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📢 ताजा खबर 📰 - मासिक धर्म में छुट्टी वाली याचिका पर सुनवाई से सीजेआइ का इनकार , बोले- पीरियड्स लीव से महिलाओं का करियर खत्म हो जायेगा , उन्हें कोई काम नहीं देगा ' एजेसियां , नयी दिल्ली यह नीतिगत मामला , कोर्ट का हस्तक्षेप ठीक नहीं सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देश  सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक ' नीतिगत मामला ' है ओर भर में कामकाजी महिलाओं और इसमे न्यायपालिका को हस्तक्षेप उचित नहीं हे . पीठ ने याचिकाकर्ता को सलाह दीकिवे इस गुद्दे पर केंद्र सरकार ओर महिला एवं वाल विकास मंत्रालय से छात्राओं के लिए मासिक धर्म के दौरान अनिवार्य छुट्टी को मांग वाली  संपर्क करें . अदालत ने कहा कि सरकार कोही यह तय करना चाहिए कि क्या ऐसी कोई राष्ट्रीय नीति बनाने की आवश्यकता हेऱया नहीं . अदालत ने दोहराया याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया. सीजेआइ सूर्यकांत  কিঠম কমলী কা सामाजिक और आर्थिक असर होता है ॰ यदि ஈரி को अध्यक्षता वाली पोठ ने इस मुद्दे कानूनन छुट्टी अनिवार्य होती है तो निजी क्षेत्र में महिलाओं के प्रति भेदभाव बढ़ * पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि॰ सकता हे, जो उनके पेशेवर विकास में बाधा बनेगा . इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट की छुट्टी महिलाओं के लिए ने इस जनहित याचिका को खारिज कर दी॰ इस तरह नुकसानदेह ' साबित हो सकती है॰ कंपनियां उन्हें नौकरी देने में कतराने के दौरान सीजेआइ जायेगा़. यदि ऐसी छुट्टी अनिवार्य  महिलाओं के समान अवसर और सुनवाई  ने इस  लगेंगी॰ सोजेआइ ने कहा,  मासिक कर दी गई॰ तो नियोक्ता महिलाओं बात पर चिंता जतायो कि॰ श्रम बाजार में उनको भागीदारी को पीरियडस  को काम पर ही नहीं रखना चाहेंगे  यदि महिलाओं के लिए धर्म अवकाश को अनिवार्य करने सकारात्मक रूप से प्रभावित करने के बजाय पोछे धकेल सकती है॰ লীন কষী ওনিণারয কিয়া যযা; না से महिलाओं का करियर खत्म हो अदालत का तर्क था कि यह नीति मासिक धर्म में छुट्टी वाली याचिका पर सुनवाई से सीजेआइ का इनकार , बोले- पीरियड्स लीव से महिलाओं का करियर खत्म हो जायेगा , उन्हें कोई काम नहीं देगा ' एजेसियां , नयी दिल्ली यह नीतिगत मामला , कोर्ट का हस्तक्षेप ठीक नहीं सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देश  सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक ' नीतिगत मामला ' है ओर भर में कामकाजी महिलाओं और इसमे न्यायपालिका को हस्तक्षेप उचित नहीं हे . पीठ ने याचिकाकर्ता को सलाह दीकिवे इस गुद्दे पर केंद्र सरकार ओर महिला एवं वाल विकास मंत्रालय से छात्राओं के लिए मासिक धर्म के दौरान अनिवार्य छुट्टी को मांग वाली  संपर्क करें . अदालत ने कहा कि सरकार कोही यह तय करना चाहिए कि क्या ऐसी कोई राष्ट्रीय नीति बनाने की आवश्यकता हेऱया नहीं . अदालत ने दोहराया याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया. सीजेआइ सूर्यकांत  কিঠম কমলী কা सामाजिक और आर्थिक असर होता है ॰ यदि ஈரி को अध्यक्षता वाली पोठ ने इस मुद्दे कानूनन छुट्टी अनिवार्य होती है तो निजी