#gyan ganga #santrampal mahraj ji #GodMorningThursday
#राम_रंग_होरी_हो
. शिव पूजा
शिव पूजा के लिये कितने ही अंधभक्त जिन्हे असली पूजा का कोई ज्ञान नहीं है, आज वह शिवलिंग की पूजा कर दूध उस पत्थर पर अर्पित कर देंगे। शास्त्राविरूध साधना से देश में जाने कितना लीटर दूध बरबाद हो जाएगा किन्तु किसी भूखे नवजात बच्चे को कभी दूध नहीं देगा। जरा ये शब्द सुनो शिवलिंग फिर अंदाजा लगाना आखिर आप किस पत्थर की पूजा करते हो।
हमारा मकसद हिन्दू धर्म के आस्था का ठेस पहुंचना नहीं बल्कि लोगो को यह समझना है कि शिव पूजा जो आप कर रहे वो सही नहीं। आज आप जो लाखो टन दूध बरबाद करोगे कभी गरीब के बच्चे को भी दिया करो। शिव कि भक्ति करने के लिये भी एक मंत्र विशेष है जिससे आपको लाभ मिलेगा। वह मंत्र केवल संत रामपाल दास जी महाराज के पास है।
Sant RampalJi YouTube
#gyan ganga #santrampal mahraj ji #GodMorningThursday
#राम_रंग_होरी_हो
. कौआ और हंस
गरीब, हंस गवन करते नहीं, मानसरोवर छाड़ी।
कौवा उडि उडि जात हैं, खाते मांसा हाड।।
गरीब, मानसरोवर मुक्ति फल, मुक्ता हल के ढेर।
कौवा आसन नां बंधै, जै भूमि दीन सुमेर।।
गरीब, कौवा रूपी भेष है, ना परतीत यकीन।
अठसठि का फल मेटि करि, भये दीन बे दीन।।
गरीब, हंस दशा तौ साध हैं, सरोवर है सतसंग।
मुक्ताहल बानी चुगैं, चढत नबेला रंग।।
उपरोक्त वाणियों में संत गरीबदास जी ने समझाया है कि जिस सरोवर में मोती होते हैं। उस सरोवर पर हंस पक्षी ही रहते हैं यानि हंस ही स्थाई निवास करते हैं क्योंकि उनका आहार मोती ही होता है। हंस मछली या अन्य जीव-जंतुओं का माँस नहीं खाता। कौआ पक्षी उस सरोवर पर नहीं टिकता। वह कुछ देर आता है। वहाँ माँस नहीं मिलता। फिर माँस खाने के लिए कहीं ओर उड़ जाता है।
सत्संग सरोवर कहा है और साध संगत हंस कहे हैं तथा विकारी व्यक्ति कौए रूपी बताए हैं। भक्त तो सत्संग प्रवचन रूपी मोती खाते हैं जो उनका आहार है तथा शराबी कवाबी कौए रूपी हैं जो सत्संग में अधिक देर नहीं टिकते, परंतु भक्त सत्संग छोड़कर अन्य स्थान पर नहीं जाते जैसे सिनेमा देखना, नाचना, शराब का ठेका आदि स्थानों पर भक्त नहीं जाते तथा अन्य उपासना जो शास्त्राविरूद्ध है, वह करने किसी देवी-धाम, तीर्थ आदि पर नहीं जाते।
जो शास्त्राविरूद्ध साधना करने वाले पंथ हैं, उनके अनुयाई हमारे ज्ञान पर विश्वास न करके अड़सठ।तीर्थों पर भटकते हैं। उनको यह ज्ञान नहीं है कि जिन महापुरूषों ने जिस स्थान पर साधना की है, उनके नाम से वे स्थान प्रसिद्ध हैं। आप भी वैसी साधना करो। उन तीर्थ स्थानों पर जाकर उन अड़सठ तीर्थों का गुण यानि लाभ प्राप्त नहीं कर सकते। उनका लाभ तो उसी प्रकार डटकर साधना करने से मिलेगा जिसको तीर्थ भ्रमण करने वाले मिटा रहे हैं यानि खो रहे हैं।
गरीब, दरस परस नहीं अंतरा, रूमी बस्त्रा बीच।
पारस लोहा एक ढिग, पलटै नहीं अभीच।।
गरीब, च्यार मुक्ति बैकुंठ बट, सप्तपुरी सैलान।
आगै धाम कबीरका, हंस न पावैं जान।।
गरीब, पल सेती पल ना मिलै, भौंहि लगै नहीं भौंहि।
बिच तकिया महबूब का, परमेश्वर की सौंहि।।
