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#🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲हदीस🕌 #🤲 इबादत #🤲 दुआएं #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🤲क़ुरान शरीफ़📗 - रमजान की २७ वीं रात शब ए कद्रःपहुली वही का मंजर : २७वीं मुकद्दस रात (शब॰ए॰कद्र ) को गारे-हिरा में रमजान की कुरान ए॰पाक की पहली आयत नाजिल हुई । उस वक्त हुजूर #थk की उम्र मुबारक ४० साल थी पहली वहीः > "इक्रा बिस्मि रब्बिकल लज़ी खलक" > (पढ़ो अपने रब के नाम से जिसने पैदा किया ) अल्लाह हमें इस रात की बरकतों से नवाजे | आमीन! रमजान की २७ वीं रात शब ए कद्रःपहुली वही का मंजर : २७वीं मुकद्दस रात (शब॰ए॰कद्र ) को गारे-हिरा में रमजान की कुरान ए॰पाक की पहली आयत नाजिल हुई । उस वक्त हुजूर #थk की उम्र मुबारक ४० साल थी पहली वहीः > "इक्रा बिस्मि रब्बिकल लज़ी खलक" > (पढ़ो अपने रब के नाम से जिसने पैदा किया ) अल्लाह हमें इस रात की बरकतों से नवाजे | आमीन! - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 दुआएं #🤲 इबादत #🤲हदीस🕌
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - ज़कात किस पर फ़र्ज़ नहीं है? इस्लाम में ज़कात हर मुसलमान पर फ़र्ज़ नहीं होती। कुछ लोगों को इससे छूट दी गई है। जिस इंसान के पास नाबालिग बच्चे সী কত ম নিমন ম ক্রম মাল কী डूबा हुआ हो जिनके पास सिर्फ ज़रूरी अक्ल से मजबूर इस्तेमाल की चीज़ें हों (घर, (मजनून) व्यक्ति ক্ণই, হীতময কা মামান) याद रखिएः ज़कात उसी पर फ़र्ज़ होती है जिसके पास निसब के बराबर माल हो और उस पर एक साल गुजर जाए। अल्लाह हमें सही समझ और अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन ज़कात किस पर फ़र्ज़ नहीं है? इस्लाम में ज़कात हर मुसलमान पर फ़र्ज़ नहीं होती। कुछ लोगों को इससे छूट दी गई है। जिस इंसान के पास नाबालिग बच्चे সী কত ম নিমন ম ক্রম মাল কী डूबा हुआ हो जिनके पास सिर्फ ज़रूरी अक्ल से मजबूर इस्तेमाल की चीज़ें हों (घर, (मजनून) व्यक्ति ক্ণই, হীতময কা মামান) याद रखिएः ज़कात उसी पर फ़र्ज़ होती है जिसके पास निसब के बराबर माल हो और उस पर एक साल गुजर जाए। अल्लाह हमें सही समझ और अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन - ShareChat
#🤲हदीस🕌 #🤲 इबादत #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 दुआएं #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🤲हदीस🕌 - ysorla4 पैगम्बर मुहम्मद #६  ने फरमाया :  जो कोई अल्लाह और आखिरत (पारलौकिक जीवन) पर ईमान रखता हो तो उसे चाहिए कि वो अच्छी बात कहे, वरना खामोश रहे॰ (सही 6475) बुखारी प्रमाण Page FB ysorla4 पैगम्बर मुहम्मद #६  ने फरमाया :  जो कोई अल्लाह और आखिरत (पारलौकिक जीवन) पर ईमान रखता हो तो उसे चाहिए कि वो अच्छी बात कहे, वरना खामोश रहे॰ (सही 6475) बुखारी प्रमाण Page FB - ShareChat
#🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 दुआएं #🤲हदीस🕌 #🤲 इबादत
🤲क़ुरान शरीफ़📗 - फरमाते हैः रसूलअल्लाह ॰जो शख्स रिश्तेदारों का हक अदा लिए करने के सदके का दरवाज़ा खोलता है तो अल्लाह तआला उस की दौलत को बढ़ा देता है॰ (मुस्नदे अहमदः 962#) फरमाते हैः रसूलअल्लाह ॰जो शख्स रिश्तेदारों का हक अदा लिए करने के सदके का दरवाज़ा खोलता है तो अल्लाह तआला उस की दौलत को बढ़ा देता है॰ (मुस्नदे अहमदः 962#) - ShareChat
#🤲अल्लाह हु अक़बर #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 इबादत #🤲हदीस🕌 #🤲 दुआएं
🤲अल्लाह हु अक़बर - Quran Surah 17 Ayat 82 َنْيِنِمْوُمَلِل ٌةَمْحَر َّو ٌءآَفِش َوُباَم ِناَرُقَلا َنِم ُلِّزَنُن َو ४ ७ 4٨٢٨ اًراَسَخ اّلِا َنَيِمِلّظلا ُدَيِزَي हम इस क़ुरआन के उतरने के सिलसिले में वो कुछ उतार रहे हैं जो माननेवालों के लिये तो शिफ़ा और रहमत है, मगर ज़ालिमों के लिये घाटे के सिवा और किसी चीज़ में बढ़ोतरी नहीं करता Quran Surah 17 Ayat 83 مِبِناَجِب اَنَو َضَرَعَا ِناَسَنِإْلا یَلَع اَنَمَعَنَا آَذِا َو ము1] 3 #AT) Lప్ం్ర # इन्सान का हाल ये है कि जब हम उसे नेमत देते हैं तो वो ऐंठता और पीठ ls लेता है, और जब ज़रा मुसीबत