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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - XXXX मन राधे राधे करता है, राधे में  भी रूप तुम्हारा दिखता है तुम दोनों लगते एक ही जैसे रूप तुम्हारा इतना मिलता है !! तुम दोनों   ने दुनिया में प्यार अलग गाथा लिख दी कि एक यहां हर प्रेमी प्रेमिका नाम पे नाम अपना धरता हैं !! 35R अनिल सुधांशु XXXX मन राधे राधे करता है, राधे में  भी रूप तुम्हारा दिखता है तुम दोनों लगते एक ही जैसे रूप तुम्हारा इतना मिलता है !! तुम दोनों   ने दुनिया में प्यार अलग गाथा लिख दी कि एक यहां हर प्रेमी प्रेमिका नाम पे नाम अपना धरता हैं !! 35R अनिल सुधांशु - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - +*+ अनिल " अमन" बरेली 444 शोहरत " बिना मां बाप के किसी काम की ये ये दौलत नहीं ! वो घर- घर नहीं है देखिए जहां इनकी प्यारी मूरत नहीं !! माता- पिता किसी ईश्वर से कम नहीं यकीं मानों दोस्तों ! जिनके मां बाप जिंदा है उन्हें मंदिर जाने की जरूरत नहीं !! +*+ अनिल " अमन" बरेली 444 शोहरत " बिना मां बाप के किसी काम की ये ये दौलत नहीं ! वो घर- घर नहीं है देखिए जहां इनकी प्यारी मूरत नहीं !! माता- पिता किसी ईश्वर से कम नहीं यकीं मानों दोस्तों ! जिनके मां बाप जिंदा है उन्हें मंदिर जाने की जरूरत नहीं !! - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - तुम्हारे घर चांद तो कभी आफताब बनकर आऊंगा ! कभी गुल, गुलदस्ता कभी गुलाब बनकर आऊंगा !! तुम अपनी आंखें बंद करके बस मेरा इंतजार करना ! मैं   कभी हकीकत तो कभी ख्वाब बनकर आऊंगा !! more तुम्हारे घर चांद तो कभी आफताब बनकर आऊंगा ! कभी गुल, गुलदस्ता कभी गुलाब बनकर आऊंगा !! तुम अपनी आंखें बंद करके बस मेरा इंतजार करना ! मैं   कभी हकीकत तो कभी ख्वाब बनकर आऊंगा !! more - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - XXX मैं खुद हीअब खुद को बदलने चला हूं दोस्तों अ इन बेजा नफरतों को अब प्रेम में बदलने चला हूं !! अगर हो सके तो तुम अपने गले से लगा लो मुझे से मैं अब दोस्त बनकर मिलने चला हूं !! g9HTt अनिल अमन XXX मैं खुद हीअब खुद को बदलने चला हूं दोस्तों अ इन बेजा नफरतों को अब प्रेम में बदलने चला हूं !! अगर हो सके तो तुम अपने गले से लगा लो मुझे से मैं अब दोस्त बनकर मिलने चला हूं !! g9HTt अनिल अमन - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - XXX अपने हित में अब कई प्रस्ताव हमें पारित करने होंगे ! अ जीवन के कई लक्ष्य अब हमें निर्धारित करने होंगे !! गर दुनिया   में मिशाल से बेमिसाल बनना है तो हमें ! अपने दम पर हमें अपने इरादे साबित करने होंगे !! अनिल अमन XXX अपने हित में अब कई प्रस्ताव हमें पारित करने होंगे ! अ जीवन के कई लक्ष्य अब हमें निर्धारित करने होंगे !! गर दुनिया   में मिशाल से बेमिसाल बनना है तो हमें ! अपने दम पर हमें अपने इरादे साबित करने होंगे !! अनिल अमन - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - *xx* मैं जोश- ए- जज्बा बनकर हमेशा अंदर रहूंगा तुम्हारे अ थाह न मिलेगी किसी को मैं   वो समंदर बनकर रहूंगा !! कि, भूलकर भी  कोशिश मत सोचना  तुम मुझे గౌT विश्व विजेता सिकंदर हूं हमेशा   सिकंदर ही रहूंगा !! मैं ওনিল ওমন *xx* मैं जोश- ए- जज्बा बनकर हमेशा अंदर रहूंगा तुम्हारे अ थाह न मिलेगी किसी को मैं   वो समंदर बनकर रहूंगा !! कि, भूलकर भी  कोशिश मत सोचना  तुम मुझे గౌT विश्व विजेता सिकंदर हूं हमेशा   सिकंदर ही रहूंगा !! मैं ওনিল ওমন - ShareChat
