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#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख #👍 डर के आगे जीत👌 #🙏 प्रेरणादायक विचार #मेरे विचार
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - 04 জl৫] fg अपने व्यक्तिगत स्वार्थ केै सामाजिक हित को उपैक्षित कर समाज च राष्ट्र को क्षति करने वाला व्यक्ति समाज - द्रौही हौता है। समाज -द्रोही एक प्रकार से स्वर्यं का भी द्रोहा हौता है॰ न तो उसे क्षमा हो किया जाना चाहिए और न उसै किसी प्रकार का संरक्षण ही किया जाना चाहिए। समाज - द्राहियों को क्षमा या संरक्षण देना भी एक सामाजिक अपराध है।-डाँ लौहिया MN 04 জl৫] fg अपने व्यक्तिगत स्वार्थ केै सामाजिक हित को उपैक्षित कर समाज च राष्ट्र को क्षति करने वाला व्यक्ति समाज - द्रौही हौता है। समाज -द्रोही एक प्रकार से स्वर्यं का भी द्रोहा हौता है॰ न तो उसे क्षमा हो किया जाना चाहिए और न उसै किसी प्रकार का संरक्षण ही किया जाना चाहिए। समाज - द्राहियों को क्षमा या संरक्षण देना भी एक सामाजिक अपराध है।-डाँ लौहिया MN - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #श्रीमद्भगवद् गीता #❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏कर्म क्या है❓
🙏गीता ज्ञान🛕 - पार्थ जानन्योगी मुह्यति कश्चन। नैते सृती तस्मात्सर्वेषु कालेषु योगयुक्तो भवार्जुन।।  हे पार्थ ! इस प्रकार इन दोनों मार्गोंको तत्त्वसे जानकर कोई भी योगी मोहित नहीं होता | इस कारण हे अर्जुन ! तू सब कालमें समबुद्धिरूप योगसे युक्त हो अर्थात् निरन्तर मेरी प्राप्तिके लिये साधन करनेवाला हाो Il २७ Il वेदेषु यज्ञेषु चैव 7٩: दानेषु यत्पुण्यफलं   प्रदिष्टम्। तत्सर्वमिदं   विदित्वा अत्येति स्थानमुपैति चाद्यम्।। योगी परं योगी पुरुष इस रहस्यको तत्त्वसे जानकर वेदोंके पढ़नेमें तथा यज्ञ, तप और दानादिके करनेमें जो पुण्यफल कहा है, उन सबको निःसन्देह उल्लंघन कर जाता है और सनातन परमपदको प्राप्त होता है II २८ Il ३४ँ तत्सदिति श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिपत्सु व्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे अक्षरव्रह्मयोगो नामाष्टमोउध्यायः II ८ II ~o~ श्रीमदभगवदगीता अध्याय 8 प्रेस , गोरखपुर से साभार যীলা पार्थ जानन्योगी मुह्यति कश्चन। नैते सृती तस्मात्सर्वेषु कालेषु योगयुक्तो भवार्जुन।।  हे पार्थ ! इस प्रकार इन दोनों मार्गोंको तत्त्वसे जानकर कोई भी योगी मोहित नहीं होता | इस कारण हे अर्जुन ! तू सब कालमें समबुद्धिरूप योगसे युक्त हो अर्थात् निरन्तर मेरी प्राप्तिके लिये साधन करनेवाला हाो Il २७ Il वेदेषु यज्ञेषु चैव 7٩: दानेषु यत्पुण्यफलं   प्रदिष्टम्। तत्सर्वमिदं   विदित्वा अत्येति स्थानमुपैति चाद्यम्।। योगी परं योगी पुरुष इस रहस्यको तत्त्वसे जानकर वेदोंके पढ़नेमें तथा यज्ञ, तप और दानादिके करनेमें जो पुण्यफल कहा है, उन सबको निःसन्देह उल्लंघन कर जाता है और सनातन परमपदको प्राप्त होता है II २८ Il ३४ँ तत्सदिति श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिपत्सु व्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे अक्षरव्रह्मयोगो नामाष्टमोउध्यायः II ८ II ~o~ श्रीमदभगवदगीता अध्याय 8 प्रेस , गोरखपुर से साभार যীলা - ShareChat
