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#👉 लोगों के लिए सीख👈 #☝अनमोल ज्ञान #❤️जीवन की सीख #👌 अच्छी सोच👍 #🌸 सत्य वचन
👉 लोगों के लिए सीख👈 - "श्री सदगुरुदेवाय नमः जब मनुष्य एक बार गलत रास्ते पर चला जाता हैतो उसके पास इतना ज्ञान और विवेक नहीं अंधकार में खोये हुए पथिक की भांति वह गलत मार्ग पर होता कि वह सही रास्ते पर चले। सीधे दूर { चलता जाता है। अगर कोई रोककर उसे  चित्रित न करे.तो वह अज्ञानता में वहीं ही भटकता रहेगा। कभी-् कभी लोग बुझते नीतिकार मार्ग का अवलंबन कर लेते हैं। इसका कारण यह है कि एक बार गलत मार्ग चुनने के बाद सही मार्ग पर आने से उनके गौरव और अहंकार को ठेस पहुंचती है। वे गलत मार्ग पर चलकर भी वही मिथ्या गौरव की रक्षा में सुरक्षित रहते हैं। गलत संतुलन कर लेने पर उसे शीघ्र से शीघ्र सुधार लेना ही बुद्धिमत्ता है। अन्यथा वह अधिकाधिक अभिव्यंजना को प्राप्त करना चाहता है। बाबूलाल बाबूलाल . "श्री सदगुरुदेवाय नमः जब मनुष्य एक बार गलत रास्ते पर चला जाता हैतो उसके पास इतना ज्ञान और विवेक नहीं अंधकार में खोये हुए पथिक की भांति वह गलत मार्ग पर होता कि वह सही रास्ते पर चले। सीधे दूर { चलता जाता है। अगर कोई रोककर उसे  चित्रित न करे.तो वह अज्ञानता में वहीं ही भटकता रहेगा। कभी-् कभी लोग बुझते नीतिकार मार्ग का अवलंबन कर लेते हैं। इसका कारण यह है कि एक बार गलत मार्ग चुनने के बाद सही मार्ग पर आने से उनके गौरव और अहंकार को ठेस पहुंचती है। वे गलत मार्ग पर चलकर भी वही मिथ्या गौरव की रक्षा में सुरक्षित रहते हैं। गलत संतुलन कर लेने पर उसे शीघ्र से शीघ्र सुधार लेना ही बुद्धिमत्ता है। अन्यथा वह अधिकाधिक अभिव्यंजना को प्राप्त करना चाहता है। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
#🌸 सत्य वचन #❤️जीवन की सीख #☝अनमोल ज्ञान #👌 अच्छी सोच👍 #👉 लोगों के लिए सीख👈
🌸 सत्य वचन - सदगुरुदेवाय नमः " "श्री हमें अपने अंतः प्रदेश में सात्विक प्रेम की भावनाएं जागृत करनी चाहिए और लोगों को अनुभव देना चाहिए, उन्हें आत्मीयता की दृष्टि से देखना चाहिए हमें भी सतीत्व प्रेम के रसास्वादन से आलोचना नहीं करनी चाहिए। अगर दुनियां रूपी खेत में हम अपना प्रेम रूपी बीज बिखेखते फिरें तो कोई-्नन्कोई पौधा उसका जरूर उगेगा और उसकी सुगंध से हमको व आपको आनंद की तृप्ति जरूरउपलब्ध होगी यह मेरा विश्वास है। बाबूलाल बाबूलाल . सदगुरुदेवाय नमः " "श्री हमें अपने अंतः प्रदेश में सात्विक प्रेम की भावनाएं जागृत करनी चाहिए और लोगों को अनुभव देना चाहिए, उन्हें आत्मीयता की दृष्टि से देखना चाहिए हमें भी सतीत्व प्रेम के रसास्वादन से आलोचना नहीं करनी चाहिए। अगर दुनियां रूपी खेत में हम अपना प्रेम रूपी बीज बिखेखते फिरें तो कोई-्नन्कोई पौधा उसका जरूर उगेगा और उसकी सुगंध से हमको व आपको आनंद की तृप्ति जरूरउपलब्ध होगी यह मेरा विश्वास है। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
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👉 लोगों के लिए सीख👈 - सदगुरुदेवाय नमः "gt बहुत गंवाकर भी अंत में यदि कोई मनुष्य सम्भल जाता हैतो वह भी बुद्धिमान ही माना जाएगा। बाबूलाल बाबूलाल . सदगुरुदेवाय नमः "gt बहुत गंवाकर भी अंत में यदि कोई मनुष्य सम्भल जाता हैतो वह भी बुद्धिमान ही माना जाएगा। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
#🌸 सत्य वचन #☝अनमोल ज्ञान #👌 अच्छी सोच👍 #❤️जीवन की सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈
