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वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ
#vastu_tips #जानिए_बहु_मंजिला_इमारतों_में_आदर्श_फ्लैट_का_संपूर्ण_वास्तु By Pandit Mohandas Sharma 9257323913 नमस्कार मित्रों हमारे द्वारा प्रस्तुत वस्तु से संबंधित जानकारी यदि आपको अच्छी लगे तो हमें फॉलो कीजिए लाइक शेयर और कमेंट जरुर कीजिए जिससे हमारा मनोबल बढ़ता रहे और हम आपके लिए और भी अच्छी और सच्ची जानकारी प्रस्तुत करते रहें नमस्कार मित्रों एक आदर्श फ्लैट के लिए वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार पूर्व या उत्तर-पूर्व (N-E) दिशा में होना चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। रसोई दक्षिण-पूर्व (S-E) में, मास्टर बेडरूम दक्षिण-पश्चिम (S-W) में, और पूजा घर उत्तर-पूर्व में होना शुभ है। फ्लैट चौकोर या आयताकार होना चाहिए और मुख्य द्वार सीधे लिफ्ट के सामने न हो। याद रहे फ्लैट का ईशान कोण कभी भी कटा हुआ नहीं होना चाहिए और अग्नि कोण बढ़ा हुआ नहीं होना चाहिए फ्लैट के लिए मुख्य वास्तु टिप्स: प्रवेश द्वार ( men Entrance): पूर्व, उत्तर, या उत्तर-पूर्व दिशा सर्वोत्तम है। दक्षिण-पश्चिम या दक्षिण-पूर्व प्रवेश द्वार से बचें। रसोई (Kitchen): दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण) आदर्श स्थान है। यदि संभव न हो तो उत्तर-पश्चिम विकल्प हो सकता है। खाना बनाते समय मुख पूर्व दिशा में होना चाहिए। बेडरूम (Bedroom): मास्टर बेडरूम दक्षिण-पश्चिम में होना चाहिए। सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा में रखें। पूजा घर (Pooja Room): उत्तर-पूर्व कोना (ईशान कोण) पूजा घर के लिए सबसे अच्छा है। बाथरूम/टॉयलेट (Bathroom/Toilet): उत्तर-पश्चिम या पश्चिम दिशा में बेहतर है। इसे उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम में न बनाएं। बालकनी (Balcony): उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की बालकनी शुभ है। दक्षिण या पश्चिम में भारी बालकनी से बचें। आकार Shape: फ्लैट का आकार अनियमित न होकर आयताकार या वर्गाकार Square होना चाहिए। प्लेट का कोई भी कोना कटा हुआ नहीं होना चाहिए वास्तु दोष के उपाय: यदि वास्तुदोष है, तो क्रिस्टल, छोटे पौधे, या सही रंगों (जैसे हल्के रंग) का उपयोग करें। न खरीदें ऐसे फ्लैट: दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा में मुख्य द्वार वाला फ्लैट सीढ़ियां या लिफ्ट के सामने मुख्य द्वार वाला फ्लैट ऐसा फ्लैट जिसका ढलान दक्षिण-पश्चिम की ओर हो। टी-जंक्शन (T-junction) पर स्थित फ्लैट। मित्रों यदि आपने पहले से ही फ्लैट खरीद के रखा है और वह फ्लैट आपको लगता है की वस्तु के अनुसार सही नहीं है और तोड़फोड़ भी संभव नहीं है तो आप वहां का पूरा नक्शा हमारे व्हाट्सएप पर भेज कर मात्र ₹500 मैप रीडिंग चार्ज में बिना तोड़फोड़ 100% सफल अभिमंत्रित यंत्रों की रेमेडीज की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अधिक जानकारी के लिए आप हमें मोबाइल या व्हाट्सएप पर संपर्क कर सकते हैं मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर 9257323913 #🙏 माँ वैष्णो देवी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯वास्तु दोष उपाय #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🙏माँ लक्ष्मी महामंत्र🌺
🙏 माँ वैष्णो देवी - जानिए खूबसूरत बिल्डिंगों में आदर्श फ्लैट का वास्तु वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शर्मा जी 9२5७3२३913 जानिए खूबसूरत बिल्डिंगों में आदर्श फ्लैट का वास्तु वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शर्मा जी 9२5७3२३913 - ShareChat
