Sonam singh
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He krishna tumhi mere ho #my krishna
my krishna - 11:10 86% V20 LTEII   1815 2025-08-16 Sat कृष्ण जीवन कृष्ण तन मन कृष्ण ही संसार है। কৃষ্ডা মী বননা ট মন कृष्ण ही आधार॰है।।॰ कुछकृ वंह गोंलोकं निवासी मोहन आंज फिर आने को है। बज रही सब ओर बधाई मानो निधि पाने को है।१ दौड़कर आता है में भक्तों के दुख को मिटाने । आज फिर वह आ रहा हैं प्रेमं की बंशी बजांने।।  प्रेम की पहचान जिनसे त्य़ाग को ज़िसने सिख़ाया| भक्तों को रखकर गोवर्धन नख पर उठाया।। सुरक्षित कर्म भूमि पर जिसने. कर्म. को क़रना सिखाया। जञान गीता का सुनाकर सत्य का सतपथ दिखाया।। सोनम सिंह चौहान সাত ক্ি২ সান ক্রী ঔ Edit 11:10 86% V20 LTEII   1815 2025-08-16 Sat कृष्ण जीवन कृष्ण तन मन कृष्ण ही संसार है। কৃষ্ডা মী বননা ট মন कृष्ण ही आधार॰है।।॰ कुछकृ वंह गोंलोकं निवासी मोहन आंज फिर आने को है। बज रही सब ओर बधाई मानो निधि पाने को है।१ दौड़कर आता है में भक्तों के दुख को मिटाने । आज फिर वह आ रहा हैं प्रेमं की बंशी बजांने।।  प्रेम की पहचान जिनसे त्य़ाग को ज़िसने सिख़ाया| भक्तों को रखकर गोवर्धन नख पर उठाया।। सुरक्षित कर्म भूमि पर जिसने. कर्म. को क़रना सिखाया। जञान गीता का सुनाकर सत्य का सतपथ दिखाया।। सोनम सिंह चौहान সাত ক্ি২ সান ক্রী ঔ Edit - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - साह्रित्य सृजन संस्थान -पजी, बिसवा (सीतापुरी  सृजनकैसारथी सृजन पुस्तकालय दैनिक राष्ट्राज्य की प्रस्तुति নিমনী-মীনাস্রব . 70 बस एक आस बचे है बहुत  बड़ा मंजर इस जीवन का क्या कहना | कोई लूटा रहा सब कुछ कोई ٦٤٦ 7٤٦٢ ١ ١ कोई धन को बर्बाद करे कोई भूखे पेट यहां सोता | कोई न्योछावर लूटा रहा कोई माथ पकड़ करके रोता । | मैंने देखा उन बच्चो को जो एक निवाले को रोते। बिस्तर भी नहीं मिला उनको तो किसी ৭ সীন दुवारे मैंने बेबसी बहुत जो बच्चो को न खिला सके | 4 उनके आंसू बतलाते है कुछ तो बच्चों को दिला सके करते चाकरी बहुत फिरभी एक धेला तक न पास बचे जब शाम को आते घर अपने तो आंखो में बस आस बचे ।। सोनम सिंह चौहान साहित्य सुजन संस्थान -पंजी, विसवा (सीतापुरी सृजनकैसारथी सृजन पुस्तकालय दैनिक राष्ट्राज्य की प्रस्तुति निसर्ग सीतापर  - साह्रित्य सृजन संस्थान -पजी, बिसवा (सीतापुरी  सृजनकैसारथी सृजन पुस्तकालय दैनिक राष्ट्राज्य की प्रस्तुति নিমনী-মীনাস্রব . 