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#❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏 प्रेरणादायक विचार #मेरे विचार #💓 फ़ौजी के दिल की बातें
❤️जीवन की सीख - 03 बातों कौ भहृत्व Lर्च 387 दें॰ जिनसे जीवन की सार्थकता ह्ै। M( 03 बातों कौ भहृत्व Lर्च 387 दें॰ जिनसे जीवन की सार्थकता ह्ै। M( - ShareChat
विश्व वन्यजीव दिवस #🎋🏜विश्व वन्य दिवस🧗‍♀️🌴 #विश्व वन्य दिवस #विश्व वन्य जीव संरक्षण दिवस #विश्व श्रवण दिवस #🌎 विश्व श्रवण दिवस 👂
🎋🏜विश्व वन्य दिवस🧗‍♀️🌴 - मार्च 3 विश्व वन्यजीव दिवस/विश्व दिवस श्रवण वन्यजीव संरक्षण और ক্ষী ৪মনা ন্ট सुनने प्रति जागरूकता| MN मार्च 3 विश्व वन्यजीव दिवस/विश्व दिवस श्रवण वन्यजीव संरक्षण और ক্ষী ৪মনা ন্ট सुनने प्रति जागरूकता| MN - ShareChat
#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख #🙏 प्रेरणादायक विचार #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - 0গ জ৫] सच बोलना सबस श्रेष्ठ सत्य से बढ़कर कुछ भी श्रेष्ठ नहीं है॰ a ೪a ೦ಶ ೪r धाारण किया हुआा है॰ में ही सब कुछ सत्य प्रतिष्ठित है॰ सत्य से ही प्रतिष्ठा होती है। MN 0গ জ৫] सच बोलना सबस श्रेष्ठ सत्य से बढ़कर कुछ भी श्रेष्ठ नहीं है॰ a ೪a ೦ಶ ೪r धाारण किया हुआा है॰ में ही सब कुछ सत्य प्रतिष्ठित है॰ सत्य से ही प्रतिष्ठा होती है। MN - ShareChat
#श्रीमद्भगवद् गीता #🙏गीता ज्ञान🛕 #❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏 प्रेरणादायक विचार
श्रीमद्भगवद् गीता - धूमो रात्रिस्तथा कृष्णः पण्मासा दक्षिणायनम्। तत्र चान्द्रमसं ज्योतिर्योंगी प्राप्य निवर्तते ।। जिस मार्गमें धूमाभिमानी देवता है, रात्रि अभिमानी  देवता है तथा कृष्णपक्षका अभिमानी देवता है और , देवता  दक्षिणायनके छः महीनोंका अभिमानी मार्गमें मरकर गया हुआ सकाम कर्म करनेवाला  उस योगी उपर्युक्त देवताओंद्वारा क्रमसे ले गया हुआ चन्द्रमाकी ज्योतिको प्राप्त होकर स्वर्गमें अपने शुभकर्मोंका फल भोगकर वापस आता है II २५ II शुक्लकृष्णे गतीं ह्येते जगतः शाश्वते मते। यात्यनावृत्तिमन्ययावर्तते  পুল: Il एकया क्योंकि जगत्के ये दो प्रकारके - शुक्ल और  77 अर्थात् देवयान और पितृयान मार्ग सनातन माने हैँ। इनमें एकके द्वारा गया हुआ*-जिससे वापस नहीं लौटना पड़ता, उस परम गतिको प्राप्त होता अर्थांत् इसौ अध्यायके श्लौक २४ कै अनुसार अर्चिमार्गंसे गया हुआ योगी। है और दूसरेके द्वारा गया हुआ * फिर वापस आता  है अर्थात् जन्म- मृत्यूको प्राप्त होता है II २६ II  अर्थांत् इसीो अध्यायके श्लोक २५ के अनुसार धूममार्गसे गया हुआ सकाम कर्मयोगी | श्रीमदभगवदगीता अध्याय 8 प्रेस , गोरखपुर से साभार गीता धूमो रात्रिस्तथा कृष्णः पण्मासा दक्षिणायनम्। तत्र चान्द्रमसं ज्योतिर्योंगी प्राप्य निवर्तते ।। जिस मार्गमें धूमाभिमानी देवता है, रात्रि अभिमानी  देवता है तथा कृष्णपक्षका अभिमानी देवता है और , देवता  दक्षिणायनके छः महीनोंका अभिमानी मार्गमें मरकर गया हुआ सकाम कर्म करनेवाला  उस योगी उपर्युक्त देवताओंद्वारा क्रमसे ले गया हुआ चन्द्रमाकी ज्योतिको प्राप्त होकर स्वर्गमें अपने शुभकर्मोंका फल भोगकर वापस आता है II २५ II शुक्लकृष्णे गतीं ह्येते जगतः शाश्वते मते। यात्यनावृत्तिमन्ययावर्तते  পুল: Il एकया क्योंकि जगत्के ये दो प्रकारके - शुक्ल और  77 अर्थात् देवयान और पितृयान मार्ग सनातन माने हैँ। इनमें एकके द्वारा गया हुआ*-जिससे वापस नहीं लौटना पड़ता, उस परम गतिको प्राप्त होता अर्थांत् इसौ अध्यायके श्लौक २४ कै अनुसार अर्चिमार्गंसे गया हुआ योगी। है और दूसरेके द्वारा गया हुआ * फिर वापस आता  है अर्थात् जन्म- मृत्यूको प्राप्त होता है II २६ II  अर्थांत् इसीो अध्यायके श्लोक २५ के अनुसार धूममार्गसे गया हुआ सकाम कर्मयोगी | श्रीमदभगवदगीता अध्याय 8 प्रेस , गोरखपुर से साभार गीता - ShareChat
#☪ सूफी संगीत 🕌 #🤲अल्लाह हु अक़बर #🤲 दुआएं
