Dr.S.S.Arora
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☯️🕉️🌳🌻🇮🇳☀️🇮🇳🌹🌳🕉️☯️ *_!! मध्यकालीन वंदन !!_* *_प्रणवउँ पवनकुमार खलवनपावक ज्ञानघन ! जासु हृदय आगार बसहिं राम सरचाप धर !!_* *_अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् !सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि !!_* *_पूर्वजन्मकृतं पापं व्याधिरूपेण बाधते। श्रद्धावान् शनिदेवस्य स्तवं पठति यः पुमान्। सर्वपापविनिर्मुक्तो धनधान्यसमन्वितः॥_* *_सूर्यपुत्रो दीर्घदेही ध्वाङ्क्षः शनैश्चरो मृदुः। शनैश्चर स्थिरो मन्दः पिप्पलादिसुतो भवः॥_* *_!! 14 फरवरी : शहीद दिवस - पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं वर्षगांठ !!_* *_✍🏻सुरेंद्र अरोडा की लेखनी द्वारा, समस्त भारतीय रणबांकुरों को सादर समर्पित✍🏻_* *_👉🏻 मित्रों, "आज का दिन भारत के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक है।" आज से सात वर्ष पूर्व, 2019 में 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में एक आत्मघाती हमलावर ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला कर दिया था। उस कायरतापूर्ण हमले में हमारे 40 वीर जवान शहीद हो गए थे।_* *_प्रति वर्ष की भाँति "आज संपूर्ण राष्ट्र उन अद्वितीय सपूतों को नमन कर रहा है, जिन्होंने माँ भारती की रक्षा हेतु अपने प्राणों की आहुति दे दी।" पुलवामा का हमला केवल एक तारीख नहीं है, अपितु राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति हमारी सामूहिक चेतना को झकझोरने वाली वह घटना है, "जिसने सीमा पार से फैल रहे आतंकवाद के क्रूर चेहरे को बेनकाब कर दिया।" यह हमला पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन "जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था।" यह दिन हमें स्मरण कराता है कि आतंकवाद केवल किसी एक क्षेत्र या देश की समस्या नहीं है, वरन् संपूर्ण मानवता के लिए एक अभिशाप है।_* *_इस हमले ने समूचे भारत को झकझोर कर रख दिया, "परंतु इसने भारत की अडिग शक्ति और संकल्प को भी विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया।" इस हमले के प्रत्युत्तर में भारतीय वायुसेना ने मात्र 12 दिनों के भीतर बालाकोट एयर स्ट्राइक करके आतंकवाद के पोषक तत्वों को करारा जवाब दिया। यह कार्रवाई भारत की नवीन मानसिकता का प्रतीक बन गई — कि अब प्रत्येक हमले का उत्तर मजबूती से दिया जाएगा।_* *_मित्रों, आज जब हम अपने कैलेंडर पर 14 फरवरी को देखते हैं, जिसे विश्व के अनेक भागों में वैलेंटाइन डे के रूप में मनाया जाता है, तो हमारे लिए यह दिन "श्याम दिवस" है — "शहादत का दिन, बलिदान का दिन, और आतंकवाद के विरुद्ध अपनी लड़ाई को पुनः संकल्पित करने का दिन।" संपूर्ण देश में आज सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। हैदराबाद में दीप प्रज्ज्वलित किए जा रहे हैं, तो मुंबई में एक धावक 12 घंटे की दौड़ लगाकर शहीदों को नमन कर रहा है। लेखनी को विराम देते हुए सुरेंद्र अरोड़ा आज पुलवामा आतंकी हमले में हुए समस्त शहीदों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करता है। 