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#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏 प्रेरणादायक विचार #❤️जीवन की सीख #मेरे विचार #🙏गीता ज्ञान🛕
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - 06 tlleF आरोप्यते शिला शैली यत्नेन महता यथा। निप्पात्यंतं क्षणोनाधा स्तथात्मा गुणदोषयोः किसी ऊँचे स्थान पर शिला बडी fಹ೯ತ कठिनाई से चढ़ाई जाती है शिला क्षण भर भैं नीचे आसानी वही गिराई जा सकती है | अपने गुण=कर् और स्वभाव की भी यही स्थिति है | इन्हें उच्च स्तर का बनाने मैं बड़ी कठिनाई होती है परन्तु मनुष्य इनको पतोन्भुख् সংলনা ম ক লনা ঔ ! আমো के उत्थान व पतन की भी यही स्थिति है | MN 06 tlleF आरोप्यते शिला शैली यत्नेन महता यथा। निप्पात्यंतं क्षणोनाधा स्तथात्मा गुणदोषयोः किसी ऊँचे स्थान पर शिला बडी fಹ೯ತ कठिनाई से चढ़ाई जाती है शिला क्षण भर भैं नीचे आसानी वही गिराई जा सकती है | अपने गुण=कर् और स्वभाव की भी यही स्थिति है | इन्हें उच्च स्तर का बनाने मैं बड़ी कठिनाई होती है परन्तु मनुष्य इनको पतोन्भुख् সংলনা ম ক লনা ঔ ! আমো के उत्थान व पतन की भी यही स्थिति है | MN - ShareChat
#🙏 प्रेरणादायक विचार #🙏गीता ज्ञान🛕 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख #श्रीमद्भगवद् गीता
🙏 प्रेरणादायक विचार - जगदव्यक्तमूर्तिना " ননসিন মন मया मत्स्थानि सर्वभूतानि न चाहं तेष्ववस्थितः I१  मुझ निराकार परमात्मासे यह सब जगत् जलसे भूत   मेरे बरफके सदृश परिपूर्ण है और सब किन्तु  वास्तवमें अन्तर्गत संकल्पके आधार स्थित हैँ, 4 374 frem Tf €I %I न च मत्स्थानि भूतानि पश्य मे योगमैश्वरम्।  भूतभृन्न च भूतस्थो ममात्मा भूतभावनः I। मेरो ईश्वरीय किन्तु  वे सब भूत स्थित नर्हों हैँ; ತಳಗೆ योगशक्तिको देख कि भूतोंका धारण - पोषण करनेवाला उत्पन्न करनेवाला भी मेरा आत्मा वास्तवमें भूतोंको  और स्थित नहीं है Il ५ Il भूतोंमें यथाकाशस्थितो नित्यं वायुः सर्वत्रगो महान्। तथा सर्वाणि भूतानि मत्स्थानीत्युपधारय I१ जैसे आकाशसे उत्पन्न सर्वत्र विचरनेवाला महान् वायु सदा आकाशमें ही स्थित है, वैसे ही मेरे संकल्पद्वारा उत्पन्न होनेसे सम्पूर्ण भूत f मुझमें ٤» ؟٩7 ٦٨٦ ١١ ٤ ١١ श्रीमदभगवदगीता अध्याय 9 W; गोरखपुर से साभार যীলা जगदव्यक्तमूर्तिना " ননসিন মন मया मत्स्थानि सर्वभूतानि न चाहं तेष्ववस्थितः I१  मुझ निराकार परमात्मासे यह सब जगत् जलसे भूत   मेरे बरफके सदृश परिपूर्ण है और सब किन्तु  वास्तवमें अन्तर्गत संकल्पके आधार स्थित हैँ, 4 374 frem Tf €I %I न च मत्स्थानि भूतानि पश्य मे योगमैश्वरम्।  भूतभृन्न च भूतस्थो ममात्मा भूतभावनः I। मेरो ईश्वरीय किन्तु  वे सब भूत स्थित नर्हों हैँ; ತಳಗೆ योगशक्तिको देख कि भूतोंका धारण - पोषण करनेवाला उत्पन्न करनेवाला भी मेरा आत्मा वास्तवमें भूतोंको  और स्थित नहीं है Il ५ Il भूतोंमें यथाकाशस्थितो नित्यं वायुः सर्वत्रगो महान्। तथा सर्वाणि भूतानि मत्स्थानीत्युपधारय I१ जैसे आकाशसे उत्पन्न सर्वत्र विचरनेवाला महान् वायु सदा आकाशमें ही स्थित है, वैसे ही मेरे संकल्पद्वारा उत्पन्न होनेसे सम्पूर्ण भूत f मुझमें ٤» ؟٩7 ٦٨٦ ١١ ٤ ١١ श्रीमदभगवदगीता अध्याय 9 W; गोरखपुर से साभार যীলা - ShareChat
#मेरे विचार #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏 प्रेरणादायक विचार #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख
मेरे विचार - 00 सांघर्ष ह्री जीवन का UE एक कड़वा सचच है॰ संघ्र्ष ह्वी मनुष्य को संपूर्णता प्रदान करता है। MM 00 सांघर्ष ह्री जीवन का UE एक कड़वा सचच है॰ संघ्र्ष ह्वी मनुष्य को संपूर्णता प्रदान करता है। MM - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏 प्रेरणादायक विचार #मेरे विचार
