⏤͟͟͞❥͜͡𝄟♥⃝ Aaisha✿⃝🐼✪⏤͟͟͞🍁❥
ShareChat
click to see wallet page
@___________________itz_aashima
___________________itz_aashima
⏤͟͟͞❥͜͡𝄟♥⃝ Aaisha✿⃝🐼✪⏤͟͟͞🍁❥
@___________________itz_aashima
💘⃝៚⃞🦋❤️⃟҉ͫPls Yaar No Personal nbox msg🎀⃝🦋💘
#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - 7:02 _ m ق अधूरा इश्क़ R 188K followers इजाज़त हो तो, आपको एक खुबसूरत नाम दूं क्या आपके कोमल हाथों को थाम लूं क्या फिर जिंदगी आपको नाम दूं क्या इजाज़त हो तो, आपको नजरों से ही निहार लूं क्या आपको लफ्ज़ो में ही उतार लूं क्या आपको नाम दूं क्या फिर खुबसूरती কী নী, इजाज़त आपको कंगन, पायल उपहार दूं क्या से संवार दूं क्या आपको ক্ুলী : फिर बहार आपको नाम दूं क्या বতাড়ন ক্ী নী आपको रब से मांग लूं क्या आपको अपने दिल से चाह लूं क्या फिर चाहत ही आपको नाम दूं क्या इजाज़त हो तो आपको रातों के ख्वाब दूं क्या आपको बातों की बरसात दूं क्या फिर नूर-ए-शाम आपको नाम दूं क्या आपकी इजाज़त हो तो, आपके साथ जिंदगी गुजार लूं क्या वैसे तो आपको ज़रुरत नहीं , किसी शायर के लफ़्ज़ों कि पर इजाज़त हो तो आपको ग़ज़लों में उतार लूं क्या? ? ? 6.44 pm 7:02 _ m ق अधूरा इश्क़ R 188K followers इजाज़त हो तो, आपको एक खुबसूरत नाम दूं क्या आपके कोमल हाथों को थाम लूं क्या फिर जिंदगी आपको नाम दूं क्या इजाज़त हो तो, आपको नजरों से ही निहार लूं क्या आपको लफ्ज़ो में ही उतार लूं क्या आपको नाम दूं क्या फिर खुबसूरती কী নী, इजाज़त आपको कंगन, पायल उपहार दूं क्या से संवार दूं क्या आपको ক্ুলী : फिर बहार आपको नाम दूं क्या বতাড়ন ক্ী নী आपको रब से मांग लूं क्या आपको अपने दिल से चाह लूं क्या फिर चाहत ही आपको नाम दूं क्या इजाज़त हो तो आपको रातों के ख्वाब दूं क्या आपको बातों की बरसात दूं क्या फिर नूर-ए-शाम आपको नाम दूं क्या आपकी इजाज़त हो तो, आपके साथ जिंदगी गुजार लूं क्या वैसे तो आपको ज़रुरत नहीं , किसी शायर के लफ़्ज़ों कि पर इजाज़त हो तो आपको ग़ज़लों में उतार लूं क्या? ? ? 6.44 pm - ShareChat
#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - किसी की जिंदगी छोटी , तो किसी की बड़ी होती है! मौत किसी के दरवाजे पर, तो किसी के सिर पर खडी होती है! कौन जाने किसी के हिस्से में , कल का सुरज आएगा कि नहीं ! जिससे मुंह फुलाकर बैठे हो आज, वो क्या पता कल मिल पाएगा की नहीं! दिल से जुडे रिश्तों को, युं ना गलतफहमियों यों का शिकार बनाइए! मन-्मुटाव की इस गांठ को, इतना कस कर ना लगाइए! ये वक्त की रेत हाथों से, পল ম ক্িমল எரரி! तुम आवाज लगाते रहोगे , और वो बहुत दुर निकल जाएगी! किसी की जिंदगी छोटी , तो किसी की बड़ी होती है! मौत किसी के दरवाजे पर, तो किसी के सिर पर खडी होती है! कौन जाने किसी के हिस्से में , कल का सुरज आएगा कि नहीं ! जिससे मुंह फुलाकर बैठे हो आज, वो क्या पता कल मिल पाएगा की नहीं! दिल से जुडे रिश्तों को, युं ना गलतफहमियों यों का शिकार बनाइए! मन-्मुटाव की इस गांठ को, इतना कस कर ना लगाइए! ये वक्त की रेत हाथों से, পল ম ক্িমল எரரி! तुम आवाज लगाते रहोगे , और वो बहुत दुर निकल जाएगी! - ShareChat
