जय श्री महाकाल! अवंतिका नगरी (उज्जैन) के राजा, देवाधिदेव महादेव के दरबार में आज 9 मार्च 2026 की भस्म आरती अत्यंत ही अलौकिक और भव्य रही।
बाबा महाकाल का आज का श्रृंगार और भस्म की पवित्र धारा देखना किसी भी शिव भक्त के लिए सौभाग्य की बात है।
आज की भस्म आरती के मुख्य अंश
आज सुबह ब्रह्ममुहूर्त में हुई भस्म आरती के दर्शन कुछ इस प्रकार रहे:
* जलाभिषेक और पंचामृत पूजन: सर्वप्रथम बाबा का दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक किया गया। इसके बाद केसरिया जल और फलों के रसों से महादेव का मंगल स्नान हुआ।
* दिव्य श्रृंगार: अभिषेक के पश्चात बाबा महाकाल का भांग, चंदन और सूखे मेवों से अद्भुत श्रृंगार किया गया। मस्तक पर चंद्र और त्रिनेत्र की छवि भक्तो का मन मोह लेने वाली थी।
* भस्मार्पण: महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से कपिला गाय के गोबर के कण्डों की ताजी भस्म बाबा को अर्पित की गई। "अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चंडाल का, काल उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का" के जयघोष से मंदिर गुंजायमान रहा।
* महानिरांजन आरती: ढोल-नगाड़ों और शंख की ध्वनि के साथ जब दीपकों की लौ बाबा के सामने घूमी, तो संपूर्ण ज्योतिर्लिंग तेजपुंज की तरह चमक उठा।
महाकाल दर्शन का फल
माना जाता है कि उज्जैन में भस्म आरती के दर्शन मात्र से व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है।
> कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
> सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥
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#जय महा काल