😢👏🏻_* *_🙏🏻शनिवार, सप्ताहांत मध्य: काल की सुंदर, मधुर एवं सौम्य मंगलमय बेला में, आप सभी मित्रजनों को भगवान बजरंगबली जी तथा श्री शनिदेव जी का आशीर्वाद प्राप्त हो। भगवान आपके भंडारे भरपूर रखें, आपको सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें तथा आप सदैव खुश रहें। इन्हीं शुभकामनाओं के साथ – सुमंगलम, स्नेहिल मध्याह्न वंदन, मित्रों। यदि यह पोस्ट आपको अच्छी लगी हो, तो कृपया इसे अपने सभी परिचितों के साथ साझा करें। धन्यवाद सहित, आपका अपना, डॉ० एस० एस० अरोडा 9877906419🙏🏻_* *_विशेष :-_* *_☝🏻मित्रों, "आइए आज हम संकल्प लें कि इन शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे।" आइए, आज हम सब मिलकर उन 40 वीर जवानों को स्मरण करें — उनके सपनों को, उनके परिवारों की पीड़ा को और उनके साहस को। हम उनके परिवारों के साथ खड़े हैं और हम यह प्रण लेते हैं कि आतंकवाद के विरुद्ध इस लड़ाई में हम कभी विचलित नहीं होंगे। समस्त शहीद भारतीय रणबांकुरों को अरोड़ा परिवार की ओर से शत-शत नमन, वंदन, अभिनंदन एवं प्रणाम।_*👏🏻 *_!! ┈┉❀꧁ जय हिंद ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🇮🇳🌄🇮🇳💐🌴🕉️☯️ #🙏शुभ दोपहर
#🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - 14 फखरी पुलवामा शहीद दिवस দ্রুলবামা সানক্ী বসল ম शहीद हुए मां भारती के वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अमर जवान आपके अदम्य साहस, वीरता व शौर्य का राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। 14 FEBRUARY BLACK DAY 14 फखरी पुलवामा शहीद दिवस দ্রুলবামা সানক্ী বসল ম शहीद हुए मां भारती के वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अमर जवान आपके अदम्य साहस, वीरता व शौर्य का राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। 14 FEBRUARY BLACK DAY - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - १४ फरवरी सर्वतीर्थमयी माता सर्वदेवमयःः पिता। मातरं पितरं तस्मात् सर्वयत्नेन पूजयेत्। । विश्व के समस्त माता पिताओं को fd पूजन दिवस मातृ पर कोटि कोटि प्रणाम १४ फरवरी सर्वतीर्थमयी माता सर्वदेवमयःः पिता। मातरं पितरं तस्मात् सर्वयत्नेन पूजयेत्। । विश्व के समस्त माता पिताओं को fd पूजन दिवस मातृ पर कोटि कोटि प्रणाम - ShareChat
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🌞 Good Morning🌞 - शनिखदीष@ढ कैहर्दिक शुककामनाए Dharmgyan g dharm0g &la शुनिवार 00 Dharmgyan dham0g क्षगवनशिव हनुम्ानजी शनिदेवजी सहाराज ಅಿ8[ೊೌ 83333&48 த் हन्नुमते 38 शनिवार सुबहकीप्यारक्षरी रम रमजी आपकादिन शुभ एमर्मगलमयही४० GOOD MoRNING शनिखदीष@ढ कैहर्दिक शुककामनाए Dharmgyan g dharm0g &la शुनिवार 00 Dharmgyan dham0g क्षगवनशिव हनुम्ानजी शनिदेवजी सहाराज ಅಿ8[ೊೌ 83333&48 த் हन्नुमते 38 शनिवार सुबहकीप्यारक्षरी रम रमजी आपकादिन शुभ एमर्मगलमयही४० GOOD MoRNING - ShareChat