🌸 सत्य वचन - "श्री सदगुरुदेवाय नमः हर इंसान सोचता है कि हमारे मरने के बाद हमारे कुटुंब का क्या होगा ?इसी चिंता सेभावी दुख की आपदा में अपना आधा सुख नष्ट कर देते हैं। ऐसे लोगों को होता है अभिमान कि इस कुटुंब का भरण- पोषण करने वाले हम ही हैं। वे ईश्वर को भूल जाते हैं। यह ज्ञान नहीं रहता कि हम जिसे अपना कहते हैं वह अपना नहीं भगवान का है। यदि आपका आपसे कोई कहे कि कुटुंब का पालन-्पोषण करने वाला ईश्वर है,तो इस पर आपको विश्वास नहीं होगा। वे भूल जाते हैं कि ईश्वर ने हमको जिस देश जाति या कुटुंब में हमको जन्म दिया है उसकी निष्काम प्रवृत्ति से सेवा करना हमारा कर्तव्य है। उनके इस विचार और विश्वास से पता चलता है कि उनके पीछे जाति या कुटुंब का काम करने वाला कोई नहीं है। ऐसे लोगों की मौत के बारे में ೩t जानें तो उन्हें पता चल जाएगा कि उनकी चिंता करना सर्वथा व्यर्थथा। बाबूलाल बाबूलाल . "श्री सदगुरुदेवाय नमः हर इंसान सोचता है कि हमारे मरने के बाद हमारे कुटुंब का क्या होगा ?इसी चिंता सेभावी दुख की आपदा में अपना आधा सुख नष्ट कर देते हैं। ऐसे लोगों को होता है अभिमान कि इस कुटुंब का भरण- पोषण करने वाले हम ही हैं। वे ईश्वर को भूल जाते हैं। यह ज्ञान नहीं रहता कि हम जिसे अपना कहते हैं वह अपना नहीं भगवान का है। यदि आपका आपसे कोई कहे कि कुटुंब का पालन-्पोषण करने वाला ईश्वर है,तो इस पर आपको विश्वास नहीं होगा। वे भूल जाते हैं कि ईश्वर ने हमको जिस देश जाति या कुटुंब में हमको जन्म दिया है उसकी निष्काम प्रवृत्ति से सेवा करना हमारा कर्तव्य है। उनके इस विचार और विश्वास से पता चलता है कि उनके पीछे जाति या कुटुंब का काम करने वाला कोई नहीं है। ऐसे लोगों की मौत के बारे में ೩t जानें तो उन्हें पता चल जाएगा कि उनकी चिंता करना सर्वथा व्यर्थथा। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
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👉 लोगों के लिए सीख👈 - सदगुरुदेवाय नमः  "श्री जब तक मनुष्य के हृदय में राम का डंका नहीं बजता तब उसकी न पूजा ही रस देती है,और न ज्ञान न वेद की নেক संहिता का अर्थ आएगा न उपनिशद का। নানুললে ননুলল. सदगुरुदेवाय नमः  "श्री जब तक मनुष्य के हृदय में राम का डंका नहीं बजता तब उसकी न पूजा ही रस देती है,और न ज्ञान न वेद की নেক संहिता का अर्थ आएगा न उपनिशद का। নানুললে ননুলল. - ShareChat
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🌸 सत्य वचन - सदगुरुदेवाय नमः  "श्री विकृतियां तो अपने ही दृष्टिकोण की होती हैं जो रुग्णता उद्विग्नता दरिद्रिता और गृह-्कलह के रूप में प्रकट होती है। जीवन की जड में यदि सुसंस्कृत चिंतन के जल से प्रवाहित हो रहा है तो सभी उसके पत्र-्पल्लव हरे-भरे बने रहेंगे और उसका सर्वागिन सुखन्शांति सुरम्य सु क्रमिक रूप से देखा जा सकेगा। : इसी ` ক্লা-কুল को मानव जीवन की सार्थकता कहा जाता है।इसकी उपलब्धि आपके हाथ में है। आत्म-चिंतन आत्म - सुधार आत्म -् निर्माण और आत्म-विकास को अपनी नीति- निर्धारण में परिणित कर लिया जाए तो हमारा जीवन प्रवाह उस दिशा में सहज ही प्राप्त हो जाएगा जिसमें अक्षय सुखन्शांति के आनंद उल्लास के अनुदान पगन्पग पर बने रहेंगे। बाबूलाल बाबूलाल . सदगुरुदेवाय नमः  "श्री विकृतियां तो अपने ही दृष्टिकोण की होती हैं जो रुग्णता उद्विग्नता दरिद्रिता और गृह-्कलह के रूप में प्रकट होती है। जीवन की जड में यदि सुसंस्कृत चिंतन के जल से प्रवाहित हो रहा है तो सभी उसके पत्र-्पल्लव हरे-भरे बने रहेंगे और उसका सर्वागिन सुखन्शांति सुरम्य सु क्रमिक रूप से देखा जा सकेगा। : इसी ` ক্লা-কুল को मानव जीवन की सार्थकता कहा जाता है।इसकी उपलब्धि आपके हाथ में है। आत्म-चिंतन आत्म - सुधार आत्म -् निर्माण और आत्म-विकास को अपनी नीति- निर्धारण में परिणित कर लिया जाए तो हमारा जीवन प्रवाह उस दिशा में सहज ही प्राप्त हो जाएगा जिसमें अक्षय सुखन्शांति के आनंद उल्लास के अनुदान पगन्पग पर बने रहेंगे। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
