▄︻デ 𝒜𝓂𝒶𝓃 𝒮𝒽𝓇𝑜𝒻𝒻 ═━一
ShareChat
click to see wallet page
@2393601053
2393601053
▄︻デ 𝒜𝓂𝒶𝓃 𝒮𝒽𝓇𝑜𝒻𝒻 ═━一
@2393601053
comforting myself,💫 https://mojapp.in/@t12973333
#comment #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #like #followme
comment - "इन आशिकों से कहो तारिख नई ढूंढ ले , १४ फरवरी कों मेरे देशने ४० परिवारों का चिराग खो दिया था | blackday "इन आशिकों से कहो तारिख नई ढूंढ ले , १४ फरवरी कों मेरे देशने ४० परिवारों का चिराग खो दिया था | blackday - ShareChat
#followme #like #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #comment
followme - লিব ' आजकल लोग depression से निकलने के meditation हैं, exercise के plans बनाते हैं, yoga के ard 8, music সুনন पास जाते हैं - पर अगर मन के अंदर ही शांति नहीं है, तो बाहर की कोई भी चीज़ लंबे समय तक sukoon नहीं दे सकती। असली लडाई में कुछ बाहर की नहीं , अंदर की है। और सच तो ये है कि इस संसार भी नया नहीं है - जो तुम्हारे साथ हो रहा है, वो किसी न किसी के साथ पहले भी हो चुका है और आगे भी होता रहेगा। धोखा, दर्द, यही तो संसार का स्वभाव है। इसे कमी , चाहत, टूटना , संभलना ~  रोक नहीं सकते , बस समझ सकते हैं। जो होना है वो होकर ही रहेगा - ये formula जितनी जल्दी accept कर लो, उतना ही जीवन हल्का हो जाता है। हम imagination में जीते रहते हैंः शायद वो मिल जाता... शायद ये मिल जाती.. তী সিলা है वो कम है... चाहत में अपना present जला और इसी अधूरी  ~ देते हैं। फिर हर कमी का दोष लोगों पर डालते हैं - घर, रिश्ते , पैसे - बोझ हमारे अपने विचार उठाते हैं। अगर किसी ने जबकि असली धोखा दिया, तो वो उसकी nature थी; उसे पकड़कर बैठ जाने से ज़हरीला होता है। बेहतर ' है स्वीकार करो और आगे सिर्फ अपना मन बढ़ो। जिंदगी हर हाल में लड़ने का नाम है - perfect conditions कभी नहीं आएँगी। पर एक चीज़ हमेशा possible हैः अपने mind को से एक clear रखना। अपने आप शांत वादा रखोः "जो भी आएगा, मैं संभाल लूँगा ।" जब ये विश्वास अंदर बैठ जाता है, तब इंसान बाहर शांति ढूँढना बंद कर देता है। उसे समझ आ जाता है कि संसार बदलता रहेगा , लोग बदलते रहेंगे , हालात रहेंगे पर जो अंदर स्थिर हो घूमते ~  गया, वही सच में जीना सीख गया। লিব ' आजकल लोग depression से निकलने के meditation हैं, exercise के plans बनाते हैं, yoga के ard 8, music সুনন पास जाते हैं - पर अगर मन के अंदर ही शांति नहीं है, तो बाहर की कोई भी चीज़ लंबे समय तक sukoon नहीं दे सकती। असली लडाई में कुछ बाहर की नहीं , अंदर की है। और सच तो ये है कि इस संसार भी नया नहीं है - जो तुम्हारे साथ हो रहा है, वो किसी न किसी के साथ पहले भी हो चुका है और आगे भी होता रहेगा। धोखा, दर्द, यही तो संसार का स्वभाव है। इसे कमी , चाहत, टूटना , संभलना ~  रोक नहीं सकते , बस समझ सकते हैं। जो होना है वो होकर ही रहेगा - ये