☯️🕉️🌳🌻🛕🌞🛕🌹🌳🕉️☯️ *_!! प्रातः कालीन वंदन !!_* *_ॐ अंजनी पुत्राय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥_* *_नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥_* *_सूर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्षः शिवप्रियः। मन्दचारः प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनिः॥_* *_वामे करे वैरिभिदं वहन्तं शैलं परिश्रिंखलहारटंकम्। दधानमच्छं तु सुवर्णवर्णं भजे ज्वलत्कुण्डलमञ्जनेयम्॥_* *_नमस्ते मन्दगामिन्याय सूर्यपुत्राय ते नमः। कृष्णांबरधरायैव कृष्णयज्ञोपवीतिने॥_* *_!! ༺꧁ प्रभात पुष्प ꧂༻ !!_* *_☝🏻मित्रों, "जो निष्क्रियता में कार्य और कार्य में निष्क्रियता देखता है, वही सच्चा बुद्धिमान है।" ऐसा व्यक्ति जीवन की गहनतम रहस्य को समझ लेता है कि केवल "यांत्रिक कर्म ही कर्म नहीं है, और केवल शारीरिक निष्क्रियता ही अकर्मण्यता नहीं है।" वह आसक्ति रहित होकर कर्तव्य करता है, "आंतरिक शांति को अक्षुण्ण रखते हुए," क्योंकि उसने जान लिया है कि सच्चा कर्म तो वह है जो भीतर के अटल सत्य से जुड़कर किया जाए। ईश्वर से जुड़कर वह संसार की अस्थिरताओं से मुक्त हो जाता है, "और फिर संसार की कोई भी हलचल उसे विचलित नहीं कर सकती।" इस प्रकार उसका प्रत्येक कर्म प्रार्थना बन जाता है, "और उसकी प्रत्येक प्रार्थना एक सार्थक कर्म में रूपांतरित हो जाती है," जो न केवल उसे अपितु सम्पूर्ण सृष्टि को आध्यात्मिक ऊर्जा से सिंचित करती है।_*👌🏻 *_🙏🏻शनिवार, सप्ताहांत प्रातःकाल की पवित्र "मंगल बेला" पर विधाता आपको सदैव अक्षय आरोग्य, धन और ऊर्जा प्रदान करें। सुरेंद्र अरोड़ा की ओर से आपके लिए यही मंगल शुभकामनाएं हैं। आपके स्वास्थ्य, सफलता एवं यश-कीर्ति की असीम दुआओं के साथ सुमंगल स्नेहिल भोर-वंदन, मित्रों। आपको एवं आपके समस्त परिवारजनों को संत वैलेंटाइन स्मरणोत्सव ( वैलेंटाइन डे ) की ढेरों बधाइयाँ और हार्दिक शुभकामनाएँ। भगवान बजरंगबली जी एवं श्री शनिदेव जी का स्नेहाशीष व शुभ आशीर्वाद आप सभी मित्रों पर सदैव बना रहे! मस्त रहें, व्यस्त रहें, स्वस्थ रहें, समस्त पाप-कर्मों से दूर रहें, प्रकृति के एहसानमंद और शुक्रगुज़ार रहें !🙏🏻_* *_!! ┈┉❀꧁Զเधॆ Զเधॆ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🌈☀️🌈💐🌴🕉️☯️ #🌞 Good Morning🌞
☯️🕉️🌳🌻🛕🌞🛕🌹🌳🕉️☯️ *_!! रात्रिकालीन वंदन !!_* *_सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयंकरी ! सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते !!_* *_सिद्धि बुद्धि प्रदे देवि भुक्ति मुक्ति प्रदायिनी ! मन्त्रमूर्ते सदा देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते !!_* *_आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्ति महेश्वरी ! योगजे योगसम्भूते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते !!_* *_स्थूल सूक्ष्म महारौद्रे महाशक्ति महोदरे ! महापापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते !!_* *_प्राप्ता विद्या जीवनाख्या तस्मै शुक्रात्मने नमः ! नमस्तस्मै भगवते भृगुपुत्राय वेधसे !!_* *_तारामण्डलमध्यस्थ स्वभासासिताम्बर ! यस्योदये जगत्सर्वं मङ्गलार्हं भवेदिह !!_* *_दैत्यगुरुं सुरशत्रुं विद्यासम्पत्प्रदायकम् !सौन्दर्यारोग्यदातारं शुक्रं प्रणमाम्यहम् !!_* *_!! सोलह शृंगारों की प्रथम शोभा: "स्नान और उबटन की अमर परंपरा " !!