70 बस एक आस बचे है बहुत  बड़ा मंजर इस जीवन का क्या कहना | कोई लूटा रहा सब कुछ कोई ٦٤٦ 7٤٦٢ ١ ١ कोई धन को बर्बाद करे कोई भूखे पेट यहां सोता | कोई न्योछावर लूटा रहा कोई माथ पकड़ करके रोता । | मैंने देखा उन बच्चो को जो एक निवाले को रोते। बिस्तर भी नहीं मिला उनको तो किसी ৭ সীন दुवारे मैंने बेबसी बहुत जो बच्चो को न खिला सके | 4 उनके आंसू बतलाते है कुछ तो बच्चों को दिला सके करते चाकरी बहुत फिरभी एक धेला तक न पास बचे जब शाम को आते घर अपने तो आंखो में बस आस बचे ।। सोनम सिंह चौहान साहित्य सुजन संस्थान -पंजी, विसवा (सीतापुरी सृजनकैसारथी सृजन पुस्तकालय दैनिक राष्ट्राज्य की प्रस्तुति निसर्ग सीतापर  - - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - 14.33 41% I[l  Vtu UEilllull . www amarujala com/kavyalme Tblcer मिले कुछ रंग चेहरे के जिन्हे पहचान न पाए। पीठ पीछे वो हम यह जान न पाए।। क्या करते बड़ा मासूम चेहरा है बड़ी भोली सी सूरत है। कि वो देवों की मूरत है।। देखकर उनको यह लगता सामने आते तो करते चापलूसी है। তন बातों से लगे ऐसा की वो मेरे हितैसी है।। कहे जब वक्त आए तो बताना काम आयेंगे तेरे उद्धारण को हम चारो धाम लायेंगे। । जब कभी आती तो छिप जाते है बिल में वो। मुसीबत वक्त पे हम राम लायेंगे। । और कहते है तुम्हारे  मित्र न मित्र जैसे हैं बने स्वारथ के रिश्ते है। देखकर ऐसा लगता है कि ईश्वर के फरिस्ते हैं।। मित्र बनकर मित्र को नस्तर चुभाते है। बताकर दोष मेरा ही वही हरकत दिखाते है।। बदल देते है अपने रंग को गिरगिट के जैसे वो। पत्तियां छोड़़े नई पर आजमाते हैं।। पुरानी  Opera Mini is ready to update RESTART 14.33 41% I[l  Vtu UEilllull . www amarujala com/kavyalme Tblcer मिले कुछ रंग चेहरे के जिन्हे पहचान न पाए। पीठ पीछे वो हम यह जान न पाए।। क्या करते बड़ा मासूम चेहरा है बड़ी भोली सी सूरत है। कि वो देवों की मूरत है।। देखकर उनको यह लगता सामने आते तो करते चापलूसी है। তন बातों से लगे ऐसा की वो मेरे हितैसी है।। कहे जब वक्त आए तो बताना काम आयेंगे तेरे उद्धारण को हम चारो धाम लायेंगे। । जब कभी आती तो छिप जाते है बिल में वो। मुसीबत वक्त पे हम राम लायेंगे। । और कहते है तुम्हारे  मित्र न मित्र जैसे हैं बने स्वारथ के रिश्ते है। देखकर ऐसा लगता है कि ईश्वर के फरिस्ते हैं।। मित्र बनकर मित्र को नस्तर चुभाते है। बताकर दोष मेरा ही वही हरकत दिखाते है।। बदल देते है अपने रंग को गिरगिट के जैसे वो। पत्तियां छोड़़े नई पर आजमाते हैं।। पुरानी  Opera Mini is ready to update RESTART - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - 12:32 ಥ 77% Illll सीतापुरी साहित्य सूजन सस्थान -पजी बिसवा सृजनकेसारथी सृजन पुस्तकालय ঔনিব্ধ राष्ट्रराज्यकी प्रस्तुति लिखेंगे कहानी अजब सी अनोखी है मेरी कहानी पर खुशी है कहीं पर है पानी।  