चाणक्य
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sn vyas
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#चाणक्य हम सबके गुरू आचार्य चाणक्य जी कहते है कि अपचन में उपवास करके केवल पानी (उबालकर ठंडा किया हुआ जल) का सेवन दवा का काम करता है, भोजन के पच जाने पर सेवन किया जल बलदायक है। भोजन के बीच में थोड़ा - थोड़ा पानी पीना भोजन के प्रति रुचि बढ़ाते हुए अमृत के समान लाभकारी (भोजन भली भांति पच जाता है) है। भोजन के तुरन्त बाद जल का सेवन विष के समान हानिकारक है।
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sn vyas
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#चाणक्य जीवन को राह दिखाती ये नौ बातें-- ++++++++++++++++++++++++++ चंद्रगुप्त मौर्य को राजा बनाने वाले कौटिल्य को दुनिया आचार्य चाणक्य नाम से जानती है। दुनिया को कूटनिति, अर्थशास्त्र और राजनीति का गूढ़ पाठ पठाने वाले चाणक्य जीवन दर्शन के भी बड़े विद्वान् थे। उन्होंने अपने अनुभवों से जो कुछ भी सीखा उसे औरों को भी सिखाया। उन्होंने दुनिया के सामने कुछ ऐसी नीतियाँ रखीं जिसे आज भी चाणक्य नीति के नाम से जाना जाता है। इन बातों में आदर्शवादिता के साथ-साथ यथार्थ की भी स्पष्ट झलक दिखाई देती है। जानिए चाणक्य की सिखाई 9 गूढ़ बातें जो जीवन की राह को रोशनी दिखाती हैंः-- (1.) चाणक्य के मुताबिक जो समय बीत गया, उसे याद कर पछताना बेकार है। अगर आपसे कोई बड़ी गलती हुई है तो उससे सीख लेकर वर्तमान को श्रेष्ठ बनाने का प्रयास करना चाहिए। (2.) जो धन बहुत मेहनत के बाद मिले, जिसके लिए अपने धर्म का त्याग करना पड़े, जिसके लिए शत्रुओं की खुशामद करनी पड़े उसका मोह नहीं करना चाहिए। (3.) अगर किसी कार्य को प्रारंभ करो तो तीन बातों को सदैव ध्यान में रखो। पहला कि यह तुम क्यों करना चाहते हो ? दूसरा इस काम का क्या नतीजा होगा ? और क्या इसमें आपको सफलता मिलेगी कि नहीं ? (4.) कोई भी सांप अगर विषैला नहीं है तो भी उसे फुफकारना नहीं छोड़ना चाहिए। क्योंकि अगर उसने स्वयं को विषहीन सिद्ध कर दिया तो उसके प्राण संकट में पड़ जाएंगे। यानी अपनी मूल प्रवृति नहीं त्यागनी चाहिए । (5.) किसी पदार्थ की सुगंध के प्रसार के लिए हवा की दरकार होती है, लेकिन व्यक्ति का गुण या योग्यता किसी हवा के मोहताज नहीं होते। (6.) किसी के अधीन रहने से ज्यादा कष्टदायक दूसरे के घर में रहना है। (7.) आपका कोई मित्र अगर सामने मीठी-मीठी बातें करता है और पीठ पीछे आपके बने काम बिगाड़ने में लगा रहता है तो ऐसे दोस्तों को छोडने में ही भलाई है। (8.) कमजोर व्यक्ति से कभी भी दोस्ती न करें क्योंकि वह आप पर उस समय हमला कर सकता है जिसके बारे में आप कल्पना भी नहीं कर सकते। (9.) हजारों पशुओं के बीच भी बछड़ा अपनी माता के पास ही आ जाता है, वैसे ही आपके कर्मो के फल भी इस जगत में मौजूद होता है जिसे तुम्हें ढूंढना होता है। चाणक्य नीति अपने सूर्य स्वयं बन जाओ 🌞🌻🌞 तुम हो दिव्य शक्ति के स्वामी बनो अग्रणी नहीं अनुगामी, अपने ही अनुभव के बल पर नये सृजन आधार बनाओ । 🌞🌻🌞 निर्माता हो तुम निज पथ के, स्वयं विधाता हो तुम निज के, है अनन्त क्षमता मानव की, अन्तर मे विश्वास जगाओ। 🌞🌻🌞 चलो न मिटते पद चिन्हों पर रुको न विघ्नों बाधाओं पर, नित्य नयी आलोक रश्मि से अपनी प्रतिभा स्वयं जगाओ । 🌞🌻🌞 जहाँ ब्रह्मज्ञानी जाते हैं त्याग तपस्या अपनाते हैं, जाओ अपने पौरुष से तुम अन्तर तम का दीप जलाओ। 🌞🌻🌞 आज का सुविचार जीवन में हर कोई सफलता पाना चाहता है, लेकिन सफलता समर्पण चाहती है।लक्ष्य प्राप्ति के लिए निष्ठा और लगन के साथ सकारात्मक सोच का होना जरूरी है। ऐसी सोच जीवन की दशा और दिशा बदलती है ।।। 🌞🌻🌞 सादर सुप्रभात । आपका दिन मंगलमय हो ।भगवान् भोलेनाथ सदैव आपका कल्याण करें ।आप सदैव अपने लक्ष्य को प्राप्त कर अपने जीवन को सफल एवं सुखद बनायें ।इसी पावन कामना में आपका शुभाकांक्षी मित्र रामजी ।। 🌞🙏🌞🙏रामजी🙏🌞🙏🌞🙏
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