formula जितनी जल्दी accept कर लो, उतना ही जीवन हल्का हो जाता है। हम imagination में जीते रहते हैंः शायद वो मिल जाता... शायद ये मिल जाती.. তী সিলা है वो कम है... चाहत में अपना present जला और इसी अधूरी  ~ देते हैं। फिर हर कमी का दोष लोगों पर डालते हैं - घर, रिश्ते , पैसे - बोझ हमारे अपने विचार उठाते हैं। अगर किसी ने जबकि असली धोखा दिया, तो वो उसकी nature थी; उसे पकड़कर बैठ जाने से ज़हरीला होता है। बेहतर ' है स्वीकार करो और आगे सिर्फ अपना मन बढ़ो। जिंदगी हर हाल में लड़ने का नाम है - perfect conditions कभी नहीं आएँगी। पर एक चीज़ हमेशा possible हैः अपने mind को से एक clear रखना। अपने आप शांत वादा रखोः "जो भी आएगा, मैं संभाल लूँगा ।" जब ये विश्वास अंदर बैठ जाता है, तब इंसान बाहर शांति ढूँढना बंद कर देता है। उसे समझ आ जाता है कि संसार बदलता रहेगा , लोग बदलते रहेंगे , हालात रहेंगे पर जो अंदर स्थिर हो घूमते ~  गया, वही सच में जीना सीख गया। - ShareChat
#comment #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #like #followme
comment - {೯೯ ' दुनिया तरकेलोगीमिलेंग - अलग सोच अलग संरूकार अलगा ऊर्जा। ओरसच यही हकि हर्म इन्हीं सबके बीच अपना जीवन जीना हे। लेकिन एक बात बहुत गहराई से समझने जैसी जहोँ शगावाान , गुरुमाराशाहेब या अपने धर्म की हँसी उडाई ओरतुय जा रही हो चाहकर शी उसा माहाल को बदल न पा रहे हो॰ बहों खड़े रहना भी धीरे धीरे अंदर से तुरम्हे कमज़ोर करता हे। हर लडाई जवाब देकर नहीं जीती जातीः कुछ जगर्हों पर चुपचाप निकल जाना ही सबसे बड़ा उत्तर होता हे। कर्योकि argument अवसर अहंकार को बढ़ाता हेःपर आत्मा को थका ননাট भगवान ने केवलज्ञान के बाद जो बचन दिएचो किसी बहस के लिए नहीं बल्कि आत्मा को जगाने के लिए थे। गुरुमाराशाहेव उसी मार्गपर चलने की साधना कररहे ह। हम सब अभी भी मान कषाय, राग द्वेद में उलद्े हुए साधारण लोग ह - रसलिए परिवार आरसमाज रम अच्छाई भी भिलेगी आरकमी भी। लेकिन अगर किसी जगर negativity इतनी ज्यादा हो जाए श्रद्ध।को हिलाने लगे FT#u  airl Far' ' 367? ' gori लगे, तो। दों रुफाना समझदारी नहीं ह। मन बढुता कोमल होता हे। जिस संग र्े हम बेठते हः वेसी ही शीतर सााच धीरे धीरे उतरने लगती हे। इसलिए संग का चुनाव करना स्वार्थ नहीं, आत्म रक्षा हैे। धर्म बड़ी मुश्किल से मिलता हेः अनगिनत जन्मों के बाद ऐसी समझ जागती हे। उसे बचाकर हमारी जिम्मेदारी हे। कभी कभी लोगो जगरहों ओर I माहाल का त्याग़ करना भागना नही होता =चो अपने भीतर की रखने का निर्णय होता हे। रोशनी को सुरक्षित आखिर में इंसान चर्ही शांति पाता हे जहो उसका विश्वास हो। इसलिए हर जगह खुद को साबित करने की सुरक्षित जरूरत नहीं। जहों श्रद्धा का सम्मान न हो॰ चहोंसे सम्मान के साथ हट जाना ही बेहतर हे। क्योकि सबसे बड़ी जीत बाहरकी बहस नढीं अंदरकी शांति ह। {೯೯ ' दुनिया तरकेलोगीमिलेंग - अलग सोच अलग संरूकार अलगा