Jai shree Ram 🌷🌷🌷 #🔯वास्तु दोष उपाय #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #📝गणपति भक्ति स्टेटस🌺 #🙏 माँ वैष्णो देवी
🔯वास्तु दोष उपाय - vastu tips vastu consultant यदि आपको लगता है कि हमारे घर दुकान फैक्ट्री या ऑफिस में भी वास्तु दोष हो सकता है तो आप वहां का नक्शा हमारे व्हाट्सएप पर भेज कर मात्र २५०० मैप रीडिंग चार्ज में संपूर्ण वास्तु की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और साथ ही यदि कुछ वास्तु दोष पाया जाता है तो बिना तोड़़फोड़ १००% सफल अभिमंत्रित यंत्रों की रेमेडीज की जानकारीभी प्राप्त कर सकते हैं WhatsApp or call 9257323913 वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शर्मा जी vastu tips vastu consultant यदि आपको लगता है कि हमारे घर दुकान फैक्ट्री या ऑफिस में भी वास्तु दोष हो सकता है तो आप वहां का नक्शा हमारे व्हाट्सएप पर भेज कर मात्र २५०० मैप रीडिंग चार्ज में संपूर्ण वास्तु की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और साथ ही यदि कुछ वास्तु दोष पाया जाता है तो बिना तोड़़फोड़ १००% सफल अभिमंत्रित यंत्रों की रेमेडीज की जानकारीभी प्राप्त कर सकते हैं WhatsApp or call 9257323913 वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शर्मा जी - ShareChat
#vastu_tips #दक्षिण_दिशा_में_मकान_के_सामने_रोड_का_T_पॉइंट_वास्तु_शास्त्र_में_शुभ_नहीं_माना_जाता_है #जानिए_T_पॉइंट_का_संपूर्ण_वास्तु By Pandit Mohandas Sharma 092573 23913 नमस्कार मित्रों जय श्री राम मित्रों हमारे द्वारा दी गई वस्तु से संबंधित जानकारी आपको यदि अच्छी लगे तो हमें फॉलो कीजिए लाइक शेयर और कमेंट जरुर कीजिए जिससे हमारा मनोबल बढ़ता रहे और हम आपके लिए अच्छी और सच्ची वस्तु से संबंधित पोस्ट शेयर करने का प्रयास हमेशा करते रहें दक्षिण दिशा में टी-पॉइंट T-point या वीधी शूल वाला प्लॉट वास्तु के अनुसार आमतौर पर मिश्रित या अशुभ माना जाता है, क्योंकि यहां से नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सीधा घर में प्रवेश करता है। विशेष रूप से दक्षिण-पश्चिम (SW) दिशा का टी-पॉइंट स्वास्थ्य (लीवर, किडनी) और धन की हानि कर्ज की स्थिति के लिए बहुत हानिकारक माना जाता है। दक्षिण दिशा के टी-पॉइंट प्लॉट के लिए वास्तु उपाय: प्रवेश द्वार: मुख्य द्वार T बिंदु के बिल्कुल सामने नहीं होना चाहिए सकारात्मक ऊर्जा: दक्षिण की दीवार को मजबूत बनाएं, उस पर भारी निर्माण करें, और वहां पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर या अभिमंत्रित सुरक्षा यंत्र लगाएं। निर्माण: प्लॉट में निर्माण दक्षिण-पश्चिम में भारी और उत्तर-पूर्व में हल्का होना चाहिए। सड़क से सुरक्षा: घर के मुख्य द्वार के सामने एक ऊंची और मजबूत दीवार या बाधा boundary बनाएं, जो सीधे सड़क को न देखे। वैकल्पिक उपाय: वास्तु विशेषज्ञ की सलाह से अभिमंत्रित अष्टधातु के ट्रिपल लेयर पिरामिड, क्रिस्टल या वेधी शूल के दोष को कम करने वाले यंत्र लगाएं। यद्यपि दक्षिण-पूर्व का टी-पॉइंट कुछ स्थितियों में संतुलित किया जा सकता है, फिर भी दक्षिण-पश्चिम में टी-पॉइंट सबसे हानिकारक माना जाता है। यदि ऐसी स्थिति बन रही है तो अनुभव भी वस्तु विशेषज्ञ की सलाह से अभिमंत्रित यंत्रों की रेमेडीज अवश्य अपनानी चाहिए जिससे वास्तु दोष को कुछ हद तक काम किया जा सकता है मित्रों यदि आपको भी लगता है कि हमारे घर दुकान फैक्ट्री या ऑफिस में भी वास्तु दोष हो सकता है तो आप वहां का नक्शा हमारे व्हाट्सएप पर भेज कर मात्र ₹500 मैप रीडिंग चार्ज में संपूर्ण वास्तु की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और साथ ही यदि कुछ वास्तु दोष पाया जाता है तो बिना तोड़फोड़ 100% सफल अभिमंत्रित यंत्रों की रेमेडीज की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं और अधिक जानकारी के लिए आप हमें मोबाइल या व्हाट्सएप पर संपर्क कर सकते हैं Mobile aur WhatsApp number 9257323913 #🙏 माँ वैष्णो देवी #🔯वास्तु दोष उपाय #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #📝गणपति भक्ति स्टेटस🌺