_* *_👉🏻 मित्रों, यह पोस्ट केवल सूची नहीं, बल्कि उस चिंतन का निमंत्रण है कि आखिर क्यों हमारी संस्कृति ने "सजना" को भी "साधना" जैसा पवित्र बना दिया। भारतीय परंपरा में सोलह शृंगार केवल सौंदर्य प्रसाधन नहीं, "बल्कि ऋतुओं, आयुर्वेद और आध्यात्म का समागम है।" इन सोलह कलाओं में प्रथम और सर्वाधिक महत्वपूर्ण है स्नान, जिसकी शुरुआत अंगराग ( उबटन ) से होती थी। आइए आपको संक्षेप में बताता हूं :-_* *_मित्रों,"स्नान एवं उबटन का उल्लेख केवल सौंदर्य ही नहीं, वरन संस्कार के रूप में मिलता है।" वात्स्यायन कृत कामसूत्र में शरीर-संस्कार को "शुभंकरनाम" कहा गया है, जिसमें उबटन ( अंगराग ) का प्रमुख स्थान था। वैदिक काल में स्नान को "बहिरंग एवं अंतरंग" शुद्धि का आधार माना गया। प्राचीन ग्रंथों में वर्णित उबटन केवल साबुन नहीं, "बल्कि ऋषियों की रसायन प्रक्रिया थी।" जैसे कि :-_* *_1) उबटन ( अंगराग ): "चंदन, कालीयक, अगरु और विविध सुगंध द्रव्यों को पीसकर बनाया जाता था।" यह शीतलता और सुगंध के लिए था।_* *_2) भृंगराज एवं आंवला: यद्यपि आज ये बालों की समस्या के लिए प्रसिद्ध हैं, आयुर्वेदिक ग्रंथ ( चरक, सुश्रुत ) इन्हें "केश्य" ( बालों के लिए हितकारी ) और "रसायन" ( कायाकल्प ) गुणों से युक्त बताते हैं । प्राचीन स्नान पद्धति में इन्हें जल में मिलाकर शरीर एवं केशों दोनों के पोषण का ध्यान रखा जाता था।_* *_3) फेनक: आधुनिक शैंपू की तरह झाग देने वाले साबुन का भी प्रयोग होता था, जिसे "फेनक" कहा जाता था।_* *_मित्रों, स्नान केवल क्रिया नहीं, क्रीड़ा थी। "काव्यों और मूर्तिकला में जलक्रीड़ा एवं जलविहार के दृश्य मिलते हैं।" स्नान-जल को पुष्पों से सुरभित करने की परंपरा थी, "जिसे आज हम बाथ साल्ट कहते हैं।" मंदिरों की दीवारों पर नारियों के केशों से जल निचोड़ने के उत्कीर्ण दृश्य इस बात के प्रमाण हैं कि यह प्रक्रिया कितनी लोकप्रिय और कलात्मक थी। सोलह शृंगार का प्रत्येक अंग "शरीर के किसी न किसी ऊर्जा केंद्र ( एक्यूप्रेशर पॉइंट ) को सक्रिय करता है।" प्रथम स्नान शरीर की वृद्धि और ताजगी के लिए माना गया है। जड़ी-बूटियों युक्त जल से स्नान "त्वचा रोग निवारण," रक्त शुद्धि और मानसिक शांति का सरल उपाय था। वल्लभदेव रचित "शुभाशितावली" ( 15वीं शताब्दी ) में सोलह शृंगारों की पहली सूची मिलती है, "जिसमें प्रथम शृंगार स्नान ही है !" चैतन्य महाप्रभु के शिष्य रूपगोस्वामी ने भी इसे सर्वोपरि स्थान दिया।_* 👌🏻 *_🙏🏻शुक्रवार रात्रि: काल की सुंदर, मधुर एवं सौम्य मंगल बेला में आप सभी मित्रजनों को माँ लक्ष्मी जी एवं माँ संतोषी जी का स्नेहभरा आशीर्वाद प्राप्त हो। मातेश्वरी आपके भंडारे भरपूर रखें, आपको सुख, शांति एवं समृद्धि प्रदान करें, आप सदा खुश रहें। इन्हीं शुभकामनाओं सहित सुमंगलम, स्नेहिल रात्रि वंदन, मित्रों। आप एवं आपके समस्त परिवारजनों को वैलेंटाइन डे की अग्रिम ढेरों बधाइयां और हार्दिक शुभकामनाएं। यदि यह पोस्ट आपको अच्छी लगी हो, तो कृपया इसे अपने सभी परिचितों में प्रेषित करें।धन्यवाद सहित आपका अपना, डॉ० एस.एस.