कही कभी एक उम्मीद जगती है সনল স कभी टूट जाते है सीसे के जैसे। कमी गांठ कोई नजरहीन आती कभी चट से होते हैधागे के जैसे। कोई मुक्ति पथ हमको मिलता यहां पे चमन ही चमन सारा खिलता यहां पे। कहीं प्रेम हैतो कहीं नफरते है। मुझे भी मिले कुछ यही है। हसरते है कुछ पल की खुशियां मगर गम बहुत है। अकेले है हर पल मगर हम बहुत हैे। बहुत सी अनोखी उम्मीदें जुड़ी है। खडी हे। मुसीबत  पल पल यहा पर सोचते हैजो खोया वो कैसे मिलेगा | মুনচ কা কীরৎ্ না মুতে তরিলযা सुबह की किरण को उदय होते देखा मन में बनी हसरतों की कोई रेखा। ए सूरज की लाली मेरा साथ दे दो। लिखा जो मुकद्दर वही बात कह दो। रहूं कब तक दर दर भटकती यहां पर बनी जाल कांटो की अटकती यहां पर। कभी तो कोई आके रास्ता दिखा दो। कहां जाना हमको कोईतो बता दो ஈச 4 = பக 4 3ர் 7 பரரி যা দিং নল ট কিমী কী নিহালী | पूरी करेंगे अधूरी कहानी  लिखेंगे लिखेखलिखेंगे कहानी  Bdlit Dele Snare Lens सोनम सिंह चोहान सीतापुर रामपुर कला 12:32 ಥ 77% Illll सीतापुरी साहित्य सूजन सस्थान -पजी बिसवा सृजनकेसारथी सृजन पुस्तकालय ঔনিব্ধ राष्ट्रराज्यकी प्रस्तुति लिखेंगे कहानी अजब सी अनोखी है मेरी कहानी पर खुशी है कहीं पर है पानी।  कही कभी एक उम्मीद जगती है সনল স कभी टूट जाते है सीसे के जैसे। कमी गांठ कोई नजरहीन आती कभी चट से होते हैधागे के जैसे। कोई मुक्ति पथ हमको मिलता यहां पे चमन ही चमन सारा खिलता यहां पे। कहीं प्रेम हैतो कहीं नफरते है। मुझे भी मिले कुछ यही है। हसरते है कुछ पल की खुशियां मगर गम बहुत है। अकेले है हर पल मगर हम बहुत हैे। बहुत सी अनोखी उम्मीदें जुड़ी है। खडी हे। मुसीबत  पल पल यहा पर सोचते हैजो खोया वो कैसे मिलेगा | মুনচ কা কীরৎ্ না মুতে তরিলযা सुबह की किरण को उदय होते देखा मन में बनी हसरतों की कोई रेखा। ए सूरज की लाली मेरा साथ दे दो। लिखा जो मुकद्दर वही बात कह दो। रहूं कब तक दर दर भटकती यहां पर बनी जाल कांटो की अटकती यहां पर। कभी तो कोई आके रास्ता दिखा दो। कहां जाना हमको कोईतो बता दो ஈச 4 = பக 4 3ர் 7 பரரி যা দিং নল ট কিমী কী নিহালী | पूरी करेंगे अधूरी कहानी  लिखेंगे लिखेखलिखेंगे कहानी  Bdlit Dele Snare Lens सोनम सिंह चोहान सीतापुर रामपुर कला - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - 19.33 93% Hed 5:33 93 काव्य SOnal SIgn Follow Mere Alfaz ए किस्मत बता हम कहां जाएं। जो खोया वह कैसे पाएं।। तू रूठकर बैठी है मुझसे। तुझे हम कैसे मनाएं। । आज मेरी राही में है दरिया गहरी।  मांझी को कैसे पार लगाएं।। टूटी है पटवार जिससे तैरना था। बीच से कैसे उसपार जाएं।।  कैसे कहे हम अपनी परेशानी को।  किसे हम अपने किस्से सुनाएं।।  आंखो में आंसू की बौछार तो है। अंशुओ को हम किसे दिखाएं।।  इन मुझे अगर मिल जाए तेरा सहारा।  तो हम भी अपनी मंजिल पा जाएं।।  सोनम सिंह चौहान பT वार्षिकई पेपर सिव्यकिस्शनपर 47507 Opera Mini is ready to update RESTART 19.33 93% Hed 5:33 93 काव्य SOnal SIgn Follow Mere Alfaz ए किस्मत बता हम कहां जाएं। जो खोया वह कैसे पाएं।। तू रूठकर बैठी है मुझसे। तुझे हम कैसे मनाएं। । आज मेरी राही में है दरिया गहरी।  मांझी को कैसे पार लगाएं।। टूटी है पटवार जिससे तैरना था। बीच से कैसे उसपार जाएं।।  