जय श्री हरि

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sn vyas
525 views 2 days ago
#जय श्री हरि #ॐ नमो भगवते वासुदेवाय #ओम नमो भगवते वासुदेवाय अजरममरमेकं ध्येयमाद्यन्तशून्यं सगुणमगुणमाद्यं स्थूलमत्यन्तसूक्ष्मम् । निरुपममुपमेयं योगिविज्ञानगम्यं त्रिभुवनगुरुमीशं सम्प्रपद्यस्व विष्णुम् ॥ जो अजर, अमर, अद्वितीय, ध्येय, अनादि, अनन्त, सगुण, निर्गुण, सबके आदि कारण, स्थूल, अत्यन्त सूक्ष्म, उपमारहित, उपमाके योग्य तथा योगियोंके लिये ज्ञानगम्य हैं, उन त्रिभुवनगुरु भगवान् विष्णुकी शरण लो। ॥ ॐ नमो नारायणा ॥ .
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