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टाटा ट्रस्ट्स, भारत के परिवर्तनशील कार्यों में तेज
जमशेदजी नुसरवानजी टाटा की विरासत पर उस व्यक्ति की अमिट छाप है, जो अपने समय की सीमाओं से कहीं आगे देखने वाला एक दूरदर्शी था। उन्होंने ऐसे भारत की कल्पना की, जहाँ अवसर कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि हर किसी की पहुँच में एक वास्तविक संभावना हो। अद्भुत दूरदृष्टि के साथ उन्होंने ऐसे संस्थानों और पहलों की नींव रखी, जिन्होंने आने वाली पीढ़ियों को संवारा—ऐसे कार्यक्रम जो समुदायों को सशक्त बनाते रहे और ऐसे विचार जो जीवन बदलते गए। हमारे #FoundersDay पर, उनकी 187वीं जयंती के अवसर पर, टाटा ट्रस्ट्स उनके दृष्टिकोण को नमन करते हैं और उनके मूल्यों को स्मरण करते हैं। भारत और उसके लोग सदैव उनके विचारों के केंद्र में रहे। उन्होंने हर विद्यार्थी में संभावना देखी, हर परिवार में शक्ति, और देश के हर कोने में एक उज्ज्वल भविष्य का वादा। जमशेदजी एन. टाटा का जीवन हमें याद दिलाता है कि जब किसी दृष्टि के पीछे सच्चा उद्देश्य हो, तो उसका प्रभाव उस दूरदर्शी के जाने के बाद भी पीढ़ियों तक बना रहता है #JamsetjiNusserwanjiTata #FoundersDay #Visionary #Legacy #TataTrusts
TataTrusts - TATA TRUSTS Jamsetji N Tata believed growth is measured true by the lives it changed. His ideos become enduring insfitutions-nurturing progress for generations to come] Picture Courtesy wwwtata com TATA TRUSTS Jamsetji N Tata believed growth is measured true by the lives it changed. His ideos become enduring insfitutions-nurturing progress for generations to come] Picture Courtesy wwwtata com - ShareChat
२८ फरवरी १९४१ को, जब भारत में कैंसर का खास इलाज बहुत कम था, तब सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने एक बड़ा और अलग कदम उठाया—एक ऐसा अस्पताल बनाने का, जो पूरी तरह कैंसर के इलाज, पढ़ाई और रिसर्च के लिए हो। टाटा मेमोरियल सेंटर सिर्फ़ इलाज की जगह नहीं था। शुरुआत से ही इसे ऐसे केंद्र के रूप में सोचा गया था जहाँ अच्छा इलाज, सीखने का मौका और नई जानकारी पर काम—तीनों साथ चलें। उस समय लगाया गया आधुनिक नर्स कॉल सिस्टम भी यही दिखाता था कि इलाज के साथ मरीज की देखभाल भी उतनी ही ज़रूरी है। परेल में ८० बिस्तरों से शुरू हुआ यह अस्पताल आज कैंसर इलाज के क्षेत्र में एक अहम नाम बन चुका है—ज़्यादा लोगों तक इलाज पहुँचाते हुए और नए डॉक्टरों व विशेषज्ञों को तैयार करते हुए। इसके स्थापना दिवस पर, हम उस सोच को याद करते हैं जिसने इसे शुरू किया था, और यह वादा दोहराते हैं कि हर व्यक्ति तक सुलभ और संवेदनशील कैंसर देखभाल पहुँचती रहे। #TataMemorialCentre #Healthcare #CancerTreatment #SDG3 #TataTrusts
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00:31
वर्ल्ड सस्टेनेबल डेवलपमेंट समिट 2026 के सिल्वर जुबली संस्करण में, टाटा ट्रस्ट्स के सीईओ श्री सिद्धार्थ शर्मा ने ऐसे विकास पर बात की जो आत्मनिर्भर हो, सबके लिए समान हो और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा हो। उन्होंने कहा कि सिर्फ चर्चा से आगे बढ़कर ज़मीनी स्तर पर काम करना ज़रूरी है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका की रक्षा के लिए और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि जलवायु समाधान लोगों तक पहुँचें और उनके जीवन में वास्तविक व मापने योग्य बदलाव लाएँ, तभी वे सही मायने में सफल होंगे। #WSDS2026 #Development #SustainableDevelopment #Growth #TataTrusts
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01:22
