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#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲हदीस🕌 #🤲 दुआएं #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 इबादत
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत हज़रत् है, अल्लाह के रसूल ६७६ ने फ़रमाया QI चौदहवीं रात को चाँद देखने में मशक़्क़त নুদ্ক होती है। सहाबा ने कहा : जी नहीं | फ़रमाया अपने रब की उसी तरह क़ियामत के दिन तुम्हें ज़ियारत में कोई मुश्किल नहीं होगी। सुनन इब्ने माजह हदीस नंबर १ ७८ अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत हज़रत् है, अल्लाह के रसूल ६७६ ने फ़रमाया QI चौदहवीं रात को चाँद देखने में मशक़्क़त নুদ্ক होती है। सहाबा ने कहा : जी नहीं | फ़रमाया अपने रब की उसी तरह क़ियामत के दिन तुम्हें ज़ियारत में कोई मुश्किल नहीं होगी। सुनन इब्ने माजह हदीस नंबर १ ७८ - ShareChat
#🤲 इबादत #🤲 दुआएं #🤲हदीस🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🤲 इबादत - तौबा, अल्लाह की खुशी का सबब! रसूलुल्लाह ( सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ) ने फ़रमायाः "अल्लाह तआला अपने बंदे के तौबा करने से उस शख्स से कहीं ज्यादा खुश होता है, जिसका किसी जंगल या बियाबान (सुनसान इलाके) में ऊँट गुम हो गया हो और फिर वह उसे दोबारा मिल गया होे। " सहीह बुखारी, हदीस नंबरः ६३०९)  तौबा, अल्लाह की खुशी का सबब! रसूलुल्लाह ( सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ) ने फ़रमायाः "अल्लाह तआला अपने बंदे के तौबा करने से उस शख्स से कहीं ज्यादा खुश होता है, जिसका किसी जंगल या बियाबान (सुनसान इलाके) में ऊँट गुम हो गया हो और फिर वह उसे दोबारा मिल गया होे। " सहीह बुखारी, हदीस नंबरः ६३०९) - ShareChat
#🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 दुआएं #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲हदीस🕌 #🤲 इबादत
🤲क़ुरान शरीफ़📗 - नमाज़ कबूल होने की शर्त क्या है? < हम रोज़ नमाज़ पढ़ते हैं... लेकिन क्या कभी सोचा कि हमारी नमाज़ सच में कबूल हो रही है? क्या रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः अल्लाह उस नमाज़ को कबूल नहीं करता जिसमें दिल ( हाज़िर न हो। " यानी सिर्फ जिस्म का खडा होना काफी नहीं, नमाज़ में दिल का जुड़ना भी जरूरी है। जब नमाज़ में दिमाग इधर उधर भागता रहे, जल्दी-जल्दी रुकू सज्दा हो जाए, तो नमाज़ सिर्फ एक आदत बन जाती है, इबादत नहीं। असली नमाज़ वह है जिसमें इंसान महसूस करे कि वह अपने रब के सामने खडा है और 46 उससे बात कर रहा है। इसलिए अगली नमाज़ से कोशिश करेंः धीरे पढ़़ें , समझकर पढ़़ें , और दिल को भी साथ लेकर खड़े हों। क्योंकि... कबूल वही नमाज़ होती है, जिसमें दिल भी शामिल हो। ऐ अल्लाह! हमारी नमाज़ों को कबूल फरमा और हमें दिल से नमाज़ पढ़ने की तौफ़ीक़ दे। आमीन। नमाज़ कबूल होने की शर्त क्या है? < हम रोज़ नमाज़ पढ़ते हैं... लेकिन क्या कभी सोचा कि हमारी नमाज़ सच में कबूल हो रही है? क्या रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः अल्लाह उस नमाज़ को कबूल नहीं करता जिसमें दिल ( हाज़िर न हो। " यानी सिर्फ जिस्म का खडा होना काफी नहीं, नमाज़ में दिल का जुड़ना भी जरूरी है। जब नमाज़ में दिमाग इधर उधर भागता रहे, जल्दी-जल्दी रुकू सज्दा हो जाए, तो नमाज़ सिर्फ एक आदत बन जाती है, इबादत नहीं। असली नमाज़ वह है जिसमें इंसान महसूस करे कि वह अपने रब के सामने खडा है और 46 उससे बात कर रहा है। इसलिए अगली नमाज़ से कोशिश करेंः धीरे पढ़़ें , समझकर पढ़़ें , और दिल को भी साथ लेकर खड़े हों। क्योंकि... कबूल वही नमाज़ होती है, जिसमें दिल भी शामिल हो। ऐ अल्लाह! हमारी नमाज़ों को कबूल फरमा और हमें दिल से नमाज़ पढ़ने की तौफ़ीक़ दे। आमीन। - ShareChat