का सामना होता है तो मायूस होने लगता 81 Quran Surah 17 Ayat 82 َنْيِنِمْوُمَلِل ٌةَمْحَر َّو ٌءآَفِش َوُباَم ِناَرُقَلا َنِم ُلِّزَنُن َو ४ ७ 4٨٢٨ اًراَسَخ اّلِا َنَيِمِلّظلا ُدَيِزَي हम इस क़ुरआन के उतरने के सिलसिले में वो कुछ उतार रहे हैं जो माननेवालों के लिये तो शिफ़ा और रहमत है, मगर ज़ालिमों के लिये घाटे के सिवा और किसी चीज़ में बढ़ोतरी नहीं करता Quran Surah 17 Ayat 83 مِبِناَجِب اَنَو َضَرَعَا ِناَسَنِإْلا یَلَع اَنَمَعَنَا آَذِا َو ము1] 3 #AT) Lప్ం్ర # इन्सान का हाल ये है कि जब हम उसे नेमत देते हैं तो वो ऐंठता और पीठ ls लेता है, और जब ज़रा मुसीबत का सामना होता है तो मायूस होने लगता 81 - ShareChat
#🤲 दुआएं #🤲हदीस🕌 #🤲 इबादत #🤲अल्लाह हु अक़बर #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🤲 दुआएं - లన్ు माहे रमज़ान की बरकात इतनी ज़्यादा हैं की मैं उन्हें गिनवाने से क़ासिर हूँ - बस यही कहा जा सकता है की मुसलमानो सज्दए शुक्र अदा करो और सजदे में कहो की ख़ुदाया तेरा शुक्र है की मुझ पर मौत नहीं आई और एक फिर ईद ए औलिया को हासिल करने में R कामयाब हाे गया Tafseer Sura eHujrat; Dastgheeb Sheerazi (ra) లన్ు माहे रमज़ान की बरकात इतनी ज़्यादा हैं की मैं उन्हें गिनवाने से क़ासिर हूँ - बस यही कहा जा सकता है की मुसलमानो सज्दए शुक्र अदा करो और सजदे में कहो की ख़ुदाया तेरा शुक्र है की मुझ पर मौत नहीं आई और एक फिर ईद ए औलिया को हासिल करने में R कामयाब हाे गया Tafseer Sura eHujrat; Dastgheeb Sheerazi (ra) - ShareChat
#🤲अल्लाह हु अक़बर #🤲 इबादत #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 दुआएं #🤲हदीस🕌
🤲अल्लाह हु अक़बर - नसीब लोग शबे क़द्र किस क़दर में हर अन्ज़मत वाली रात है,इस रात खासो आम को बख़्श दिया जाता है,ता हम आदी शराबी, मां बाप के ना फ़रमान क़त्ए, रेह़मी करने वाले और बिला मस्लहते शर ्ई आपस में कीना रखने वाले और इस सबब से आपस में तअल्लुकात मुन्क़तेअ करने वाले इस आम बख़्शिश से महरूम कर दिये जाते 8 ! नसीब लोग शबे क़द्र किस क़दर में हर अन्ज़मत वाली रात है,इस रात खासो आम को बख़्श दिया जाता है,ता हम आदी शराबी, मां बाप के ना फ़रमान क़त्ए, रेह़मी करने वाले और बिला मस्लहते शर ्ई आपस में कीना रखने वाले और इस सबब से आपस में तअल्लुकात मुन्क़तेअ करने वाले इस आम बख़्शिश से महरूम कर दिये जाते 8 ! - ShareChat
#🤲अल्लाह हु अक़बर
🤲अल्लाह हु अक़बर - माददे में तेजाब भी पड़ा है और खाना भी तेजाब सिर्फ खाने को हजम करता है माददे को नही ऐसी हिकमत और हिफाजत से ये सारे निजाम चलाने वाला वह कौन है ? बेशक वह कायनात का अकेला शहंशाह ೯ | 1 V अल्लाह ताला माददे में तेजाब भी पड़ा है और खाना भी तेजाब सिर्फ खाने को हजम करता है माददे को नही ऐसी हिकमत और हिफाजत से ये सारे निजाम चलाने वाला वह कौन है ? बेशक वह कायनात का अकेला शहंशाह ೯ | 1 V अल्लाह ताला - ShareChat
#🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 इबादत #🤲अल्लाह हु अक़बर #🤲हदीस🕌 #🤲 दुआएं
🤲क़ुरान शरीफ़📗 - समंदर भी फ़ज़ाएल ए अली (अ.स. ) का शुमार नहीं कर सकते फ़िरदौस अल अख़बार में इब्ने अब्बास (र.अ. ) से रवायत की है : की रिसालत मअब (सव्व) लिए ने हज़रत अली के फ़रमाया : अगर समंदर रौशनाई बन जाएँ और दरख़्त क़लमें बन जाएँ और इंसान लिखने और जिन हिसाब करने वाले हों तो भी आप के फ़ज़ाएल शुमार नहीं कर सकते। समंदर भी फ़ज़ाएल ए अली (अ.स. ) का शुमार नहीं कर सकते फ़िरदौस अल अख़बार में इब्ने अब्बास (र.अ. ) से रवायत की है : की रिसालत मअब (सव्व) लिए ने हज़रत अली के फ़रमाया : अगर समंदर रौशनाई बन जाएँ और दरख़्त क़लमें बन जाएँ और इंसान लिखने और जिन हिसाब करने वाले हों तो भी आप के फ़ज़ाएल शुमार नहीं कर सकते। - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - islamic qaurlraza মনমী নভা মালনাং বী ৯ जिसके अकाउंट में रोज़ाना पांच वक़्त की नमाज़ जमा हो रही है Beshaq_ 1@ islamic qaurlraza মনমী নভা মালনাং বী ৯ जिसके अकाउंट में रोज़ाना पांच वक़्त की नमाज़ जमा हो रही है Beshaq_ 1@ - ShareChat