*** दुनिया में माँ का प्यार,और माँ का दुलार देखिए ! अपनें बच्चों पर कुर्बान सारा संसार देखिए !! माँ की नजर देखिए मैं आज भी बच्चा हूँ ! नहीं। बदला जरा भी दोस्तों मां व्यावहार देखिए !! मेरे खातिर मां अब भी रातों को जागती रहती है ! आधी -आधी रात तक माँ का इन्तज़ार देखिए !! उसके सामने मुझे कोई बुरा नहीं कह सकता ! अब भी रहती है मेरे लिए लड़ने को तैयार देखिए !! वह जरा भी नहीं दिखती मैं बेचैन हो जाता हूँ ! उसके बिना सूना लगता है घर वहार देखिए !! सबकुछ लुटाकर भी बदले मे कुछ नहीं माँगती ! माँ जैसा नहीं कोई दुनिया में दिलदार देखिए !! मैं अपनी मां को जरा सा भी दुखी नहीं होने दूंगा ! हर बक्त रहता हूं मैं उसकी सेवा को तैयार देखिए !! देखते ही मैं अपने बड़ों के चरण छू लेता हूँ ! मेरी माँ ने दिए हैं "अमन " यह संस्कार देखिए !! अनिल "अमन " #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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#✡️ज्योतिष समाधान 🌟
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*** जब हम “हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे” का जाप करते हैं, तो यह केवल ध्वनि नहीं होती—यह आत्मा की पुकार होती है। शास्त्रों में कहा गया है कि, नाम और नामी (भगवान) में कोई भेद नहीं है। अर्थात जब आप “कृष्ण” कहते हैं, तो आप सीधे श्री कृष्ण को पुकारते हैं, और वे उसी क्षण आपकी ओर आकर्षित होते हैं। यह मंत्र ऐसा है जैसे: एक खोया हुआ बालक अपने पिता को पुकारे और पिता दौड़े चले आए यही कारण है कि, कलियुग में: न कठिन तप, न बड़े यज्ञ न कठोर व्रत, केवल नाम संकीर्तन ही भगवान को “रीझाने” का सबसे सरल और प्रभावशाली माध्यम है। रोचक आध्यात्मिक तथ्य: कहा जाता है कि, जब कोई भक्त सच्चे मन से महामंत्र जपता है, तो, भगवान केवल सुनते नहीं—वे उसके हृदय में प्रकट हो जाते हैं। २. “महाप्रभु ने दे दिया सीधा सरल विधान” जब संसार कर्मकांड, जाति-पाति और कठिन साधनाओं में उलझा हुआ था, तब श्री चैतन्य महाप्रभु ने एक क्रांति कर दी—भक्ति को सबके लिए सुलभ बना दिया। उन्होंने कहा:--- “ना धन चाहिए, ना ज्ञान चाहिए, केवल प्रेम से भगवान का नाम लो।” उनका मार्ग था: सरल, सहज, सर्वसुलभ 🌍 उन्होंने यह नहीं देखा कि कोई कौन है— राजा या भिखारी, पंडित या अनपढ़। हर किसी को एक ही मंत्र दिया:-- “हरि नाम लो, और भगवान से जुड़़ जाओ।” एक अद्भुत तथ्य:-- कहा जाता है कि जब महाप्रभु कीर्तन करते थे, तो केवल मनुष्य ही नहीं— पेड़, पशु, पक्षी तक “हरे कृष्ण” का संकीर्तन करने लगते थे। गहराई में छुपा दिव्य संदेश इन दोनों पंक्तियों का सार यह है कि: भगवान तक पहुंचने का मार्ग जटिल नहीं है, हमने ही उसे कठिन बना दिया है। सच्चाई यह है:-- भगवान को पाने के लिए योग्यता नहीं, भावना चाहिए ज्ञान नहीं, समर्पण चाहिए जब हृदय से “हरे कृष्ण” निकले,तो वह ध्वनि नहीं— सीधा भगवान के हृदय तक पहुंचने वाला प्रेम-संदेश बन जाती है। अंतिम भाव, जब भी जीवन में उलझन हो, शांति न मिले, या मन भटक जाए— बस एक बार सच्चे मन से कहें:-- “हरे कृष्ण हरे कृष्ण…” आप पाएंगे कि, जिस भगवान को पाने के लिए लोग जन्मों तक तप करते हैं,वह आपके एक नाम जप से ही आपके पास आ जाते हैं। श्री कृष्ण शरणम नमामि अनिल सुधांशु #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - "एक नाम. औरसीधे भगवान आपके पास GAgwrim8g8a" "एक नाम. औरसीधे भगवान आपके पास GAgwrim8g8a" - ShareChat