ऊर्जा। ओरसच यही हकि हर्म इन्हीं सबके बीच अपना जीवन जीना हे। लेकिन एक बात बहुत गहराई से समझने जैसी जहोँ शगावाान , गुरुमाराशाहेब या अपने धर्म की हँसी उडाई ओरतुय जा रही हो चाहकर शी उसा माहाल को बदल न पा रहे हो॰ बहों खड़े रहना भी धीरे धीरे अंदर से तुरम्हे कमज़ोर करता हे। हर लडाई जवाब देकर नहीं जीती जातीः कुछ जगर्हों पर चुपचाप निकल जाना ही सबसे बड़ा उत्तर होता हे। कर्योकि argument अवसर अहंकार को बढ़ाता हेःपर आत्मा को थका ননাট भगवान ने केवलज्ञान के बाद जो बचन दिएचो किसी बहस के लिए नहीं बल्कि आत्मा को जगाने के लिए थे। गुरुमाराशाहेव उसी मार्गपर चलने की साधना कररहे ह। हम सब अभी भी मान कषाय, राग द्वेद में उलद्े हुए साधारण लोग ह - रसलिए परिवार आरसमाज रम अच्छाई भी भिलेगी आरकमी भी। लेकिन अगर किसी जगर negativity इतनी ज्यादा हो जाए श्रद्ध।को हिलाने लगे FT#u  airl Far' ' 367? ' gori लगे, तो। दों रुफाना समझदारी नहीं ह। मन बढुता कोमल होता हे। जिस संग र्े हम बेठते हः वेसी ही शीतर सााच धीरे धीरे उतरने लगती हे। इसलिए संग का चुनाव करना स्वार्थ नहीं, आत्म रक्षा हैे। धर्म बड़ी मुश्किल से मिलता हेः अनगिनत जन्मों के बाद ऐसी समझ जागती हे। उसे बचाकर हमारी जिम्मेदारी हे। कभी कभी लोगो जगरहों ओर I माहाल का त्याग़ करना भागना नही होता =चो अपने भीतर की रखने का निर्णय होता हे। रोशनी को सुरक्षित आखिर में इंसान चर्ही शांति पाता हे जहो उसका विश्वास हो। इसलिए हर जगह खुद को साबित करने की सुरक्षित जरूरत नहीं। जहों श्रद्धा का सम्मान न हो॰ चहोंसे सम्मान के साथ हट जाना ही बेहतर हे। क्योकि सबसे बड़ी जीत बाहरकी बहस नढीं अंदरकी शांति ह। - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #comment #like #followme
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - Note Mittar ये तो अच्छा है कि सेक्स में कोई आरक्षण नहीं है, वरना जनरल वाले तो मुठ् मारते ही रह जाते.. Note Mittar ये तो अच्छा है कि सेक्स में कोई आरक्षण नहीं है, वरना जनरल वाले तो मुठ् मारते ही रह जाते.. - ShareChat
#followme #like #comment #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
followme - भ्रम मत पालो कि आप ख़ास हैं, खुशबू खत्म होने के बाद पूजा का फूल भी कचरे के. ढेर में मिलता है। भ्रम मत पालो कि आप ख़ास हैं, खुशबू खत्म होने के बाद पूजा का फूल भी कचरे के. ढेर में मिलता है। - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #comment #like #followme
