Ravi Kumar
ShareChat
click to see wallet page
@3588235877
3588235877
Ravi Kumar
@3588235877
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#मेरी कविता
मेरी कविता - दम है किसी पार्टी में, तो भ्रष्टाचार खत्म करो।। नहीं तो कुर्सी सहित उठा लेंगे दम है किसी पार्टी में, तो भ्रष्टाचार खत्म करो।। नहीं तो कुर्सी सहित उठा लेंगे - ShareChat
#मेरी कविता
मेरी कविता - नहीं नहीं | जीवनसाथी 37 बनो Gaga Target बुद्धिजीवी नहीं नहीं | जीवनसाथी 37 बनो Gaga Target बुद्धिजीवी - ShareChat
#मेरी कविता
मेरी कविता - GST भरे जनता, घटोला करे नेता ।। GST भरे जनता, हेलिकॉप्टर परघुमे नेता ।। GST भरे जनता, घटोला करे नेता ।। GST भरे जनता, हेलिकॉप्टर परघुमे नेता ।। - ShareChat
#मेरी कविता
मेरी कविता - हम खुलकर हंसते हैं फ।किर होते हुए तू मुस्कुराना न पाया अमीर होते हुए हम खुलकर हंसते हैं फ।किर होते हुए तू मुस्कुराना न पाया अमीर होते हुए - ShareChat
#मेरी कविता
मेरी कविता - जिंदगी हमें हंसाती है ।। जिंदगी हमें रूलाती है ।। जो खुश रहना है उसके सामने 4 झुकती है ।। जिंदगी हमें हंसाती है ।। जिंदगी हमें रूलाती है ।। जो खुश रहना है उसके सामने 4 झुकती है ।। - ShareChat
#मेरी कविता
मेरी कविता - संभालना अपनी जवानी को ।। इंतजार करना ' सात फेरे (शादी ) का।। इज्जत बचाएं रखना ।। देखने वाले लोग हैं न ।। संभालना अपनी जवानी को ।। इंतजार करना ' सात फेरे (शादी ) का।। इज्जत बचाएं रखना ।। देखने वाले लोग हैं न ।। - ShareChat
#मेरी कविता
मेरी कविता - यकीन न करो यह मेरा है ।। युग आवारा हैं ।l खिलौना समझकर खेलेगा लोग तुम्हें I| यह युग आवारा हैं ।l यकीन न करो यह मेरा है ।। युग आवारा हैं ।l खिलौना समझकर खेलेगा लोग तुम्हें I| यह युग आवारा हैं ।l - ShareChat
#मेरी कविता
मेरी कविता - दुनियां चुभे गी।। दुर रहना आवारों कि टीम से।। आपने आप को अलग रखना । । यह युग अवारा है न।। दुनियां चुभे गी।। दुर रहना आवारों कि टीम से।। आपने आप को अलग रखना । । यह युग अवारा है न।। - ShareChat
#मेरी कविता
मेरी कविता - न करना प्यार चाहने वाले लोग हैंन ।l सब कुछ किनारे कर देखना सबसे श्रेष्ठ चरित्र है न चुभेगी दुर रहना आवारों कि टीम से II दुनिया ' अपने आप को अलग रखना यह युग आवारा है न।। न करना प्यार चाहने वाले लोग हैंन ।l सब कुछ किनारे कर देखना सबसे श्रेष्ठ चरित्र है न चुभेगी दुर रहना आवारों कि टीम से II दुनिया ' अपने आप को अलग रखना यह युग आवारा है न।। - ShareChat
#मेरी कविता
मेरी कविता - "माँ-पिताः दो नाम, एक आत्मा" माँ अलग है॰पिता अलगहै॰ परजब भी बच्चा रोता है दोनों की आँखें एक साथ भर आती हैं। माँकी ममता में जो मिठास है॰ पिता की चुप्पी में चही विश्वास है। माँ थाली में परोसती है प्यार पिता पसीने से भरता है घरका संसार। माँकी लोरी नींद लाती है॰ पिता की थकान चैन दिलाती है। माँ दुआ है॰ पिता साया, एक बिना दूसरा अधूरा है साया। एक जन्म देती है॰ दूसरा ज़िंदगी सजाता है, माँ पिता दो नाम नहीं ये तो एक ही खुदा के दो हाथ होते हैं। गिरता है Gaeal माँ दौड़ती है॰ पिता चुपचाप आगे बढ़ाता है उँगली | दुनिया कहती है माँ महान है॰ हम कहते हैं "माँ पिता दोनों भगवान हैं!" बाप पेज "माँ-पिताः दो नाम, एक आत्मा" माँ अलग है॰पिता अलगहै॰ परजब भी बच्चा रोता है दोनों की आँखें एक साथ भर आती हैं। माँकी ममता में जो मिठास है॰ पिता की चुप्पी में चही विश्वास है। माँ थाली में परोसती है प्यार पिता पसीने से भरता है घरका संसार। माँकी लोरी नींद लाती है॰ पिता की थकान चैन दिलाती है। माँ दुआ है॰ पिता साया, एक बिना दूसरा अधूरा है साया। एक जन्म देती है॰ दूसरा ज़िंदगी सजाता है, माँ पिता दो नाम नहीं ये तो एक ही खुदा के दो हाथ होते हैं। गिरता है Gaeal माँ दौड़ती है॰ पिता चुपचाप आगे बढ़ाता है उँगली | दुनिया कहती है माँ महान है॰ हम कहते हैं "माँ पिता दोनों भगवान हैं!" बाप पेज - ShareChat