उत्कर्ष !!
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#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - ক্িমী থাামা ন সীন पर क्या खुब लिखा है जिन्दगी मेदो॰ मिनट कोई मेरे पास ना बेठा आज़ सय मेरे पास चेठे जा रहे हे॰ कोई तोहफा ना मिला आज तक आज़ फूल ही फूल दिए जा रहे हैं दो॰ कदम साथ चलने कोतयार ना थाकोई तरस गए थे हम 3IT আত চা্চিলা এন किसी एक हाथ के लिए মাথ ঘন না T থ |7 3ன கப  கப दिएजा रहे हे आज पता चला कि॰ সান_কিননী চরমান চানা চ तोयू ही॰ कम्यख़त हम जिए जिन्दगी না T থ ক্িমী থাামা ন সীন पर क्या खुब लिखा है जिन्दगी मेदो॰ मिनट कोई मेरे पास ना बेठा आज़ सय मेरे पास चेठे जा रहे हे॰ कोई तोहफा ना मिला आज तक आज़ फूल ही फूल दिए जा रहे हैं दो॰ कदम साथ चलने कोतयार ना थाकोई तरस गए थे हम 3IT আত চা্চিলা এন किसी एक हाथ के लिए মাথ ঘন না T থ |7 3ன கப  கப दिएजा रहे हे आज पता चला कि॰ সান_কিননী চরমান চানা চ तोयू ही॰ कम्यख़त हम जिए जिन्दगी না T থ - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - 3 आदमी ऐसा कि जेब में पैसा हो, दिमाग में ज्ञान हो, दिल में दया हो, चेहरे पर आत्मविश्वास हो और आत्मा में जिम्मेदारी हो !! 3 आदमी ऐसा कि जेब में पैसा हो, दिमाग में ज्ञान हो, दिल में दया हो, चेहरे पर आत्मविश्वास हो और आत्मा में जिम्मेदारी हो !! - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - 66 व्यस्त रहने से व्यक्ति #్ 3TTళ a कम ক্কী সাল ই 66 व्यस्त रहने से व्यक्ति #్ 3TTళ a कम ক্কী সাল ই - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - चादर बडी  कीजिय எ न ख्वाहीश दफन कीजिय चार दिन की जिंदगी ह बसर  कीजिय बसचन न परेशान किसीको कीजिय  క్డీ न हेरान किसीको कीजिय : गलत श्वी बाल लाख काई [ दिजीय ೦ 85 मुस्कुरा  बश கிர க रूठा  न கிர க বানা झठा নিব্কালিয় 6 पल फरसत কীসিয়: 38 স্বমা THfetr স্তুম கசா चादर बडी  कीजिय எ न ख्वाहीश दफन कीजिय चार दिन की जिंदगी ह बसर  कीजिय बसचन न परेशान किसीको कीजिय  క్డీ न हेरान किसीको कीजिय : गलत श्वी बाल लाख काई [ दिजीय ೦ 85 मुस्कुरा  बश கிர க रूठा  न கிர க বানা झठा নিব্কালিয় 6 पल फरसत কীসিয়: 38 স্বমা THfetr স্তুম கசா - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - ज़िंदगी कल एक झलक ज़िंदगी को देखा, वो राहों पे मेरी ुनगुना रही थी। फिर ढूँढा उस्से इधर उधर , मिचौली कर मुस्कुरा रही थी।  वो आंख एक अरसे के बाद आया मुझे करार, वो सहला के मुझे सुला रही थी। क्यूँ खफ़ा हैं एक दूसरे से॰ हम दोनों #3 और वो मुझे समझा रही थी। मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया கச# वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले तुझे जीना सिखा रही थी। सुलेखन- माणिक पासलकर ज़िंदगी कल एक झलक ज़िंदगी को देखा, वो राहों पे मेरी ुनगुना रही थी। फिर ढूँढा उस्से इधर उधर , मिचौली कर मुस्कुरा रही थी।  वो आंख एक अरसे के बाद आया मुझे करार, वो सहला के मुझे सुला रही थी। क्यूँ खफ़ा हैं एक दूसरे से॰ हम दोनों #3 और वो मुझे समझा रही थी। मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया கச# वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले तुझे जीना सिखा रही थी। सुलेखन- माणिक पासलकर - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - 3 & 4 है शौर हू मैं कभी लगता समझ नही आ रहा ओखिर कौन् हू मैं... कभी लगता है मुस्कुराहट हू मैं कभी लगता है घबराहट हू मैं खुद को रोज तलाशू आखिर कौन हू मैं॰ कभी लगता है मंजिल को पाने की राह ## कभी लगता है आसमान को छूने की चाह हू जिंदगी के सफर में ये नही समझ आ रहा आखिर कौन हू मैं॰ Ihush 0 3 & 4 है शौर हू मैं कभी लगता समझ नही आ रहा ओखिर कौन् हू मैं... कभी लगता है मुस्कुराहट हू मैं कभी लगता है घबराहट हू मैं खुद को रोज तलाशू आखिर कौन हू मैं॰ कभी लगता है मंजिल को पाने की राह ## कभी लगता है आसमान को छूने की चाह हू जिंदगी के सफर में ये नही समझ आ रहा आखिर कौन हू मैं॰ Ihush 0 - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - JHfx # सुबह घंटी बजाता ৪ুঁ सोया हुआ खुद हूँ और भगवान को जगाता हूँ JHfx # सुबह घंटी बजाता ৪ুঁ सोया हुआ खुद हूँ और भगवान को जगाता हूँ - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - मन ही मन को जानता, मन की मन से प्रीत मन ही मनमानी करे मनही मन का मीत मन झूमे मन बावरा,मन की अद्भुत रीत मन के हारे हार है,मन के जीते जीत ।।। मन ही मन को जानता, मन की मन से प्रीत मन ही मनमानी करे मनही मन का मीत मन झूमे मन बावरा,मन की अद्भुत रीत मन के हारे हार है,मन के जीते जीत ।।। - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - मैं शून्य 8 पर सवार मैं लड़ पड़ा हूं रात से मशाल हाथ में लिए न सूर्य मेरे साथ है तो क्या नई यह बात है वह शाम को है ढल गया वह रात से था डर गया मैं जुगनुओं का यार हूँ #25 ৪ুঁ पर सवार मैं शून्य 8 पर सवार मैं लड़ पड़ा हूं रात से मशाल हाथ में लिए न सूर्य मेरे साथ है तो क्या नई यह बात है वह शाम को है ढल गया वह रात से था डर गया मैं जुगनुओं का यार हूँ #25 ৪ুঁ पर सवार - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - ؟ ؟ : = % ؟ గ్డి ಠಲಿ ؟ 0 6 किथा గ్లీ f೯ % फ प्या२ ৮ चर्चे हमार [್ ؟ ؟ : = % ؟ గ్డి ಠಲಿ ؟ 0 6 किथा గ్లీ f೯ % फ प्या२ ৮ चर्चे हमार [್ - ShareChat