पुराने समय में रोम देश का बना बहुत पतला वस्त्र आता था जिसे सेठ लोग पहनते थे। बताया है कि पारस पत्थर को लोहे से छू दिया जाए तो वह स्वर्ण बन जाता है। यदि पारस पत्थर और लोहा साथ-साथ रखे हैं और उनके बीच में रूपी वस्त्र की मोटाई जितना भी फांसला रह जाए तो चाहे लाख वर्ष रखे रहो, स्वर्ण नहीं बनेगा।
इसी प्रकार संत के पास कपट रखने वाला व्यक्ति भक्त बना दिखाई देता है, परंतु उस पर संत के पारस रूपी सत्संग वचनों का प्रभाव नहीं पड़ता। सात नगरियाँ जो श्री ब्रह्मा, विष्णु, शिव जी तथा दुर्गा, धु्रव, प्रहलाद आदि के लोक हैं, इनमें तो चार मुक्ति वाले निवास करते हैं। फिर जन्म-मरण में आते हैं। इनसे कबीर जी का स्थान दोनों सैलियों के मध्य में यानि त्रिकुटी में है। वहाँ से आगे सतलोक जाते हैं।
सत्य साधना न होने के कारण कोई भी साधक सतलोक नहीं जा पाता। काल जाल में ही रह जाता है। त्रिकुटी स्थान पर कबीर जी का तकिया यानि सिंहासन है। गरीबदास जी ने परमात्मा की सौगंध खाकर बताया है कि मैं सत्य कह रहा हूँ।
कुछ अज्ञानी व्यक्ति स्वयंभू बनकर बैठे हैं। कहते हैं कि आँखों की पलकों को इतना बंद करो कि वे आपस में मिलें नहीं यानि आँखों को थोड़ा खोलकर सामने एकटक देखो, कुछ दिखाई देगा। वह परमात्मा है। कुछेक को अपनी आँखों के सामने वाली काली-2 टिक्की या स्प्रिंग-सा दिखाई देता है। उसी को परमात्मा का स्वरूप बताया जाता है। कुछेक को कुछ नहीं दिखता। वे शर्म के मारे कह देते हैं, हाँ! कुछ दिखा। परंतु बाद में स्पष्ट बताते हैं कि कुछ नहीं दिखा। गुरू जी ने बार-बार कहा तो हाँ भर ली थी।
ऐसे दोनों प्रकार के भ्रमित व्यक्ति संत रामपाल जी महाराज का ज्ञान समझकर संत रामपाल के पास आए और दीक्षा ली, तब बताया। उनको मैंने समझाया कि भक्ति की प्रेरणा पूर्व जन्म के शुभ संस्कारों के कारण होती है। उनमें पूर्व जन्म में की भक्ति की शक्ति यानि भक्ति की कमाई शेष रहती है। विशेष ध्यान देने से आँखों के सामने काली बिन्दु रूप में या बाल जैसे स्प्रिंग के छल्ले रूप में दिखते हैं। यदि फिर से शास्त्र विधि अनुसार सत्य साधना करने को नहीं मिलती तो इसी जन्म में कुछ समय उपरांत दिखाई देनी बंद हो जाती हैं क्योंकि वह खर्च हो जाती हैं।
संत रामपाल दास जी महाराज को बचपन से ही ऐसी वस्तुऐं आँखों के सामने दिखाई देती थी। सोचता था कि मेरी दृष्टि कमजोर है। जिस कारण से ये काली-2 टिकारियाँ दिखाई दे रही हैं। सन् 1988 में गुरू जी से दीक्षा लेने के पश्चात् वे और अधिक हो गई तो चिंता बढ़ गई कि शायद आँखों की दृष्टि और कम हो गई है। चैक करवाया तो आँखें ठीक मिली। एक दिन गुरू जी को बताया तो उन्होंने कहा कि यह तेरी भक्ति का धन है जो बढ़ने लगा है। पहले यह पूर्व जन्म की बची भक्ति दिखाई देती थी। यह धीरे-धीरे समाप्त हो जाती। उसके पश्चात् शांति हुई तथा अब अत्यधिक बढ़ गई है, ढ़ेर लगा है।
गरीब, नर नाडि कूं पकडि हैं, कर सें गहै सुचेत।
निशां नफस में होत है, तब हंसा दरशै श्वेत।
जैसे नाडि़या वैद्य हाथ की नाड़ी को हाथ से सावधानी से पकड़ता है। उसकी गति से रोग को जान लेता है। इसी प्रकार सत्य साधना सावधानी से सुरति-निरति (ध्यान) लगाकर की जाती है। तब साधक सफेद रंग का दिखाई देता है यानि सतलोक में जीवात्मा सफेद नूरी शरीर धारण करती है। चिन्ह साधना करने से मोक्ष के लक्षण दिखाई देते हैं।