क्षेत्र में महिलाओं के प्रति भेदभाव बढ़ * पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि॰ सकता हे, जो उनके पेशेवर विकास में बाधा बनेगा . इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट की छुट्टी महिलाओं के लिए ने इस जनहित याचिका को खारिज कर दी॰ इस तरह नुकसानदेह ' साबित हो सकती है॰ कंपनियां उन्हें नौकरी देने में कतराने के दौरान सीजेआइ जायेगा़. यदि ऐसी छुट्टी अनिवार्य  महिलाओं के समान अवसर और सुनवाई  ने इस  लगेंगी॰ सोजेआइ ने कहा,  मासिक कर दी गई॰ तो नियोक्ता महिलाओं बात पर चिंता जतायो कि॰ श्रम बाजार में उनको भागीदारी को पीरियडस  को काम पर ही नहीं रखना चाहेंगे  यदि महिलाओं के लिए धर्म अवकाश को अनिवार्य करने सकारात्मक रूप से प्रभावित करने के बजाय पोछे धकेल सकती है॰ লীন কষী ওনিণারয কিয়া যযা; না से महिलाओं का करियर खत्म हो अदालत का तर्क था कि यह नीति - ShareChat
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📢 ताजा खबर 📰 - फोटो : राज काशिक பu JXS3a ot JIR Buequ एलपीजी संकट रिक्शा चालक बने स्वास्थ्य रिक्शा पर मंत्री, कृषि मंत्री बनीं सवारी पॉलिटिक्स रांची. रसोई गैस की किल्लत और मौके पर इरफान ने कहा कि केंद्र इससे पहले शिल्पी नेहा तिर्की की गलत नीतियों के कारण पूरे देश  विरोध प्रदर्शन करने के लिए रिक्शे उसकी कीमत में वृद्धि के खिलाफ  की जनता रसोई गैस की किल्लत में बैठकर विधानसभा आ रही थीं॰ स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी 7==##ஈஈச= विरोध स्वरूप रिक्शा इसी बीच रास्ते में शिल्पी नेहा को चलाकर कि गैस की कोई किल्लत शुक्रवार को दिन के लगभग  रहे रिक्शे पर जाता देख कर इरफान नहीं है. कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की १०.३9 बजे विधानसभा पहुंचे अंसारी भी रुक गये और वह और केंद्र की नीतियों का विरोध ने कहा कि केंद्र की गलत नीतियों उनके रिक्शे का चालक बनकर उन्हें बैठाकर विधानसभा के मुख्य  किया. रिक्शे में बतौर सवारी कृषि के कारण आम जनता एलपीजी मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की बैठी थीं. इस संकट का सामना कर रही है प्रवेश द्वार तक लेकर आये॰ फोटो : राज काशिक பu JXS3a ot JIR Buequ एलपीजी संकट रिक्शा चालक बने स्वास्थ्य रिक्शा पर मंत्री, कृषि मंत्री बनीं सवारी पॉलिटिक्स रांची. रसोई गैस की किल्लत और मौके पर इरफान ने कहा कि केंद्र इससे पहले शिल्पी नेहा तिर्की की गलत नीतियों के कारण पूरे देश  विरोध प्रदर्शन करने के लिए रिक्शे उसकी कीमत में वृद्धि के खिलाफ  की जनता रसोई गैस की किल्लत में बैठकर विधानसभा आ रही थीं॰ स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी 7==##ஈஈச= विरोध स्वरूप रिक्शा इसी बीच रास्ते में शिल्पी नेहा को चलाकर कि गैस की कोई किल्लत शुक्रवार को दिन के लगभग  रहे रिक्शे पर जाता देख कर इरफान नहीं है. कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की १०.३9 बजे विधानसभा पहुंचे अंसारी भी रुक गये और वह और केंद्र की नीतियों का विरोध ने कहा कि केंद्र की गलत नीतियों उनके रिक्शे का चालक बनकर उन्हें बैठाकर विधानसभा के मुख्य  किया. रिक्शे में बतौर सवारी कृषि के कारण आम जनता एलपीजी मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की बैठी थीं. इस संकट का सामना कर रही है प्रवेश द्वार तक लेकर आये॰ - ShareChat
