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#@@@ कबीर ,पत्थर पूजे हरि मिले तो मैं पूजू पहाड़। तातै तो चक्की भली पीस का खाए संसार। यदि पत्थर की मूर्ति पूजने से ईश्वर मिलते, तो मैं पहाड़ की पूजा कर लेता, लेकिन उससे बेहतर वह चक्की है, जो अनाज पीसकर संसार का पेट भरती है। 💯✅🎯
@@@ - कबोरेपरमात्मा _ वाणी कबर पत्थर पूजे हरि मिले , तो मै पूजूं पहाइ| भली గెIగే ' चक्की पीस खाये संसार । | Callus 749680/825  Sani Rampal Ji Maharaj Jagat GuruRampalJiorg कबोरेपरमात्मा _ वाणी कबर पत्थर पूजे हरि मिले , तो मै पूजूं पहाइ| भली గెIగే ' चक्की पीस खाये संसार । | Callus 749680/825  Sani Rampal Ji Maharaj Jagat GuruRampalJiorg - ShareChat
#@@@ ⭐💫 विश्व शांति सम्मेलन समारोह ⭐💫
@@@ - ন ঔবানক নিংন गुरूजी लिए 3 दिन  शाति 31a9T अखण्ड पाठ Gp নিয়া 1,2,3, মন্ত্রঃঃঃ न्परमेश्वर कबीर साहेवजीर मतलब 2 माह में  a78 बडा ये दुनिया अनजान है धरती पर भगवान हे সমাযাসয रमणाल ন ঔবানক নিংন गुरूजी लिए 3 दिन  शाति 31a9T अखण्ड पाठ Gp নিয়া 1,2,3, মন্ত্রঃঃঃ न्परमेश्वर कबीर साहेवजीर मतलब 2 माह में  a78 बडा ये दुनिया अनजान है धरती पर भगवान हे সমাযাসয रमणाल - ShareChat
#@@@ #सत_ भक्ति _संदेश ⭐💫गुरु की असीम महिमा और उनके प्रति समर्पण को दर्शाता है। इसका अर्थ है कि मैं अपने गुरु पर हर पल (घड़ी-घड़ी) सौ-सौ बार न्योछावर होता हूँ, क्योंकि उन्होंने मुझे साधारण मनुष्य से देवता (दिव्य ज्ञान प्राप्त आत्मा) बनाने में तनिक भी देर नहीं की।🎯🎯
@@@ - कबीर , बलिहारी गुरू आपने , घड़ी घड़ी सौ-सौ बार मानुष से देवता किया, करत न लागी वार। । महानता इतनी बड़ी है कि उनकी गुरुकी प्रशंसा बार -बार करनी चाहिए। गुरु वह है जो साधारण इंसान को अपने ज्ञान और शिक्षा से देवता के समान बना देता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ww .Jagdlgururampalji.org Saflok Ashram Indore Safloklndore कबीर , बलिहारी गुरू आपने , घड़ी घड़ी सौ-सौ बार मानुष से देवता किया, करत न लागी वार। । महानता इतनी बड़ी है कि उनकी गुरुकी प्रशंसा बार -बार करनी चाहिए। गुरु वह है जो साधारण इंसान को अपने ज्ञान और शिक्षा से देवता के समान बना देता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ww .Jagdlgururampalji.org Saflok Ashram Indore Safloklndore - ShareChat
#@@@ #सत_ भक्ति _संदेश
@@@ - गीता अध्याय १८ श्ल्ोक ६२:- {इस श्लोक में गीता ज्ञान दाता ने अर्जुन को अपने से अन्य परमेश्वर की शरण में सर्व भाव से जाने के लिए कहा है। } हे भारत! तू सब प्रकार से उस परमेश्वर की शरण में जा। उस परमात्मा की कृपा से (ही तू) शांति को (तथा) सनातन परम धाम यानि பH सत्यलोक (अमर स्थान) को प्राप्त होगा| जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी गीता अध्याय १८ श्लोक ६२ शरणं तमव सर्वभावेन TTd / तत्प्सादान्परा शान्ति स्थान प्राप्स्यसि शाश्वतम् ।। ६२१l सर्वभायेन  तम  एव शरणम भारत य तत्प्रसादात , पराम , शान्तिम , स्थानम, प्राप्यसि शारवतम् । ६२ ।  