🙏 माँ वैष्णो देवी - vastu tips N दक्षिण-पश्चिम (SW) खतराः यदि टी-पॉइंट दक्षिण ्पश्चिम दिशा में है, तो E লিব W यह स्वास्थ्य के T-POINT हानिकारक है। दक्षिण पूर्व में है तो कोर्ट-कचहरी के विवाद $ करा सकता है। वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शर्मा जी ९२५७३२३९१3 vastu tips N दक्षिण-पश्चिम (SW) खतराः यदि टी-पॉइंट दक्षिण ्पश्चिम दिशा में है, तो E লিব W यह स्वास्थ्य के T-POINT हानिकारक है। दक्षिण पूर्व में है तो कोर्ट-कचहरी के विवाद $ करा सकता है। वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शर्मा जी ९२५७३२३९१3 - ShareChat
#vastu_tips #यदि_हमारा_रसोई_घर_सही_दिशा_में_नहीं_है_तो_हमें_घर_में_बहुत_सी_समस्याओं_का_सामना_करना_पड़ता_है #जानिए_आदर्श_रसोई_का_वास्तु By Pandit Mohandas Sharma 9257323913 जय श्री राम मित्रों हमारे द्वारा प्रस्तुत वस्तु से संबंधित जानकारी यदि आपको अच्छी लगे तो आप हमें फॉलो कीजिए लाइक शेयर और कमेंट जरुर कीजिए जिससे हमारा मनोबल बड़े और अच्छी सच्ची और ज्ञानवर्धक पोस्ट हम आपके लिए हमेशा करते रहे नमस्कार मित्रों हमारे घर में रसोई एक ऐसी जगह है जहां प्रकृति के 5 तत्वों में से एक, आग रहती है। इस तत्व के लाभों को प्राप्त करने के लिए सही रसोई वास्तु प्लेसमेंट का अत्यधिक महत्व है, अन्यथा, रसोई दुर्घटनाओं से ग्रस्त हो सकती है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, रसोईघर के लिए आदर्श स्थान घर का दक्षिण-पूर्व कोना होता है. यह दिशा अग्नि से जुड़ी है और प्रचुरता और जीवन शक्ति का प्रतीक है. रसोईघर से जुड़े कुछ और वास्तु टिप्स ये रहे: * रसोई में काले, नीले, और ग्रे रंग का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. * रसोई में पीने का पानी, आरओ वगैरह उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए. * सिंक को उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा में बनाना चाहिए. * इलेक्ट्रिक उपकरणों को दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए. * रसोई में जल और अग्नि को एक सीधी रेखा में नहीं रखना चाहिए. * रसोई में अनाज और अन्य चीज़ों का भंडारण उत्तर-पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम क्षेत्रों में करना अच्छा माना जाता है. * रसोई में कचरे के डिब्बे को घर के उत्तर-पश्चिम कोने में रखना चाहिए. * रसोई के लिए आदर्श रंग पीला, नारंगी, गुलाबी और चॉकलेट हैं. * रसोई में स्टील या लोहे के बर्तन के बजाय पीतल, तांबे, कांसे और चांदी के बर्तन होना चाहिए वास्तु के अनुसार रसोई बनाने का महत्व घर में पूजा कक्ष के बाद रसोई को सबसे पवित्र कमरा माना जाता है क्योंकि पोषण और भोजन की देवी मां अन्नपूर्णा यहीं निवास करती हैं। रसोई वह जगह है जहां हम अपना दैनिक भोजन तैयार करते हैं, वह भोजन जो हमें अपने दैनिक कार्यों को पूरा करने के लिए ऊर्जा देता है, हमारी भूख की बुनियादी जरूरत को पूरा करता है और हमें स्वस्थ और फिट रखता है। उचित रसोई वास्तु प्लेसमेंट बीमारियों को आमंत्रित करने वाली नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर रखकर सकारात्मक माहौल के साथ एक स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करता