#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख #🙏 प्रेरणादायक विचार #मेरे विचार #👍 डर के आगे जीत👌
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - (1] fesiee Y da 4d] की बजाय , उिन्हें रवीकार कर सलल बनानै का प्रयास करं। MN (1] fesiee Y da 4d] की बजाय , उिन्हें रवीकार कर सलल बनानै का प्रयास करं। MN - ShareChat
#राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस #राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस🙏🇮🇳🙏 #🔫⚔️ राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 🌎 #राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं #🇮🇳 राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस
राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस - मार्च 4 सुरक्षा বাঞ্ছীয दिवस औद्योगिक सुरक्षा और ढुर्घटनाओं को रोकने के लिए। MN मार्च 4 सुरक्षा বাঞ্ছীয दिवस औद्योगिक सुरक्षा और ढुर्घटनाओं को रोकने के लिए। MN - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏 प्रेरणादायक विचार #मेरे विचार #💓 फ़ौजी के दिल की बातें
❤️जीवन की सीख - 03 बातों कौ भहृत्व Lर्च 387 दें॰ जिनसे जीवन की सार्थकता ह्ै। M( 03 बातों कौ भहृत्व Lर्च 387 दें॰ जिनसे जीवन की सार्थकता ह्ै। M( - ShareChat
विश्व वन्यजीव दिवस #🎋🏜विश्व वन्य दिवस🧗‍♀️🌴 #विश्व वन्य दिवस #विश्व वन्य जीव संरक्षण दिवस #विश्व श्रवण दिवस #🌎 विश्व श्रवण दिवस 👂
🎋🏜विश्व वन्य दिवस🧗‍♀️🌴 - मार्च 3 विश्व वन्यजीव दिवस/विश्व दिवस श्रवण वन्यजीव संरक्षण और ক্ষী ৪মনা ন্ট सुनने प्रति जागरूकता| MN मार्च 3 विश्व वन्यजीव दिवस/विश्व दिवस श्रवण वन्यजीव संरक्षण और ক্ষী ৪মনা ন্ট सुनने प्रति जागरूकता| MN - ShareChat
#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख #🙏 प्रेरणादायक विचार #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - 0গ জ৫] सच बोलना सबस श्रेष्ठ सत्य से बढ़कर कुछ भी श्रेष्ठ नहीं है॰ a ೪a ೦ಶ ೪r धाारण किया हुआा है॰ में ही सब कुछ सत्य प्रतिष्ठित है॰ सत्य से ही प्रतिष्ठा होती है। MN 0গ জ৫] सच बोलना सबस श्रेष्ठ सत्य से बढ़कर कुछ भी श्रेष्ठ नहीं है॰ a ೪a ೦ಶ ೪r धाारण किया हुआा है॰ में ही सब कुछ सत्य प्रतिष्ठित है॰ सत्य से ही प्रतिष्ठा होती है। MN - ShareChat
#श्रीमद्भगवद् गीता #🙏गीता ज्ञान🛕 #❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏 प्रेरणादायक विचार