**** नियमित सूर्य अष्टम का पाठ करने से जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की और उन्नति होती है। * सरकारी नौकरी मिलने का आशीर्वाद या सरकार से फायदा मिलने का योग बनेगा। सूर्य अष्टकम का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में नवजीवन का संचार होता है। इस धरा धाम श्री सूर्य देव जी ही एक ऐसे देव हैं, जिनका दर्शन हम सभी को प्रतिदिन होता है। ज्योतिष के नवग्रह मंडल में सूर्य देव का स्थान सर्वोपरि है, सूर्य देव की नियमित साधना जीवन में चमत्कारिक रूप से लाभ पहुंचती है, जिन युवाओं को सरकारी नौकरी चाहिए या सरकार से संबंधित कार्य करने पड़ते हैं, ऐसे लोगों को नियमित रूप से सूर्य अष्टम का पाठ करना चाहिए। श्री सूर्य अष्टकम पढ़ने के फायदे:-- श्री सूर्य अष्टकम के पाठ से व्यक्ति के जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन देखने को मिलता है। लेकिन हम यहां पर आप सभी को बता दें कि, किसी भी देवी देवता की पूजा आराधना करने से व्यक्ति के जीवन में बदलाव या मनोवांछित लाभ तभी मिल पाता है, जब पूजा आराधना पूर्ण श्रद्धा व सच्चे मन से किया जाता है। ग्रह बाधा से मुक्ति:--- ज्योतिष विद्या में श्री सूर्य देव जी को नवग्रह मंडल का प्रमुख माना गया है। श्री सूर्य अष्टकम का पाठ करने से सभी प्रकार की नौ ग्रह शांत होते हैं। शनि दोष राहु केतु सभी का दोष दूर होते हैं। जिस साधक की कुंडली में या उनकी राशि में किसी भी प्रकार का ग्रह दोष उत्पन्न होता है, तो उन्हें श्री सूर्य अष्टकम का पाठ निश्चय ही करनी चाहिए। रोगों से मुक्ति:-- श्री सूर्य अष्टकम के पाठ से असाध्य रोगों में भी आशातीत लाभ मिलता है। जब कोई व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी या दुर्घटना का शिकार हो गया हो तो, उन्हें या उनके परिजन को उनके लिए सूर्य अष्टकम का पाठ अवश्य ही करनी चाहिए। इससे उस तकलीफ में उसे शीघ्र लाभ मिलता है और शीघ्र ही स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करता है। शत्रु पर विजय प्राप्ति:--- जो व्यक्ति श्री सूर्य देव जी के भक्त हैं, जो नियमित रूप से उनका पूजा करते हैं, श्री सूर्य अष्टकम का पाठ करते हैं उनका कोई भी शत्रु उनका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकता है। शत्रु चाहे जितना भी बलवान क्यों नहीं रहे बाल भी बांका नहीं कर सकता। श्री सूर्य अष्टकम के पाठ से शत्रु पर विजय प्राप्त होता है। मानसिक विकास:--- श्री सूर्य अष्टकम के पाठ से सभी प्रकार के मानसिक विकार दूर होता है। अच्छे बुरे को सोचने समझने की ताकत आती है। वह व्यक्ति कुसंगति का त्याग कर सत्संगति को अपनाता है। व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत बनता है । वह व्यक्ति अच्छे बुरे का अच्छे से पहचान कर पाता है। इसके पाठ से दुराचारी व्यक्ति भी सदाचारी बनने लगता है। व्यक्ति सात्विक बनता है सकारात्मक सोच रखता है। व्यक्ति के मन से तामसिक भावना नष्ट होती है। वह साधुवाद को प्राप्त