है। वास्तु के अनुसार न बनाई गई रसोई वित्तीय बोझ, बीमारियों, पारिवारिक विवादों आदि को आमंत्रित करती हुई पाई गई है। रसोई का स्थान: रसोई वास्तु टिप्स के अनुसार, घर की दक्षिण-पूर्व दिशा अग्नि तत्व का क्षेत्र है, इसलिए, रसोई बनाने के लिए वह सबसे अच्छी जगह है। रसोई के लिए आदर्श वास्तु दिशा उत्तर-पश्चिम दिशा है। रसोई के स्थान के लिए उत्तर, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम दिशाओं से बचना चाहिए क्योंकि वास्तु के अनुसार इन्हें रसोई की दिशा के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है। बाथरूम और किचन को एक साथ रखने से बचना चाहिए क्योंकि यह वास्तु दोष माना जाता है। प्रवेश द्वार : उपयुक्त रसोई वास्तु टिप्स सुझाव देते हैं कि प्रवेश द्वार पश्चिम या उत्तर दिशा में हो। रसोई के प्रवेश द्वार के लिए यह सबसे शुभ दिशा मानी जाती है। यदि ये दिशाएं उपलब्ध न हों तो दक्षिण-पूर्वी दिशा का भी उपयोग किया जा सकता है। गैस - चूल्हा : रसोई के लिए वास्तु टिप्स सुझाव देते हैं कि गैस स्टोव को रसोई के दक्षिण-पूर्व दिशा में रखा जाना चाहिए। गैस चूल्हा इस प्रकार रखना चाहिए कि खाना बनाते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर हो। दरवाजे और खिड़कियां : आदर्श रूप से रसोईघर में प्रवेश के लिए केवल एक ही दिशा होनी चाहिए और एक-दूसरे के विपरीत दो दरवाजे कभी नहीं बनाने चाहिए। यदि दो दरवाजे हैं तो उत्तर या पश्चिम की ओर वाले दरवाजे को खुला रखना चाहिए और विपरीत दिशा वाले दरवाजे को बंद रखना चाहिए। सही रसोई वास्तु के अनुसार, रसोई का दरवाजा दक्षिणावर्त दिशा में खुलना चाहिए ताकि समृद्धि को आमंत्रित किया जा सके। एन्टीक्लॉकवाइज दिशा में दरवाजा धीमी प्रगति और विलंबित परिणाम लाता है। खिड़की का होना बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को सुविधाजनक बनाती है और साथ ही रसोई में पर्याप्त वेंटिलेशन और रोशनी की अनुमति देती है। खिड़कियाँ रसोईघर के पूर्वी या दक्षिणी हिस्से में रखनी चाहिए ताकि सूर्य और हवा की किरणें आसानी से प्रवेश कर सकें। यदि रसोई में दो खिड़कियां हैं, तो क्रॉस वेंटिलेशन की सुविधा के लिए छोटी खिड़की बड़ी खिड़की के सामने होनी चाहिए। रसोई स्लैब: रसोई के लिए वास्तु शास्त्र सुझाव देता है कि स्लैब ग्रेनाइट के बजाय काले संगमरमर या पत्थर से बना होना चाहिए। किचन स्लैब का रंग किचन की दिशा पर भी निर्भर करता है। यदि रसोईघर पूर्व दिशा में हो तो हरे या भूरे रंग का स्लैब सर्वोत्तम होता है। यदि रसोईघर उत्तर-पूर्व में है तो पीला स्लैब आदर्श है। दक्षिण या दक्षिण-पूर्व दिशा में रसोई के लिए, रसोई वास्तु द्वारा भूरे, मैरून या हरे रंग की स्लैब की सिफारिश की जाती है। यदि रसोईघर पश्चिम दिशा में है तो भूरे या पीले रंग का स्लैब आदर्श है। उत्तर दिशा में रसोई के लिए, स्लैब हरे रंग का होना चाहिए, लेकिन वास्तु उत्तर दिशा में रसोई रखने से बचने की सलाह देता है। रसोई सिंक: आदर्श रूप से, रसोई सिंक को उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखा जाना चाहिए। सुनिश्चित करें कि सिंक को स्टोव के समानांतर या एक ही दिशा में नहीं रखा गया है क्योंकि, वास्तु के अनुसार, आग और पानी के तत्व एक-दूसरे का विरोध करते हैं और यदि एक साथ रखा जाता है तो नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हानिकारक प्रभावों को नकारने के लिए, रसोई वास्तु युक्तियों का सुझाव है कि सिंक और स्टोव के बीच एक बोन चाइना फूलदान रखें यदि एक साथ बनाया गया हो। पीने का पानी: पीने के पानी और बर्तनों के लिए उपकरणों को भी रसोई के अंदर रखा जाना चाहिए जैसा कि उचित रसोई वास्तु