ગોવિંદજી ઠાકોર
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ગોવિંદજી ઠાકોર
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सत् कैवल परमात्मा
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - सत्ू कैवल साहेब अम அ< अद्वैता द्वैत नखेद चिंतामणी ्ग्रथ अखंड केवलधामकी सत्य पहेचानको अंगः१३ देवनकी। जिनु उपमाकी कहत बनित नही बिन दृष्टांत कोहुनकी, अपरम शुन्य जेहुनकीll४ ज्यौ तेॅ सरभर करीत aತಿ೪u ஞ 0ி Guவ( : शकषाथ तैभु [సa?huniuuk [aldికిలి: २५२५२ शन्थ नृथी॰ %ेथ 21514 d4 +ell सार कैवलधाम की तुलना किसी अन्य स्थान से नर्ही की जा सकती , क्योकि इसकी तुलना लिए 7 करने के  कोई अन्य स्थान है ही नर्ही, तो फिर किससे की जाए? इसे केवल एक उदाहरण देकर समझाया जा सकता हे कि यह एक अप्राप्य शून्य के समान हे, लेकिन चूंकि इसके बराबर कोई नर्ही हे, इसलिए इसको तुलना करना असंभव हे। कैवल परमात्मा Govindii सत्ू कैवल साहेब अम அ< अद्वैता द्वैत नखेद चिंतामणी ्ग्रथ अखंड केवलधामकी सत्य पहेचानको अंगः१३ देवनकी। जिनु उपमाकी कहत बनित नही बिन दृष्टांत कोहुनकी, अपरम शुन्य जेहुनकीll४ ज्यौ तेॅ सरभर करीत aತಿ೪u ஞ 0ி Guவ( : शकषाथ तैभु [సa?huniuuk [aldికిలి: २५२५२ शन्थ नृथी॰ %ेथ 21514 d4 +ell सार कैवलधाम की तुलना किसी अन्य स्थान से नर्ही की जा सकती , क्योकि इसकी तुलना लिए 7 करने के  कोई अन्य स्थान है ही नर्ही, तो फिर किससे की जाए? इसे केवल एक उदाहरण देकर समझाया जा सकता हे कि यह एक अप्राप्य शून्य के समान हे, लेकिन चूंकि इसके बराबर कोई नर्ही हे, इसलिए इसको तुलना करना असंभव हे। कैवल परमात्मा Govindii - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - ।l आध सक्रत स्वराज करूणेश कैवल क्तॉ ्त्व नमामि Il ध्ीर्मन कृपूनिधिच्वाच8 परमप्रुरवसीड़परम पेतीनके व्ष् धह्सरजीतके पीछु अज भव आद्य अंश इश्वर लगः एही सकल SGc IqaIl Qge QQQQaeQeiasa [RThబEIIIHEGafut ga ( ஸR்்ூடச் @வ @ Go யலிஸOு ಊ3 ಐಿಬಿದ5513[912 सतू कैेवल साहेब g{UG आपका दिन मंगलमय रहे। Govindji ।l आध सक्रत स्वराज करूणेश कैवल क्तॉ ्त्व नमामि Il ध्ीर्मन कृपूनिधिच्वाच8 परमप्रुरवसीड़परम पेतीनके व्ष् धह्सरजीतके पीछु अज भव आद्य अंश इश्वर लगः एही सकल SGc IqaIl Qge QQQQaeQeiasa [RThబEIIIHEGafut ga ( ஸR்்ூடச் @வ @ Go யலிஸOு ಊ3 ಐಿಬಿದ5513[912 सतू कैेवल साहेब g{UG आपका दिन मंगलमय रहे। Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - सन कैवल स्ाहेब ऊन्गासव अद्वेना द्वेन नर्खेद चिंताणी घ्रीथ अर्खड केवलधायकी सत्य पिछादको औ्गष१३ अचल सदेहू दिव्य दुरघट तन, जेही अचुत अवे अरसी। धन्य धन्य तेही धाम पॅरन बिन, अधर अमॅर गत अरसी।।३ ٥٩١؟ detl அGI 2Gd, G Boe!ou थ%न्भ्था वथ विनाना पोते थ्ंतशक्षभा २ाधा२ विनाना, थविनाशी 28-21 81 थने श्रेष्ठ गतिवIAा धाभने धI२९I $२ना२ने धन्थवI६ छे. ٦ सृष्टिकर्ता , निराकार दिव्य शरीर धारण हैं। वे अजन्मे , अमर और कैवलधाम करत में निवास करते हैं॰ जो विशाल शून्य में स्थित है। यह कैवलधाम निराकार, अमर औ़र अत्यंत तीव्र गत़ि वाला है। कैवलधाम में निवास करने वाले केवलकर्ता की ही स्तुति हो। सतू कैवल परमात्मा Govindji सन कैवल स्ाहेब ऊन्गासव अद्वेना द्वेन नर्खेद चिंताणी घ्रीथ अर्खड केवलधायकी सत्य पिछादको औ्गष१३ अचल सदेहू दिव्य दुरघट तन, जेही अचुत अवे अरसी। धन्य धन्य तेही धाम पॅरन बिन, अधर अमॅर गत अरसी।।