🙏गुरु महिमा😇 - 05 ২৫] सम्पत्तिवान होकर भी मजुष्य यदि विपत्ति में फँसे द्यक्तियों के काभ न थए নী ওষকী যম্নি কিম काय को ? समाज से संग्रहित सम्पत्ति का उपयोग समाज काल्यण में ही किया जाना सज्जनों हैन्कालिदास ক্ কম MN 05 ২৫] सम्पत्तिवान होकर भी मजुष्य यदि विपत्ति में फँसे द्यक्तियों के काभ न थए নী ওষকী যম্নি কিম काय को ? समाज से संग्रहित सम्पत्ति का उपयोग समाज काल्यण में ही किया जाना सज्जनों हैन्कालिदास ক্ কম MN - ShareChat
#🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🤗जया किशोरी जी🕉️
🙏कर्म क्या है❓ - अथ नवमोउध्यायः श्रीभगवानुवाच इदं   तु॰ ते गुह्यतमं   प्रवक्ष्याम्यनसूयवे [ मोक्ष्यसेज्शुभात् ।१  ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ज्ञात्वा  श्रीभगवान् बोले- तुझ दोषदृष्टिरहित भक्तके लिये इस परम गोपनीय विज्ञानसहित ज्ञानको पुनः भलीभाँति कहूँगा, जिसको जानकर तू दुःखरूप संसारसे मुक्त हो जायगा II १ II राजगुह्यं   पवित्रमिदमुत्तमम्। राजविद्या प्रत्यक्षावगमं धर्म्यं सुसुखं कर्तुमव्ययम्।। यह विज्ञानसहित ज्ञान सब विद्याओंका राजा, गोपनोयोंका राजा, अति पवित्र, अति उत्तम, सब धर्मयुक्त, साधन करनेमें बड़ा प्रत्यक्ष फलवाला, सुगम और अविनाशी है II २ II धर्मस्यास्य अश्रद्दधानाः पुरुषा परन्तप | मां   निवर्तन्ते   मृत्युसंसारवर्त्मनि ।l अप्राप्य हे परंतप ! इस उपर्युक्त धर्ममें श्रद्धारहित पुरुष न प्राप्त होकर मृत्युरूप संसारचक्रमें भ्रमण मुझको কনে ফ্কল ;ঁ Il 3 Il श्रीमदभगवदगीता अध्याय 9 W; गोरखपुर से साभार যীলা अथ नवमोउध्यायः श्रीभगवानुवाच इदं   तु॰ ते गुह्यतमं   प्रवक्ष्याम्यनसूयवे [ मोक्ष्यसेज्शुभात् ।१  ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ज्ञात्वा  श्रीभगवान् बोले- तुझ दोषदृष्टिरहित भक्तके लिये इस परम गोपनीय विज्ञानसहित ज्ञानको पुनः भलीभाँति कहूँगा, जिसको जानकर तू दुःखरूप संसारसे मुक्त हो जायगा II १ II राजगुह्यं   पवित्रमिदमुत्तमम्। राजविद्या प्रत्यक्षावगमं धर्म्यं सुसुखं कर्तुमव्ययम्।। यह विज्ञानसहित ज्ञान सब विद्याओंका राजा, गोपनोयोंका राजा, अति पवित्र, अति उत्तम, सब धर्मयुक्त, साधन करनेमें बड़ा प्रत्यक्ष फलवाला, सुगम और अविनाशी है II २ II धर्मस्यास्य अश्रद्दधानाः पुरुषा परन्तप | मां   निवर्तन्ते   मृत्युसंसारवर्त्मनि ।l अप्राप्य हे परंतप ! इस उपर्युक्त धर्ममें श्रद्धारहित पुरुष न प्राप्त होकर मृत्युरूप संसारचक्रमें भ्रमण मुझको কনে ফ্কল ;ঁ Il 3 Il श्रीमदभगवदगीता अध्याय 9 W; गोरखपुर से साभार যীলা - ShareChat
#मेरे विचार #🙏 प्रेरणादायक विचार #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏कर्म क्या है❓ #❤️जीवन की सीख
मेरे विचार - 0 43} 9 &a rrta f3| ्च[ सभर्या क्या है२ भाायनै चे ভেঙেgনII $ টি ঙ9 ভঙখে৫ড'] कैसै सायना करतै ह्रै। MM 0 43} 9 &a rrta f3| ्च[ सभर्या क्या है२ भाायनै चे ভেঙেgনII $ টি ঙ9 ভঙখে৫ড'] कैसै सायना करतै ह्रै। MM - ShareChat
#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख #👍 डर के आगे जीत👌 #🙏 प्रेरणादायक विचार #मेरे विचार
