#@@@ कबीर ,पत्थर पूजे हरि मिले तो मैं पूजू पहाड़।
तातै तो चक्की भली पीस का खाए संसार।
यदि पत्थर की मूर्ति पूजने से ईश्वर मिलते, तो मैं पहाड़ की पूजा कर लेता, लेकिन उससे बेहतर वह चक्की है, जो अनाज पीसकर संसार का पेट भरती है। 💯✅🎯
#@@@#सत_ भक्ति _संदेश
⭐💫गुरु की असीम महिमा और उनके प्रति समर्पण को दर्शाता है। इसका अर्थ है कि मैं अपने गुरु पर हर पल (घड़ी-घड़ी) सौ-सौ बार न्योछावर होता हूँ, क्योंकि उन्होंने मुझे साधारण मनुष्य से देवता (दिव्य ज्ञान प्राप्त आत्मा) बनाने में तनिक भी देर नहीं की।🎯🎯