३ ٥٩١؟ detl அGI 2Gd, G Boe!ou थ%न्भ्था वथ विनाना पोते थ्ंतशक्षभा २ाधा२ विनाना, थविनाशी 28-21 81 थने श्रेष्ठ गतिवIAा धाभने धI२९I $२ना२ने धन्थवI६ छे. ٦ सृष्टिकर्ता , निराकार दिव्य शरीर धारण हैं। वे अजन्मे , अमर और कैवलधाम करत में निवास करते हैं॰ जो विशाल शून्य में स्थित है। यह कैवलधाम निराकार, अमर औ़र अत्यंत तीव्र गत़ि वाला है। कैवलधाम में निवास करने वाले केवलकर्ता की ही स्तुति हो। सतू कैवल परमात्मा Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - ]] कष सक्रत स्वराज करू्पेश केवल कर्तां त्व नम्ाभि ]l ಕತ್ರರ್ಯ श्री्मत IB (నేరార్ేణెడిడే' ६शसमर धकरुरईठ @ತಟಿಹಿyuತಈಹರು (ನಹ5ಹಡಹನೊ [33[ @@ೌ] @ ೊಣೊಡeissau உீஒிவிஇிஜல்ூுலிருிசி ாaி @ வஊவிஆ்க ತap] Mum93 (Bಇ cne थेन शप्र्व { पशक्षा छे % नeी. डत थेवुं 8 3 a- nla| श्री ५२भगु३ % छे. 12193 91zrt 52/31[21[P12 सनू केवल स्गहेव Sg&d आपका दिनार्यलमयरहे। Govidji child ]] कष सक्रत स्वराज करू्पेश केवल कर्तां त्व नम्ाभि ]l ಕತ್ರರ್ಯ श्री्मत IB (నేరార్ేణెడిడే' ६शसमर धकरुरईठ @ತಟಿಹಿyuತಈಹರು (ನಹ5ಹಡಹನೊ [33[ @@ೌ] @ ೊಣೊಡeissau உீஒிவிஇிஜல்ூுலிருிசி ாaி @ வஊவிஆ்க ತap] Mum93 (Bಇ cne थेन शप्र्व { पशक्षा छे % नeी. डत थेवुं 8 3 a- nla| श्री ५२भगु३ % छे. 12193 91zrt 52/31[21[P12 सनू केवल स्गहेव Sg&d आपका दिनार्यलमयरहे। Govidji child - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - GஏSdqKபபடபப सव अद्वेना द्वैन दर्खेद चिंनाामणी छ्रीथ அsதபபகி புபபகி அ1833 सो निज घरमे वसे निसंतर, अधिपत पुरुूष पुरेपु। सकल अशके सरजन साम्रथ, अवधकाल विन वेशुI१२ aCG ख्धिपति ते भू७ धाभभा ROTgad లIiui &ंभेशने भाटे वशे सभर्थ , थ्रविनाश थने Grud 82 1[2L, el2 ?ld 81 सार उस तत्वातित निज कैवलधाम में, परम भगवान, प्राचीन पुरुष शाश्वत रूपू से निवास कँरते हैं। सृष्टिकर्ता , जि्सने सभी समत्वल्य सामान्य  विशेष और विशेष अंशोकी रचना की है, पसमयं किशला तीशो कविचानी कहे रूपन्अरूप से परे है। सतू कैवल परमात्मा Govindji GஏSdqKபபடபப सव अद्वेना द्वैन दर्खेद चिंनाामणी छ्रीथ அsதபபகி புபபகி அ1833 सो निज घरमे वसे निसंतर, अधिपत पुरुूष पुरेपु। सकल अशके सरजन साम्रथ, अवधकाल विन वेशुI१२ aCG ख्धिपति ते भू७ धाभभा ROTgad లIiui &ंभेशने भाटे वशे सभर्थ , थ्रविनाश थने Grud 82 1[2L, el2 ?ld 81 सार उस तत्वातित निज कैवलधाम में, परम भगवान, प्राचीन पुरुष शाश्वत रूपू से निवास कँरते हैं। सृष्टिकर्ता , जि्सने सभी समत्वल्य सामान्य  विशेष और विशेष अंशोकी रचना की है, पसमयं किशला तीशो कविचानी कहे रूपन्अरूप से परे है। सतू कैवल परमात्मा Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - CIUGINNTGKCCNE CodaGTEkIIET IT M श्रीमत् कृपानिधि उवाचः- एन बने कोउसे करननके, नीज़ करत़ार विनाई३ सहित ओरु पुरुष आद्यके, जीने खश उपजाई।] ५० प्रकृति आावार्थ @@Aिe गरंथ.