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#🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲हदीस🕌 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 इबादत #🤲 दुआएं
🤲क़ुरान शरीफ़📗 - गुनाह तो सब से हा जाते हैं! रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) फ़रमायाः "अल्लाह तआला फ़रमायाः ऐ मेरे बंदो! तुम सब गुनाह करने वाले हो, सिवाए उसके जिसे मैं (गुनाह से) सुरक्षित रखूँ। इसलिए मुझसे बख़्शिश (क्षमा ) मांगो, मैं तुम्हें बख़्श दूँ गा। तुम में से जो कोई यह यकीन रखे कि मैं बख़्शने की ताकत रखता हूँ, फिर वह मुझसे मेरी कुदरत के वास्ते से करे, तो मैं उसे बख़्श दूँ गा।"  की दुआ > बख़्शिश  सुनन इब्न माजाहः ४२५७, हसनः अल -हाफ़िज़ ज़ुबैर अली ज़ई रहमतुल्लाह अलैह) गुनाह तो सब से हा जाते हैं! रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) फ़रमायाः "अल्लाह तआला फ़रमायाः ऐ मेरे बंदो! तुम सब गुनाह करने वाले हो, सिवाए उसके जिसे मैं (गुनाह से) सुरक्षित रखूँ। इसलिए मुझसे बख़्शिश (क्षमा ) मांगो, मैं तुम्हें बख़्श दूँ गा। तुम में से जो कोई यह यकीन रखे कि मैं बख़्शने की ताकत रखता हूँ, फिर वह मुझसे मेरी कुदरत के वास्ते से करे, तो मैं उसे बख़्श दूँ गा।"  की दुआ > बख़्शिश  सुनन इब्न माजाहः ४२५७, हसनः अल -हाफ़िज़ ज़ुबैर अली ज़ई रहमतुल्लाह अलैह) - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲हदीस🕌 #🤲 दुआएं #🤲 इबादत #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - सहाबा का नबी करीम #७& से हया (शर्म व अदब ) सैय्यदना अब्दुल्लाह बिन मुग़फ्फ़ल (रज़ियल्लाहु अन्हु) करते हैं किः बयान " खैबर के दिन हमारी तरफ चमड़े का एक थैला फेंका गया, जिसमें खाना और चर्बी थी। मैं उसे पकड़ने के लिए झपटा। पीछे देखा तो रसूलुल्लाह #५& तशरीफ मैंने मुड़कर " लेकिन , जब  थे। उस वक्त मुझे आपसे बहुत हया (शर्म ) महसूस हुई। " फरमा सहीह मुस्लिमः १७७२, रावीः सैय्यदना अब्दुल्लाह बिन मुग़फ्फ़ल रज़ियल्लाहु अन्हु) सहाबा का नबी करीम #७& से हया (शर्म व अदब ) सैय्यदना अब्दुल्लाह बिन मुग़फ्फ़ल (रज़ियल्लाहु अन्हु) करते हैं किः बयान " खैबर के दिन हमारी तरफ चमड़े का एक थैला फेंका गया, जिसमें खाना और चर्बी थी। मैं उसे पकड़ने के लिए झपटा। पीछे देखा तो रसूलुल्लाह #५& तशरीफ मैंने मुड़कर " लेकिन , जब  थे। उस वक्त मुझे आपसे बहुत हया (शर्म ) महसूस हुई। " फरमा सहीह मुस्लिमः १७७२, रावीः सैय्यदना अब्दुल्लाह बिन मुग़फ्फ़ल रज़ियल्लाहु अन्हु) - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 इबादत #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲हदीस🕌 #🤲 दुआएं
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - (ख़ुदा की मर्ज़ी पे सर झुकाना) इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.स. ) फ़रमाते हैंः के वक़्तः Jq ஏ4 मुसीबत ला हौला वला क़ूवता इल्ला बिल्लाह (दिल से समझ कर) कहता है तो ख़ुदा फ़रिश्तों से कहता है की मेरे बन्दे ने मेरी इताअत के सर झुका दिया (यानी मेरी क़ूवत और लिए लिए फ़ैसले को मान लिया) इस अब इसकी को पूरा करो... কাতনী Behar-ul-Anwar vol.93, Meezan-ul-Hikmat vol.3 pg.118| (ख़ुदा की मर्ज़ी पे सर झुकाना) इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.स. ) फ़रमाते हैंः के वक़्तः Jq ஏ4 मुसीबत ला हौला वला क़ूवता इल्ला बिल्लाह (दिल से समझ कर) कहता है तो ख़ुदा फ़रिश्तों से कहता है की मेरे बन्दे ने मेरी इताअत के सर झुका दिया (यानी मेरी क़ूवत और लिए लिए फ़ैसले को मान लिया) इस अब इसकी को पूरा करो... কাতনী Behar-ul-Anwar vol.93, Meezan-ul-Hikmat vol.3 pg.118| - ShareChat
#🤲 दुआएं #🤲हदीस🕌 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 इबादत
