🌿आयुर्वेदा
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#ये पत्ते नहीं जादुई पत्ते हैं #इन पत्तों का सेवन बचाएगा आपको अनेक बीमारी से #जाने सेवन का तरीका अर्जुन के पत्ते — हृदय की कमजोरी आँवला के पत्ते — पाचन समस्या सहजन (मोरिंगा) के पत्ते — रक्त की कमी (एनीमिया) नीलगिरी (यूकेलिप्टस) के पत्ते — सांस की समस्या पुदीना के पत्ते — गैस/अपच घृतकुमारी (एलोवेरा) के पत्ते — पेट में जलन (एसिडिटी) ताड़ के पत्ते — जोड़ों का दर्द लेमन ग्रास के पत्ते — तनाव/अनिद्रा दालचीनी के पत्ते — सर्दी-जुकाम कनेर के पत्ते — गठिया (बाहरी लेप) जामुन के पत्ते — मधुमेह शीशम (सिरस) के पत्ते — त्वचा की खुजली करी पत्ता (मीठा नीम) — पाचन कमजोरी हरसिंगार (पारिजात) के पत्ते — बुखार/जोड़ों का दर्द अंजीर के पत्ते — कब्ज खस (वेटिवर) के पत्ते — शरीर की अधिक गर्मी चंदन के पत्ते — त्वचा एलर्जी बबूल (अकासिया) के पत्ते — मसूड़ों की समस्या सर्पगंधा के पत्ते — उच्च रक्तचाप में सहायक गूलर के पत्ते — घाव भरने में सहायक सेवन विधि (एक–एक पत्ता) अर्जुन के पत्ते — सूखा चूर्ण 1 चम्मच हल्के गुनगुने पानी के साथ सुबह लें। आँवला के पत्ते — 5–7 पत्ते उबालकर काढ़ा बनाकर पिएं। सहजन (मोरिंगा) के पत्ते — सब्ज़ी/सूप बनाकर सप्ताह में 2–3 बार खाएं। नीलगिरी के पत्ते — 4–5 पत्ते उबालकर भाप लें (पीना नहीं है)। पुदीना के पत्ते — चटनी बनाकर या पानी में भिगोकर पिएं। घृतकुमारी (एलोवेरा) — अंदर का गूदा 1–2 चम्मच सुबह खाली पेट। ताड़ के पत्ते — गर्म पानी में उबालकर सेंक/भाप लें (बाहरी उपयोग)। लेमन ग्रास — 1 कप हर्बल चाय बनाकर शाम को पिएं। दालचीनी के पत्ते — 2–3 पत्ते उबालकर हल्का काढ़ा पिएं। कनेर के पत्ते — पीसकर केवल बाहरी लेप लगाएं (खाना नहीं है)। जामुन के पत्ते — सूखा चूर्ण ½ चम्मच पानी के साथ सुबह। शीशम (सिरस) के पत्ते — उबले पानी से त्वचा धोएं/लेप लगाएं। करी पत्ता (मीठा नीम) — रोज़ 8–10 पत्ते चबाएं या सब्ज़ी में डालें। हरसिंगार (पारिजात) — 5–6 पत्ते उबालकर काढ़ा पिएं। अंजीर के पत्ते — 2–3 पत्ते उबालकर पानी पिएं (रात में)। खस (वेटिवर) — जड़/पत्तों का ठंडा अर्क बनाकर पिएं। चंदन के पत्ते — पीसकर ठंडा लेप त्वचा पर लगाएं। बबूल (अकासिया) — पत्तों का काढ़ा बनाकर कुल्ला करें। सर्पगंधा के पत्ते — डॉक्टर की सलाह से बहुत कम मात्रा में काढ़ा। गूलर के पत्ते — पीसकर घाव पर लेप लगाएं। #naturalremedies #StarSender #healthytips #challenge #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 #🎓जनरल नॉलेज #🌿आयुर्वेदा #⚕️आरोग्य #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स
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गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी और मक्का की रोटी के फायदे गेहूं की रोटी गेहूं की रोटी सबसे सामान्य और पौष्टिक भोजन माना जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं। यह पाचन को बेहतर बनाती है और पेट को लंबे समय तक भरा रखती है। गेहूं में मौजूद आयरन और विटामिन B शरीर की कमजोरी दूर करने में मदद करते हैं। ज्वार की रोटी ज्वार की रोटी ग्लूटेन-फ्री होती है, इसलिए यह एलर्जी वाले लोगों के लिए अच्छी मानी जाती है। इसमें फाइबर अधिक होता है, जिससे पाचन मजबूत होता है और वजन नियंत्रित रहता है। यह ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में भी मदद करती है। बाजरे की रोटी बाजरे की रोटी शरीर को गर्म रखने में मदद करती है, इसलिए सर्दियों में इसे ज्यादा खाया जाता है। इसमें कैल्शियम, आयरन और मिनरल्स भरपूर होते हैं, जो हड्डियों और शरीर को मजबूत बनाते हैं। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक होती है। रागी की रोटी रागी कैल्शियम का बहुत अच्छा स्रोत है, जिससे हड्डियां और दांत मजबूत होते हैं। इसमें आयरन और फाइबर भी होता है, जो खून बढ़ाने और पाचन सुधारने में मदद करता है। रागी की रोटी डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। मक्का की रोटी मक्का की रोटी फाइबर से भरपूर होती है, जिससे पाचन सही रहता है। यह शरीर को ऊर्जा देती है और आंखों की सेहत के लिए भी लाभदायक मानी जाती है। यह वजन नियंत्रित रखने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करती है। #gharelunuskhe #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स #🎓जनरल नॉलेज #🌿आयुर्वेदा #⚕️आरोग्य
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