विजय दिवस की मैं आप सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयां देता हूं।आज के ही दिन 16 दिसंबर 1971 ई को भारतीय सेना ने 93000 पाकिस्तानी सेना के जवानों को आत्मसमर्पण करवाकर बांग्लादेश को आजाद कराया था तथा पाकिस्तान को दो टुकड़ों में विभाजित किया था तभी से हम भारतवासी इस दिन को विजय दिवस के रुप में मनाते हैं।यह घटना इतिहास के सबसे बड़े सैन्य आत्मसमर्पणों में से एक थी जिसने भारत को एक क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थापित किया और भारतीय सेना के अदम्य साहस को दर्शाया.वर्ष 1971 ई के युद्ध में 3900 भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गये थे जबकि 9851 सैनिक घायल हो गए थे।हम सभी भारतवासियों को आप सभी बहादुर सेना के जवानों पर गर्व है जिसके वजह से हम भारतीय यह ऐतिहासिक दिवस मना पा रहे हैं।हम सभी भारतवासियों को सेना के शौर्य और समर्पण का सम्मान करना चाहिए।यह युद्ध 13 दिनों तक चला था।इस युद्ध के समय भारतीय सेनाध्यक्ष का नाम सैम मानेकशॉ जी था जिन्हें इस युद्ध का हीरो माना जाता है।आप को भारत के दो सर्वोच्च नागरिक सम्मानों 1968 ई में पद्मभूषण और 1972 ई में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था।आप का उपनाम सैम बहादुर था।आप ने इस युद्ध में भारतीय सेना का नेतृत्व किया था।भारतीय सेना ने हमेशा से हमारे भारतवासियो को कई युद्धो में सफलता दिलवाकर हमारा सर गर्व से ऊंचा किया है जिसके लिए देश का हर नागरिक आप बहादुर भारतीय सैनिकों का हमेशा ऋणी रहेगा।यह दिन भारतीय सेना के साहस,वीरता और बलिदान का प्रतीक है,जो हर साल पूरे भारत में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है.युद्ध का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) का एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उदय था,जो पश्चिमी पाकिस्तान के दमनकारी शासन से आज़ाद हुआ। "शौर्य उनका अमर,जो दिलों में जोश जगाता है,
विजय का जज्बा हर पीढ़ी को एकता की राह दिखाता है।"भारत माता की जय।जय हिन्द जय भारत।🇮🇳🇮🇳🇮🇳🙏
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