होता है। ऐसे व्यक्ति से सभी लोग प्रेम करते हैं। सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होना:--- हमने जाना कि इसके पाठ से मानसिक विकास होता है। व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत बनता है। लोगों को रोगों से छुटकारा मिलता है। जब व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत एवं स्वस्थ रहता है तो उन्हें सभी कार्यों में निश्चय ही सफलता प्राप्त होता है। ऐसे व्यक्ति सफलता हासिल होने तक मेहनत से पीछे नहीं हटते हैं और जो व्यक्ति पूरी लगन पूरी मेहनत के साथ किसी कार्य को करते हैं तो उन्हें निश्चय ही सफलता प्राप्त होती है। सुख समृद्धि की प्राप्ति:--- श्री सूर्य अष्टकम के नियमित पाठ से घर परिवार एवं जीवन में सुख समृद्धि आती है। जीवन खुशियों से भर जाती है। इसके पाठ से व्यक्ति को उनके जीवन में सफलता मिलती है। उनका हर कार्य सफल होता है। जहां सफलता है, वहां खुशियां आती है। बेरोज़गारी दूर होती है:-- ऐसे व्यक्ति जो बेरोजगार हैं या जिनके पास आय का कोई साधन नहीं हैं, उन्हें श्री सूर्य अष्टकम का पाठ अवश्य ही करनी चाहिए। इसके नियमित पाठ से शीघ्र ही नौकरी या व्यवसाय का मार्ग प्रशस्त होता है। व्यक्ति को योग्यता अनुसार मनचाही नौकरी की प्राप्ति होती है। अगर कोई व्यापार या किसी व्यवसाय के क्षेत्र में है तो उन्हें अपने कार्य में सफलता मिलती है। प्रतिद्वंद्वियों से आगे होना:--- आज का युग कंपटीशन एवं चुनौतियों से भरा पड़ा है। आप किसी भी कार्य क्षेत्र में रहे सभी कार्यों में चुनौतियां और कंपटीशन बहुत ज्यादा है। श्री सूर्य अष्टकम के पाठ से व्यक्ति मानसिक रूप से प्रबल रहता है। उनका हौसला बढ़ा हुआ रहता है। वह किसी भी कार्य को पूरे जोश उत्साह के साथ करता है। उनमें इतना जोश उत्साह रहता है कि वह चुनौतियों का सामना करने से कभी घबराता नहीं है। कभी हारता नहीं है, कभी थकता नहीं है, फल स्वरूप वह अपने प्रतिद्वंद्वियों से सदा आगे रहता है। मानसिक शांति मिलती है:--- श्री सूर्य अष्टकम के पाठ से व्यक्ति के सभी कार्य सफल होता है। जीवन में खुशियां आती है। ग्रह बाधा से मुक्ति मिलती है। बीमारियों से छुटकारा मिलता है। बेरोजगारी दूर होती है। इन सब कारणों से व्यक्ति का जीवन खुशियों से भरा रहता है, फलस्वरूप मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं:--- श्री सूर्य अष्टकम का पाठ मनुष्य जिस उद्देश्य से या जिस कामना की पूर्ति के लिए करता है वह निश्चय ही पूरा होता है। इसका पाठ पूर्ण विश्वास व श्रद्धा भक्ति के साथ करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। सारी मनोकामनाएं से तात्पर्य यह है कि वह मनोकामनाएं जो आपके अनुकूल है या उस कामना के लिए आप योग्य हैं। अगर आपमें लगन हैं उस काम के प्रति आप में समर्पण का भाव है तो सूर्यअष्टकम का पाठ करने से आपके मार्ग में आ रही परेशानियां और अड़चनें दूर होगी और आपकी मनोकामनाएं पूरी होगी। 2. श्री सूर्य अष्टकम पाठ:-- आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर । दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते॥1॥ सप्ताश्व रथमारूढं प्रचण्डं कश्यपात्मजम् । श्वेत पद्माधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥2॥ लोहितं रथमारूढं सर्वलोक पितामहम् । महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥3॥ त्रैगुण्यश्च महाशूरं ब्रह्माविष्णु महेश्वरम् । महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥4॥ बृहितं तेजः पुञ्ज च वायु आकाशमेव च । प्रभुत्वं सर्वलोकानां तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥5॥ बन्धूकपुष्पसङ्काशं हारकुण्डलभूषितम् । एकचक्रधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥6॥ तं सूर्यं लोककर्तारं महा तेजः प्रदीपनम् । महापाप हरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥7॥ तं सूर्यं जगतां नाथं ज्ञानप्रकाशमोक्षदम् । महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥8॥ सूर्याष्टकं पठेन्नित्यं ग्रहपीडा प्रणाशनम् । अपुत्रो लभते पुत्रं दारिद्रो धनवान् भवेत् ॥9॥ अमिषं मधुपानं च यः करोति रवेर्दिने । सप्तजन्मभवेत् रोगि जन्मजन्म दरिद्रता ॥10॥ स्त्री-तैल-मधु-मांसानि ये त्यजन्ति रवेर्दिने । न व्याधि शोक दारिद्र्यं सूर्य लोकं च गच्छति ॥1 !! सम्पूर्ण !! श्री सूर्य अष्टकम हिंदी में अर्थ:--- अर्थ ( १ )– हे आदिदेव भास्कर! आपको प्रणाम है, आप मुझ पर प्रसन्न हों, हे दिवाकर! आपको नमस्कार है, हे प्रभाकर! आपको प्रणाम है। अर्थ ( २ )– सात घोड़ों वाले रथ पर आरुढ़, हाथ में श्वेत कमल धारण किये हुए, प्रचण्ड तेजस्वी कश्यपकुमार सूर्य को मैं प्रणाम करता हूँ। अर्थ (३ )– लोहितवर्ण रथारुढ़ सर्वलोकपितामह महापापहारी सूर्य देव को मैं प्रणाम करता हूँ। अर्थ (४ ) – जो त्रिगुणमय ब्रह्मा, विष्णु और शिवरूप हैं, उन महापापहारी महान वीर सूर्यदेव को मैं नमस्कार करता हूँ। अर्थ ( ५ ) – जो बढ़े हुए तेज के पुंज हैं और वायु तथा आकाशस्वरुप हैं, उन समस्त लोकों के अधिपति सूर्य को मैं प्रणाम करता हूँ। अर्थ ( ६ )– जो बन्धूक (दुपहरिया) के पुष्प समान रक्तवर्ण और हार तथा कुण्डलों से विभूषित हैं, उन एक चक्रधारी सूर्यदेव को मैं प्रणाम करता हूँ। अर्थ ( ७ )– महान तेज के प्रकाशक, जगत के कर्ता, महापापहारी उन सूर्य भगवान को मैं नमस्कार करता हूँ। अर्थ ( ८ )– उन सूर्यदेव को, जो जगत के नायक हैं, ज्ञान, विज्ञान तथा मोक्ष को भी देते हैं, साथ ही जो बड़े-बड़े पापों को भी हर लेते हैं, मैं प्रणाम करता हूँ। सूर्य अष्टक पढ़ने की विधि:-- प्रातः काल सूर्य उदय होते समय लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर सिर्फ सूर्य यंत्र रखें, यंत्र पर लाल चंदन, कुमकुम, केसर का तिलक लगाए, यदि संभव हो सके तो, रविवार का व्रत रखें, यदि व्रत नहीं रह सकते तो, रविवार के दिन नमक ना खाएं। सूर्यदेव कैरियर और व्यापार से संबंधित रुकावटों को दूर करते हैं। रोजी, रोजगार व्यापार की चाह रखने वाले अगर प्रति रविवार उनका दूध-भात-मिश्री का भोग लगा कर पूजन करें तो 7 रविवार के बीच में ही सरकारी नौकरी लगने की संभावना होती है, सूर्य देव की कृपा से बहुत अच्छा चलता है सूर्य देव मनुष्य की सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाले देवताओं हैं, लेकिन पूरे मन चित्त से पूजन करना अनिवार्य है। #अपनी जन्म कुंडली दिखाएं और जीवन में चल रही परेशानियों से छुटकारा पाएं, हमारा व्हाट्सएप नंबर 9458064249 आपकी सेवा में उपलब्ध है। अनिल सुधांशु ज्योतिषाचार्य #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
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