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#🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - islamic qaurlraza মনমী নভা মালনাং বী ৯ जिसके अकाउंट में रोज़ाना पांच वक़्त की नमाज़ जमा हो रही है Beshaq_ 1@ islamic qaurlraza মনমী নভা মালনাং বী ৯ जिसके अकाउंट में रोज़ाना पांच वक़्त की नमाज़ जमा हो रही है Beshaq_ 1@ - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - Allah hu akbar मायूस होना छोड़ दे क्योंकि जो दरवाजे जमीन वालों की साजिशों से बंद होते हैं उससे बड़े दरवाजे से खुल अल्लाह के फ़ज्ल करम जाते हैं! Allah hu akbar मायूस होना छोड़ दे क्योंकि जो दरवाजे जमीन वालों की साजिशों से बंद होते हैं उससे बड़े दरवाजे से खुल अल्लाह के फ़ज्ल करम जाते हैं! - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - बेशक चलो रब के दरवाजे पर चलते है वहां एक आंसू के बदले खुद खुदा मिलते है बेशक चलो रब के दरवाजे पर चलते है वहां एक आंसू के बदले खुद खुदा मिलते है - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - हमारी खुशनसीबी है कि हम अल्लाह को मानते है मगर हमारी बदनसीबी है कि हम हम अल्लाह की एक नहीं मानते... हमारी खुशनसीबी है कि हम अल्लाह को मानते है मगर हमारी बदनसीबी है कि हम हम अल्लाह की एक नहीं मानते... - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 दुआएं #🤲 इबादत #🤲हदीस🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - औलाद का सदका उतारते रहो अपनी औलाद का सदका उतारते रहा करें खास करके जब उनमें कोई खास सलाहियत कम उम्र में लोगों को नज़र आने लगे यह दुनिया बहुत सख्त है नज़र बंद इंसान की खुशियों को और उस इंसान को मुकम्मल खा जाती है औलाद का सदका उतारते रहो अपनी औलाद का सदका उतारते रहा करें खास करके जब उनमें कोई खास सलाहियत कम उम्र में लोगों को नज़र आने लगे यह दुनिया बहुत सख्त है नज़र बंद इंसान की खुशियों को और उस इंसान को मुकम्मल खा जाती है - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲हदीस🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 दुआएं #🤲 इबादत
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - इंसान का रूहानी हमशक्ल "हमज़ाद " या साथ पैदा होने वाला साया जाता है इंसान का रूहानी हमशक्ल या साथ पैदा हमज़ाद कामतलब माना यानी ऐसा मख़लूक जो इंसान के साथ जुड़ा रहता है। কীন নালা সামা कुछ लोग इसेः क़रीन (Qareen ) से जोड़ते हैं - जिसका ज़िक्र हदीस में आता है  होता है। कुछ रूहानी सिलसिलों में इसे कि हर इंसान के साथ एक जिन्न मुक़र्रर  इंसान के नफ़्स (अंदरूनी बुरे झुकाव ) का साया कहा जाता है। लोक कहानियों में इसे इंसान जैसा दिखने वाला जिन्न बताया जाता है। दीनी नज़रिये से सही इस्लामी तालीमात में " हमज़ाद को काबू करना " , उसे बुलाना या उससे इन बातों की मज़बूत शरई दलील नहीं मिलती। दोस्ती करना - हाँ, क़रीन का तसव्वुर मिलता हैः हर इंसान के साथ एक जिन्न होता है जो बुरे ख़याल (वसवसे ) डालता है। नबी ५६ के बारे में आता है कि उनका क़रीन मुसलमान हो गया था, यानी उन्हें নুরূমান নন্ী ননা থা| _ ज़रूरी बात जो लोग कहते हैंः हमज़ाद हाज़िर करो उससे काम लो उससे मदद लो ये बातें अक्सर जादू, जिन्नात और ग़लत  रास्तों से जुड़ी होती हैं, रूहानी और दीनी एतबार से ये रास्ता महफ़ूज़ नहीं माना जाता। असल रूहानी हक़ीक़त कई आलिमों के नज़दीक ' हमज़ाद  मौजूद  में इंसान के अंदर का लफ़्ज़ असल नफ़्स, बुरे ख़यालात और अंदरूनी जंग की तरफ़ इशारा करता है - जिसे काबू তিষ্ান है।यानी असली काम किसी ग़ैबी मख़लूक को पकड़ना करना ही असली नहीं, बल्कि अपने दिल, नीयत और अमल को सही करना है। इंसान का रूहानी हमशक्ल "हमज़ाद " या साथ पैदा होने वाला साया जाता है इंसान का रूहानी हमशक्ल या साथ पैदा हमज़ाद कामतलब माना यानी ऐसा मख़लूक जो इंसान के साथ जुड़ा रहता है। কীন নালা সামা कुछ लोग इसेः क़रीन (Qareen ) से जोड़ते हैं - जिसका ज़िक्र हदीस में आता है  होता है। कुछ रूहानी सिलसिलों में इसे कि हर इंसान के साथ एक जिन्न मुक़र्रर  इंसान के नफ़्स (अंदरूनी बुरे झुकाव ) का साया कहा जाता है। लोक कहानियों में इसे इंसान जैसा दिखने वाला जिन्न बताया जाता है। दीनी नज़रिये से सही इस्लामी तालीमात में " हमज़ाद को काबू करना " , उसे बुलाना या उससे इन बातों की मज़बूत शरई दलील नहीं मिलती। दोस्ती करना - हाँ, क़रीन का तसव्वुर मिलता हैः हर इंसान के साथ एक जिन्न होता है जो बुरे ख़याल (वसवसे ) डालता है। नबी ५६ के बारे में आता है कि उनका क़रीन मुसलमान हो गया था, यानी उन्हें নুরূমান নন্ী ননা থা| _ ज़रूरी बात जो लोग कहते हैंः हमज़ाद हाज़िर करो उससे काम लो उससे मदद लो ये बातें अक्सर जादू, जिन्नात और ग़लत  रास्तों से जुड़ी होती हैं, रूहानी और दीनी एतबार से ये रास्ता महफ़ूज़ नहीं माना जाता। असल रूहानी हक़ीक़त कई आलिमों के नज़दीक ' हमज़ाद  मौजूद  में इंसान के अंदर का लफ़्ज़ असल नफ़्स, बुरे ख़यालात और अंदरूनी जंग की तरफ़ इशारा करता है - जिसे काबू তিষ্ান है।