श्रीमद्भगवद् गीता - धूमो रात्रिस्तथा कृष्णः पण्मासा दक्षिणायनम्। तत्र चान्द्रमसं ज्योतिर्योंगी प्राप्य निवर्तते ।। जिस मार्गमें धूमाभिमानी देवता है, रात्रि अभिमानी  देवता है तथा कृष्णपक्षका अभिमानी देवता है और , देवता  दक्षिणायनके छः महीनोंका अभिमानी मार्गमें मरकर गया हुआ सकाम कर्म करनेवाला  उस योगी उपर्युक्त देवताओंद्वारा क्रमसे ले गया हुआ चन्द्रमाकी ज्योतिको प्राप्त होकर स्वर्गमें अपने शुभकर्मोंका फल भोगकर वापस आता है II २५ II शुक्लकृष्णे गतीं ह्येते जगतः शाश्वते मते। यात्यनावृत्तिमन्ययावर्तते  পুল: Il एकया क्योंकि जगत्के ये दो प्रकारके - शुक्ल और  77 अर्थात् देवयान और पितृयान मार्ग सनातन माने हैँ। इनमें एकके द्वारा गया हुआ*-जिससे वापस नहीं लौटना पड़ता, उस परम गतिको प्राप्त होता अर्थांत् इसौ अध्यायके श्लौक २४ कै अनुसार अर्चिमार्गंसे गया हुआ योगी। है और दूसरेके द्वारा गया हुआ * फिर वापस आता  है अर्थात् जन्म- मृत्यूको प्राप्त होता है II २६ II  अर्थांत् इसीो अध्यायके श्लोक २५ के अनुसार धूममार्गसे गया हुआ सकाम कर्मयोगी | श्रीमदभगवदगीता अध्याय 8 प्रेस , गोरखपुर से साभार गीता धूमो रात्रिस्तथा कृष्णः पण्मासा दक्षिणायनम्। तत्र चान्द्रमसं ज्योतिर्योंगी प्राप्य निवर्तते ।। जिस मार्गमें धूमाभिमानी देवता है, रात्रि अभिमानी  देवता है तथा कृष्णपक्षका अभिमानी देवता है और , देवता  दक्षिणायनके छः महीनोंका अभिमानी मार्गमें मरकर गया हुआ सकाम कर्म करनेवाला  उस योगी उपर्युक्त देवताओंद्वारा क्रमसे ले गया हुआ चन्द्रमाकी ज्योतिको प्राप्त होकर स्वर्गमें अपने शुभकर्मोंका फल भोगकर वापस आता है II २५ II शुक्लकृष्णे गतीं ह्येते जगतः शाश्वते मते। यात्यनावृत्तिमन्ययावर्तते  পুল: Il एकया क्योंकि जगत्के ये दो प्रकारके - शुक्ल और  77 अर्थात् देवयान और पितृयान मार्ग सनातन माने हैँ। इनमें एकके द्वारा गया हुआ*-जिससे वापस नहीं लौटना पड़ता, उस परम गतिको प्राप्त होता अर्थांत् इसौ अध्यायके श्लौक २४ कै अनुसार अर्चिमार्गंसे गया हुआ योगी। है और दूसरेके द्वारा गया हुआ * फिर वापस आता  है अर्थात् जन्म- मृत्यूको प्राप्त होता है II २६ II  अर्थांत् इसीो अध्यायके श्लोक २५ के अनुसार धूममार्गसे गया हुआ सकाम कर्मयोगी | श्रीमदभगवदगीता अध्याय 8 प्रेस , गोरखपुर से साभार गीता - ShareChat
#☪ सूफी संगीत 🕌 #🤲अल्लाह हु अक़बर #🤲 दुआएं
☪ सूफी संगीत 🕌 - 0 जो दश मैं नह्वी डसके ५र्च fg चिन्ताा करनाा ब्यर्थ है॰ पहले अपना बनाओं  MకN 0 जो दश मैं नह्वी डसके ५र्च fg चिन्ताा करनाा ब्यर्थ है॰ पहले अपना बनाओं  MకN - ShareChat
#श्रीमद्भगवद् गीता #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏गुरु महिमा😇
श्रीमद्भगवद् गीता - 01] জ্খ৫] कठिनाइयों की सृष्टि करना बुद्धिमानी जही है॰ इन पर विजय प्राप्त करना पुरूषार्था मनुष्यों का काम हैं। -प्रेमचन्द MN 01] জ্খ৫] कठिनाइयों की सृष्टि करना बुद्धिमानी जही है॰ इन पर विजय प्राप्त करना पुरूषार्था मनुष्यों का काम हैं। -प्रेमचन्द MN - ShareChat