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - 2:51 0w0 87% 5G ٢؟٤ सोशल मीडिया पर एक इंसान मिला जिसकी कहानी सुनकर मन अंदर तक हिल गया। हार्मोन बदलते गए॰ शर्म के कारण उसने १२वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी। बदलाब इतने बढ़े कि उसे gender change কনো এভাI থাযন বমন ঘবোলী ম মনাবা माँगा होगा , पर support नहीं मिला। सच सामने आया तो घर के दरवाज़े ही बंद हो गए- अकेला, बिना backup, बिना किसी अपने के। किसी तरह जी ही रहा था कि पता चला शरीर में चार जगह stone हैं और operation ज़रूरी है। न पैसे, न care करने वाला कोई। सोचो , सिर्फ कुछ महीनों में उसकी पूरी दुनिया बदल गई। लोग उससे बात करने से भी बचते हें -जेसे हम अक्सर दर्द को देखकर blind बन जाते हें, सुनकर भी अनसुना 451 में डूब  अगर वह इस सबको पकड़कर negativity जाए तो life जाए - लेकिन उसकी कहानी हमें संसार से कितनी नफरत भर का असली खेल दिखाती है। कर्म का खेल अजीब हैः जो हम करते हैं, किस रूप में लौटेगा कोई नहीं जानता। ये तो एक कहानी है जो सुनने को मिली, ऐसे कितने लोग होंगे जिनके दर्द से हम अनजान हैं। किसी को घर से निकाल देना, सड़क पर छोड़ देना = दिल से सोचो , अगर हमारे साथ ऐसा हो तो? इसलिए जब भी कोई पाप करने का मौका आए॰ हज़ार बार रुककर सोचना | उस पल हम रुक सकते हेः लेकिन उसके बाद कर्म कभी न्हीं रुकता | बह लौटकर आता है  औरतब इंसान के पास सिर्फ पछताचा रह जाता है। 2:51 0w0 87% 5G ٢؟٤ सोशल मीडिया पर एक इंसान मिला जिसकी कहानी सुनकर मन अंदर तक हिल गया। हार्मोन बदलते गए॰ शर्म के कारण उसने १२वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी। बदलाब इतने बढ़े कि उसे gender change কনো এভাI থাযন বমন ঘবোলী ম মনাবা माँगा होगा , पर support नहीं मिला। सच सामने आया तो घर के दरवाज़े ही बंद हो गए- अकेला, बिना backup, बिना किसी अपने के। किसी तरह जी ही रहा था कि पता चला शरीर में चार जगह stone हैं और operation ज़रूरी है। न पैसे, न care करने वाला कोई। सोचो , सिर्फ कुछ महीनों में उसकी पूरी दुनिया बदल गई। लोग उससे बात करने से भी बचते हें -जेसे हम अक्सर दर्द को देखकर blind बन जाते हें, सुनकर भी अनसुना 451 में डूब  अगर वह इस सबको पकड़कर negativity जाए तो life जाए - लेकिन उसकी कहानी हमें संसार से कितनी नफरत भर का असली खेल दिखाती है। कर्म का खेल अजीब हैः जो हम करते हैं, किस रूप में लौटेगा कोई नहीं जानता। ये तो एक कहानी है जो सुनने को मिली, ऐसे कितने लोग होंगे जिनके दर्द से हम अनजान हैं। किसी को घर से निकाल देना, सड़क पर छोड़ देना = दिल से सोचो , अगर हमारे साथ ऐसा हो तो? इसलिए जब भी कोई पाप करने का मौका आए॰ हज़ार बार रुककर सोचना | उस पल हम रुक सकते हेः लेकिन उसके बाद कर्म कभी न्हीं रुकता | बह लौटकर आता है  औरतब इंसान के पास सिर्फ पछताचा रह जाता है। - ShareChat
#followme #like #comment #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