यानी असली काम किसी ग़ैबी मख़लूक को पकड़ना करना ही असली नहीं, बल्कि अपने दिल, नीयत और अमल को सही करना है। - ShareChat
#🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲हदीस🕌 #🤲 इबादत #🤲 दुआएं #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🤲क़ुरान शरीफ़📗 - शाबान और रमज़ान का रिश्ता शाबान वो महीना है जो रमज़ान की तैयारी करता है इसर्में दिल सा़फ़ होते हैं आदर्तें सुधरती हैं और रूह इबादत की तरफ़ लौटती है जो शाबान में नमाज़ तिलावत और तौबा की आदत बना ले লিৎ उसके रमज़ान आसान होे जाता है शाबान बीज बोने का महीना है और रमज़ान उसकी फसल काटने का। जो शाबान को गंवा देता है वो अक्सर रमज़ान ्में भी पीछे रह जाता है शाबान और रमज़ान का रिश्ता शाबान वो महीना है जो रमज़ान की तैयारी करता है इसर्में दिल सा़फ़ होते हैं आदर्तें सुधरती हैं और रूह इबादत की तरफ़ लौटती है जो शाबान में नमाज़ तिलावत और तौबा की आदत बना ले লিৎ उसके रमज़ान आसान होे जाता है शाबान बीज बोने का महीना है और रमज़ान उसकी फसल काटने का। जो शाबान को गंवा देता है वो अक्सर रमज़ान ्में भी पीछे रह जाता है - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 इबादत #🤲 दुआएं
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - ~SNl| हज़रत इमामे ज़माना (अ.स. ) !<HI4I: ज़मीन कभी हुज्जते ख़ुदा से ख़ाली नहीं रहती ख़्वाह ज़ाहिर बज़ाहिर हो पोशीदह हो. या ~SNl| हज़रत इमामे ज़माना (अ.स. ) !<HI4I: ज़मीन कभी हुज्जते ख़ुदा से ख़ाली नहीं रहती ख़्वाह ज़ाहिर बज़ाहिर हो पोशीदह हो. या - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 दुआएं #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲हदीस🕌 #🤲 इबादत
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - अल्लाह को बंदे की कौन सी अदा पसंद है हज़रत मूसा (अ.स. ) ने अल्लाह से पूछा, या अल्लाह आपको बंदे की कौन सी अदा सबसे ज्यादा पसंद है ? अल्लाह ने फरमायाः ऐ मूसा! जिस तरह एक माँ तीन साल के बच्चे को गलती करने पर उसका कान पकड़कर घर से बाहर ले जाती है... वह निकालना नहीं, बल्कि चेतावनी देती है... बच्चा बाहर जाने के बजाय अपनी माँ के पैरों से लिपटकर रोता है। अपने बंदों मे उस बच्चे जैसे आधा पसंद gst है। यदि शैतान उन्हें कोई गलती करने के लिए 3=#?#& उकसाए, उनसे गलती हो जाए नहीं जाना चाहिए , बल्कि माफी का गुहार लगाना क्योंकि वे पापों में डूबे चाहिए और उन्हें కౌ గ్గే इसका एहसास भी नहीं अल्लाह को बंदे की कौन सी अदा पसंद है हज़रत मूसा (अ.स. ) ने अल्लाह से पूछा, या अल्लाह आपको बंदे की कौन सी अदा सबसे ज्यादा पसंद है ? अल्लाह ने फरमायाः ऐ मूसा! जिस तरह एक माँ तीन साल के बच्चे को गलती करने पर उसका कान पकड़कर घर से बाहर ले जाती है... वह निकालना नहीं, बल्कि चेतावनी देती है... बच्चा बाहर जाने के बजाय अपनी माँ के पैरों से लिपटकर रोता है। अपने बंदों मे उस बच्चे जैसे आधा पसंद gst है। यदि शैतान उन्हें कोई गलती करने के लिए 3=#?#& उकसाए, उनसे गलती हो जाए नहीं जाना चाहिए , बल्कि माफी का गुहार लगाना क्योंकि वे पापों में डूबे चाहिए और उन्हें కౌ గ్గే इसका एहसास भी नहीं - ShareChat
#🤲 इबादत #🤲हदीस🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 दुआएं
🤲 इबादत - रसूल अल्लाह ,५ु ने फ़रमाया : ख़त्म कर देने वाली यानि लज़्ज़तें मौत को ( कसरत ज़्यादा ) से याद किया करो ! रिवायत : अबु हुरैरह रज़ी अल्लाहू अन्हु , सही ) अलबानी रहिमहुल्लाह  [মুনন বলল সাতা : 4258 ] रसूल अल्लाह ,५ु ने फ़रमाया : ख़त्म कर देने वाली यानि लज़्ज़तें मौत को ( कसरत ज़्यादा ) से याद किया करो ! रिवायत : अबु हुरैरह रज़ी अल्लाहू अन्हु , सही ) अलबानी रहिमहुल्लाह  [মুনন বলল সাতা : 4258 ] - ShareChat