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - 04 জl৫] fg अपने व्यक्तिगत स्वार्थ केै सामाजिक हित को उपैक्षित कर समाज च राष्ट्र को क्षति करने वाला व्यक्ति समाज - द्रौही हौता है। समाज -द्रोही एक प्रकार से स्वर्यं का भी द्रोहा हौता है॰ न तो उसे क्षमा हो किया जाना चाहिए और न उसै किसी प्रकार का संरक्षण ही किया जाना चाहिए। समाज - द्राहियों को क्षमा या संरक्षण देना भी एक सामाजिक अपराध है।-डाँ लौहिया MN 04 জl৫] fg अपने व्यक्तिगत स्वार्थ केै सामाजिक हित को उपैक्षित कर समाज च राष्ट्र को क्षति करने वाला व्यक्ति समाज - द्रौही हौता है। समाज -द्रोही एक प्रकार से स्वर्यं का भी द्रोहा हौता है॰ न तो उसे क्षमा हो किया जाना चाहिए और न उसै किसी प्रकार का संरक्षण ही किया जाना चाहिए। समाज - द्राहियों को क्षमा या संरक्षण देना भी एक सामाजिक अपराध है।-डाँ लौहिया MN - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #श्रीमद्भगवद् गीता #❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏कर्म क्या है❓
🙏गीता ज्ञान🛕 - पार्थ जानन्योगी मुह्यति कश्चन। नैते सृती तस्मात्सर्वेषु कालेषु योगयुक्तो भवार्जुन।।  हे पार्थ ! इस प्रकार इन दोनों मार्गोंको तत्त्वसे जानकर कोई भी योगी मोहित नहीं होता | इस कारण हे अर्जुन ! तू सब कालमें समबुद्धिरूप योगसे युक्त हो अर्थात् निरन्तर मेरी प्राप्तिके लिये साधन करनेवाला हाो Il २७ Il वेदेषु यज्ञेषु चैव 7٩: दानेषु यत्पुण्यफलं   प्रदिष्टम्। तत्सर्वमिदं   विदित्वा अत्येति स्थानमुपैति चाद्यम्।। योगी परं योगी पुरुष इस रहस्यको तत्त्वसे जानकर वेदोंके पढ़नेमें तथा यज्ञ, तप और दानादिके करनेमें जो पुण्यफल कहा है, उन सबको निःसन्देह उल्लंघन कर जाता है और सनातन परमपदको प्राप्त होता है II २८ Il ३४ँ तत्सदिति श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिपत्सु व्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे अक्षरव्रह्मयोगो नामाष्टमोउध्यायः II ८ II ~o~ श्रीमदभगवदगीता अध्याय 8 प्रेस , गोरखपुर से साभार যীলা पार्थ जानन्योगी मुह्यति कश्चन। नैते सृती तस्मात्सर्वेषु कालेषु योगयुक्तो भवार्जुन।।  हे पार्थ ! इस प्रकार इन दोनों मार्गोंको तत्त्वसे जानकर कोई भी योगी मोहित नहीं होता | इस कारण हे अर्जुन ! तू सब कालमें समबुद्धिरूप योगसे युक्त हो अर्थात् निरन्तर मेरी प्राप्तिके लिये साधन करनेवाला हाो Il २७ Il वेदेषु यज्ञेषु चैव 7٩: दानेषु यत्पुण्यफलं   प्रदिष्टम्। तत्सर्वमिदं   विदित्वा अत्येति स्थानमुपैति चाद्यम्।। योगी परं योगी पुरुष इस रहस्यको तत्त्वसे जानकर वेदोंके पढ़नेमें तथा यज्ञ, तप और दानादिके करनेमें जो पुण्यफल कहा है, उन सबको निःसन्देह उल्लंघन कर जाता है और सनातन परमपदको प्राप्त होता है II २८ Il ३४ँ तत्सदिति श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिपत्सु व्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे अक्षरव्रह्मयोगो नामाष्टमोउध्यायः II ८ II ~o~ श्रीमदभगवदगीता अध्याय 8 प्रेस , गोरखपुर से साभार যীলা - ShareChat
#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख #🙏 प्रेरणादायक विचार #मेरे विचार #👍 डर के आगे जीत👌
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - (1] fesiee Y da 4d] की बजाय , उिन्हें रवीकार कर सलल बनानै का प्रयास करं। MN (1] fesiee Y da 4d] की बजाय , उिन्हें रवीकार कर सलल बनानै का प्रयास करं। MN - ShareChat
#राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस #राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस🙏🇮🇳🙏 #🔫⚔️ राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 🌎 #राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं #🇮🇳 राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस
राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस - मार्च 4 सुरक्षा বাঞ্ছীয दिवस औद्योगिक सुरक्षा और ढुर्घटनाओं को रोकने के लिए। MN मार्च 4 सुरक्षा বাঞ্ছীয दिवस औद्योगिक सुरक्षा और ढुर्घटनाओं को रोकने के लिए। MN - ShareChat