अरोड़ा 9877906419🙏🏻_* *_विशेष :-_* *_☝🏻मित्रों, स्नान की यह प्रथा हमें सिखाती है कि "सच्चा शृंगार बाहरी लेपन से नहीं, आंतरिक स्वच्छता और प्रकृति के सान्निध्य से आरंभ होता है।" भृंगराज, आंवला, चंदन और केसर से युक्त जल धारा केवल तन को ही नहीं, "मन को भी पवित्र करती थी।" यह परंपरा आज भी दुल्हन के मंजन और हल्दी की रस्मों में जीवित है—भले ही नुस्खे बदल गए हों, "भावना वही ऋषि-वैदिक है।" यह पोस्ट "उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतों पर आधारित है।" स्नान में भृंगराज एवं आंवला के एक साथ प्रयोग का उल्लेख आयुर्वेदिक स्नान पद्धति में मिलता है, "यद्यपि शृंगार सूची में इसे अलग से अंकित नहीं किया गया है।" ज्यादा ना लिखते हुए, पोस्ट को यहीं समाप्त करता हूं। यदि पोस्ट लिखते समय भुलवश व्याकरण संबंधी या अन्य कोई त्रुटि रह गई हो, तो कृपया क्षमा कर दीजिएगा।_*👏🏻 *_!! ┈┉❀꧁ Զเधॆ Զเधॆ ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🛕😴🛕💐🌴🕉️☯️ #🌙 गुड नाईट
☯️🕉️🌳🌻🛕🌄🛕🌹🌳🕉️☯️ *_!! संध्या: कालीन वंदन !!_* *_ॐ श्री संतोषी महामाये गजाननभगिनी पूजिता। सद्भक्तं सुखसम्पत्ति देहि देहि नमोस्तुते॥_* *_ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥_* *_हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम्। सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम्॥_* *_दैत्यमन्त्री गुरुस्तेषां प्राणदश्च महामतिः। प्रभुस्ताराग्रहाणां च पीडां हरतु मे भृगुः॥_* *_नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते। शंखचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोस्तुते॥_* *_नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि। सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोस्तुते॥_* *_ॐ शुक्राय विद्महे भृगुसुताय धीमहि तन्नः शुक्रः प्रचोदयात्॥_* *_!! मन का लचीलापन: जहाँ तूफ़ान भी ऊर्जा बन जाता है !!_* *_✍🏻सुरेंद्र अरोडा की लेखनी द्वारा, चिंतन योग्य एक विचारोत्तेजक पोस्ट✍🏻_* *_☝🏻मित्रों, सुबह मैंने "व्यवहार और संस्कार " से संबंधित एक प्रेरक परिच्छेद ( पैराग्राफ ) लिखा था। निम्नलिखित पोस्ट उसी परिच्छेद का विस्तृत रूप है। मित्रों, "एक ही घटना दो अलग-अलग मनःस्थितियों में दो विपरीत अर्थ रखती है।" जब मन कमज़ोर होता है, "तो हवा का एक झोंका भी तूफ़ान लगता है।" लेकिन जब मन मज़बूत होता है, तो वही तूफ़ान "ऊर्जा का स्रोत बन जाता है।" जब मन बदलता है, नज़रिया बदल जाता है — और नज़रिया बदले तो संसार ही "सजल " हो जाता है।_* *_यह सामर्थ्य बाहर से नहीं आती—"यह भीतर से उपजती है।" परिस्थितियाँ वही रहती हैं, बस हमारा "दृष्टिकोण बदल जाता है।" हम अक्सर "समझौते को कमज़ोरी समझ लेते हैं।" पर सच यह है कि रिश्तों में थोड़ा झुक जाना, "उन्हें तोड़ देने से कहीं अधिक साहस का काम है।" एक पेड़ तूफान में टिका रहता है "क्योंकि वह झुकना जानता है।" वही पेड़, जो अकड़ा रहता है, "उखड़" जाता है।_* *_कठोरता टिकती नहीं, लचीलापन बचाता है — नदी पत्थर को काटती है, "क्योंकि वह बहती है, न कि टकराती है।" यह झुकाव हार नहीं, सम्मान है—"रिश्ते के प्रति, अपनेपन के प्रति, उस विश्वास के प्रति " जो वर्षों में सिरजा गया है।