द्वारा सुझाया गया है। रसोई वास्तु युक्तियों द्वारा पीने के पानी के स्रोतों को रखने के लिए घर के उत्तर-पूर्व या उत्तर कोने की सिफारिश की जाती है। यदि उत्तर और उत्तर-पूर्व उपलब्ध नहीं हैं तो उन्हें पूर्व कोने में भी रखा जा सकता है। रसोई उपकरण : रसोई वास्तु टिप्स रेफ्रिजरेटर को या तो रसोई के दक्षिण-पश्चिम कोने में या किसी एक कोने में रखने का सुझाव देते हैं, लेकिन कभी भी उत्तर-पूर्व कोने में नहीं रखें। वास्तु के अनुसार रसोई कभी भी अव्यवस्थित नहीं होनी चाहिए, इसलिए सभी बर्तनों को रसोई के दक्षिण या पश्चिम कोने में एक अलमारी में व्यवस्थित ढंग से व्यवस्थित करें। रसोई के सभी बिजली के उपकरणों को आग्नेय कोण में रखना चाहिए और ईशान कोण में नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे इन उपकरणों में खराबी आ जाती है। किचन का रंग: किचन वास्तु टिप्स रसोई के लिए हल्के रंगों की सलाह देते हैं। वास्तु के अनुसार रसोई के रंग के रूप में लाल, हल्का गुलाबी, नारंगी और हरा जैसे रंगों का भी उपयोग किया जा सकता है। गहरे रंगों का प्रयोग करने से बचें क्योंकि ये रसोई और उसके वातावरण को अंधकारमय बनाते हैं। मित्रों यदि आपको लगता है कि हमारे घर में भी वास्तु दोष हो सकता है तो आप अपने घर का नक्शाहमारे व्हाट्सएप पर भेज कर मात्र ₹500 मैप रीडिंग चार्ज में संपूर्ण घर के वस्तु की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और साथ ही यदि कुछ वास्तु दोष पाया जाता है तो बिना तोड़फोड़ अभिमंत्रित यंत्रों की जानकारी #🔯वास्तु दोष उपाय #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🙏 माँ वैष्णो देवी भी प्राप्त कर सकते हैंमित्रों यदि आप नया घर बनाने की सोच रहे हैं और वास्तु के अनुसार नक्शा बनवाना है तो आप हमारे यहां संपर्क कर सकते हैं और अधिक जानकारी के लिए आप हमें मोबाइल या व्हाट्सएप पर संपर्क कर सकते हैं मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर 9257323913
🔯वास्तु दोष उपाय - आदर्श रसोई का वास्तु ய EAST 4 खिडकी 1 9] = 0 ٤٥ pandit sharma ji 9 కర్ణే & 9257323913 چ ஸ # 5 0 2 3 LS3M रसोई घर के दक्षिण पूर्व वास्तु शास्त्र के अनुसार, आदर्श (आग्नेय कोण) में होनी चाहिए, क्योंकि यह अग्नि का स्थान है। यदि यह संभव न हो, तो वायव्य कोण में भी रख সব্ধনী ৯ आदर्श रसोई का वास्तु ய EAST 4 खिडकी 1 9] = 0 ٤٥ pandit sharma ji 9 కర్ణే & 9257323913 چ ஸ # 5 0 2 3 LS3M रसोई घर के दक्षिण पूर्व वास्तु शास्त्र के अनुसार, आदर्श (आग्नेय कोण) में होनी चाहिए, क्योंकि यह अग्नि का स्थान है। यदि यह संभव न हो, तो वायव्य कोण में भी रख সব্ধনী ৯ - ShareChat
Jai shree Ram 🌷🌷🌷 #🔯वास्तु दोष उपाय #🙏 माँ वैष्णो देवी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🙏🏻गुरबानी #🙏शाम की आरती🪔
🔯वास्तु दोष उपाय - vastu tips यदि आपका भवन पूर्व मुखी है तो पूर्व मध्य अथवा ईशान कोण में मुख्य द्वार बनाओ धन स्वास्थ्य एवं प्रतिष्ठा मिलेगी पूर्व अग्नि कोण का से बहुत दरवाजा वास्तु की दृष्टि अशुभ होता है पैसे की बर्बादी स्वास्थ्य खासकर महिलाओं का स्वास्थ्य खराब रिश्ते खराब सब कुछ बर्बाद कर देता है यदि किसी कारणवश अग्नि कोण द्वार बनाना ही पडे़े तो में मुख्य अनुभव भी वस्तु विशेषज्ञ की सलाह से अभिमंत्रित यंत्रों की रेमेडीज जरूर अपनाएं WhatsApp or call 9257323913 वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शर्मा जी vastu tips यदि आपका भवन पूर्व मुखी है तो पूर्व मध्य अथवा ईशान कोण में मुख्य द्वार बनाओ धन स्वास्थ्य एवं प्रतिष्ठा मिलेगी पूर्व अग्नि कोण का से बहुत दरवाजा वास्तु की दृष्टि अशुभ होता है पैसे की बर्बादी स्वास्थ्य खासकर महिलाओं का स्वास्थ्य खराब रिश्ते खराब सब कुछ बर्बाद कर देता है यदि किसी कारणवश अग्नि कोण द्वार बनाना ही पडे़े तो में मुख्य अनुभव भी वस्तु विशेषज्ञ की सलाह से अभिमंत्रित यंत्रों की रेमेडीज जरूर अपनाएं WhatsApp or call 9257323913 वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शर्मा जी - ShareChat
