RAGHUVEER TIWARI "YOGI"
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RAGHUVEER TIWARI "YOGI"
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TEACHER, COUNCILLOR, POET, ARTIST, SOCIAL WORKER
राष्ट्रीय बालिका दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। 💐 💐💐 #📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - और घर की शान है। "बेटियां आंगन की নুলর্মী घर में है रौनक इन्हीं से, खुशियों का ये गान है। जन्म से पहले ही इनको, कोख में मारो नहीं। का वरदान हैं।।" योगी' प्रतिफल पुण्य का ये र्सृा तिवारी " योगी" रघुवीर पवई, जिला पन्ना ( मःप्र ) 7000483272 Yogi Your uote.in और घर की शान है। "बेटियां आंगन की নুলর্মী घर में है रौनक इन्हीं से, खुशियों का ये गान है। जन्म से पहले ही इनको, कोख में मारो नहीं। का वरदान हैं।।" योगी' प्रतिफल पुण्य का ये र्सृा तिवारी " योगी" रघुवीर पवई, जिला पन्ना ( मःप्र ) 7000483272 Yogi Your uote.in - ShareChat
ऊँ सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा।। 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 ज्ञानविज्ञानरूपायै ज्ञानमूर्ते नमो नमः। नाना शास्त्र स्वरूपायै नानारूपे नमो नमः।। 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 आप सभी को माँ सरस्वती पूजन एवं बसन्त पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं।। ......🙏 - रघुवीर तिवारी "योगी" #बसंत पंचमी #📖 कविता और कोट्स✒️
बसंत पंचमी - ।। सरस्वती वंदना / वीणापाणि मां शारदे स्वर में मेरे झंकार दे। हे वर्णमातृका भगवती, मेरे शब्दों को श्रृंगार दे।।  लेखनी लिखे सत्य सदा, मन निर्झर सा हो निर्मल। कमल आसनी मेरा जीवन कर दे पुष्प जलज सा उज्जवल। मेरे जीवन में सदैव सद्गुण की अनुपम बहार दे।.. वीणापाणि मा शारदे, स्वर में मेरे झंकार दे।। वर दे हंस वाहिनी मां सही गलत में भेद कर सकूं।  इतना मां साहस भी देना, सत्य सदा अभिव्यक्त कर सकूं। अवगुण खोटापन काट सके, मां लेखन में इतनी धार दे।॰. वीणापाणि मां शारदे स्वर में मेरे झंकार दे।। जब मन में घोर निराशा हो, आशा की राह दिखा देना। थक चूर यदि मैं सो जाऊं देकर स्फूर्ति जगा देना।  सबके मन से द्वेष हटा, अनुपम सबको मात प्यार दे। वीणापाणि मां शारदे स्वर में मेरे झंकार दे।। मेरे जीवन का दीप बुझेपर शब्दों का दीप न बुझ पाए। देशप्रेम भक्ति- मानवता समता की जो राह दिखाए। योगी भव से तर जाए, भवतारण वह पतवार दे।.. वीणापाणि मां शारदे, स्वर में मेरे झंकार दे। हे वर्णमातृका भगवती, मेरे शब्दों को श्रृंगार दे।। रघुवीर तिवारी योगी 0 Your uotein ।। सरस्वती वंदना / वीणापाणि मां शारदे स्वर में मेरे झंकार दे। हे वर्णमातृका भगवती, मेरे शब्दों को श्रृंगार दे।।  लेखनी लिखे सत्य सदा, मन निर्झर सा हो निर्मल। कमल आसनी मेरा जीवन कर दे पुष्प जलज सा उज्जवल। मेरे जीवन में सदैव सद्गुण की अनुपम बहार दे।.. वीणापाणि मा शारदे, स्वर में मेरे झंकार दे।। वर दे हंस वाहिनी मां सही गलत में भेद कर सकूं।  इतना मां साहस भी देना, सत्य सदा अभिव्यक्त कर सकूं। अवगुण खोटापन काट सके, मां लेखन में इतनी धार दे।॰. वीणापाणि मां शारदे स्वर में मेरे झंकार दे।। जब मन में घोर निराशा हो, आशा की राह दिखा देना। थक चूर यदि मैं सो जाऊं देकर स्फूर्ति जगा देना।  सबके मन से द्वेष हटा, अनुपम सबको मात प्यार दे। वीणापाणि मां शारदे स्वर में मेरे झंकार दे।। मेरे जीवन का दीप बुझेपर शब्दों का दीप न बुझ पाए। देशप्रेम भक्ति- मानवता समता की जो राह दिखाए। योगी भव से तर जाए, भवतारण वह पतवार दे।.. वीणापाणि मां शारदे, स्वर में मेरे झंकार दे। हे वर्णमातृका भगवती, मेरे शब्दों को श्रृंगार दे।। रघुवीर तिवारी योगी 0 Your uotein - ShareChat
