दसलक्षण पर्व
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Irfan shaikh
882 views 4 months ago
दसलक्षण पर्व जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध पर्व है, जिसे दिगंबर जैन समुदाय द्वारा विशेष रूप से मनाया जाता है। यह पर्व 'पर्युषण पर्व' का ही एक हिस्सा है और आत्मा की शुद्धि व आत्म-साधना के लिए समर्पित है। यह पर्व क्या है? दसलक्षण पर्व 10 दिनों तक चलता है, जिसमें जैन अनुयायी दस श्रेष्ठ गुणों की आराधना करते हैं। इन दस गुणों को 'उत्तम धर्म' कहा जाता है, जो इस प्रकार हैं: उत्तम क्षमा: क्रोध और अहंकार का त्याग करना। उत्तम मार्दव: कोमलता और विनम्रता का भाव रखना। उत्तम आर्जव: मन, वचन और कर्म में सरलता व सीधापन लाना। उत्तम शौच: लोभ और लालच का त्याग करना। उत्तम सत्य: यथार्थ और हितकारी बोलना। उत्तम संयम: इंद्रियों और मन को नियंत्रित करना। उत्तम तप: इच्छाओं को नियंत्रित करने के लिए तपस्या करना। उत्तम त्याग: ज्ञान, भोजन, अभय और औषधि का दान देना। उत्तम आकिंचन्य: सांसारिक वस्तुओं और धन का मोह त्यागना। उत्तम ब्रह्मचर्य: मन, वचन और कर्म से ब्रह्मचर्य का पालन करना। दसलक्षण पर्व का महत्व यह पर्व आत्मा की शुद्धि और आध्यात्मिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह किसी व्यक्ति विशेष या घटना से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि सार्वभौमिक और शाश्वत है। यह पर्व जैन अनुयायियों को आत्म-नियंत्रण, त्याग और सदाचार के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है। इस दौरान लोग अपनी क्षमता के अनुसार व्रत, उपवास, पूजा, स्वाध्याय और ध्यान करते हैं, जिससे उनकी आत्मा पवित्र होती है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। यह कब मनाया जाता है? दसलक्षण पर्व वर्ष में तीन बार आता है - चैत्र, भाद्रपद और माघ मास में, लेकिन भाद्रपद मास में मनाए जाने वाले पर्व का विशेष महत्व है। दिगंबर जैन समुदाय में यह भाद्रपद शुक्ल पंचमी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी तक 10 दिनों तक मनाया जाता है #दसलक्षण पर्व #aaj ki taaja khabar #🗞️🗞️Latest Hindi News🗞️🗞️ #🗞breaking news🗞
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