इसलिये  हे भारत! () भारत रस पामात्माकी  নন্সমানরান  सर्यभावेन  ಞ೯7;1 (ಗ೪ सव प्रकारस  ठस परमश्र्वरकी  पराम शान्तिम शान्तिको ( तया ) पाप्रवनम  सनातन शरणमे  गाणम Lnaal 7 प्राप्स्यसि চাগা [  ~L निःशुल्क पुस्तक पायें App Download the Official n SANT RAMTAL Ji MAHARAI गीता तेरा ज्ञान अमृत +917496801825 Googsfay SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALIIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI 0೦ MAHARA गीता अध्याय १८ श्ल्ोक ६२:- {इस श्लोक में गीता ज्ञान दाता ने अर्जुन को अपने से अन्य परमेश्वर की शरण में सर्व भाव से जाने के लिए कहा है। } हे भारत! तू सब प्रकार से उस परमेश्वर की शरण में जा। उस परमात्मा की कृपा से (ही तू) शांति को (तथा) सनातन परम धाम यानि பH सत्यलोक (अमर स्थान) को प्राप्त होगा| जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी गीता अध्याय १८ श्लोक ६२ शरणं तमव सर्वभावेन TTd / तत्प्सादान्परा शान्ति स्थान प्राप्स्यसि शाश्वतम् ।। ६२१l सर्वभायेन  तम  एव शरणम भारत य तत्प्रसादात , पराम , शान्तिम , स्थानम, प्राप्यसि शारवतम् । ६२ ।  इसलिये  हे भारत! () भारत रस पामात्माकी  নন্সমানরান  सर्यभावेन  ಞ೯7;1 (ಗ೪ सव प्रकारस  ठस परमश्र्वरकी  पराम शान्तिम शान्तिको ( तया ) पाप्रवनम  सनातन शरणमे  गाणम Lnaal 7 प्राप्स्यसि চাগা [  ~L निःशुल्क पुस्तक पायें App Download the Official n SANT RAMTAL Ji MAHARAI गीता तेरा ज्ञान अमृत +917496801825 Googsfay SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALIIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI 0೦ MAHARA - ShareChat
#@@@ परमात्मा और गुरु को एक मानना चाहिए तब सफलता मिलती है।⭐💫
@@@ - चतल 2 और गुरु परमात्मा को एक सानना चाहिए तब सफलता मिलती है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज @Safilok_Ashram @SatlokBetul_ Satlok Ashram Betul Betull चतल 2 और गुरु परमात्मा को एक सानना चाहिए तब सफलता मिलती है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज @Safilok_Ashram @SatlokBetul_ Satlok Ashram Betul Betull - ShareChat
#@@@ #सत_ भक्ति _संदेश
@@@ - संखों लहर मेहर की उपजें, कहर नहीं जहां कोई जहा ढास गरीब अचल अविनाशी, सुख का सागर सोई।। सतलोक शांति व सुख है। में केवल एक रस परम जब तक हम सतलोक नहीं जाएंगे तब तक हम शांति, सुख व अमृत्व को प्राप्त नहीं कर सकते। परम सतलोक में जाना तभी संभव है जब हम पूर्ण संत से उपदेश लेकर पूर्ण परमात्मा की आजीवन भक्ति करते रहें। संत रामपाल जी महाराज तत्वदर्शी ಈಗ೯ @Saflok_Ashram @SatlokBetul, Betul Saflok Ashram Betul संखों लहर मेहर की उपजें, कहर नहीं जहां कोई जहा ढास गरीब अचल अविनाशी, सुख का सागर सोई।। सतलोक शांति व सुख है। में केवल एक रस परम जब तक हम सतलोक नहीं जाएंगे तब तक हम शांति, सुख व अमृत्व को प्राप्त नहीं कर सकते। परम सतलोक में जाना तभी संभव है जब हम पूर्ण संत से उपदेश लेकर पूर्ण परमात्मा की आजीवन भक्ति करते रहें। संत रामपाल जी महाराज तत्वदर्शी ಈಗ೯ @Saflok_Ashram @SatlokBetul, Betul Saflok Ashram Betul - ShareChat
#@@@ भक्ति मार्ग में जरना आवश्यक है। जीव तभी मोक्ष प्राप्त कर सकता है। 💯✅
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00:52
#@@@ #सत_ भक्ति _संदेश
@@@ - ShareChat
00:23
#@@@ अन्नपूर्णा मुंहीम के अंतर्गत *कबीर सेठ के सुदामा का महल - ग्राम अमदर, बैतूल मध्यप्रदेश*
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00:43
#@@@ #सत_ भक्ति _संदेश
@@@ - यदि इस समय'भकति' करना कठिन है , तो इस लोक में चौरासी भोगना भी सरल नहीं है॰ यदि इस समय'भकति' करना कठिन है , तो इस लोक में चौरासी भोगना भी सरल नहीं है॰ - ShareChat