_* *_बहस में तर्क हो सकते हैं, पर व्यवहार में संस्कार झलकते हैं। आप कितना जानते हैं, इससे लोग प्रभावित हो सकते हैं; पर आप कैसे हैं, इससे वे जुड़ते हैं। "ज्ञान प्रशंसा दिलाता है, व्यवहार विश्वास।" और विश्वास ही रिश्ते की नींव है। शब्द सिखाते हैं, मौन बदल देता है — और व्यवहार वह दर्पण है, जिसमें आत्मा झलकती है।_* *_जहाँ धड़कनों की गुफ्तगू हो, वहाँ शब्द अनिवार्य नहीं। कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं, "जहाँ ख़ामोशी भी संवाद होती है।" एक नज़र, एक स्पर्श, एक चुप्पी—सब कुछ कह देती है। हम शब्दों के पीछे इतने भागते हैं कि "मौन का अर्थ भूल जाते हैं।" पर सच्चा संवाद वहाँ शुरू होता है, "जहाँ भाषा समाप्त होती है।" जहाँ बोलना सीखा, वहाँ चुप रहना भूल गए — पर जितना शब्दों ने छुपाया, उतना मौन ने खोल दिया।_* 👌🏻 *_🙏🏻शुक्रवार संध्या: काल की सुंदर, मधुर एवं सौम्य मंगल बेला में आप सभी मित्रजनों को माँ लक्ष्मी जी एवं माँ संतोषी जी का स्नेहभरा आशीर्वाद प्राप्त हो। मातेश्वरी आपके भंडारे भरपूर रखें, आपको सुख, शांति एवं समृद्धि प्रदान करें, आप सदा खुश रहें। इन्हीं शुभकामनाओं सहित सुमंगलम, स्नेहिल संध्या वंदन, मित्रों। यदि यह पोस्ट आपको अच्छी लगी हो, तो कृपया इसे अपने सभी परिचितों में प्रेषित करें।धन्यवाद सहित आपका अपना, डॉ० एस.एस.अरोड़ा 9977906419🙏🏻_* *_विशेष :-_* *_☝🏻मित्रों, इसलिए, मन को मज़बूत कीजिए—"पर कठोर नहीं, लचीला।" परिस्थितियों को अवसर में बदलिए, "बाधा में नहीं।" रिश्तों में झुकना सीखिए—अपने अहंकार के आगे नहीं, "अपने अपनों के लिए।" और सबसे बड़ी बात—चुप्पी को समझिए। "क्योंकि कभी-कभी, सबसे गहरी बातें वहीं कही जाती हैं, जहाँ कोई बोलता नहीं।" मन बदला, नज़रिया बदला — फिर वही जगत, "पर दिखा कुछ और ही।" ज्यादा ना लिखते हुए, पोस्ट को यहीं समाप्त करता हूं। यदि पोस्ट लिखते समय भुलवश व्याकरण संबंधी या अन्य कोई त्रुटि रह गई हो, तो कृपया क्षमा कर दीजिएगा।_*👏🏻 *_!! ┈┉❀꧁ Զเधॆ Զเधॆ ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🛕🌝🛕💐🌴🕉️☯️ #🌜 शुभ संध्या🙏
☯️🕉️🌳🌻🛕🌄🛕🌹🌳🕉️☯️ *_!! संध्या: कालीन वंदन !!_* *_वेंकटेशो वासुदेवो वारिजासनवन्दितः! स्वामी पुष्करिणीवासः शंखचक्रगदाधरः !! पीताम्बरधरो देवो गरुडारूढशोभितः ! विश्वात्मा विश्वलोकेशो विजयो वेंकटेश्वरः !!_* *_ॐ श्री संतोषी महामाये गजानन भगिनी पूजिता ! सद्भक्तं सुखसम्पत्ति देहि देहि नमोस्तुते !!_* *_अस्तं यस्ते ह्यरिष्टं स्यात्तस्मै मंगलरूपिणे ! त्रिपुरावासिनो दैत्यान् शिवबाणप्रपीडितान् !! विद्ययाऽजीवयच्छुक्रो नमस्ते भृगुनन्दन ! ययातिगुरवे तुभ्यं नमस्ते कविनन्दन !!_* *_ॐ अश्वध्वजाय विद्महे धनुर्हस्ताय धीमहि तन्नः शुक्रः प्रचोदयात्॥_* *_!! इतिहास की कसौटी पर वैलेंटाइन डे: मिथक, तथ्य और विकास यात्रा !!