राजस्थान और आंध्र प्रदेश के गाँवों में महिलाएँ बैठकों को आंदोलन में बदल रही हैं और ‘कॉमन्स’ को साझा ज़िम्मेदारी बना रही हैं। ‘लीडर्स फॉर कॉमन्स’ कार्यक्रम सिर्फ प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है—यह अलग-अलग गाँवों की महिलाओं को जोड़ता है, उन्हें exposure visits का अवसर देता है और सीखने का एक मंच तैयार करता है, ताकि एक पंचायत से दूसरी पंचायत तक समाधान पहुँच सकें। इस कार्यक्रम ने महिलाओं को आत्मविश्वासी नेतृत्वकर्ता के रूप में अपनी भूमिका को नए तरीके से समझने और समुदाय के विकास को दिशा देने में सक्षम बनाया है। टाटा ट्रस्ट्स के सहयोग से, फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत कर, आपसी सहयोग बढ़ाकर और महिलाओं को नई सोच के साथ आगे बढ़ने में मदद करके यह बदलाव ला रहा है। ट्रस्ट्स स्थानीय नेतृत्व की ताकत को पहचानते हैं और ‘लीडर्स फॉर कॉमन्स’ जैसे प्रयासों का समर्थन करते हैं, ताकि पूरे भारत में महिला नेतृत्व वाले समुदाय मजबूत बन सकें। #PostcardFromAndhraPradesh #AndhraPradesh #Livelihood #SDG8 #TataTrusts
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01:10
पोषण की पहली सीख घर से ही शुरू होती है, और यही वह जगह है जहाँ ‘Yes! To Poshan’ कार्यक्रम अपनी जड़ें मजबूत करता है। टाटा ट्रस्ट्स के सहयोग से और विजयवाहिनी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा संचालित यह पहल गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दो साल पूरे होने तक के पहले 1,000 दिनों में मातृ एवं शिशु पोषण को मजबूत करने पर केंद्रित है। अब गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएँ स्थानीय रूप से उपलब्ध खाद्य पदार्थों से विविध और पौष्टिक भोजन नियमित रूप से तैयार कर रही हैं। आज का स्वस्थ भोजन एक ऐसे भविष्य की नींव रखता है जहाँ लोग अधिक मजबूत और बेहतर जीवन जी सकें। #PostcardFromAndhraPradesh #AndhraPradesh #Nutrition #HolisticHealth #BalancedDiet #Poshan #Immunity #EndHunger #FoodSecurity #ZeroHungerGoals #SDG2 #TataTrusts
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01:13
एक न्यायपूर्ण समाज की बुनियाद इस विश्वास पर टिकी होती है कि हर व्यक्ति को दूसरा मौका मिलना चाहिए। Prayas-TISS को सहयोग देकर टाटा ट्रस्ट्स महाराष्ट्र और गुजरात की जेल व्यवस्थाओं में प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ताओं की नियुक्ति को मजबूत कर रहे हैं। इससे हिरासत में रह रही महिलाओं और युवाओं, कानून से टकराव में आए बच्चों, और व्यावसायिक यौन शोषण से बाहर आ रही या बेघर और असहाय महिलाओं को व्यवस्थित सामाजिक-कानूनी और पुनर्वास सहायता मिल रही है, ताकि वे अपनी जिंदगी फिर से संवार सकें। साथ ही, न्याय संविधान फेलोशिप के माध्यम से ट्रस्ट्स कर्नाटक और बिहार के वंचित समुदायों में अनुभवी वकीलों को नियुक्त कर रहे हैं। ये वकील संवैधानिक अधिकारों को जमीनी स्तर पर आम लोगों तक पहुंचाकर उन्हें रोजमर्रा की कानूनी मदद दे रहे हैं। ये पहलें सिर्फ सेवाएं नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए सहारा हैं। इन प्रयासों से संवैधानिक अधिकार लोगों की वास्तविक जिंदगी का हिस्सा बन रहे हैं, समावेशन को बढ़ावा मिल रहा है और न्याय उन तक पहुंच रहा है जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। संरचित सहायता और पुनर्वास के अवसर देकर टाटा ट्रस्ट्स वंचित समुदायों में उम्मीद जगा रहे हैं और एक सच्चे अर्थों में समावेशी समाज बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। #WorldDayofSocialJustice #Development #SocialGood #SDG16 #TataTrusts
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मुंबई क्लाइमेट वीक के पहले आयोजन में अपने कीनोट भाषण के दौरान, टाटा ट्रस्ट्स के सी.ई.ओ सिद्धार्थ शर्मा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हम रोज़ जो छोटे-छोटे फैसले लेते हैं, वही हमारे शहरों का भविष्य तय करते हैं। तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण के बीच, हमारी सड़कें, घर, सार्वजनिक जगहें और बुनियादी ढाँचा ही तय करेंगे कि हमारे शहर गर्मी, प्रदूषण और जलवायु से जुड़े ख़तरों का सामना कितनी मजबूती से कर पाते हैं—और क्या वे सभी के लिए रहने लायक और बराबरी वाले बने रह सकते हैं। उन्होंने ऐसे व्यावहारिक और लोगों को केंद्र में रखने वाले समाधानों की बात की, जिनमें बराबरी, सुरक्षा और मज़बूती को शहर की योजना का हिस्सा बनाया जाए—ताकि जलवायु की चुनौतियाँ एक बेहतर और स्वस्थ समुदाय बनाने का मौका बन सकें। शहरों के लिए उनके इस विज़न को विस्तार से सुनने के लिए, देखें: https://youtu.be/0uOqqeTradE #MumbaiClimateWeek #ClimateAction #InclusiveGrowth #Development #MakingAnImpact #TataTrusts
