Amarjeet
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#❤️जीवन की सीख #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
❤️जीवन की सीख - 118 4811 आत्मवर्ग परित्यज्य पखर्ग समाश्रयेत। स्वयमेव लयं याति यथा राजान्यधर्मतः | "जो व्यक्ति अपने लोगों को छोड़कर uui का साथ देता है॰चह स्वयं ही नष्ट हो जाता जैसे कोई राजा अधर्म कर्ने से स्वयं अपने राज्य का विनाश करलेता है।" आचार्य चाणक्य 0:5457 118 4811 आत्मवर्ग परित्यज्य पखर्ग समाश्रयेत। स्वयमेव लयं याति यथा राजान्यधर्मतः | "जो व्यक्ति अपने लोगों को छोड़कर uui का साथ देता है॰चह स्वयं ही नष्ट हो जाता जैसे कोई राजा अधर्म कर्ने से स्वयं अपने राज्य का विनाश करलेता है।" आचार्य चाणक्य 0:5457 - ShareChat
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☝ मेरे विचार - "भटक गए हम राहों में मंजिल का कोई ठिकाना नही था ले गई जिन्दगी उन राहों में जहाँ हमें जाना था..!" 12 March 2026 at 00:01 "भटक गए हम राहों में मंजिल का कोई ठिकाना नही था ले गई जिन्दगी उन राहों में जहाँ हमें जाना था..!" 12 March 2026 at 00:01 - ShareChat
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☝ मेरे विचार - "भटक गए हम राहों में मंजिल का कोई ठिकाना नही था ले गई जिन्दगी उन राहों में जहाँ हमें जाना নী থা 700 "भटक गए हम राहों में मंजिल का कोई ठिकाना नही था ले गई जिन्दगी उन राहों में जहाँ हमें जाना নী থা 700 - ShareChat
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❤️जीवन की सीख - "किस्मत का लिखा सब कुछ सहना पड़ता है॰. क्योंकि परेशानी बेची नही जाती ओर खुशी खरीदी नही जाती..! " १०० [ "किस्मत का लिखा सब कुछ सहना पड़ता है॰. क्योंकि परेशानी बेची नही जाती ओर खुशी खरीदी नही जाती..! " १०० [ - ShareChat
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#❤️जीवन की सीख #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️जीवन की सीख - Il 125 Il मूर्खस्तु परिहर्तव्यः प्रत्यक्षो द्विपदः पशुः।  भिनत्ति वाक्यशूलेन अदृश्यं कण्टकं यथा ।l   व्यक्ति रहना चाहिए मूर्ख क्योंकि वह मनुष्य के रूप में दो पैरों वाला पशु होता हे। वह अपने  कठोर और कटु शब्दों से वैसे ही पहुँचाता है जैसे अदृश्य काँटा  चोट चुभकर दर्द देता है।" चाणक्य नीति [ Il 125 Il मूर्खस्तु परिहर्तव्यः प्रत्यक्षो द्विपदः पशुः।  भिनत्ति वाक्यशूलेन अदृश्यं कण्टकं यथा ।l   व्यक्ति रहना चाहिए मूर्ख क्योंकि वह मनुष्य के रूप में दो पैरों वाला पशु होता हे। वह अपने  कठोर और कटु शब्दों से वैसे ही पहुँचाता है जैसे अदृश्य काँटा  चोट चुभकर दर्द देता है।" चाणक्य नीति [ - ShareChat
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❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - आज रास्ता बना लिया है, तो कल मंजिल भी मिल जाएगी , हौसलौ से भरी ये कोशिश, एक दिन जरूर रंग लाएगी "! 2 March 2026 at 04:57 आज रास्ता बना लिया है, तो कल मंजिल भी मिल जाएगी , हौसलौ से भरी ये कोशिश, एक दिन जरूर रंग लाएगी "! 2 March 2026 at 04:57 - ShareChat
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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #☝ मेरे विचार #📒 मेरी डायरी #❤️जीवन की सीख
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - Il 140 Il कस्यचिद दुर्जनस्य न दुर्जनः कस्यचिद् सज्जनस्य।  नसज्जनः कर्मानुसारं फलमाप्रुवन्ति भुज्जन्ति लोके सुखदुःखभोगान्।  "न तो कोई सज्जन किसी को दुर्जन बना सकता है और न ही कोई दुर्जन किसी को सज्जन बना सकता है। मनुष्य अपने कर्मों के अनुसार ही इस संसार में सुख और दुःख का फल भोगता है।" चाणक्य नीति Il 140 Il कस्यचिद दुर्जनस्य न दुर्जनः कस्यचिद् सज्जनस्य।  नसज्जनः कर्मानुसारं फलमाप्रुवन्ति भुज्जन्ति लोके सुखदुःखभोगान्।  "न तो कोई सज्जन किसी को दुर्जन बना सकता है और न ही कोई दुर्जन किसी को सज्जन बना सकता है। मनुष्य अपने कर्मों के अनुसार ही इस संसार में सुख और दुःख का फल भोगता है।" चाणक्य नीति - ShareChat