☪ सूफी संगीत 🕌 - 0 जो दश मैं नह्वी डसके ५र्च fg चिन्ताा करनाा ब्यर्थ है॰ पहले अपना बनाओं  MకN 0 जो दश मैं नह्वी डसके ५र्च fg चिन्ताा करनाा ब्यर्थ है॰ पहले अपना बनाओं  MకN - ShareChat
#श्रीमद्भगवद् गीता #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏गुरु महिमा😇
श्रीमद्भगवद् गीता - 01] জ্খ৫] कठिनाइयों की सृष्टि करना बुद्धिमानी जही है॰ इन पर विजय प्राप्त करना पुरूषार्था मनुष्यों का काम हैं। -प्रेमचन्द MN 01] জ্খ৫] कठिनाइयों की सृष्टि करना बुद्धिमानी जही है॰ इन पर विजय प्राप्त करना पुरूषार्था मनुष्यों का काम हैं। -प्रेमचन्द MN - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #मेरे विचार #🙏 प्रेरणादायक विचार #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #श्रीमद्भगवद् गीता
🙏गीता ज्ञान🛕 - 02 ulರf सहयोगी चयन में सावधानी बरतें और -सही समझदार व्यक्ति का साथ जीवन के हर बोझ को हल्का कर देता है॰ MN 02 ulರf सहयोगी चयन में सावधानी बरतें और -सही समझदार व्यक्ति का साथ जीवन के हर बोझ को हल्का कर देता है॰ MN - ShareChat
#🙏 प्रेरणादायक विचार #मेरे विचार #श्रीमद्भगवद् गीता #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏 प्रेरणादायक विचार - 0 जो दश मैं नह्वी डसके ५र्च fg चिन्ताा करनाा ब्यर्थ है॰ पहले अपना बनाओं  MకN 0 जो दश मैं नह्वी डसके ५र्च fg चिन्ताा करनाा ब्यर्थ है॰ पहले अपना बनाओं  MకN - ShareChat
#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #श्रीमद्भगवद् गीता #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏 प्रेरणादायक विचार #मेरे विचार
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - यत्र काले त्वनावृत्तिमावृत्तिं चैव योगिनः | प्रयाता यान्ति तं कालं वक्ष्यामि भरतर्षभ ।। हे अर्जुन! जिस कालमेँ३ शरीर त्याग कर गये न लौटनेवालो गतिको हुए योगीजन तो वापस वापस  लौटनेवाली और जिस कालमें गये हुए गतिको ही प्राप्त होते हैेँ, उस कालको अर्थात् दोनों मार्गोंको कहूँगा II २३ II अग्निर्ज्योतिरहः शुक्लः षण्मासा उत्तरायणम्। तत्र प्रयाता गच्छन्ति ब्रह्म ब्रह्मविदो जनाः I। जिस मार्गमें ज्योतिर्मय अग्नि-्अभिमानी देवता है, दिनका अभिमानी देवता है, शूक्लपक्षका अभिमानी देवता है और उत्तरायणके छः महीनोंका अभिमानो  *, उस मार्गमें मरकर गये हुए ब्रह्मवेत्ता योगीजन उपर्युक्त देवताओंद्वारा क्रमसे ले जाये जाकर ब्रह्मको प्राप्त होते हैँ Il २४ Il श्रीमदभगवदगीता अध्याय 8 W; गोरखपुर से साभार যীলা यत्र काले त्वनावृत्तिमावृत्तिं चैव योगिनः | प्रयाता यान्ति तं कालं वक्ष्यामि भरतर्षभ ।। हे अर्जुन! जिस कालमेँ३ शरीर त्याग कर गये न लौटनेवालो गतिको हुए योगीजन तो वापस वापस  लौटनेवाली और जिस कालमें गये हुए गतिको ही प्राप्त होते हैेँ, उस कालको अर्थात् दोनों मार्गोंको कहूँगा II २३ II अग्निर्ज्योतिरहः शुक्लः षण्मासा उत्तरायणम्। तत्र प्रयाता गच्छन्ति ब्रह्म ब्रह्मविदो जनाः I। जिस मार्गमें ज्योतिर्मय अग्नि-्अभिमानी देवता है, दिनका अभिमानी देवता है, शूक्लपक्षका अभिमानी देवता है और उत्तरायणके छः महीनोंका अभिमानो  *, उस मार्गमें मरकर गये हुए ब्रह्मवेत्ता योगीजन उपर्युक्त देवताओंद्वारा क्रमसे ले जाये जाकर ब्रह्मको प्राप्त होते हैँ Il २४ Il श्रीमदभगवदगीता अध्याय 8 W; गोरखपुर से साभार যীলা - ShareChat
#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #मेरे विचार #🙏 प्रेरणादायक विचार #🙏गीता ज्ञान🛕 #❤️जीवन की सीख
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - 01] জ্খ৫] कठिनाइयों की सृष्टि करना बुद्धिमानी जही है॰ इन पर विजय प्राप्त करना पुरूषार्था मनुष्यों का काम हैं। -प्रेमचन्द MN 01] জ্খ৫] कठिनाइयों की सृष्टि करना बुद्धिमानी जही है॰ इन पर विजय प्राप्त करना पुरूषार्था मनुष्यों का काम हैं। -प्रेमचन्द MN - ShareChat