सूर्य देव के उत्तरायण होने पर भारतवर्ष के उजाले में वृद्धि के प्रतीक पर्व "मकर संक्रान्ति" पर आपका जीवन भी प्रकाशमान हो। आपके जीवन में भी वसंत का आगमन हो। ऐसी शुभेच्छा के साथ आपको भी ढ़ेर सारी शुभकामनाएं! 🪷🙏🏻🪷 - रघुवीर तिवारी "योगी" #📖 कविता और कोट्स✒️ #मकर संक्रांति
📖 कविता और कोट्स✒️ - / संक्रांति // " शब्दों की डोर से भावनाओं की पतंगे उड़ाइए। साहित्य के सागर में भी  डुबकी  IIISUII गुड़ बिखरे हुए तिलों को मिलाता है जैसे, अपनी वाणी की मिठास से दिलों को मिलाइए। ச अपने मधुर गीत इस   दुनिया  को सुना कर, मकर zpifa अपना नाम उनके अधरों पर भी सजाइए | हर महफिल में 'योगी ' , अपना परचम फहरा, कामना है अपने जीवन में  नव क्रांति लाइए।। ' নিবাহী "য্রীগী" रघुवीर Yogi Your uote.in / संक्रांति // " शब्दों की डोर से भावनाओं की पतंगे उड़ाइए। साहित्य के सागर में भी  डुबकी  IIISUII गुड़ बिखरे हुए तिलों को मिलाता है जैसे, अपनी वाणी की मिठास से दिलों को मिलाइए। ச अपने मधुर गीत इस   दुनिया  को सुना कर, मकर zpifa अपना नाम उनके अधरों पर भी सजाइए | हर महफिल में 'योगी ' , अपना परचम फहरा, कामना है अपने जीवन में  नव क्रांति लाइए।। ' নিবাহী "য্রীগী" रघुवीर Yogi Your uote.in - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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00:15
#📖 कविता और कोट्स✒️ #साथी
📖 कविता और कोट्स✒️ - பஉ0 मैं जाता हूँ जहाँ परशी उसका दीदार होता है । हर बातर्मेंउसकी ٦٨٢ ٥٨ ٤٦٠ ٤ ١ साथी साथ जब तक है,मौत भी छू नही सकती | "योगी" दुश्मनों के सामने दीवार होना है ।। ्मैं उसका हॅ चे मेरा हे॰ यही पैगाम देता है | जो भी मेरे मनासिब हो मझको काम देता हे । सुरखों में दो जहाँ की मैं उसे ग़र भूल भी जाऊँ | मुसीबत में चो आगे बढ के मुझको थाम लेता है ।। चो मेरा सच्चा साथी है॰ यही इज़हार करता हॅँ 1 चो मेरे दिल में रहता हैे॰ में उससे प्यार करता हैँ । चो है नो दनियां है उसके बिन नही कछ शी | योगी' दीनबन्धु को డII नमन हरचारकरता तिवारी "योगी" aal gi जिला -पन्ना (मःप्र ) पचई 08103251468 பஉ0 मैं जाता हूँ जहाँ परशी उसका दीदार होता है । हर बातर्मेंउसकी ٦٨٢ ٥٨ ٤٦٠ ٤ ١ साथी साथ जब तक है,मौत भी छू नही सकती | "योगी" दुश्मनों के सामने दीवार होना है ।। ्मैं उसका हॅ चे मेरा हे॰ यही पैगाम देता है | जो भी मेरे मनासिब हो मझको काम देता हे । सुरखों में दो जहाँ की मैं उसे ग़र भूल भी जाऊँ | मुसीबत में चो आगे बढ के मुझको थाम लेता है ।। चो मेरा सच्चा साथी है॰ यही इज़हार करता हॅँ 1 चो मेरे दिल में रहता हैे॰ में उससे प्यार करता हैँ । चो है नो दनियां है उसके बिन नही कछ शी | योगी' दीनबन्धु को డII नमन हरचारकरता तिवारी "योगी" aal gi जिला -पन्ना (मःप्र ) पचई 08103251468 - ShareChat
💕 नवोदयन मिलन समारोह 2025 💐 जवाहर नवोदय विद्यालय रिमखिरिया, पन्ना में आयोजित पूर्व छात्र मिलन समारोह में उपस्थित होकर अपने विचार रखने का सौभाग्य मिला। पूर्व छात्र नवोदय परिवार के रत्न हैं, जो अनुशासन व समर्पण से नई पीढ़ी को प्रेरित करे- वर्तमान छात्रों से अपील है, कि वह इस समय का सदुपयोग कर खुद को गढ़ें, एक श्रेष्ठ नागरिक बनकर विद्यालय और देश का गौरव बढ़ाएँ। यह मिलन समारोह परस्पर प्रेम , आत्मीयता बढ़ाने वाला अविस्मरणीय पल था। नवोदय परंपरा को नमन! 💐💐💐 जय नवोदय! 🙏जय हिंद! 🇮🇳 🙏 #JNVरिमखिरिया #पूर्वछात्रमिलन #नवोदययादें #पन्नाJNV #YogiKeVichar #📖 कविता और कोट्स✒️