गरीब, कलि बिष कोयला कर्म हैं, चिनघी अगनि पतंग।
अजामेल सदना तिरे, जरि बरि गये कुसंग।।
गरीब, मौनि रहैं मघ नां लहैं, मारग बंकी बाट।
शून्य शिखर गढ सुरंग है,करि सतगुरु सें सांट।
पाप कर्म तो कोयले के समान हैं। सत्यनाम की अग्नि की चिंगारी का पतंगा जलता हुआ लकड़ी या कोयले का टुकड़ा यदि उड़कर किसी सूखे घास या कोयले के ढे़र में गिर जाता है। उसे जलाकर राख कर देता है। ऐसे सत्य साधना का पतंगा पापों को जलाकर राख कर देता है। इसी तरह पापी अजामेल तथा सदना कसाई तर गए थे। भवसागर से पार हो गए थे। उनके पाप जल गए। उनका कुसंग यानि बुरी संगत छूट गई थी।
Sant RampalJi YouTube
#gyan ganga #santrampal mahraj ji God Kabir Sahib appeared in the form of a living Mahatma—this is an amazing spiritual event.
The land of Haryana has been witness to saints and divine events.
The life of Saint Garibdas ji is a proof of direct experience of God.
God himself revealed the path of true devotion to Garibdas ji.
#SantGaribdasJi
#hinduism #sanatandharma #hindu #mahadev #langar #waheguru
#Satlok
#KabirisGod
#SupremeGod
#gyan ganga #santrampal mahraj ji "All the powers of Satguru Sahib are with you, Hari has come to Haryana."
This saying still inspires faith in the hearts of devotees.
True devotion is the only path to liberation from birth and death.
The sacred land of Haryana became witness to this divine union.
#hindu #mahadev #langar #waheguru #reel #viralreels #trendingreels
#SantRampalJiMaharaj #SaintRampalJi
#TrueGuru
#TatvdarshiSant
#gyan ganga #santrampal mahraj ji Hari Aaye Haryana Nu – A message of devotion, knowledge, and liberation.
The life of Sant Garibdas Ji reveals the glory of a true Guru.
Getting a glimpse of Satlok is a symbol of God's special grace.
The words of saints always show the path of truth.
#langar #waheguru #reel #viralreels #trendingreels
#SantRampalJiMaharaj #SaintRampalJi
#Satlok
#SatlokAshram
#santrampal mahraj ji #gyan ganga #हरि_आये_हरियाणे_नूं
A clear description of Satlok and God is found in the words of Saint Garibdas Ji.
The true Guru is the one who shows the path of salvation to the soul.
2Days Left For Bodh Diwas
#santrampal mahraj ji #gyan ganga #हरि_आये_हरियाणे_नूं
God Kabir Sahib appeared in the form of a living Mahatma—this is an amazing spiritual event.
The land of Haryana has been witness to saints and divine events.
2Days Left For Bodh Diwas
#santrampal mahraj ji #gyan ganga #हरि_आये_हरियाणे_नूं
"All the art belongs to Satguru Sahib, Hari has come to Haryana."
This saying still inspires faith in the hearts of devotees.