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📢 ताजा खबर 📰 - में आया एआइ का नया दौर , ' आस्क मैप्स ' के साथ गूगल ने नेविगेशन को बनाया स्मार्ट गूगल मैप्स पर अब बोल कर भी जान सकेंगे रास्ता नेशनल कंटेट सेल दुनिया की सबसे लोकप्रिय नैविगेशन सेवा गूगल मैप्स अब और ज्यादा स्मार्ट होने जा रही है . गूगल ने इसमें ' आस्क मैप्स नाम का नया फीचर पेश किया है , जो उसके एआइ मॉडल जेमिनी एआइ पर आधारित है . इस फीचर के साथ अब यूजर्स को सिर्फ सर्च बॉक्स में शब्द टाइप करने की जरूरत नहीं होगी , बल्कि वे मैप्स से किसी दोस्त की तरह सवाल पूछ सकेंगे . ऐप में खास एक नया आस्क मैप्स बटन दिया गया है , जहां यूजर बोल कर या लिख कर अपनी जरूरत बता सकते हैं और एआइ तुरंत जवाब देगा . आरक मैप्स फीचर का उद्देश्य सिर्फ रास्ता बताना नहीं , बल्कि पूरी यात्रा को आसान बनाना है . अगर कोई यूजर किसी जगह जाने की योजना बना रहा है , तो वह पूछ सकता है कि इस समय कार से जाना बेहतर होगा या मेट्रो से रास्ते में अच्छी कॉफी शॉप , लाइव स्पोट्र्स मैच दिखाने वाली जगह या नहीं . CAFE यात्रा के विकल्प कमेटी वा पैदल एरेटेड हर रास्ते के फायदे- नुकसान और पार्किंग तक की जानकारी यात्रा के दौरान जेमिनी एआइ बतायेगा सुगम रास्ता , माहौल और विकल्प आपकी पसंद को भी याद रखेगा एआइ इस फीचर की खासियत इसकी पर्सनलाइज्ड सिफारिशें है . अगर कोई यूजर अवसर शाकाहारी रेस्टोरेंट या कैफे खोजता है , तो एआइ भविष्य में भी उसी तरह के विकल्पों को प्राथमिकता देगा . नये शहर में पहुंचने पर भी सिस्टम आपकी पसंद को ध्यान में रखकर सुझाव देगा . इसके अलावा यूजर फॉलो अप सवाल भी पूछ सकते हैं , जैसे - इन विकल्पों में किस जगह पर पार्किंग ज्यादा आसान है या किस जगह का माहौल शांत है . यानी मैप्स अब केवल लोकेशन गाइड नहीं , बल्कि एक डिजिटल ट्रैवल असिस्टेंट की तरह काम करेगा . नयी एआयी तकनीक की मदद से मैप्स एक ही गंतव्य तक पहुंचने के अलग - अलग मार्गों का विश्लेषण भी करेगा . यह बतायेगा कि किस रास्ते में ट्रैफिक कम है , कहां समय ज्यादा लगेगा और किस मार्ग से सफर ज्यादा आरामदायक रहेगा . गंतव्य पर पहुंचने के बाद बेहत्तर पार्किंग स्थानों की जानकारी भी दी जायेगी . भारत में भी शुरू हुआ रोलआउट थ्री - डी में दिखेंगे रास्ते , ड्राइविंग होगी आसान गूगल ने ड्राइविंग अनुभव को बेहतर बनाने के लिए इमरसिव नेविगेशन भी पेश किया है . कंपनी का दावा है कि यह पिछले एक दशक में ड्राइविंग से जुड़ा सबसे बड़ा अपडेट है . अब मैप्स पर रास्ते केवल लाइन के रूप में नहीं दिखेंगे , बल्कि थ्री डी व्यू में नजर आयेंगे . इसमें ऊंची इमारतें , फ्लाइओवर सड़क की ऊंचाई निचाई और मोड़ बिल्कुल वास्तविक जैसे दिखायी देंगे . इससे ड्राइवरों को पलाइओवर पर चढ़ने , मोड़ लेने या जटिल चौराहों को समझने में काफी मदद मिलेगी और भ्रम की स्थिति कम होगी . आस्क मैप्स फीचर का रोलआउट अमेरिका के साथ भारत में भी शुरू हो गया है . यह फिलहाल अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है , लेकिन कंपनी जल्द ही इसमें हिंदी समेत अन्य भाषाओं का समर्थन जोड़ने की तैयारी कर रही है . यह पूरा सिस्टम मैप्स पर मौजूद करीब 30 करोड़ स्थानों की जानकारी और 50 करोड़ से अधिक योगदानकर्ताओं के अनुभवों पर आधारित है . - ShareChat