कैसे कहे हम अपनी परेशानी को।  किसे हम अपने किस्से सुनाएं।।  आंखो में आंसू की बौछार तो है। अंशुओ को हम किसे दिखाएं।।  इन मुझे अगर मिल जाए तेरा सहारा।  तो हम भी अपनी मंजिल पा जाएं।।  सोनम सिंह चौहान பT वार्षिकई पेपर सिव्यकिस्शनपर 47507 Opera Mini is ready to update RESTART - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - 10:56 90% I[li  Vtu UEill ill . WWW.amarujala com /kavya/mere Tblcer जीवन का हर पल समर्पित Sonam singh Follow Mere Alfaz मेरे जीवन का हर पल समर्पित संभाले आप ही मेरे प्राण प्रिय। अब डूबती कश्ती हमारी धार में अब लगा ले पार मेरे प्राण प्रिय। कौन कहता है की तुम सुनते नही हर सुबह की लालिमा हो प्राण प्रिय। धूप भी तुमसे ही खिलती है धरा पे মিধু ক্ী নী নীলিমা ক্ী সাতা সিম| [ सोनम सिंह चौहान 10:56 90% I[li  Vtu UEill ill . WWW.amarujala com /kavya/mere Tblcer जीवन का हर पल समर्पित Sonam singh Follow Mere Alfaz मेरे जीवन का हर पल समर्पित संभाले आप ही मेरे प्राण प्रिय। अब डूबती कश्ती हमारी धार में अब लगा ले पार मेरे प्राण प्रिय। कौन कहता है की तुम सुनते नही हर सुबह की लालिमा हो प्राण प्रिय। धूप भी तुमसे ही खिलती है धरा पे মিধু ক্ী নী নীলিমা ক্ী সাতা সিম| [ सोनम सिंह चौहान - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - 11:10 92% 8 LEalllall KBJs 2025-09-22 Mon 5 1/3 जिंदगी तू अब उलझना छोड़ दे का कोई तो नया मोड दे। gfal टूट गई हर आस इस मेरी तरफ से, फिर धागे उम्मीद के अब जोड़ दे।। हम यूं उदासी में जिएंगे कब तलक और कब तक कष्ट का पानी पिएंगे। कोई सागर का किनारा अब दिखा दे दरिया भरोसे हम जिएंगे। । कब तलक जैसे कोई नाजुक लता पेड़ों से लिपटी ए जिंदगी ! ऐसे उम्मीदों में हैं सिमटी। बनकर के कोई कमल उम्मीद खिले बस यहीं से मेरी हर उम्मीद मिटती।। सोनम सिंह चौहान जिंदगी की उम्मीद Edit 11:10 92% 8 LEalllall KBJs 2025-09-22 Mon 5 1/3 जिंदगी तू अब उलझना छोड़ दे का कोई तो नया मोड दे। gfal टूट गई हर आस इस मेरी तरफ से, फिर धागे उम्मीद के अब जोड़ दे।। हम यूं उदासी में जिएंगे कब तलक और कब तक कष्ट का पानी पिएंगे। कोई सागर का किनारा अब दिखा दे दरिया भरोसे हम जिएंगे। । कब तलक जैसे कोई नाजुक लता पेड़ों से लिपटी ए जिंदगी ! ऐसे उम्मीदों में हैं सिमटी। बनकर के कोई कमल उम्मीद खिले बस यहीं से मेरी हर उम्मीद मिटती।। सोनम सिंह चौहान जिंदगी की उम्मीद Edit - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - साह्ित्य सृजन संस्थान -पंजी॰ विसवा सीतापुर सृजनकेसारथी सजन पुस्तकालय दैनिक राष्ट्राज्य की प्रस्तुति মনসুেন  নিমনী बरस आना नया दौर बनकर फिर चला गया एक बरस जिंदगी का हमे वक्त ही नही मिला तेरी बंदगी का। हमने तो लूटा दिया तेरे साथ सब