🤲 दुआएं - "नमाज़ के बाद कि दुआ" रसूल अल्लाह ५& ने मुआज़ का हाथ पकड़ा और फ़रमायाः मुहब्बत है।" "ऐ मुआज़! अल्लाह की क़सम, मुझे तुमसे फ़रमायाः "ऐ मुआज़! मैं तुम्हें वसीयत करता हूँ कि हर नमाज़ के बाद इस दुआ को कभी न छोड़ना। " َكِتَداَبِع نْسْحَو َكرْكْشَو َكِرْکِذ يْفِعْأ َّمُهّللا Allahumma a'inni 'ala dhikrika husni "badatika* wa shukrika Wa "ऐ अल्लाह! मुझे अपनी याद करने, तेरा शुक्र अदा करने और तेरी बेहतरीन इबादत करने में मदद फ़रमा। ' "नमाज़ के बाद कि दुआ" रसूल अल्लाह ५& ने मुआज़ का हाथ पकड़ा और फ़रमायाः मुहब्बत है।" "ऐ मुआज़! अल्लाह की क़सम, मुझे तुमसे फ़रमायाः "ऐ मुआज़! मैं तुम्हें वसीयत करता हूँ कि हर नमाज़ के बाद इस दुआ को कभी न छोड़ना। " َكِتَداَبِع نْسْحَو َكرْكْشَو َكِرْکِذ يْفِعْأ َّمُهّللا Allahumma a'inni 'ala dhikrika husni "badatika* wa shukrika Wa "ऐ अल्लाह! मुझे अपनी याद करने, तेरा शुक्र अदा करने और तेरी बेहतरीन इबादत करने में मदद फ़रमा। ' - ShareChat
#🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲हदीस🕌 #🤲 इबादत #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 दुआएं
🤲क़ुरान शरीफ़📗 - मूसा अलैहिस्सलाम हज़रते ने अल्लाह तड़ला से अर्ज़ कियाः इलाही मख़्लूक़ में तेरे दोस्त कौन से हैं ताकि मैं उन से महब्बत करूं॰ अल्लाह तड़ला ने फ़रमाया फ़कीर और फ़क्र हिज़रते ईसा का फरमान हैः मैं फ़क्र को दोस्त रखता हूं और मालदारी से नफ़रत करता हूं और आप को "ऐ मिस्कीन" कह कर बुलाया जाना सब नामों से अच्छा लगता मुकाशफ़तुल कुलुब २५२ मूसा अलैहिस्सलाम हज़रते ने अल्लाह तड़ला से अर्ज़ कियाः इलाही मख़्लूक़ में तेरे दोस्त कौन से हैं ताकि मैं उन से महब्बत करूं॰ अल्लाह तड़ला ने फ़रमाया फ़कीर और फ़क्र हिज़रते ईसा का फरमान हैः मैं फ़क्र को दोस्त रखता हूं और मालदारी से नफ़रत करता हूं और आप को "ऐ मिस्कीन" कह कर बुलाया जाना सब नामों से अच्छा लगता मुकाशफ़तुल कुलुब २५२ - ShareChat
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🤲इस्लाम की प्यारी बातें - गुनाह तो सब से हा जाते हैं! रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ) फ़रमायाः "अल्लाह तआला ने फ़रमायाः ऐ मेरे बंदो! तुम सब गुनाह करने वाले हो, सिवाए उसके जिसे मैं (गुनाह से) सुरक्षित रखूँ। इसलिए मुझसे बख़्शिश (क्षमा ) मांगो , मैं तुम्हें बख़्श दूँ गा। तुम में से जो कोई यह यकीन रखे कि मैं बख़्शने हूँ, फिर वह मुझसे मेरी कुदरत के वास्ते से की ताकत रखता की दुआ करे, तो मैं उसे बख़्श दूँ गा।" बख़्शिश  सुनन इब्न माजाहः ४२५७, हसनः अल-हाफ़िज़ ज़ुबैर अली ज़ई रहमतुल्लाह अलैह) गुनाह तो सब से हा जाते हैं! रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ) फ़रमायाः "अल्लाह तआला ने फ़रमायाः ऐ मेरे बंदो! तुम सब गुनाह करने वाले हो, सिवाए उसके जिसे मैं (गुनाह से) सुरक्षित रखूँ। इसलिए मुझसे बख़्शिश (क्षमा ) मांगो , मैं तुम्हें बख़्श दूँ गा। तुम में से जो कोई यह यकीन रखे कि मैं बख़्शने हूँ, फिर वह मुझसे मेरी कुदरत के वास्ते से की ताकत रखता की दुआ करे, तो मैं उसे बख़्श दूँ गा।" बख़्शिश  सुनन इब्न माजाहः ४२५७, हसनः अल-हाफ़िज़ ज़ुबैर अली ज़ई रहमतुल्लाह अलैह) - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 इबादत #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲हदीस🕌 #🤲 दुआएं