#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - निकल रहे थे आँसू और अँधेरी रात थी, घर के हज़ार मसले थे और साथ उसकी याद थी। दीवार-ओ-दर भी चुप थे, हवा भी ख़ामोश थी, दिल से जो बात निकली वही मेरी फ़रियाद थी। रोटी की फ़िक्र, बच्चों की हँसी का सवाल था, हर एक धड़कन में मगर बस उसकी ही बात थी। हुई आवाज़ सुन रहा था मैं, सपनों की टूटती तक़दीर मेरे सामने जैसे कोई फ़साद थी। थक कर जो बैठा तो चाँद भी उदास लगा, सितारों की महफ़िल में भी अजब सी बरबाद थी। हुई तो दर्द की शिद्दत कुछ कम न थी, सुबह चेहरे पे मुस्कान थी, मगर अंदर फ़रियाद थी। निकल रहे थे आँसू और अँधेरी रात थी, घर के हज़ार मसले थे और साथ उसकी याद थी। दीवार-ओ-दर भी चुप थे, हवा भी ख़ामोश थी, दिल से जो बात निकली वही मेरी फ़रियाद थी। रोटी की फ़िक्र, बच्चों की हँसी का सवाल था, हर एक धड़कन में मगर बस उसकी ही बात थी। हुई आवाज़ सुन रहा था मैं, सपनों की टूटती तक़दीर मेरे सामने जैसे कोई फ़साद थी। थक कर जो बैठा तो चाँद भी उदास लगा, सितारों की महफ़िल में भी अजब सी बरबाद थी। हुई तो दर्द की शिद्दत कुछ कम न थी, सुबह चेहरे पे मुस्कान थी, मगर अंदर फ़रियाद थी। - ShareChat
#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - बेचता हूँ बनाता नहीं हूँ मैं बस ख़्वाब लेकिन ये बात सब को बताता नहीं हूँ मैं दुनिया से मुझ को इतनी मोहब्बत ज़रूर है बारिश में भीगता हूँ नहाता नहीं हूँ मैं करता नहीं हूँ याद किसी को मलाल में ;7 ؟ खिलाता नहीं हूँ मैं ऐसी हवा अब तेरा खेल खेल रहा हूँ मैं अपने साथ खुद को पुकारता हूँ और आता नहीं हूँ मैं रोशनी समझ के मुझे राख हो गया H &# वो ये समझ रहा था जलाता नहीं आसाँ नहीं हैं मेरी अज़ीयत के दाव-पेच हूँ और जान से जाता नहीं हूँ मैं मरता 'मासूम' बे-करारी है मेरे ख़मीर में उड़ती है मेरी ख़ाक, उड़ाता नहीं हूँ मैं! !  बेचता हूँ बनाता नहीं हूँ मैं बस ख़्वाब लेकिन ये बात सब को बताता नहीं हूँ मैं दुनिया से मुझ को इतनी मोहब्बत ज़रूर है बारिश में भीगता हूँ नहाता नहीं हूँ मैं करता नहीं हूँ याद किसी को मलाल में ;7 ؟ खिलाता नहीं हूँ मैं ऐसी हवा अब तेरा खेल खेल रहा हूँ मैं अपने साथ खुद को पुकारता हूँ और आता नहीं हूँ मैं रोशनी समझ के मुझे राख हो गया H &# वो ये समझ रहा था जलाता नहीं आसाँ नहीं हैं मेरी अज़ीयत के दाव-पेच हूँ और जान से जाता नहीं हूँ मैं मरता 'मासूम' बे-करारी है मेरे ख़मीर में उड़ती है मेरी ख़ाक, उड़ाता नहीं हूँ मैं! ! - ShareChat