#🤲हदीस🕌 #🤲 दुआएं #🤲 इबादत #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🤲हदीस🕌 - "ऐ अल्लाह, जिन लोगों की शादी अभी तक नहीं লিব आसानियाँ पैदा फरमा | 5$, 3$ नेक, समझदार और मोहब्बत करने वाला उन्हें हमसफ़र अता फरमा | उनकी ज़िंदगी में बरकत, सुकून और  खुशियाँ नसीब कर। उनके दिलों की जायज़ ख्वाहिशों को पूरा कर, और उन्हें हर गुनाह से बचाकर हलाल रिश्ते में जोड़ दे। आमीन।  11 "ऐ अल्लाह, जिन लोगों की शादी अभी तक नहीं লিব आसानियाँ पैदा फरमा | 5$, 3$ नेक, समझदार और मोहब्बत करने वाला उन्हें हमसफ़र अता फरमा | उनकी ज़िंदगी में बरकत, सुकून और  खुशियाँ नसीब कर। उनके दिलों की जायज़ ख्वाहिशों को पूरा कर, और उन्हें हर गुनाह से बचाकर हलाल रिश्ते में जोड़ दे। आमीन।  11 - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 इबादत #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲हदीस🕌 #🤲 दुआएं
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - औरत औरत का पहेला रूप ही में रहेमत दुनिया है बेटी बनकर सब खानदान के दिलों पर राज करती है, बहेन बनकर भाई की सच्ची और मुखलीस दोस्त और मां का बाजु बन जाती है॰ और जब बीवी होती है एक पुख्ता और हमेशा सात नोभाने वाली हर दुख सुख की साथी बन जाती है और जब मां बनती है तो अल्लाह तआला उसका दर्जा ईतना बुलंद कर देता है के जन्नत को उठा कर उसके कदमों में डाल देता है॰ 100 Subhanallah औरत औरत का पहेला रूप ही में रहेमत दुनिया है बेटी बनकर सब खानदान के दिलों पर राज करती है, बहेन बनकर भाई की सच्ची और मुखलीस दोस्त और मां का बाजु बन जाती है॰ और जब बीवी होती है एक पुख्ता और हमेशा सात नोभाने वाली हर दुख सुख की साथी बन जाती है और जब मां बनती है तो अल्लाह तआला उसका दर्जा ईतना बुलंद कर देता है के जन्नत को उठा कर उसके कदमों में डाल देता है॰ 100 Subhanallah - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲हदीस🕌 #🤲 दुआएं #🤲 इबादत #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - Raer aವ के सारे लोग तुझे अपने মাঠী दुनिया फायदे के लिए 8 चाहते सिर्फ़ तेरा रब ही है " 99 जो तुझे तेरे फायदे के लिए चाहता है Raer aವ के सारे लोग तुझे अपने মাঠী दुनिया फायदे के लिए 8 चाहते सिर्फ़ तेरा रब ही है " 99 जो तुझे तेरे फायदे के लिए चाहता है - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲हदीस🕌 #🤲 दुआएं #🤲 इबादत #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - फ्रुह्मद नाय रखदै का फायदा " U ख्च हर फ्नुसलयादा कौ ख्चानदाा चााहिए में एक शख्स हाज़िर हुए और हुज़ूर ग५६ की बारगाह अर्ज़की या रसूल अल्लाह ढ अल्लाह ने मुझे बेटा दिया है क्या नाम रखूं, हुज़ूर ने फ़रमाया मुहम्मद रख दो चंद साल बाद फिर आए कहा दूसरा हुआ है॰. हुज़ूर ने फ़रमाया मुहम्मद रख दो ঐরষা फिर कुछ दिन बाद हाज़िर हुए अर्ज़ की या रसूल