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - "कभी अल्लाह को याद करके रो लिया करें!" रसूलुल्लाह #४& ने फ़रमायाः "सात तरह के लोगों को अल्लाह तआला उस दिन अपने साये में पनाह देगा जिस दिन उसके साये के अलावा और कोई साया नहीं होगाः (उनमें से एक) वह आदमी जिसने तन्हाई में अल्लाह को याद किया तो उसकी आँखों से आँसू बहने लगे।" 66 ६६०, सहीह मुस्लिमः १०३१) बुखारीः "कभी अल्लाह को याद करके रो लिया करें!" रसूलुल्लाह #४& ने फ़रमायाः "सात तरह के लोगों को अल्लाह तआला उस दिन अपने साये में पनाह देगा जिस दिन उसके साये के अलावा और कोई साया नहीं होगाः (उनमें से एक) वह आदमी जिसने तन्हाई में अल्लाह को याद किया तो उसकी आँखों से आँसू बहने लगे।" 66 ६६०, सहीह मुस्लिमः १०३१) बुखारीः - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲हदीस🕌 #🤲 दुआएं #🤲 इबादत #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - व रिज़्क़ बढ़ाने का तरीक़ा 39, रज़ियल्लाहु अन्हु से हज़रत अनस रिवायत है कि हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया कि जो शख़्स चाहे कि परवरदिगारे आलम उसकी उम्र में बरकत अता फ़रमाये और उसका रिज़क़ बढ़ा दे तो उसको चाहिए कि अपने माँ बाप के साथ अच्छा सुलूक करे और अपने रिश्तह दारों से तअल्लुक़ात बनाये रखे। दुर्रे मन्सूर जिल्द 4 सफ़हा १७३ व रिज़्क़ बढ़ाने का तरीक़ा 39, रज़ियल्लाहु अन्हु से हज़रत अनस रिवायत है कि हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया कि जो शख़्स चाहे कि परवरदिगारे आलम उसकी उम्र में बरकत अता फ़रमाये और उसका रिज़क़ बढ़ा दे तो उसको चाहिए कि अपने माँ बाप के साथ अच्छा सुलूक करे और अपने रिश्तह दारों से तअल्लुक़ात बनाये रखे। दुर्रे मन्सूर जिल्द 4 सफ़हा १७३ - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 इबादत #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲हदीस🕌 #🤲 दुआएं
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - #aగT एक सालेह अपनी दुआं करते थे कि ऐ आस्मानों को ज़मीन पर गिरने से रोकने वाले ! मुझ से दुन्या को रोक ले। यानी (मुझे दुन्या न दे) हज़रते मुहम्मद बिन मुन्कदिर ८lc JlJ AUI ةخد  का कौल है कि क़ियामत के दिन ऐसे शख़्स भी होंगे जिन्हों ने ज़िन्दगी के दिन रोज़ों में और रातें ड़बादत में होंगी, राहे खुदा में मालो दौलत ख़र्च किया गुज़ारी होगा, राहे खुदा में जिहाद किया होगा और मुन्करात से अपना दामन बचाया होगा मगर उन के बारे में कहा जाएगाः और येह वोह हैं जिन्हों ने रब की हक़ीर कर्दा चीज़ को बहुत बड़ा समझा था और रब की बा अज़मत चीज़ों को इन्हों ने हकीर समझा था, ज़रा सोचो तो सही हम में कितने ऐसे हैं जो में मुब्तला नहीं हैं मुसीबत इस इलावा अर्जी के कोहे गिरां का गुनाहों बार भी हमारी गर्दनों पर मौजूद है। मुकाशफ़तुल कुलुब २३२ #aగT एक सालेह अपनी दुआं करते थे कि ऐ आस्मानों को ज़मीन पर गिरने से रोकने वाले ! मुझ से दुन्या को रोक ले। यानी (मुझे दुन्या न दे) हज़रते मुहम्मद बिन मुन्कदिर ८lc JlJ AUI ةخد  का कौल है कि क़ियामत के दिन ऐसे शख़्स भी होंगे जिन्हों ने ज़िन्दगी के दिन रोज़ों में और रातें ड़बादत में होंगी, राहे खुदा में मालो दौलत ख़र्च किया गुज़ारी होगा, राहे खुदा में जिहाद किया होगा और मुन्करात से अपना दामन बचाया होगा मगर उन के बारे में कहा जाएगाः और येह वोह हैं जिन्हों ने रब की हक़ीर कर्दा चीज़ को बहुत बड़ा समझा था और रब की बा अज़मत चीज़ों को इन्हों ने हकीर समझा था, ज़रा सोचो तो सही हम में कितने ऐसे हैं जो में मुब्तला नहीं हैं मुसीबत इस इलावा अर्जी के कोहे गिरां का गुनाहों बार भी हमारी गर्दनों पर मौजूद है। मुकाशफ़तुल कुलुब २३२ - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - islamic qaurlraza মনমী নভা মালনাং বী ৯ जिसके अकाउंट में रोज़ाना पांच वक़्त की नमाज़ जमा हो रही है Beshaq_ 1@ islamic qaurlraza মনমী নভা মালনাং বী ৯ जिसके अकाउंट में रोज़ाना पांच वक़्त की नमाज़ जमा हो रही है Beshaq_ 1@ - ShareChat