शिद्त४१२ aaHStcనdcdd sdజ @ರ್ದಾತದದೆ 9yz &ilea cul ei2d/ ६८ & ध२९ा @aGనల QERR Rhi sbuEIR 0 सनू कैवल साहेब शृुथ ध्रथात आपकादिनर्सगलमय रहे। ஸindi CIUGINNTGKCCNE CodaGTEkIIET IT M श्रीमत् कृपानिधि उवाचः- एन बने कोउसे करननके, नीज़ करत़ार विनाई३ सहित ओरु पुरुष आद्यके, जीने खश उपजाई।] ५० प्रकृति आावार्थ @@Aिe गरंथ.शिद्त४१२ aaHStcనdcdd sdజ @ರ್ದಾತದದೆ 9yz &ilea cul ei2d/ ६८ & ध२९ा @aGనల QERR Rhi sbuEIR 0 सनू कैवल साहेब शृुथ ध्रथात आपकादिनर्सगलमय रहे। ஸindi - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - कषवष सकत एवरज् कर्पेश केवन क्ताव्व दृस्वामि ]] M श्रीमत् कृपानिधि उवाचा एन बने कोउसे करननके , नीज़ करतार विनाई३ सहित ओरु पुरुष आद्यके जीने अश उपजाई। ] ५० प्रकृति भावार्थ @lQlesie Ricia;a? 2 221- sl8e1 41 & -el dd salQ %1 சலO S3SஹQeagg aGd &erவaி গু্জ शेषीओ GoeU O QRDR AIhusbIEIR 0 सतू कैवल साहेब शथ ५्रथात आपका दिनर्गलमय रहे। Govindji कषवष सकत एवरज् कर्पेश केवन क्ताव्व दृस्वामि ]] M श्रीमत् कृपानिधि उवाचा एन बने कोउसे करननके , नीज़ करतार विनाई३ सहित ओरु पुरुष आद्यके जीने अश उपजाई। ] ५० प्रकृति भावार्थ @lQlesie Ricia;a? 2 221- sl8e1 41 & -el dd salQ %1 சலO S3SஹQeagg aGd &erவaி গু্জ शेषीओ GoeU O QRDR AIhusbIEIR 0 सतू कैवल साहेब शथ ५्रथात आपका दिनर्गलमय रहे। Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - सनूा कैेवल ख्वाहेव c अद्वैना द्वैन दर्खेद चिंन्रााणी छ्ीथ अर्खड केवलधायकी स्न्य पहचानक थज४१३ अब जिन तरन चाहो भूव निधि जल , नौका त्याग तीवरही] ज्ञान भक्ति सहीतम मही मसरीत , पाय परम निज घरही१११ ಖಪ್ತeuತ ढवे ळेने शंश२ शभ्ुद्र तरवानी २७ना ढीयू तेभने भाटे dla् वेशगनी नlsl छे. qal dभi Iन थने Qष्त भष्रित 8२वाथी uतान[ ५२भ धाभने Xरा५्त 8२ १कथ छ. ٦ नश्वर मानव शरीर धारण करने के वाद, मनुष्य ಕೆಖ{ೆ को इसे माया के क्षणभंगुर ककल्यप्ण केनलिए चाहिए, वल्कि आत्मा् कखा संसार सागर को पार करने की इच्छा रखनी चाहिए। यदि कोई संसार सागर को पार करके शाश्वत सुख प्राप्त करना चाहता हे, तो गहन वेराग्य की नोका अनिवार्य हे। रसके अतिरिक्त, यदि मनष्य श्ञान ओर भक्ति का सहारा लेकर अनासक्ति के साथ अपने लक्ष्य के लिए प्रयास निश्चित करता हे॰ तो वह रूप से सर्वाोच्च केवलधाम ाजो उसका मूल स्थान हे। को प्राप्त कर सकता हl सतू कैवल परमात्मा Govindi सनूा कैेवल ख्वाहेव c अद्वैना द्वैन दर्खेद चिंन्रााणी छ्ीथ अर्खड केवलधायकी स्न्य पहचानक थज४१३ अब जिन तरन चाहो भूव निधि जल , नौका त्याग तीवरही] ज्ञान भक्ति सहीतम मही मसरीत , पाय परम निज घरही१११ ಖಪ್ತeuತ ढवे ळेने शंश२ शभ्ुद्र तरवानी २७ना ढीयू तेभने भाटे dla् वेशगनी नlsl छे. qal dभi Iन थने Qष्त भष्रित 8२वाथी uतान[ ५२भ धाभने Xरा५्त 8२ १कथ छ. ٦ नश्वर मानव शरीर धारण करने के वाद, मनुष्य ಕೆಖ{ೆ को इसे माया के