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📢 ताजा खबर 📰 - मौसम का गजब मिजाज : गुजरात - राजस्थान में लू , उप्र में कोहरा , पहाड़ों पर बर्फ नेशनल कंटेंट सेल देश के मौसम में इन दिनों विरोधाभासी रंग देखने को मिल रहे हैं . उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में जहां बर्फबारी और बारिश का दौर जारी है , वहीं पश्चिम और मध्य भारत भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है . मार्च के पहले पखवाड़े में ही देश के 11 शहरों में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर गया गुजरात , सौराष्ट्र और कच्छ के लिए मौसम विभाग ने लू ( हीटवेव ) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है . मैदानी इलाकों में गर्मी के तेवर इतने तीखे हैं कि महाराष्ट्र का नंदूरबार 42.4 डिग्री के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा . राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर में भी तापमान 41 डिग्री के ऊपर पहुंच गया है . वहीं , उत्तर प्रदेश में कुदरत का अलग ही करिश्मा दिखा , जहां मार्च में 18 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए पूर्वांचल के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा . दूसरी ओर , हिमाचल के लाहौल - स्पीति और जम्मू- कश्मीर के सोनमर्ग में ताजा बर्फबारी हुई है . मौसम विभाग ने हिमाचल के पांच जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है . 14 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है , जिससे राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आधी बारिश की उम्मीद है . प्रयागराज देश के कई हिस्सों में तापमान 41 डिग्री के पार इन 11 शहरों में गर्मी का कहर देश के कई शहरों में पारा सामान्य से 7.5 डिग्री तक ऊपर चल रहा है . ये सबसे गर्म रहे प्रमुख शहर हैं नंदूरबार ( महाराष्ट्र ) : 42.4 Bat बाड़मेर ( राजस्थान ) 1416 fat जैसलमेर ( राजस्थान ) 41.2 डिग्री भुज ( गुजरात ) राजकोट ( गुजरात ) : 410 Bal : 411Bat अहमदाबाद ( गुजरात ) 40.8 डिग्री रतलाम ( मप्र ) 140.5 Ball अकोला ( महाराष्ट्र ) 1414all सुरेटनवर ( गुजरात ) 41.3 डिग्री 410 Bat : 40.7 Bat कांडला ( गुजरात ) जोधपुर ( राजस्थान ) हिमाचल बीकानेर सीतापुर एक्सपर्ट कमेंट समय से पहले तापमान बढ़ना खतरनाक इस साल समय से पहले तापमान में बढ़ोतरी एक स्पष्ट चेतावनी है , हमारा विश्लेषण बताता है कि भारत के लगभग 57 प्रतिशत जिले उच्च से अत्यधिक उच्च गर्मी के जोखिम की श्रेणी में आते हैं , जहाँ देश की 76 प्रतिशत आबादी रहती है . यह केवल कुछ गर्म दिनों की बात नहीं है , बल्कि स्वास्थ्य , आजीविका और अर्थव्यवस्था के लिए गहराता जोखिम है . अब समय आ गया है कि चरम गर्मी आने से पहले हीट एक्शन प्लान और सार्वजनिक सुझावों जैसे सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू किया जाए . - डॉ विश्वास चितले फेल - ShareChat
