Aravalli
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अरावली को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.सरकार ने कहा है कि हम पूरे अरावली को बचाएंगे.अब कोई माइनिंग लीज नहीं दी जाएगी यानी अब इसमें कोई खनन नहीं होगा.संरक्षित क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा.🌳🌴अरावली को बचाना मतलब खुद को बचाना है।यह हम अरावली पर्वतमाला को बचाने वालों की जीत है।यह हम देशवासियों के विश्वास की जीत है।यह पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने वालो की जीत है इसलिए तो मैंने कहा था कि बचीं जो अरावली तो धरती रहे हरी-भरी।सच में अरावली को बचाना जैसे खुद को बचाना है।यह हम भारतीयों की एकजुटता और भरपूर समर्थन के वजह से ही सम्भव हो पाया है।🦚🌴🫡✊👍🙏 #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #Aravalli #🌞 Good Morning🌞 #🏞 पर्यटन फोटोग्राफी #👍 डर के आगे जीत👌
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सौ मीटर से कम की पहाड़ी को अरावली की परिभाषा से बाहर रखा जा सकता है।इस फैसले के बाद कहा जाने लगा है कि तब तो अरावली रेंज का बड़ा हिस्सा खनन से लेकर रियल इस्टेट तक के लिए खुल जाएगा। ये पहाड़ियाँ चंद वर्षों में मिट जाएंगी।अरावली भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला है जो लगभग 2 अरब साल पुरानी है जो पहले से ही खनन का शिकार रही है ।अरावली को बचाने के लिए जनता सड़कों पर उतर रही है। अरावली पर प्रहार बंद करिए, बच्चों के भविष्य पर वार मत करिए! अरावली पर्वत देश के मानचित्र पर केवल एक लकीर नहीं बल्कि हमारी 'जीवनरेखा' है। गुजरात - राजस्थान - हरियाणा - दिल्ली तक फैली यह सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला को विकास की आड़ में खत्म करने की साजिश हो रही है। 100 मीटर से ऊंचे पहाड़ों को ही अरावली मानने के नये नियम 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले वन क्षेत्रों को खनन माफियाओं के हवाले करने का हथकंडा है।यह विकास नहीं, विनाश को सीधा न्योता है।अरावली हमारा प्राकृतिक सुरक्षा कवच है, इसे बर्बाद नहीं होने देंगे! यह भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला है। अरावली को बचाना मतलब खुद को बचाना है। आइए अरावली पर्वतमाला को बचाना के लिए हम सभी एकजुट हो अन्यथा पर्यावरण प्रदूषण और अवैध खनन से सबकुछ बर्बाद हो जाएगा। बची रहे जो "अरावली" तो दिल्ली रहे हरी-भरी"। # Let's unite for Save the Aravalli Hills🌴🌴🌳🌳🌳🦚🦚🦚😭😭😭🙏 #🥰मोटिवेशन वीडियो #Aravalli #🌞 Good Morning🌞 #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🏞 पर्यटन फोटोग्राफी