followme - मुझे पता है मेरे thoughts हर किसी को instantly पसंद नहीं आएंगे, और आज के fast scroll वाले time में बड़़े messages पर लोग जल्दी move on भी हो जाते हैं। लेकिन सच ये है कि जब हम -ஈசிகிhelp सुनते को खिलाना, सच बोलना करना, साथ खड़े रहना, भूखे त " महसूस होता अंदर कहीं न कहीं एक deep sukoon La है। पहले resources कम थे, फिर भी " अतिथि देवो भव" सिर्फ शब्द नहीं, lifestyle थाः लोग गरीब को खिलाकर खाते थे, जानवरों तक का ध्यान रखते थे। आज सुविधाएँ बढ़ गई हैं पर वो simple और pure सोच धीरे ्धीरे background में खोती जा रही है। आखिर हर इंसान को end में peace ही चाहिए, और वो outside validation से नहीं, अंदर के भाव से आता है। इसलिए चाहे माहौल कितना भी modern, busy distracting क्यों न हो, अगर रोज़ सिर्फ १० मिनट भी धर्म या या self-reflection की कोई किताब पढ लो, तो अंदर एक quiet strength बनती है - वही strength मुश्किल समय में संभालती है, mind को stable रखती है और इंसान को अंदर से सा़फ और मजबूत बनाती है। और सच कहूँ तो मुझे किसी से कोई लेना ्देना नहीं कि कौन follow करता है और कौन नहीं। मेरे लिए success numbers से नहीं, alignment से मापी जाती है। अगर मैं अपनी सोच के हिसाब से पूरी life जी पाऊँ, तो मुझे ७७० यकीन लेकिन सच ये भी है कि मैं है कि मेरा कalyan हो जाएगा ' खुद अभी उसे पूरी तरह जी नहीं पाता। फिर भी कोशिश जारी है। क्योंकि मेरे लिए जीत ये नहीं कि दुनिया मुझे समझे, बल्कि ये है कि मैं अपनी ही नजरों में सच्चा रह सकूँ। बाकी दुनिया अंदर की clarity ही असली जीत है। যসত্ী যা না যমত্ী   मुझे पता है मेरे thoughts हर किसी को instantly पसंद नहीं आएंगे, और आज के fast scroll वाले time में बड़़े messages पर लोग जल्दी move on भी हो जाते हैं। लेकिन सच ये है कि जब हम -ஈசிகிhelp सुनते को खिलाना, सच बोलना करना, साथ खड़े रहना, भूखे त महसूस होता अंदर कहीं न कहीं एक deep sukoon La है। पहले resources कम थे, फिर भी " अतिथि देवो भव" सिर्फ शब्द नहीं, lifestyle थाः लोग गरीब को खिलाकर खाते थे, जानवरों तक का ध्यान रखते थे। आज सुविधाएँ बढ़ गई हैं पर वो simple और pure सोच धीरे ्धीरे background में खोती जा रही है। आखिर हर इंसान को end में peace ही चाहिए, और वो outside validation से नहीं, अंदर के भाव से आता है। इसलिए चाहे माहौल कितना भी modern, busy distracting क्यों न हो, अगर रोज़ सिर्फ १० मिनट भी धर्म या या self-reflection की कोई किताब पढ लो, तो अंदर एक quiet strength बनती है - वही strength मुश्किल समय में संभालती है, mind को stable रखती है और इंसान को अंदर से सा़फ और मजबूत बनाती है। और सच कहूँ तो मुझे किसी से कोई लेना ्देना नहीं कि कौन follow करता है और कौन नहीं। मेरे लिए success numbers से नहीं, alignment से मापी जाती है। अगर मैं अपनी सोच के हिसाब से पूरी life जी पाऊँ, तो मुझे ७७० यकीन लेकिन सच ये भी है कि मैं है कि मेरा कalyan हो जाएगा ' खुद अभी उसे पूरी तरह जी नहीं पाता। फिर भी कोशिश जारी है। क्योंकि मेरे लिए जीत ये नहीं कि दुनिया मुझे समझे, बल्कि ये है कि मैं अपनी ही नजरों में सच्चा रह सकूँ। बाकी दुनिया अंदर की clarity ही असली जीत है। যসত্ী যা না যমত্ী - ShareChat