#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - अक्सर अकेलेपन से वही गुजरता है, जो जिंदगी में सही फैसलों को चुनता है। कभी कभी कुछ बातों का बाद में एहसास होता है। जो अपने कदमों की काबिलियत विश्वास रखते हैं, पर वही लोग अक्सर पहुंचते हैं। मंज़िल पर अक्सर अकेलेपन से वही गुजरता है, जो जिंदगी में सही फैसलों को चुनता है। कभी कभी कुछ बातों का बाद में एहसास होता है। जो अपने कदमों की काबिलियत विश्वास रखते हैं, पर वही लोग अक्सर पहुंचते हैं। मंज़िल पर - ShareChat
#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - बेटी और पापा चलना मुश्किल है, फिर भी रुकते नहीं पापा, हर दर्द छुपाकर, मुस्कुराते हैं पापा। बेटी की छोटी सी पकड़ में है उनकी दुनिया, उस नन्हे से सहारे में बसती है उनकी खुशियाँ, , , लाठी नहीं, हौसला थामे आगे बढ़ते हैं , हर ठोकर में भी॰ सपनों को साथ रखते हैं, , , बेटी की हँसी है उनकी सबसे बड़ी ताक़त, उसके लिए ही तो लड़ते हैं हर हालात से पापा, , , कभी पापा बेटी का सहारा बनते हैं, तो कभी बेटी पापा की हिम्मत बन जाती है. यही रिश्ता है,,, जहाँ प्यार, दर्द से भी बड़ा हो जाता है...! ! बेटी और पापा चलना मुश्किल है, फिर भी रुकते नहीं पापा, हर दर्द छुपाकर, मुस्कुराते हैं पापा। बेटी की छोटी सी पकड़ में है उनकी दुनिया, उस नन्हे से सहारे में बसती है उनकी खुशियाँ, , , लाठी नहीं, हौसला थामे आगे बढ़ते हैं , हर ठोकर में भी॰ सपनों को साथ रखते हैं, , , बेटी की हँसी है उनकी सबसे बड़ी ताक़त, उसके लिए ही तो लड़ते हैं हर हालात से पापा, , , कभी पापा बेटी का सहारा बनते हैं, तो कभी बेटी पापा की हिम्मत बन जाती है. यही रिश्ता है,,, जहाँ प्यार, दर्द से भी बड़ा हो जाता है...! ! - ShareChat
#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - फरवरी सिर्फ़ प्यार का महीना नहीं होता, ये यादों की अदालत होता है। UగT कुछ लोग अपने साथ वाले का हाथ थामे खुश होते हैं, और कुछ लोग अपनी तन्हाई का हाथ पकड़े खुद को समझाते रहते हैं। महीने गुलाब नहीं, इस जज़्बात खिलते हैं। मैसेज नहीं, दिल पढ़े जाते हैं। फरवरी उन लोगों का भी है जो किसी को पा नहीं सके, लेकिन आज भी उसे खोने की हिम्मत नहीं कर पाए। क्योंकि सच्चा प्यार साथ रहने का नाम नहीं, दिल में ज़िंदा रहने का नाम है. 10.40 फरवरी सिर्फ़ प्यार का महीना नहीं होता, ये यादों की अदालत होता है। UగT कुछ लोग अपने साथ वाले का हाथ थामे खुश होते हैं, और कुछ लोग अपनी तन्हाई का हाथ पकड़े खुद को समझाते रहते हैं। महीने गुलाब नहीं, इस जज़्बात खिलते हैं। मैसेज नहीं, दिल पढ़े जाते हैं। फरवरी उन लोगों का भी है जो किसी को पा नहीं सके, लेकिन आज भी उसे खोने की हिम्मत नहीं कर पाए। क्योंकि सच्चा प्यार साथ रहने का नाम नहीं, दिल में ज़िंदा रहने का नाम है. 10.40 - ShareChat