जय मां कामाख्या देवी #🙏🏻गुरबानी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🙏 माँ वैष्णो देवी #🔯वास्तु दोष उपाय
🙏🏻गुरबानी - गर्भगृह दर्शन कामाख्या देवी मंदिर आज अनदेखा मत करना जय मां कामाख्या 0 गर्भगृह दर्शन कामाख्या देवी मंदिर आज अनदेखा मत करना जय मां कामाख्या 0 - ShareChat
#vastu_tips #दक्षिण_मुखी_घर_भी_बहुत_शुभ_होते_हैं_यदि_वस्तु_के_अनुसार_सही_बने_हुए_हो_तो #और_यदि_वस्तु_सही_नहीं_है_तो_अभिमंत्रित_यंत्रों_की_रेमेडीज_सेसही_किया_जा_सकता_है By Pandit Mohandas Sharma 092573 23913 नमस्कार मित्रों जय श्री राम मित्रों वस्तु से संबंधित हमारे द्वारा प्रस्तुत जानकारी यदि आपको अच्छी लगे तो हमें फॉलो कीजिए लाइक शेयर और कमेंट जरुर कीजिए जिससे हमारा मनोबल बढ़ता रहे और हम और भी सच्ची और अच्छी पोस्ट आपके लिए हमेशा प्रस्तुत करते रहें मित्रों यदि आपका घर दक्षिण मुखी है तो किसी प्रकार से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि दक्षिण मुखी घर भी वस्तु की दृष्टि में बहुत शुभ फल देने वाले होते हैं यदि वस्तु के अनुसार निर्माण सही हो तो और यदि वास्तु के अनुसार निर्माण सही नहीं किया गया है तो भी आप अभिमंत्रित यंत्रों की रेमेडीज अपना कर हर वास्तु दोष से छुटकारा पा सकते हैं मित्रों दक्षिण मुखी घर (South-facing house) वास्तु अनुसार अशुभ नहीं, बल्कि सही निर्माण होने पर अत्यंत समृद्ध, सुखद और करियर में उन्नति देने वाला माना जाता है। मुख्य द्वार को दक्षिण-मध्य या S 3 S 4 दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना चाहिए, दक्षिण-पश्चिम (SW) कोने से बचना चाहिए। रसोई के लिए दक्षिण-पूर्व और मास्टर बेडरूम के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा सर्वोत्तम है। दक्षिण मुखी घर के लिए प्रमुख वास्तु नियम: मुख्य द्वार (Main Door): मुख्य द्वार दक्षिण दिशा के मध्य या दक्षिण-पूर्व S 3 S 4 (आग्नेय) हिस्से में होना चाहिए। दक्षिण-पश्चिम कोने (नैऋत्य) में दरवाजा होना सबसे बड़ा वास्तु दोष है। रसोईघर (Kitchen): रसोई घर दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण) में होना चाहिए। खाना बनाते समय मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। मास्टर बेडरूम (Master Bedroom): घर का मुख्य शयनकक्ष दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) कोने में होना चाहिए। यह स्थिरता लाता है। पूजा कक्ष और बैठक: पूजा कक्ष को उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में बनाना सबसे अच्छा है। जल तत्व (Water Elements): दक्षिण-पश्चिम या दक्षिण दिशा में पानी का टैंक, स्विमिंग पूल या सेप्टिक टैंक नहीं होना चाहिए। उत्तर-पूर्व में पानी की व्यवस्था की जा सकती है। घर का ढलान: घर का ढलान उत्तर से दक्षिण की ओर नहीं, बल्कि दक्षिण से उत्तर या पूर्व की ओर होना चाहिए। उपाए: यदि मुख्य द्वार गलत दिशा में है, तो आप अनुभवी वास्तु विशेषज्ञ की सलाह से अभिमंत्रित अष्टधातुका वास्तु पिरामिड, ॐ, त्रिशूल या स्वस्तिक चिन्हों का उपयोग कर सकते हैं। जिससे वास्तु दोष से काफी हद तक आराम मिलता है दक्षिण-पश्चिम दिशा में भारी निर्माण: दक्षिण दिशा में भारी निर्माण या ऊंची दीवारें बनाना सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। यदि