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👉 लोगों के लिए सीख👈 - सदगुरुदेवाय नमः  "श्री  ईश्वर की आकांक्षा है कि उसकी संतानें व सभी मित्र मिल -्जुलकर स्नेह से बने रहें मधुर वाणी और सरस व्यवहार वाले बने रहें। हे इंसानातू उपदेशक के लिए भेजा गया है। तू मननशील बनकर भद्र पुरुषों के लिए उत्तम उपदेश कर। নানুললে নানুলল. सदगुरुदेवाय नमः  "श्री  ईश्वर की आकांक्षा है कि उसकी संतानें व सभी मित्र मिल -्जुलकर स्नेह से बने रहें मधुर वाणी और सरस व्यवहार वाले बने रहें। हे इंसानातू उपदेशक के लिए भेजा गया है। तू मननशील बनकर भद्र पुरुषों के लिए उत्तम उपदेश कर। নানুললে নানুলল. - ShareChat
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🌸 सत्य वचन - सदगुरूदेवाय नमः ' "श्री हमारे जीवन में आधी गलतियां तो केवल इसलिए होती हैं किं जहां हमको विचार से काम लेना चाहिए वहां हम भावनाओं से काम लेते हैं और आधी गलतियों का कारण है जहां हमको भावनाओं से काम लेना चाहिए वहां हम विचारों से काम लेते हैं। बाबूलाल बाबूलाल . सदगुरूदेवाय नमः ' "श्री हमारे जीवन में आधी गलतियां तो केवल इसलिए होती हैं किं जहां हमको विचार से काम लेना चाहिए वहां हम भावनाओं से काम लेते हैं और आधी गलतियों का कारण है जहां हमको भावनाओं से काम लेना चाहिए वहां हम विचारों से काम लेते हैं। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
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👉 लोगों के लिए सीख👈 - सदगुरुदेवाय नमः " "g1 श्रद्धा हीतो है जो पारिवारिक जीवन को स्नेह  सूत्र में बांधे रखती है। सहयोग करने के यह @ अन्य सदस्यों के लिए अपने स्वार्थों का उत्सर्ग करने की प्रेरणा मिलती है। पारिवारिक विघटनों में अभाव ही कारण बनता है। पति - पत्नी के बीच मन- मुटाव भाई-भाई के बीच मतभेद का कारण अश्रद्धा ही तो है। तर्क एवं व्युत्पत्ति की ध्वनि पर वृद्ध माता-पिता का महत्व भी समझ में नहीं आता है।वे भार रूप में ही क्यों दिखते हैं। यह नजर क्यों नहीं आता कि उनका हमारे ऊपर कितना कर्ज है। उनका आशीर्वाद स्नेह को प्राप्त करने की इच्छा रखने वालों की भाव दृष्टि ही तो श्रद्धा की ही उपलब्धि है।जो सदा एक युवा को माता- पिता के सामने यह नत ्मस्तक बना के रखती है। ননুেললে ননুেললে. सदगुरुदेवाय नमः " "g1 श्रद्धा हीतो है जो पारिवारिक जीवन को स्नेह  सूत्र में बांधे रखती है। सहयोग करने के यह @ अन्य सदस्यों के लिए अपने स्वार्थों का उत्सर्ग करने की प्रेरणा मिलती है। पारिवारिक विघटनों में अभाव ही कारण बनता है। पति - पत्नी के बीच मन- मुटाव भाई-भाई के बीच मतभेद का कारण अश्रद्धा ही तो है। तर्क एवं व्युत्पत्ति की ध्वनि पर वृद्ध माता-पिता का महत्व भी समझ में नहीं आता है।वे भार रूप में ही क्यों दिखते हैं। यह नजर क्यों नहीं आता कि उनका हमारे ऊपर कितना कर्ज है। उनका आशीर्वाद स्नेह को प्राप्त करने की इच्छा रखने वालों की भाव दृष्टि ही तो श्रद्धा की ही उपलब्धि है।जो सदा एक युवा को माता- पिता के सामने यह नत ्मस्तक बना के रखती है। ননুেললে ননুেললে. - ShareChat
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🌸 सत्य वचन - "श्री सदगुरुदेवाय नमः ' रोटी, पानी , चाकरी , और घोडे का तंग। अपने हाथ संवारिए, चाहे लाख लोग हों संग। । নানুলাল নানুলাল . "श्री सदगुरुदेवाय नमः ' रोटी, पानी , चाकरी , और घोडे का तंग। अपने हाथ संवारिए, चाहे लाख लोग हों संग। । নানুলাল নানুলাল . - ShareChat