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00:47
आप सभी को बाल दिवस की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं....💐💐💐 #📖 कविता और कोट्स✒️ #childrenday #बालदिवस #बालदिवस #शुभ बालदिवस #🌷जवाहरलाल नेहरू जयंती एवं बालदिवस🇮🇳
📖 कविता और कोट्स✒️ - 'सुंदर तन और मन होता है। खुश इनसे जन-्जन होता है।। है स्वरूप यह कृष्ण राम के। है छोटे पर बड़े काम के।। मनमोहक इनकी किलकारी| मुस्कान भी लगती है प्यारी। | इन्हें देखकर मां सुख पाती| गोद में लेकर इन्हे खिलाती। | 'योगी ' मन से सच्चे होते हैं। बच्चे कितने अच्छे होते हैं।। ' तिवारी " योगी " रघुवीर पवई, जिला-पन्ना ( म॰प्र. ) Yogi Your uotein 'सुंदर तन और मन होता है। खुश इनसे जन-्जन होता है।। है स्वरूप यह कृष्ण राम के। है छोटे पर बड़े काम के।। मनमोहक इनकी किलकारी| मुस्कान भी लगती है प्यारी। | इन्हें देखकर मां सुख पाती| गोद में लेकर इन्हे खिलाती। | 'योगी ' मन से सच्चे होते हैं। बच्चे कितने अच्छे होते हैं।। ' तिवारी " योगी " रघुवीर पवई, जिला-पन्ना ( म॰प्र. ) Yogi Your uotein - ShareChat
पुरानी पेंशन महारैली जंतर मंतर दिल्ली ## ops
# ops - भरत पटेल विद्याचरण शर्मा मीना तिवारी पेंशन जयघोष रैली ९ नवंबर २०२५ , दिन रविवार स्थान जंतर मंतर नई दिल्ली समय प्रातः १० बजे से दिल्ली বলী {e सभी शिक्षक/ कर्मचारी एकजुट होकर अपनी आवाज करें। बुलंद -   आयोजक- नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम ( भारत) नि.आजाद अध्यापक शिक्षक संघ जिला -पन्ना (मप्र) भरत पटेल विद्याचरण शर्मा मीना तिवारी पेंशन जयघोष रैली ९ नवंबर २०२५ , दिन रविवार स्थान जंतर मंतर नई दिल्ली समय प्रातः १० बजे से दिल्ली বলী {e सभी शिक्षक/ कर्मचारी एकजुट होकर अपनी आवाज करें। बुलंद -   आयोजक- नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम ( भारत) नि.आजाद अध्यापक शिक्षक संघ जिला -पन्ना (मप्र) - ShareChat
आगे बढ़ो! #📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - आगे बढ़ो॰ "गिर पड़े तो क्या हुआ आगे बढ़ो | कामयाबी की तुम नई प्रतिमा गढ़ो। ख्वाइश अगर पाने की है ऊंचाइयां। 'योगी' संघर्ष की नित नयी सीढी चढो। । ' रघुवीर तिवारी " योगी" এবs, িলা-এববা (বস| Yogi Your uotein आगे बढ़ो॰ "गिर पड़े तो क्या हुआ आगे बढ़ो | कामयाबी की तुम नई प्रतिमा गढ़ो। ख्वाइश अगर पाने की है ऊंचाइयां। 'योगी' संघर्ष की नित नयी सीढी चढो। । ' रघुवीर तिवारी " योगी" এবs, িলা-এববা (বস| Yogi Your uotein - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - 84. I ಫ || "अश्रुओं से जो है लबालब, पर न छलके वो बांध हूं मैं। हृदय मचलते प्रबल स्वरों का, दबा हुआ जो वो नांद 8 #1 योगी' कठिन है डगर मगर ये, बढे जा रहे हैं पग निरंतर। अंधेरी रातों में भी निकल के, जो जगमगाए वो चांद हूं मैं।।" तिवारी "योगी" रघुवीर ogi Your uotein 84. I ಫ || "अश्रुओं से जो है लबालब, पर न छलके वो बांध हूं मैं। हृदय मचलते प्रबल स्वरों का, दबा हुआ जो वो नांद 8 #1 योगी' कठिन है डगर मगर ये, बढे जा रहे हैं पग निरंतर। अंधेरी रातों में भी निकल के, जो जगमगाए वो चांद हूं मैं।।" तिवारी "योगी" रघुवीर ogi Your uotein - ShareChat