अल्लाह ६ तीसरा बेटा हुँआ है उसका नाम दीजिए आका ने फरमाया मुहम्मद रख दो बता 7) उन्होंने अर्ज़ की या रसूल अल्लाह धक तीनों का नाम मुहम्मद आप ने फ़रमाया तुझे क्या फ़र्क पड़ता है एक घर में तीन मुहम्मद हो जाएं पहले हुज़ूर और ये भी बताया गया क़यामत के दिन सबसे का नाम मुहम्मद पुकारा जाएगा , तो जिनका नाम मुहम्मद है सब दौड़ पड़ेंगे तो फ़रिश्ते कहेंगे तुम नहीं मुहम्मद इब्ने अब्दुल्ला को बुलाया गया है अल्लाह फरमाएगा मेरे महबूब के नाम पर जितने लोग आए हैं सबको बख्श दो,, सुब्हान अल्लाह... ! फ्रुह्मद नाय रखदै का फायदा " U ख्च हर फ्नुसलयादा कौ ख्चानदाा चााहिए में एक शख्स हाज़िर हुए और हुज़ूर ग५६ की बारगाह अर्ज़की या रसूल अल्लाह ढ अल्लाह ने मुझे बेटा दिया है क्या नाम रखूं, हुज़ूर ने फ़रमाया मुहम्मद रख दो चंद साल बाद फिर आए कहा दूसरा हुआ है॰. हुज़ूर ने फ़रमाया मुहम्मद रख दो ঐরষা फिर कुछ दिन बाद हाज़िर हुए अर्ज़ की या रसूल अल्लाह ६ तीसरा बेटा हुँआ है उसका नाम दीजिए आका ने फरमाया मुहम्मद रख दो बता 7) उन्होंने अर्ज़ की या रसूल अल्लाह धक तीनों का नाम मुहम्मद आप ने फ़रमाया तुझे क्या फ़र्क पड़ता है एक घर में तीन मुहम्मद हो जाएं पहले हुज़ूर और ये भी बताया गया क़यामत के दिन सबसे का नाम मुहम्मद पुकारा जाएगा , तो जिनका नाम मुहम्मद है सब दौड़ पड़ेंगे तो फ़रिश्ते कहेंगे तुम नहीं मुहम्मद इब्ने अब्दुल्ला को बुलाया गया है अल्लाह फरमाएगा मेरे महबूब के नाम पर जितने लोग आए हैं सबको बख्श दो,, सुब्हान अल्लाह... ! - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 इबादत #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲हदीस🕌 #🤲 दुआएं
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - फ़रमाने रसूल र; किसी अरब को किसी अजमी (ग़ैर-अरब ) पर और किसी गोरे को काले पर कोई बड़ाई नहीं, सिवाय तक़वा (परहेज़गारी) के। किसी अरब को किसी अजमी पर और किसी गोरे को किसी काले पर कोई फज़ीलत नहीं, सिवाय तक़वा के। सहीह) (Musnad Ahmad (मुसनद अहमद - सहीह) फ़रमाने रसूल र; किसी अरब को किसी अजमी (ग़ैर-अरब ) पर और किसी गोरे को काले पर कोई बड़ाई नहीं, सिवाय तक़वा (परहेज़गारी) के। किसी अरब को किसी अजमी पर और किसी गोरे को किसी काले पर कोई फज़ीलत नहीं, सिवाय तक़वा के। सहीह) (Musnad Ahmad (मुसनद अहमद - सहीह) - ShareChat
#🤲हदीस🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 दुआएं #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 इबादत
🤲हदीस🕌 - हक़ीक़ी ज़ोहदः True asceticism इमाम अली (अ.स.) फ़रमाते हैंः जो खोई हुई दौलत का ग़म न करे और आने वाले माल के नफ़ा पर न इतराए इसने लिए ज़ोहद के दोनों हिस्से पा Nahjul Balagha; Meezan-ulHikmat vol.3 pg.58 हक़ीक़ी ज़ोहदः True asceticism इमाम अली (अ.स.) फ़रमाते हैंः जो खोई हुई दौलत का ग़म न करे और आने वाले माल के नफ़ा पर न इतराए इसने लिए ज़ोहद के दोनों हिस्से पा Nahjul Balagha; Meezan-ulHikmat vol.3 pg.58 - ShareChat
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - islamic qaurlraza মনমী নভা মালনাং বী ৯ जिसके अकाउंट में रोज़ाना पांच वक़्त की नमाज़ जमा हो रही है Beshaq_ 1@ islamic qaurlraza মনমী নভা মালনাং বী ৯ जिसके अकाउंट में रोज़ाना पांच वक़्त की नमाज़ जमा हो रही है Beshaq_ 1@ - ShareChat