छुपा रखा था मोमबत्ती को आखिर में जाकर पता लगा उसे तो उसी धागे ने तबाह किया जिसे उसने अपने सीने में छुपा रखा था - ShareChat
#📒 मेरी डायरी #👌 अच्छी सोच👍 #❤️जीवन की सीख #😒दर्द भरी शायरी🌸 #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - अब उसी रहगुज़र से मुझे गुज़रना नहीं है। वो जो मिले थे, उन राहों पर अब मुझे उन पर चलना नहीं है बहुत सताया है इस मोहब्बत ने मुझे, अब उससे मुझे कोई गिला नहीं है। सवाल कर मुझे पता नहीं क्या मिला उसको , अब मुझे ये भी पता नहीं है गुम-सा हूँ अब भी उसी की यादों में मुझे पता है ये कि ये भी उसको पता नहीं है। ठेस लगी और चूर हो गया हूँ और न जाने कितना दर्द है नसीब में पता नहीं है अब उसी रहगुज़र से मुझे गुज़रना नहीं है। वो जो मिले थे, उन राहों पर अब मुझे उन पर चलना नहीं है बहुत सताया है इस मोहब्बत ने मुझे, अब उससे मुझे कोई गिला नहीं है। सवाल कर मुझे पता नहीं क्या मिला उसको , अब मुझे ये भी पता नहीं है गुम-सा हूँ अब भी उसी की यादों में मुझे पता है ये कि ये भी उसको पता नहीं है। ठेस लगी और चूर हो गया हूँ और न जाने कितना दर्द है नसीब में पता नहीं है - ShareChat
#📒 मेरी डायरी #👌 अच्छी सोच👍 #❤️जीवन की सीख #😒दर्द भरी शायरी🌸 #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - अगर किसी की आँख में चमकु तो मोहब्बत हूँ मैं। अगर किसी की धड़कन में धड़़कु तो हूँ मैं। বৃব্ধ যান अगर किसी के छूने से मुस्कुरा जाऊ तो छुई-्मुई सी हूँ मैं। अगर किसी को अपना बनाऊ तो हूँ मैं। उसकी ज़िन्दगी अगर किसी की आँख में चमकु तो मोहब्बत हूँ मैं। अगर किसी की धड़कन में धड़़कु तो हूँ मैं। বৃব্ধ যান अगर किसी के छूने से मुस्कुरा जाऊ तो छुई-्मुई सी हूँ मैं। अगर किसी को अपना बनाऊ तो हूँ मैं। उसकी ज़िन्दगी - ShareChat
#📒 मेरी डायरी #👌 अच्छी सोच👍 #❤️जीवन की सीख #😒दर्द भरी शायरी🌸 #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - एक ज़माने से छोड़ आए अपने घर की गलियों को हम अब हम परदेस में रहने लगे हैं याद फिर भी है हर बात अपने शहर की मजबूरी है मगर क्या करें बड़ी अब कभी जाते भी हैं तो सिर्फ दो- लिए या चार दिन के बहुत याद आता है मुझको मेरे शहर की वो गलियों का सफर ना-समझ थे तो ही अच्छा था इस समझदारी ने तो हमारा शहर ही छुड़वा दिया हमसे ।। एक ज़माने से छोड़ आए अपने घर की गलियों को हम अब हम परदेस में रहने लगे हैं याद फिर भी है हर बात अपने शहर की मजबूरी है मगर क्या करें बड़ी अब कभी जाते भी हैं तो सिर्फ दो- लिए या चार दिन के बहुत याद आता है मुझको मेरे शहर की वो गलियों का सफर ना-समझ थे तो ही अच्छा था इस समझदारी ने तो हमारा शहर ही छुड़वा दिया हमसे ।। - ShareChat
#📒 मेरी डायरी #👌 अच्छी सोच👍 #❤️जीवन की सीख #😒दर्द भरी शायरी🌸 #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - ShareChat লিনি-ননান ज़िंदगी बीत जाती है, और जब वो बनकर तैयार होता है... तो उसमें जीने की उम्र ही कम रह जाती है। ईटनईट जोड़ते हुए, हम अपने ही अरमानों को टालते जाते हैं, "आज नहीं... कल सही ' कहते ्कहते साल गुज़र जाते हैं। छत तो मिल जाती है सिर पर, पर सुकून कहीं रास्तों में छूट जाता है, और जिस घर के लिए जीते हैं पूरी उम्र... उसी में जीने का वक़्त कम पड़ जाता है। 74 < 0 ShareChat লিনি-ননান ज़िंदगी बीत जाती है, और जब वो बनकर तैयार होता है... तो उसमें जीने की उम्र ही कम रह जाती है। ईटनईट जोड़ते हुए, हम अपने ही अरमानों को टालते जाते हैं, "आज नहीं... कल सही ' कहते ्कहते साल गुज़र जाते हैं। छत तो मिल जाती है सिर पर, पर सुकून कहीं रास्तों में छूट जाता है, और जिस घर के लिए जीते हैं पूरी उम्र... उसी में जीने का वक़्त कम पड़ जाता है। 74 < 0 - ShareChat