कुछ। ही न सोचा मेरी जिंदगी का।। तुमने पर दर्द भी तूने बहुत दिए मुझे ए बरस| फिर भी आज हमने भुला दिया कोई शिकवा न रहा आज के दिन मुझे। तूने चाहे जितना मुझे रुला दिया। मेरी हसरतों से ज्यादा मुझे खुशियां भी मिली। कुछ और भी पाया हमने तेरे साथ में कठपुतली बनकर| ৪স না নামন ২৪ मेरी डोर तोथमी थी तेरे हाथ में | फरियाद है ये आने वाले वक्त तुझसे अब दर्द न देना कुछ और बनकर| एक तमन्ना है मेरी यही| तुझसे बस मेरी जिंदगी में आना एक नया दौर बनकर।| सोनम सिंह चौहान सीतापुर रामपुर कलां साह्ित्य सृजन संस्थान -पंजी॰ विसवा सीतापुर सृजनकेसारथी सजन पुस्तकालय दैनिक राष्ट्राज्य की प्रस्तुति মনসুেন  নিমনী बरस आना नया दौर बनकर फिर चला गया एक बरस जिंदगी का हमे वक्त ही नही मिला तेरी बंदगी का। हमने तो लूटा दिया तेरे साथ सब कुछ। ही न सोचा मेरी जिंदगी का।। तुमने पर दर्द भी तूने बहुत दिए मुझे ए बरस| फिर भी आज हमने भुला दिया कोई शिकवा न रहा आज के दिन मुझे। तूने चाहे जितना मुझे रुला दिया। मेरी हसरतों से ज्यादा मुझे खुशियां भी मिली। कुछ और भी पाया हमने तेरे साथ में कठपुतली बनकर| ৪স না নামন ২৪ मेरी डोर तोथमी थी तेरे हाथ में | फरियाद है ये आने वाले वक्त तुझसे अब दर्द न देना कुछ और बनकर| एक तमन्ना है मेरी यही| तुझसे बस मेरी जिंदगी में आना एक नया दौर बनकर।| सोनम सिंह चौहान सीतापुर रामपुर कलां - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - *खुद* को *इस* तरह * मजबूत* बनाओ *कि* जिंदगी *चाहे* जितनी *भी* परीक्षा *ले* *दोबारा* तुम्हें *कोई* तोड़ *न* सके। राधे राधे *खुद* को *इस* तरह * मजबूत* बनाओ *कि* जिंदगी *चाहे* जितनी *भी* परीक्षा *ले* *दोबारा* तुम्हें *कोई* तोड़ *न* सके। राधे राधे - ShareChat
Radha krishna #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - 20.37 94% - KBJs 2025-09-10 Wed 5 1/4 CLunuuu' यह मधुर मुस्कान तेरी श्याम मन को मोहती है कर दे जो जग को दीवाना अधर बंशी सोहती है।। ये मनोहर जोड़ी तेरी जग का जो उद्धार करती। जो पकड़ ले चरण तेरे उसको भव से पार करती।| फिरसे प्रेम की वह बांसुरी। अब अगर बज जाए में मधुवन की वह माधुरी। | तो प्रकट हाो जाए जग बुला लो गोपियों को वृंदावन जग को बना लो। /9~ मुझको अपना प्रेम देकर स्याममय बना लो। मुझको सोनम सिंह चौहान प्रेम Edit 20.37 94% - KBJs 2025-09-10 Wed 5 1/4 CLunuuu' यह मधुर मुस्कान तेरी श्याम मन को मोहती है कर दे जो जग को दीवाना अधर बंशी सोहती है।। ये मनोहर जोड़ी तेरी जग का जो उद्धार करती। जो पकड़ ले चरण तेरे उसको भव से पार करती।| फिरसे प्रेम की वह बांसुरी। अब अगर बज जाए में मधुवन की वह माधुरी। | तो प्रकट हाो जाए जग बुला लो गोपियों को वृंदावन जग को बना लो। /9~ मुझको अपना प्रेम देकर स्याममय बना लो। मुझको सोनम सिंह चौहान प्रेम Edit - ShareChat