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📢 ताजा खबर 📰 - लेक रोड बांग्ला स्कूल के समीप गैस लेने के लिए सिलिंडर लेकर लाइन में खड़े लोग .. किल्लत जारी -दिक्कत भारी , नहीं मिल रही गैस प्रभात खबर टोली , रांची राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत की आशंका से उपभोक्ता चिंतित हैं . यह चिंता वाजिब है , क्योंकि उपभोक्ताओं को बुकिंग से लेकर सिलिंडर लेने तक कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है . अधिकांश एजेंसियों में पहुंच रहे लोग शिकायत कर रहे हैं । कि किसी भी माध्यम से गैस की बुकिंग नहीं हो रही है . किसी तरह बुकिंग हो भी गयी , तो डिलिवरी ऑथेन्टिकेशन कोड ( डीएसी / डैक ) नहीं आ रहा है . बुकिंग कराने के तीन से पांच दिनों के बाद भी कोड नहीं आ रहा है . नतीजतन , शहर की गैस एजेंसियों और उनके गोदामों में रोजाना सुबह से लेकर दोपहर तक उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही है . एजेंसियों में पर्ची कटाने और गैस सिलिंडर लेने के लिए लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है . गुरुवार को भी लोग दिन भर कड़ी धूप में बाइक , स्कूटी , कार और ऑटो में सिलिंडर लेकर लोग दौड़ते रहे . घंटों लाइन में खड़े रहे . जिन्हें गैस सिलिंडर मिल गया , उन्हें लगा कि जंग जीत गये . जिन्हें बाद में आने को कहा गया , वे मायूस हो कर घर लौट गये . गैस एजेंसियों और गोदामों में लोग अपने कई जरूरी काम और ऑफिस छोड़ कर गैस सिलिंडर लेने पहुंचे थे . उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग की प्रक्रिया पूरी होने में काफी दिक्कत आ रही है . वहीं , जिन उपभोक्ताओं को डीएसी नंबर मिल जा रहा है , उन्हें भी सिलिंडर मिलने में देरी हो रही है . बार - बार एजेंसी से संपर्क करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है , लोगों का कहना था कि एजेंसियों की और से बोला जा रहा है कि घर जाइये , गैस सिलिंडर पहुंचा दिया जायेगा , शहर की गैस एजेंसियों और उनके गोदामों में रोजाना सुबह से दोपहर तक लग रही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें तीन दिनों से सर्वर डाउन गैस कंपनियों का सर्वर तीन दिनों से ठप चल रहा है . इस वजह से उपभोक्ताओं का डीएसी नंबर ही जेनरेट नहीं हो रहा है . वहीं , उपभोक्ताओं के कई काम तय हो गये है . एजेंसियों में केवल गैस दी जा रही है . जबकि , नया कनेक्शन , ट्रांसफर सहित विभिन्न काम पूरी तरह से तय है ग्राहकों से सीधे कहा जा रहा है कि कुछ दिनों के बाद आये , अभी सर्वर ठीक नहीं है . ऑनलाइन फूड डिलिवरी घट कर 20 प्रतिशत तक पहुंची कॉमर्शियल सिलिंडर की किल्लत के कारण शहर के विभिन्न होटलो और रेस्टूरेटो से ऑनलाइन फूड डिलिवरी काफी घट गयी है . हाल यह है कि कई जगहों पर डिलिवरी घट कर 20 प्रतिशत तक पहुंच गयी है . होटल रेसीडेंसी के प्रोपराइटर त्रिलोचन सिंह ने कहा कि कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से ऑनलाइन फूड डिलिवरी काफी घट गयी है . होटलों में ठहरे मेहमानों को भी सर्विस देने में परेशानी हो रही है . अदिति इंडेन कोकर एजेंसी में लोग तरह - तरह की परेशानी बताते रहे . बुजुर्ग महिला शिखा दत्ता ने कहा कि पड़ोसी ने एक मार्च को गैस ले लिया . अब गैस नहीं मिल रही है . नौ दिन पहले बेटे की भी मृत्यु हो गयी . काफी परेशान हूं . वहीं दूसरे ग्राहक ने कहा कि डिलिवरी कोड नहीं आ रहा है . गोदाम में दोपहिया और चार पहिया वाहन लेकर लोग लंबी लाइन में गैस के लिए खड़े दिखे एसके गैस , बरियातू एजेंसी में सिलिंडर लेकर लोग पहुंचते दिखे . कई ग्राहक केवाइसी कराने में व्यस्त थे . कई ग्राहकों की शिकायत थी कि बुकिंग नहीं हो रही है . डिलिवरी के लिए कोड भी नहीं आ रहा है . वहीं , आर्मी कैटीन के लिए भी सिलिंडर लेने के लिए जवान पहुंचे थे . बरियातु इंडेन बरियातू एजेंसी में लोगों की भीड़ थी . उनका कहना था कि बुकिंग नहीं हो रही है . तीन दिनों से परेशान है . कई ग्राहकों का कहना था कि कोड नहीं आ रहा है जबकि कुछ लोगों का कहना था कि बुकिंग के बाद भी घरों पर गैस नहीं भेजा जा रहा है . देवी गैस , कांके रोड एजेंसी के बाहर लोग सिलेंडर लेकर खड़े दिखे . हाल यह था कि ग्राहक एजेंसी के कार्यालय अंदर प्रवेश नहीं कर पा रहे थे . इसके लिए ग्रील को लगभग बंद कर दिया गया था . एजेंसी के बाहर ही पर्ची कटाने के बाद ग्राहकों को छोटे सिलिंडर से गैस दी जा बंद होने लगे फास्ट फूड के ठेले और होटलों के किचन : गैस नहीं मिलने के कारण शहर के फास्ट फूड के ठेले बंद होने शुरू हो गये हैं . वहीं कुछ होटलों के किचन भी बंद होने शुरू हो गये है . होटल संचालकों का कहना है कि होटलों में ठहरे मेहमानों को केवल ठहराया जा रहा है . किसी प्रकार का खाना नहीं दे पा रहे हैं . जेसी पहुंचे लोगों ने कहा- किसी भी माध्यम से की बुकिंग नहीं हो रही , हुई तो डीएसी नंबर नहीं आ रहा शादियों और भोज पर छाये संकट के बादल , अनुष्ठानों और भंडारा के लिए भी नहीं हो रही सिलिंडर की व्यवस्था शहर की एजेंसियों व गोदामों का हाल देवी गैस एजेंसी के बाहर और बरियातू गैस एजेंसी अंदर जमा रसोई गैस के उपभोक्ताओं की भीड़ . रही थी . जबकि , यह तुरंत खत्म हो गया . ० भारतीय गैस सर्विस , कचहरी रोड एजेंसी में सर्वर ठप था . लोग गैस के लिए पहुंच रहे थे . वहीं कुछ लोग नये कनेक्शन के लिए पहुंच रहे थे . लेकिन , कनेक्शन नहीं मिल पा रहा था . जबकि , कुछ ग्राहक मजदूरी में पांच किलो का सिलिडर लेकर जाते दिखे . उरांव गैस , कचहरी रोड एजेंसी में गैस के लिए लोग परेशान दिखे . एजेंसी पहुंचने पर लोगों को कहा गया कि बुकिंग और डैक देने के बाद पर्ची कटा लें घरों पर गैस भेजा जायेगा . एजेंसी में लोगों की भीड़ दिखी . इंडक्शन कुकर की डिमांड में भारी बढ़ोतरी : गैस नहीं मिलने के कारण लोग इंडक्शन कुकर खरीद रहे हैं . डिमांड बढ़ कर चार गुना हो गया हैं . बजाज ( शक्ति डिस्ट्रीब्यूटर के प्रोपराइटर मुकेश अग्रवाल ने कहा कि डिमांड काफी बढ़ गयी है . ऑर्डर तुलना में 50 प्रतिशत सप्लाई मिल रही है . आने वाले चार से पांच दिनों में सप्लाई प्रभावित हो सकती है . की जयंत गैस , लालपुर एजेंसी में उपभोक्ताओं की भीड़ थी . एजेंसी के प्रोपराइटर परेश लोगों को समझा रहे थे कि जिनका डीएसी नंबर जनरेट हो चुका है , उन्हें ही सिलिंडर दिया जायेगा . परेश ने बताया कि यह स्थिति करीब एक सप्ताह तक रह सकती है . एजेंसी में नोटिस लगाकर डिलीवरी की तिथि भी स्पष्ट कर दी गयी है , जिसके अनुसार फरवरी से चार मार्च तक की बुकिंग करानेवालों को 15 मार्च तक डिलीवरी दी जायेगी . एचपी गैस विक्रांत चौक , कर्बला यहा दिन भर उपभोक्ता की भीड़ लगी रही . कोई 280 रुपये तक में मिल रहा एक सीमेंट बोरा कोयला गैस नहीं मिलने के कारण कोयला की मांग बढ़ने के कारण इसके दाम भी बढ गये हैं . पहले एक सीमेंट की बोरी भर कोयले की कीमत 200 से 220 रुपये तक थी . वर्तमान में इसकी कीमत बढ़ कर 260 से 280 रुपये प्रति बोरी हो गयी है . बुकिंग की समस्या लेकर पहुंचा तो कई लोग केवाइसी नहीं होने से परेशान दिखे . कर्मचारियों ने बताया कि दो गाड़ियों से सिलिडर उपलब्ध कराया गया था , जो अब लगभग खत्म होने की स्थिति में है . कई उपभोक्ता डीएसी नहीं आने की शिकायत लेकर पहुंचे , बाहर बैठे दो कर्मचारी उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान कर रहे थे . इंद्रप्रस्थ गैस , पुटिया यहां कई लोगों ने शिकायत की कि नंबर लगने के बावजूद उन्हें गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है . कुछ उपभोक्ता डीएसी नहीं आने से परेशान दिखे , तो कई लोग बुकिंग कराने के लिए कर्मियों से मिन्नते करते नजर आये . उपभोक्ताओं का कहना था कि पांच दिन पहले बुकिंग कराने के बावजूद अब तक सिलिंडर की डिलीवरी नहीं हुई है . आरव गैस , हिनू यहां भी उपभोक्ताओं की अच्छी - खासी भीड़ देखने को मिली , लेकिन धीरे - धीरे भीड़ कम हो गयी . ज्यादातर लोगों को गैस सिलिंडर मिल चुका था . जिन उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिला था , उन्हें हे गोदान भेज दिया गया , जहां उन्हें सिलिडर उपलब्ध करा दिया गया . आरव गैस एजेंसी के मालिक अजय कुमार ने बताया कि एजेंसी की ओर से करीब दो गाड़ी सिलिंडर उपलब्ध कराये गये थे . जिन उपभोक्ताओं का डीएसी नंबर जेनरेट हो चुका था , उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलिडर दिया गया . ० झलक गैस , झंडा चौक , डोरंड यहां लगातार लोगों का आना - जाना लगा रहा . कोई ओटीपी नहीं आने , तो कोई बुकिंग में हो रही परेशानी को लेकर एजेंसी पहुंच रहा था . कई लोगों ने शिकायत की कि बुकिंग के बावजूद उन्हें सिलिंडर नहीं मिल रहा है . एजेंसी के कर्मी सूरज सिंह लोगों को जानकारी देते रहे कि कुसई मैदान में सिलिंडर की डिलीवरी हो रही है , लेकिन सिलिंडर केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनकी बुकिंग हो चुकी है . इंडक्शन चूल्हे से भी नहीं मिल रही राहत : वैकल्पिक व्यवस्था में इंडक्शन दूल्हा भी काम नहीं आ रहा है , क्योंकि यह सभी घरों में उपलब्ध नहीं है . जिन घरों में इंडक्शन चूल्हा है , उन्होंने बताया कि कई बार खाना तैयार करते समय बिजली चली जा रही है , जिससे परेशानी हो रही है . अब लोग जलावन के लिए लकड़ी और कोयला की व्यवस्था में जुट गये है . गैस की किल्लत पर सत्ता पक्ष आज करेगा प्रदर्शन : रसोई गैस की किल्लत को लेकर सत्ता पक्ष शुक्रवार को विधानसभा में प्रदर्शन करेगा . प्रदर्शन में सत्ता पक्ष के सभी घटक झामुमो , कांग्रेस व राजद के विधायक शामिल होंगे . - 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