उत्कर्ष !!
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#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - JHfx # सुबह घंटी बजाता ৪ুঁ सोया हुआ खुद हूँ और भगवान को जगाता हूँ JHfx # सुबह घंटी बजाता ৪ুঁ सोया हुआ खुद हूँ और भगवान को जगाता हूँ - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - मन ही मन को जानता, मन की मन से प्रीत मन ही मनमानी करे मनही मन का मीत मन झूमे मन बावरा,मन की अद्भुत रीत मन के हारे हार है,मन के जीते जीत ।।। मन ही मन को जानता, मन की मन से प्रीत मन ही मनमानी करे मनही मन का मीत मन झूमे मन बावरा,मन की अद्भुत रीत मन के हारे हार है,मन के जीते जीत ।।। - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - मैं शून्य 8 पर सवार मैं लड़ पड़ा हूं रात से मशाल हाथ में लिए न सूर्य मेरे साथ है तो क्या नई यह बात है वह शाम को है ढल गया वह रात से था डर गया मैं जुगनुओं का यार हूँ #25 ৪ুঁ पर सवार मैं शून्य 8 पर सवार मैं लड़ पड़ा हूं रात से मशाल हाथ में लिए न सूर्य मेरे साथ है तो क्या नई यह बात है वह शाम को है ढल गया वह रात से था डर गया मैं जुगनुओं का यार हूँ #25 ৪ুঁ पर सवार - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - ؟ ؟ : = % ؟ గ్డి ಠಲಿ ؟ 0 6 किथा గ్లీ f೯ % फ प्या२ ৮ चर्चे हमार [್ ؟ ؟ : = % ؟ గ్డి ಠಲಿ ؟ 0 6 किथा గ్లీ f೯ % फ प्या२ ৮ चर्चे हमार [್ - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - एक बात हमेशा याद रखना तुम नहीं तो कोई और भी नहीं एक बात हमेशा याद रखना तुम नहीं तो कोई और भी नहीं - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - মহী বক্রh बात याद रखना मैं दुनिया भूल सकता हूँ तुम्हें नहीं... মহী বক্রh बात याद रखना मैं दुनिया भूल सकता हूँ तुम्हें नहीं... - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - कौन हू मै है शौर हू मैं कभी लगता ये समझ नही आ रहा ओखिर कौन हू मैं... कभी लगता है मुस्कुराहट हू मैं कभी लगता है घबराहट हू मैं खुद को रोज तलाशू आखिर कौन हू मैं॰ कभी लगता है मंजिल को पाने की राह ## कभीं लगता है आसमान को छूने की चाह हू जिंदगी के सफर में ये नही समझे आ रहा आखिर कौन हू मैं॰ Ihush 0 कौन हू मै है शौर हू मैं कभी लगता ये समझ नही आ रहा ओखिर कौन हू मैं... कभी लगता है मुस्कुराहट हू मैं कभी लगता है घबराहट हू मैं खुद को रोज तलाशू आखिर कौन हू मैं॰ कभी लगता है मंजिल को पाने की राह ## कभीं लगता है आसमान को छूने की चाह हू जिंदगी के सफर में ये नही समझे आ रहा आखिर कौन हू मैं॰ Ihush 0 - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - अकेले रहो! सहारे इंसान को खोखला कर देते है और उम्मीदें कमज़ोर कर देती है.... अपनी ताकत के बल पर जीना शुरू কীনিব आपका आपसे अच्छा साथी और हमदर्द कोई नही हो सकता | IG- @amankidiary अकेले रहो! सहारे इंसान को खोखला कर देते है और उम्मीदें कमज़ोर कर देती है.... अपनी ताकत के बल पर जीना शुरू কীনিব आपका आपसे अच्छा साथी और हमदर्द कोई नही हो सकता | IG- @amankidiary - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - बहुत शानदार लाइन तेरी इस दुनिया में ये मंज़र क्यों है.. कहीं अपनापन तो कहीं पीठ पीछे खंजर क्यों है.. 643 संसार के हर जर्रे में रहता है , सुना फिर ज़मीन पर कहीं मस्जिद कहीं मंदिर क्यों है.. जब रहने वाले दुनिया के हर बन्दे तेरे हैं , फिर कोई दोस्त तो कोई दुश्मन क्यों है लिखता है हर किसी का मुकद्दर , तू ही फिर कोई बदनसीब , और कोई मुकद्दर का सिकंदर क्यों है बहुत शानदार लाइन तेरी इस दुनिया में ये मंज़र क्यों है.. कहीं अपनापन तो कहीं पीठ पीछे खंजर क्यों है.. 643 संसार के हर जर्रे में रहता है , सुना फिर ज़मीन पर कहीं मस्जिद कहीं मंदिर क्यों है.. जब रहने वाले दुनिया के हर बन्दे तेरे हैं , फिर कोई दोस्त तो कोई दुश्मन क्यों है लिखता है हर किसी का मुकद्दर , तू ही फिर कोई बदनसीब , और कोई मुकद्दर का सिकंदर क्यों है - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - प्रेम हो या भोजन.. किसी को ज़्यादा दे दो तो वो अधूरा छोड़ कर चला আনা ট. प्रेम हो या भोजन.. किसी को ज़्यादा दे दो तो वो अधूरा छोड़ कर चला আনা ট. - ShareChat