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01:01
भारत में हॉकी का इतिहास हिम्मत, मेहनत और कभी हार न मानने की कहानी है। गाँव के मैदानों से लेकर ओलंपिक के बड़े मंच तक, हर खिलाड़ी अपने साथ पिछले खिलाड़ियों की विरासत और पूरे देश के सपने लेकर चलता है। हर कदम के साथ यह कहानी आगे बढ़ती रहती है। इस सफर में जमशेदपुर की नवल टाटा हॉकी एकेडमी (NTHA) मजबूती से खड़ी है। यह सिर्फ एक एकेडमी नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी का एक जीवित अध्याय है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। यहाँ वे युवा खिलाड़ी आते हैं जिनका सपना राष्ट्रीय जर्सी पहनकर देश का नाम रोशन करना है। इसका जमीनी स्तर का हॉकी कार्यक्रम कम उम्र में ही प्रतिभाशाली बच्चों को पहचानता है और उन्हें आगे बढ़ने, खेलने और बेहतरीन बनने का मौका देता है। यह छात्रों को नियमित और सही तरीके से खेल में भाग लेने का अवसर भी देता है, जिससे वे अच्छी आदतें सीखते हैं और खेल से जीवनभर जुड़ाव महसूस करते हैं। बेहतरीन सुविधाओं और भारत को विश्व हॉकी में आगे देखने के लक्ष्य के साथ, नवल टाटा हॉकी एकेडमी आने वाले कल के सितारों को तैयार कर रही है—एक खिलाड़ी, एक सपना और एक जीत के साथ। भारतीय हॉकी का अगला अध्याय यहीं से शुरू होता है। नवल टाटा हॉकी एकेडमी के बारे में अधिक जानने के लिए, दिए गए लिंक पर जाएँ: https://www.tatatrusts.org/our-stories/article/zid-hona-chahiye #BuiltOnTrust #NavalTataHockeyAcademy #TataLegacy #SportsForDevelopment #TataTrusts
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01:52
नशे की शुरुआत ज़रूरी नहीं कि किसी बड़े संकट से हो। कई बार यह एक ‘छोटी-सी’ राहत से शुरू होती है, जो धीरे-धीरे हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन जाती है। विज्ञान पहले ही बता चुका है कि शराब और तंबाकू जैसे पदार्थ रोके जा सकने वाले कैंसर के बड़े कारणों में से हैं। अकेला तंबाकू ही मुँह, गले, फेफड़ों और पेट के कैंसर से जुड़ा है। वहीं शराब इन ख़तरों को और बढ़ा देती है—जिससे अन्ननली, लिवर, कोलन, रेक्टम और स्तन कैंसर का जोखिम बढ़ता है। ये फैसले अक्सर सिर्फ़ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहते। इसलिए #LookAgain। टाटा ट्रस्ट्स हर किसी से अपील करते हैं कि आज जो आदतें छोटी लगती हैं, उन्हें पहचानें—क्योंकि उनके नतीजे कभी छोटे नहीं होते। #WorldCancerDay #CancerSeJeetnaSambhavHai #CancerCare #FightCancer #SDG3 #TataTrusts
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00:25
दालें दुनिया की सबसे पुरानी उगाई जाने वाली फसलों में से एक हैं। सदियों से ये खेतों का सहारा रही हैं और आज भी भारत के पहाड़ी और जलवायु परिवर्तन से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिरता देती हैं। उत्तराखंड, लद्दाख, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में, टाटा ट्रस्ट्स की दाल आधारित आजीविका पहल छोटे और सीमांत किसानों को जलवायु के अनुकूल खेती अपनाने में मदद कर रही है। खेती से लेकर कटाई के बाद की प्रक्रिया, प्रसंस्करण, संग्रहण और बाज़ार तक पहुंच—पूरी प्रक्रिया को मजबूत करके छोटे किसान, समुदाय द्वारा संचालित किसान उत्पादक संगठन (FPOs) और किसान उत्पादक कंपनियां (FPCs) अब टिकाऊ विकास की अगुवाई कर रहे हैं। खेत से लेकर बाजार तक, दालें किसानों को मजबूत और टिकाऊ खेती बनाने में मदद कर रही हैं। इस #WorldPulsesDay पर, ट्रस्ट्स ऐसी खेती प्रणाली का समर्थन जारी रखे हुए हैं जो लोगों, आजीविका और प्रकृति — तीनों का पोषण करती है। #WorldPulsesDay #Livelihood #SustainableLivelihoods #SDG8 #TataTrusts
TataTrusts - TATA TRUSTS The pulse of Indian food systems From soil health to value chains pulses are building climote-resilient food systems. #WorldPulsesDay generated and used for visual representation only | Tne images arel TATA TRUSTS The pulse of Indian food systems From soil health to value chains pulses are building climote-resilient food systems. #WorldPulsesDay generated and used for visual representation only | Tne images arel - ShareChat