2Days Left For Bodh Diwas
#santrampal mahraj ji #gyan ganga संत गरीबदास जी महाराज के बोध दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 26, 27, 28 फरवरी 2026 को संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में सभी सतलोक आश्रमों में संत गरीबदास जी महाराज की अमरवाणी का अखंड पाठ, शुद्ध देसी घी से निर्मित विशाल भंडारा, रक्तदान शिविर, नशामुक्त कार्यक्रम, दहेजमुक्त विवाह जैसे अद्भुत समाज सेवी कार्यक्रम चल रहे हैं। आप सपरिवार सादर आमंत्रित हैं।
26, 27, 28 फरवरी 2026 को संत गरीबदासजी महाराज के बोध दिवस के उपलक्ष्य में संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में सभी सतलोक आश्रमों में विशेष समागम का आयोजन किया जा रहा है। विशाल भंडारा, रक्तदान शिविर, देहदान शिविर, नशा मुक्त कार्यक्रम, तथा दहेज मुक्त शादियां जैसे अद्भुत अद्वितीय कार्यक्रम चल रहे हैं। आप सपरिवार सादर आमंत्रित हैं।
संत गरीबदास जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य पर संत रामपाल जी महाराज जी के सभी सतलोक आश्रमों में तीन दिवसीय(26, 27, 28 फरवरी 2026) नि:शुल्क भंडारा किया जाएगा। साथ ही दहेज मुक्त रमैणी अर्थात शादियां, रक्तदान शिविर का आयोजन, देहदान शिविर का आयोजन, एवं आध्यात्मिक प्रदर्शनी भी देखने को मिलेगी।
इस भंडारे में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
संत गरीबदास जी के बोध दिवस पर सभी सतलोक आश्रमों में 26, 27, 28 फरवरी 2026 को संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
26, 27, 28 फरवरी 2026 को संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में संत गरीबदास जी का बोध दिवस मनाया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में सभी सतलोक आश्रमों में विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है जिसमें पूरा विश्व आदर के साथ आमंत्रित है।
संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में संत गरीबदास जी के बोध दिवस पर 26, 27, 28 फरवरी 2026 को सभी सतलोक आश्रमों में विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है जिसमें पूरा विश्व आमंत्रित है।
#निमंत्रणसंसारको_सम्मानकेसाथ
#GrandBhandara_By_SantRampalJi
#SantGaribdasJiMaharaj #BodhDiwas_Of_SantGaribdasJi
#SantRampalJiMaharaj #Bhandara #trendingvideos #viralreels #viralreelsfb
#santrampal mahraj ji #gyan ganga गरीबदास जी बचपन से ही अन्य ग्वालों के साथ गौ चराने जाते थे। कबलाना गाँव की सीमा से सटे नला खेत में 10 वर्ष के बालक गरीबदास जी जांडी के पेड़ के नीचे सन 1727 में अन्य ग्वालों के साथ जब भोजन कर रहे थे तभी वहाँ से कुछ दूरी पर सत्यपुरुष कबीर साहेब जिंदा महात्मा के रूप में सतलोक से अवतरित हुए और गरीबदाज जी महाराज से मिले।
कबीर परमात्मा सन् 1727 में गरीबदास जी को मिले व अपने यथार्थ ज्ञान से व यथार्थ स्थान (सतलोक) से परिचित करवाया। इसके बाद गरीबदास जी ने उस पूर्ण परमात्मा की तथा सतलोक की वास्तविक जानकारी को अपने मुख कमल से उच्चारण किया था, जिसका लेखन दादू पंथ से दीक्षित संत गोपालदास जी ने किया गया था। और सर्व मानव समाज को एक ऐसा अनमोल ग्रंथ दिया जिसे आज सद्ग्रन्थ साहिब के नाम से जाना जाता है।
#संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान
#SantGaribdasJiMaharaj #BodhDiwas_Of_SantGaribdasJi
#SantRampalJiMaharaj #Bhandara #trendingvideos #viralreels #viralreelsfb