क्षणभंगुर ककल्यप्ण केनलिए चाहिए, वल्कि आत्मा् कखा संसार सागर को पार करने की इच्छा रखनी चाहिए। यदि कोई संसार सागर को पार करके शाश्वत सुख प्राप्त करना चाहता हे, तो गहन वेराग्य की नोका अनिवार्य हे। रसके अतिरिक्त, यदि मनष्य श्ञान ओर भक्ति का सहारा लेकर अनासक्ति के साथ अपने लक्ष्य के लिए प्रयास निश्चित करता हे॰ तो वह रूप से सर्वाोच्च केवलधाम ाजो उसका मूल स्थान हे। को प्राप्त कर सकता हl सतू कैवल परमात्मा Govindi - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - ]] कषष् सकरत स्वराज करू्पेश केवल कर्ताा व्वे दृःाभि `० श्रीमत् कपनिधिछवाच्8 ओरनही द्ुसस कर्ताको; अप्रुनी धहच्ज तजके; करीत अकुरके अन्रुभव छेज समजके /४९०D जुवो si cliaiel QQQae Qei:ag @JA eg8d% &el 52j21 Sl8 clool salj' थाघाथीी அuழS  லglgaasஓi Qaua3d 2ல ,?؟15844?3183 24` 3 6211 5089[8 8 4242j3 slid 5301310312 सनू केवल स्ाहेब S&g& आपका दिन आनंदित रहे। Gouudu ]] कषष् सकरत स्वराज करू्पेश केवल कर्ताा व्वे दृःाभि `० श्रीमत् कपनिधिछवाच्8 ओरनही द्ुसस कर्ताको; अप्रुनी धहच्ज तजके; करीत अकुरके अन्रुभव छेज समजके /४९०D जुवो si cliaiel QQQae Qei:ag @JA eg8d% &el 52j21 Sl8 clool salj' थाघाथीी அuழS  லglgaasஓi Qaua3d 2ல ,?؟15844?3183 24` 3 6211 5089[8 8 4242j3 slid 5301310312 सनू केवल स्ाहेब S&g& आपका दिन आनंदित रहे। Gouudu - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - सना कैवल स्घाहेब सव कैवल साहेब सत अद्वेता द्वैेत नर्खेद चिंतामणी ग्रथ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंग:१२ uj ऐ भव भयन थकी निरभे बीन नखेद नरेशु। करही शके नही कोउ उतईतमे , आधही अंत धरेशु|१५२ eyale संशा२भा थे भाथना भथथी निर्थ थवा वैशग शिवाथ वि॰थ Xरा५्त ६२ 8!5[থ লঙী ৯ গিণথ থge থ 358 थने भृत्थु clls 8 eaclsभi ५९८ प२भेश्वे२ने uरI५त ६२ २४ नeी. सार यदि कोई निर्भीक होना चाहता हे या संसार के इस महान श्रम के भय पर विजय प्राप्त करना चाहता हे॰ तो यह गहन वेराग्य अपनाए बिना संभव नर्ईी हे। किए। इसके अलावा, वेराग्य प्राप्त बिना कोई भी आरंभ से अंत त्क, यहां तक् मृत्युलोक् या देवताओं के लोक मे 8 ईश्वर को प्राप्त नर्ही कर सकता| सतू कैवल परमात्मा Govindji सना कैवल स्घाहेब सव कैवल साहेब सत अद्वेता द्वैेत नर्खेद चिंतामणी ग्रथ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंग:१२ uj ऐ भव भयन थकी निरभे बीन नखेद नरेशु। करही शके नही कोउ उतईतमे , आधही अंत धरेशु|१५२ eyale संशा२भा थे भाथना भथथी निर्थ थवा वैशग शिवाथ वि॰थ Xरा५्त ६२ 8!5[থ লঙী ৯ গিণথ থge থ 358 थने भृत्थु clls 8 eaclsभi ५९८ प२भेश्वे२ने uरI५त ६२ २४ नeी. सार यदि कोई निर्भीक होना चाहता हे या संसार के इस महान श्रम के भय पर विजय प्राप्त करना चाहता हे॰ तो यह गहन वेराग्य अपनाए बिना संभव नर्ईी हे। किए। इसके अलावा, वेराग्य प्राप्त बिना कोई भी आरंभ से अंत त्क, यहां तक् मृत्युलोक् या देवताओं के लोक मे 8 ईश्वर को प्राप्त नर्ही कर सकता| सतू कैवल परमात्मा Govindji - ShareChat