आपको लगता है कि हमारे भी घर में वास्तु दोष हो सकता है तो आप वहां का नक्शा हमारे व्हाट्सएप पर भेज कर मात्र ₹500 मैप रीडिंग चार्ज में संपूर्ण वास्तु की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और साथ ही यदि कुछ वास्तु दोष पाया जाता है तो अभिमंत्रित यंत्रों की रेमेडीज की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं और अधिक जानकारी के लिए आप हमें मोबाइल या व्हाट्सएप पर संपर्क कर सकते हैं Mobile aur WhatsApp number 9257323913 #🙏 माँ वैष्णो देवी #🔯वास्तु दोष उपाय #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🙏🏻गुरबानी
🙏 माँ वैष्णो देवी - -[ ईशान  01   13 4 19 143 7 '16 4ual   रशर्ख 12 25 n 32 4 17 /ರ 17 tips  మ vastu "Fa 5' 6 -00 {ಭ  14 20 .6 43 12 ಭ7ರ মনিব 9 16 15 0 88 $7 5 51 2 Fla दक्षिण दिशा में घर का मुख्य द्वार वास्तृ के अनुसार, दक्षिण दिशा की दीवार के दाहिनी ओर (पूर्व की ओर) होना चाहिए, विशेषकर तीसरे या चौथे पद पर. यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने और घर में शांति और समृद्धि लाने में मदद करता है घर से बीमारियां दूर रहती है वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शर्मा जी 9२५७३२३913 -[ ईशान  01   13 4 19 143 7 '16 4ual   रशर्ख 12 25 n 32 4 17 /ರ 17 tips  మ vastu "Fa 5' 6 -00 {ಭ  14 20 .6 43 12 ಭ7ರ মনিব 9 16 15 0 88 $7 5 51 2 Fla दक्षिण दिशा में घर का मुख्य द्वार वास्तृ के अनुसार, दक्षिण दिशा की दीवार के दाहिनी ओर (पूर्व की ओर) होना चाहिए, विशेषकर तीसरे या चौथे पद पर. यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने और घर में शांति और समृद्धि लाने में मदद करता है घर से बीमारियां दूर रहती है वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शर्मा जी 9२५७३२३913 - ShareChat
Jai shree Ram 🌷🌷🌷 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯वास्तु दोष उपाय #🙏 माँ वैष्णो देवी
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - vastu tips घर में सीढ़ियों का वास्तु घर बनाते या घर खरीदते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि घर की सीढ़ियां कभी भी पूर्व (N E) मैं नहीं होनी चाहिए इस उत्तर वास्तु दोष के कारण पैसे की कमी कर्ज और वंश वर्दी पर असर होता है २ सीढ़ियों को घर के दक्षिण _ पश्चिम (S W) मैं बनवाने से ग्रह स्वामी की खूब तरक्की  होती है क्योंकि मत्स्य महापुराण अनुसार यह दिशा ऊंची व भारी होनी चाहिए जिससे ग्रह स्वामी की सभी इच्छाएं होती है ؟ ३ गोलाकार की सीढ़ियां घर ೩೩T ತನ करती है पूरा परिवार टूट कर बिखर जाता है पन्चकसीहहे तोहयर्वा्द्ूत ४ सीढ़ियां यदि ब्रह्म बड़ा वास्तु दोष उत्पन्न करती हैं गृह को सभी सुख से वंचित करती है WhatsApp or call 9257323913 वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शर्मा जी vastu tips घर में सीढ़ियों का वास्तु घर बनाते या घर खरीदते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि घर की सीढ़ियां कभी भी पूर्व (N E) मैं नहीं होनी चाहिए इस उत्तर वास्तु दोष के कारण पैसे की कमी कर्ज और वंश वर्दी पर असर होता है २ सीढ़ियों को घर के दक्षिण _ पश्चिम (S W) मैं बनवाने से ग्रह स्वामी की खूब तरक्की  होती है क्योंकि मत्स्य महापुराण अनुसार यह दिशा ऊंची व भारी होनी चाहिए जिससे ग्रह स्वामी की सभी इच्छाएं होती है ؟ ३ गोलाकार की सीढ़ियां घर ೩೩T ತನ करती है पूरा परिवार टूट कर बिखर जाता है पन्चकसीहहे तोहयर्वा्द्ूत ४ सीढ़ियां यदि ब्रह्म बड़ा वास्तु दोष उत्पन्न करती हैं गृह को सभी सुख से वंचित करती है WhatsApp or call 9257323913 वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शर्मा जी - ShareChat