![gyan ganga - Yani Ooye tuiljuiu Nw God graced Haryana in 1727. Supreme God Kabir BRNWRANDR D Sahib descended from Satlok to meet] Sant Garibdas Ji on auspicious date thel Phalgun Shudi of Dwadashi. Sant Rampal Ji YOUTUBE fret Buuk : Maharaj CHANNEL 13bull825 LSMnIR-onUMN Yani Ooye tuiljuiu Nw God graced Haryana in 1727. Supreme God Kabir BRNWRANDR D Sahib descended from Satlok to meet] Sant Garibdas Ji on auspicious date thel Phalgun Shudi of Dwadashi. Sant Rampal Ji YOUTUBE fret Buuk : Maharaj CHANNEL 13bull825 LSMnIR-onUMN - ShareChat gyan ganga - Yani Ooye tuiljuiu Nw God graced Haryana in 1727. Supreme God Kabir BRNWRANDR D Sahib descended from Satlok to meet] Sant Garibdas Ji on auspicious date thel Phalgun Shudi of Dwadashi. Sant Rampal Ji YOUTUBE fret Buuk : Maharaj CHANNEL 13bull825 LSMnIR-onUMN Yani Ooye tuiljuiu Nw God graced Haryana in 1727. Supreme God Kabir BRNWRANDR D Sahib descended from Satlok to meet] Sant Garibdas Ji on auspicious date thel Phalgun Shudi of Dwadashi. Sant Rampal Ji YOUTUBE fret Buuk : Maharaj CHANNEL 13bull825 LSMnIR-onUMN - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_660787_2f132daf_1772162659192_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=192_sc.jpg)





![santrampal mahraj ji - संत गरीबदास जी अह्ारज काा ६१ वर्ष की आखु यं सतलोक गमन संत गरीबदास जी महाराज ने ६१ वर्ष आयु में सन १७७८ में सतलोक गमन किया | में शरीर का अतिम संस्कार किया छुड़ानी ग्राम गया वहाँ एक यादगार छतरी साहेब बनी हुई है । बाद उसी शरीर में प्रकट होकर सहारनपुर इसके उत्तरप्रदेश में ३५ वर्ष रहे। वहाँ भी उनके नाम की यादगार छतरी बनी हुई है। Sant Rampal Ji Maharaj] মন হামপাল সী মমাহাস সী মী App Download 41614 व निःशुल्क निःशुल्क नामदीक्षा GETITON संपर्क सूत्र : Play पुस्तक प्राप्त करने के लिये +91 7496801823 Google SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ संत गरीबदास जी अह्ारज काा ६१ वर्ष की आखु यं सतलोक गमन संत गरीबदास जी महाराज ने ६१ वर्ष आयु में सन १७७८ में सतलोक गमन किया | में शरीर का अतिम संस्कार किया छुड़ानी ग्राम गया वहाँ एक यादगार छतरी साहेब बनी हुई है । बाद उसी शरीर में प्रकट होकर सहारनपुर इसके उत्तरप्रदेश में ३५ वर्ष रहे। वहाँ भी उनके नाम की यादगार छतरी बनी हुई है। Sant Rampal Ji Maharaj] মন হামপাল সী মমাহাস সী মী App Download 41614 व निःशुल्क निःशुल्क नामदीक्षा GETITON संपर्क सूत्र : Play पुस्तक प्राप्त करने के लिये +91 7496801823 Google SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat santrampal mahraj ji - संत गरीबदास जी अह्ारज काा ६१ वर्ष की आखु यं सतलोक गमन संत गरीबदास जी महाराज ने ६१ वर्ष आयु में सन १७७८ में सतलोक गमन किया | में शरीर का अतिम संस्कार किया छुड़ानी ग्राम गया वहाँ एक यादगार छतरी साहेब बनी हुई है । बाद उसी शरीर में प्रकट होकर सहारनपुर इसके उत्तरप्रदेश में ३५ वर्ष रहे। वहाँ भी उनके नाम की यादगार छतरी बनी हुई है। Sant Rampal Ji Maharaj] মন হামপাল সী মমাহাস সী মী App Download 41614 व निःशुल्क निःशुल्क नामदीक्षा GETITON संपर्क सूत्र : Play पुस्तक प्राप्त करने के लिये +91 7496801823 Google SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ संत गरीबदास जी अह्ारज काा ६१ वर्ष की आखु यं सतलोक गमन संत गरीबदास जी महाराज ने ६१ वर्ष आयु में सन १७७८ में सतलोक गमन किया | में शरीर का अतिम संस्कार किया छुड़ानी ग्राम गया वहाँ एक यादगार छतरी साहेब बनी हुई है । बाद उसी शरीर में प्रकट होकर सहारनपुर इसके उत्तरप्रदेश में ३५ वर्ष रहे। वहाँ भी उनके नाम की यादगार छतरी बनी हुई है। Sant Rampal Ji Maharaj] মন হামপাল সী মমাহাস সী মী App Download 41614 व निःशुल्क निःशुल्क नामदीक्षा GETITON संपर्क सूत्र : Play पुस्तक प्राप्त करने के लिये +91 7496801823 Google SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_604671_ccc3b2b_1771904602518_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=518_sc.jpg)