_* *_✍🏻सुरेंद्र अरोडा की लेखनी द्वारा, वैलेंटाइन डे की पूर्व संध्या पर एक एतिहासिक विश्लेषण✍🏻_* *_☝🏻मित्रों, कल वैलेंटाइन डे है। पिछले कुछ दिनों से मैं देख रहा हूँ कि कुछ कट्टर हिंदू मित्र वैलेंटाइन डे के बारे में अविवेचित या अनर्गल टिप्पणियाँ लिख रहे हैं। ( मैं इस विषय पर कुछ लिखना नहीं चाहता था, पर अब मजबूर होकर लिख रहा हूं। ) मेरा इन मित्रों से विनम्र निवेदन है: "जिस प्रकार आपके अपने त्योहार हैं, उसी प्रकार दूसरों के भी त्योहार होते हैं।" अतः, सर्वप्रथम उसका इतिहास जानें, "तत्पश्चात ही उसके बारे में लिखें या बोलें।" वैलेंटाइन डे का इतिहास हज़ारों वर्षों की यात्रा है। "यह एक हिंसक प्राचीन रोमन त्योहार से शुरू होकर ईसाई शहीदों की कहानियों से होता हुआ, आधुनिक प्रेम के प्रतीक तक पहुँचा है।" आइए, संक्षेप में बताता हूं :-_* *_👉🏻 ऐतिहासिक विकास का क्रम: प्राचीन रोम ( लगभग तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व ) :-_* *_मुख्य घटना: लूपरकलिया त्योहार_* *_विवरण: फरवरी के मध्य में मनाया जाने वाला "उर्वरता और शुद्धि का त्योहार।" इसमें बलि, अनुष्ठान और युवाओं का यादृच्छिक जोड़ा बनाना शामिल था।_* *_संबंध: ईसाई चर्च ने इस पगान पर्व को संत वैलेंटाइन की स्मृति से जोड़ने का प्रयास किया।_* *_2👉🏻 प्रारंभिक ईसाई युग ( लगभग तीसरी शताब्दी ईस्वी ) :-_* *_मुख्य घटना: संत वैलेंटाइन का शहीद होना_* *_विवरण: दो या तीन संत वैलेंटाइन के बारे में मान्यता है, "जो रोमन सम्राट क्लॉडियस द्वितीय के शासन में शहीद हुए।" प्रचलित कहानियों में गुप्त विवाह कराना और "तुम्हारा वैलेंटाइन" लिखे पत्र शामिल हैं।_* *_संबंध: 14 फरवरी को इन संतों की याद में एक धार्मिक पर्व के रूप में मनाया जाने लगा।_* *_3👉🏻 मध्ययुगीन काल ( 14वीं-15वीं शताब्दी ) :-_* *_मुख्य घटना: रोमांस से जुड़ाव_* *_विवरण: इंग्लैंड और फ्रांस में यह विश्वास प्रचलित था कि "14 फरवरी को पक्षी जोड़े बनाते हैं।" कवि "जेफ्री चौसर" ने अपनी कविता में इस दिन को रोमांटिक प्रेम से जोड़ा।_* *_संबंध: "त्योहार का स्वरूप धार्मिक से सांस्कृतिक होने लगा।" हस्तलिखित प्रेम पत्रों का प्रचलन शुरू हुआ।_* *_4👉🏻 18वीं से 19वीं शताब्दी :-_* *_मुख्य घटना: वैलेंटाइन कार्ड का व्यावसायीकरण_* *_विवरण: "एस्थर हॉलैंड को अमेरिकी वैलेंटाइन कार्ड की जननी कहा जाता है।" 1840 के दशक में बड़े पैमाने पर कार्ड बनाने का कारोबार शुरू हुआ।_* *_संबंध: हाथ से बने कार्डों का स्थान सस्ते, "मशीन से छपे कार्डों ने ले लिया।" परंपरा का व्यापक प्रचार-प्रसार हुआ।_* *_5👉🏻 20वीं सदी से वर्तमान :-_* *_मुख्य घटना: वैश्विक उपभोक्ता अवकाश_* *_विवरण: "हॉलमार्क जैसी कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर कार्ड उत्पादन।" प्रतीकों ( दिल, गुलाब, क्यूपिड ) और उपहारों ( चॉकलेट, गहने ) का मानकीकरण।_* *_संबंध: दुनिया भर में यह एक प्रमुख "सांस्कृतिक और वाणिज्यिक अवकाश बन गया।" हर साल लगभग "1 अरब वैलेंटाइन कार्ड " भेजे जाते हैं।_* *_6👉🏻 कुछ विशेष तथ्य व प्रश्न :-_* *_क्या यह सिर्फ एक व्यावसायिक अवकाश है ?_* *_जी नहीं। "हालाँकि आज इसका व्यावसायिक पहलू प्रबल है, पर इसकी जड़ें प्राचीन सांस्कृतिक व धार्मिक परंपराओं में हैं।" यह सदियों से विकसित होता एक सामाजिक-सांस्कृतिक प्रतीक है।_* *_क्या संत वैलेंटाइन की कोई एक सच्ची कहानी है ?