#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - सुनो ना.. अगर तुम कभी प्रेम करो, तो सिर्फ उसी से करना - जो तुम्हारे हँसने के अंदाज़ से प्रेम करे, रोने के दर्द को समझे, 35R और कोसों दूर रहकर भी आँसू पोंछ सके। 35R जो मीलों की दूरी से भी तुम्हारा दर्द महसूस कर ले, दूर होकर भी सबसे करीब रहे। तुम्हारे हर लम्हा और जो मीलों दूर रहकर भी कंधे पर टिका दे, अपना सिर 35R ख़ामोशी सुने, तुम्हारी अनकहे एहसासों को समझ ले उन जो तुम कह नहीं पा रहे हो उससे... सुनो ना तुम बस उसी से ही प्रेम करना..... ! ! सुनो ना.. अगर तुम कभी प्रेम करो, तो सिर्फ उसी से करना - जो तुम्हारे हँसने के अंदाज़ से प्रेम करे, रोने के दर्द को समझे, 35R और कोसों दूर रहकर भी आँसू पोंछ सके। 35R जो मीलों की दूरी से भी तुम्हारा दर्द महसूस कर ले, दूर होकर भी सबसे करीब रहे। तुम्हारे हर लम्हा और जो मीलों दूर रहकर भी कंधे पर टिका दे, अपना सिर 35R ख़ामोशी सुने, तुम्हारी अनकहे एहसासों को समझ ले उन जो तुम कह नहीं पा रहे हो उससे... सुनो ना तुम बस उसी से ही प्रेम करना..... ! ! - ShareChat
#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - अर्ज Kiya hai. ऐ हवा तूभी तो वहां जाती होगी, मेरा हाल उनको तो बताती होगी..! जरा छू कर तो देख 344  41, ತಾ ಿ #4 क्या uTా 3ITdt గWfT.!! अर्ज Kiya hai. ऐ हवा तूभी तो वहां जाती होगी, मेरा हाल उनको तो बताती होगी..! जरा छू कर तो देख 344  41, ತಾ ಿ #4 क्या uTా 3ITdt గWfT.!! - ShareChat
#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - मैं आधा ्अधूरा किसी पे हक नहीं जताती, तुम पूरी तरह मेरे हो पाओगे क्या? मेरा, যসয-যসয ঐ যনন তীভা যাথ तुम हर समय साथ रह पाओगे क्या? मैं गलतियां बहुत करती हूँ, मेरी गलतियां नज़रअंदाज़ कर मुझे समझ पाओगे क्या? बात-बात पे नाराज़ होती हूँ, हर बार मना पाओगे क्या? हाँ थोड़ी शरारती हूँ मैं, तुम मुझे संभाल पाओगे क्या? खुद में पहेली सी उलझ जाती हूँ, तुम मुझे सुलझा पाओगे क्या?  बोलती बहुत हूँ, मैं तुम सारी बातें सुन पाओगे क्या? मुझे बीते कल का नहीं पता, आने वाले कल में साथ रह पाओगे क्या? मैं आधा ्अधूरा किसी पे हक नहीं जताती, तुम पूरी तरह मेरे हो पाओगे क्या? मैं आधा ्अधूरा किसी पे हक नहीं जताती, तुम पूरी तरह मेरे हो पाओगे क्या? मेरा, যসয-যসয ঐ যনন তীভা যাথ तुम हर समय साथ रह पाओगे क्या? मैं गलतियां बहुत करती हूँ, मेरी गलतियां नज़रअंदाज़ कर मुझे समझ पाओगे क्या? बात-बात पे नाराज़ होती हूँ, हर बार मना पाओगे क्या? हाँ थोड़ी शरारती हूँ मैं, तुम मुझे संभाल पाओगे क्या? खुद में पहेली सी उलझ जाती हूँ, तुम मुझे सुलझा पाओगे क्या?  बोलती बहुत हूँ, मैं तुम सारी बातें सुन पाओगे क्या? मुझे बीते कल का नहीं पता, आने वाले कल में साथ रह पाओगे क्या? मैं आधा ्अधूरा किसी पे हक नहीं जताती, तुम पूरी तरह मेरे हो पाओगे क्या? - ShareChat