#🙏 माँ वैष्णो देवी #🔯वास्तु दोष उपाय #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
🙏 माँ वैष्णो देवी - vastu tips यदि भवन के दक्षिण _ पश्चिम (S W ) में गड्ढा हो तो यह अकाल घटना का संकेत है इसके साथ ही उत्तर_ पूर्व (N E ) मैं दक्षिण _ पश्चिम से ऊंचा निर्माण है या बंद है तो व्यक्ति सही निर्णय नहीं ले पाता है दिमाग काम नहीं करता है क्योंकि एक गंभीर 15= दोष के साथ पर घर में दूसरा दोष मिल ऊर्जा का प्रभाव नकारात्मक अत्यधिक बढ़ जाता है यदि इस प्रकार की समस्या आ रही है तो किसी अनुभवी वास्तु विशेषज्ञ की सलाह से अभिमंत्रित यंत्रों की रेमेडीज अवश्य कीजिए WhatsApp or call 9257323913 वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शर्मा जी vastu tips यदि भवन के दक्षिण _ पश्चिम (S W ) में गड्ढा हो तो यह अकाल घटना का संकेत है इसके साथ ही उत्तर_ पूर्व (N E ) मैं दक्षिण _ पश्चिम से ऊंचा निर्माण है या बंद है तो व्यक्ति सही निर्णय नहीं ले पाता है दिमाग काम नहीं करता है क्योंकि एक गंभीर 15= दोष के साथ पर घर में दूसरा दोष मिल ऊर्जा का प्रभाव नकारात्मक अत्यधिक बढ़ जाता है यदि इस प्रकार की समस्या आ रही है तो किसी अनुभवी वास्तु विशेषज्ञ की सलाह से अभिमंत्रित यंत्रों की रेमेडीज अवश्य कीजिए WhatsApp or call 9257323913 वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शर्मा जी - ShareChat
#vastu_tips #पूर्व_मुखी_भवन_टी_पॉइंट_पर_हो_और_उत्तर_दिशा_की_तरफ_भी_रोड_हो_तो_बहुत_बड़ा_वास्तु_दोष_उत्पन्न_होता_है By Pandit Mohandas Sharma 9257323913 नमस्कार मित्रों जय श्री राम मित्रों यदि हमारे द्वारा प्रस्तुत वस्तु से संबंधित जानकारी आपको अच्छी लगे तो हमें फॉलो कीजिए #🔯वास्तु दोष उपाय #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🙏 माँ वैष्णो देवी लाइक शेयर और कमेंट जरुर कीजिए जिससे हमारा मनोबल बड़े और हमारा प्रयास हमेशा यही रहता है कि हम आपके लिए अच्छी और सच्ची पोस्ट शेयर करते रहें मित्रों हमारे भवन के पूर्व दिशा में यदि टी पॉइंट आता है तो यह कभी कबार शुभ फल भी देता है पर साथ ही यदि उत्तर दिशा की तरफ भी रोड है तो यह बहुत बड़ा वास्तु दोष उत्पन्न करता है जो कि हमने बहुत बार प्रत्यक्ष रूप से भी महसूस किया है और देखा है मित्रों यदि इस प्रकार के प्लाट में हम मकान निर्मित करते हैं और कुछ वस्तु की रेमेडीज नहीं करते हैं तो समस्याएं जैसे कि घर के सदस्यों को ला इलाज बीमारियां और घर के मुखिया की मृत्यु का कारण भी बनता है यदि इस प्रकार का प्लॉट है और उसमें आप भवन निर्माण करना चाहते हैं तो सबसे पहले अच्छे वास्तु विशेषज्ञ की सलाह से अभिमंत्रित यंत्रों की रेमेडीज आवश्यक कीजिए और उसके बाद ही गृह निर्माण शुरू कीजिए
🔯वास्तु दोष उपाय - Rono  RoAD PaLNT ಊE ' mB13t' % बहुत से घरों का अध्ययन मित्रों प्रत्यक्ष रूप से हमने किया है पूर्व मुखी प्लॉट में पूर्व दिशा में टी पॉइंट और साथ ही उत्तर दिशा में भी रोड ऐसे प्लॉट वास्तु की दृष्टि से बहुत ही अशुभ होते हैं ऐसे घर में निवास करने वालों को ला इलाज बीमारियां घेर लेती है और साथ ही गृह स्वामी की मृत्यु का कारण भी बनता है Rono  RoAD PaLNT ಊE ' mB13t' % बहुत से घरों का अध्ययन मित्रों प्रत्यक्ष रूप से हमने किया है पूर्व मुखी प्लॉट में पूर्व दिशा में टी पॉइंट और साथ ही उत्तर दिशा में भी रोड ऐसे प्लॉट वास्तु की दृष्टि से बहुत ही अशुभ होते हैं ऐसे घर में निवास करने वालों को ला इलाज बीमारियां घेर लेती है और साथ ही गृह स्वामी की मृत्यु का कारण भी बनता है - ShareChat