_* *_वास्तविक ऐतिहासिक जानकारी बहुत कम है। "कैथोलिक चर्च ने 1969 में आधिकारिक कैलेंडर से इस पर्व को हटाते हुए कहा था कि संत वैलेंटाइन के नाम के अलावा कोई ठोस जानकारी नहीं है।" आज प्रचलित कहानियाँ मध्ययुगीन काल में विकसित हुईं।_* *_क्या भारत में वैलेंटाइन वीक की परंपरा पुरानी है ?_* *_नहीं। "रोज़ डे, प्रपोज डे, चॉकलेट डे आदि का चलन हाल की, मुख्यतः व्यावसायिक और मीडिया-प्रचारित अवधारणा है।" इसका वैलेंटाइन डे के प्राचीन इतिहास से कोई सीधा संबंध नहीं है।_* 👌🏻 *_🙏🏻शुक्रवार संध्या: काल की सुंदर, मधुर एवं सौम्य मंगल बेला में आप सभी मित्रजनों को माँ लक्ष्मी जी एवं माँ संतोषी जी का स्नेहभरा आशीर्वाद प्राप्त हो। मातेश्वरी आपके भंडारे भरपूर रखें, आपको सुख, शांति एवं समृद्धि प्रदान करें, आप सदा खुश रहें। इन्हीं शुभकामनाओं सहित सुमंगलम, स्नेहिल संध्या वंदन, मित्रों ! यदि यह पोस्ट आपको अच्छी लगी हो, तो कृपया इसे अपने सभी परिचितों में प्रेषित करें। धन्यवाद सहित आपका अपना, डॉ० एस.एस.अरोड़ा 9877906419🙏🏻_* *_विशेष :-_* *_☝🏻मित्रों, "वैलेंटाइन डे एक ऐसा त्योहार है जिसने समय के साथ अपना स्वरूप पूरी तरह बदल लिया।" यह एक पगान उर्वरता उत्सव से शुरू हुआ, फिर ईसाई शहीदों की स्मृति का दिन बना, मध्ययुगीन यूरोप में दरबारी प्रेम से जुड़ा "और अंततः व्यावसायीकरण के जरिए दुनिया भर में प्रेम के आधुनिक प्रतीक के रूप में स्थापित हुआ।" इसलिए, अगली बार जब कोई "विदेशी त्योहार" का विरोध करे, तो याद रखें – "हर परंपरा एक यात्रा है," स्थिर नहीं। जो आज "हमारा" लगता है, कल किसी और का था; जो आज "उनका" लगता है, "कल हमारा हो सकता है।" इतिहास हमें यह सिखाता है कि "संस्कृतियाँ प्रवाहमान नदियाँ हैं, जो एक-दूसरे में मिलकर ही समृद्ध होती हैं।" त्योहारों का सार उनकी उत्पत्ति नहीं, बल्कि उनमें निहित मानवीय भावनाओं की सार्वभौमिकता है – "चाहे वह प्रेम हो, उत्सव हो या आपसी जुड़ाव।" वैलेंटाइन डे पर बहस करने से पहले, खुद से पूछें: "क्या प्रेम और स्नेह व्यक्त करने के लिए किसी दिन, परंपरा या धर्म की अनुमति चाहिए ?" शायद सच्चा उत्सव वही है जो दिलों को जोड़े, तारीखों या देशों को नहीं। ज्यादा ना लिखते हुए, पोस्ट को यहीं समाप्त करता हूं। यदि पोस्ट लिखते समय भुलवश, व्याकरण संबंधी या अन्य कोई त्रुटि रह गई हो, तो कृपया क्षमा कर दीजिएगा।_*👏🏻 *_!! ┈┉❀꧁ Զเधॆ Զเधॆ ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🛕🌈🛕💐🌴🕉️☯️ #🌜 शुभ संध्या🙏
#🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - १३ फरवरी संचार के सबसे महत्वपूर्ण माध्यम रेडियो को समर्पित [ಳಇಿತಾ ಕ್ಾ್ की सभी रेडियो श्रोताओं को हार्दिक शुभकामनाएं ]6{@ १३ फरवरी संचार के सबसे महत्वपूर्ण माध्यम रेडियो को समर्पित [ಳಇಿತಾ ಕ್ಾ್ की सभी रेडियो श्रोताओं को हार्दिक शुभकामनाएं ]6{@ - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - फरवरी 13 जयश्रीहरि Qg आप सभी को ಹಾರುಂಿದಗರಂ ক্ুঞ্সঞক্া্দিীp নিজত্ ভকসনথী एवं शुक्रवार की हार्दिक शुभकामनाएं शुभशुक्रवर @ಯದm फरवरी 13 जयश्रीहरि Qg आप सभी को ಹಾರುಂಿದಗರಂ ক্ুঞ্সঞক্া্দিীp নিজত্ ভকসনথী एवं शुक्रवार की हार्दिक शुभकामनाएं शुभशुक्रवर @ಯದm - ShareChat