🙏🙏🙏: यह चित्र #सौभाग्य एवं कल्याण प्रदान करने वाला एक विशेष रक्षा एवं सम्पन्नता यंत्र है। इसमें बीज मंत्र, "ॐ–हौं–जूं–सः–श्रीं" का संयोजन करके साधक और परिवार को सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति हेतु दिव्य आह्वान किया गया है।
✨ #यंत्र का विवरण
ऊपरी भाग – "ॐ" लिखा है, जो ब्रह्माण्डीय ऊर्जा का मूल स्रोत है।
बीच का #मंत्र –
मधुकर, किरण, शिवांशी, ललिता, मिष्टी को
सौभाग्यं देहि देहि स्वाहा॥
→ इसमें परिवार के सदस्यों की रक्षा व सौभाग्य की प्रार्थना की गई है।
चारों ओर बीज मंत्र –
"ॐ" (#सर्वशक्तिमान)
"हौं" (#महादेवी व रुद्रशक्ति का मंत्र)
"जूं" (संरक्षण व संकट निवारण का मंत्र)
"सः" (#शक्ति व परमब्रह्म का बीज)
"श्रीं" (#लक्ष्मी व सौभाग्य का बीज मंत्र)
इनका क्रम और पुनरावृत्ति साधक व परिवार को रक्षा, ऐश्वर्य, सौभाग्य और शांति प्रदान करता है।
🔱 #पूजा एवं साधना विधि
तैयारी
स्नान कर शुद्ध पीले या लाल वस्त्र धारण करें।
पूजा स्थान या घर के पवित्र कोने में यह यंत्र रखें।
पास में दीपक (घी का), धूप व ताजे फूल रखें।
आवाहन मंत्र
3 बार "ॐ भूर्भुवः स्वः" का उच्चारण करें।
फिर बीज मंत्र क्रम से बोलें –
ॐ हौं जूं सः श्रीं
मुख्य प्रार्थना
यंत्र के मध्य लिखे मंत्र को उच्चारण करें –
(परिवार के नाम) को
सौभाग्यं देहि देहि स्वाहा॥
मंत्र बोलते समय यंत्र पर पुष्प अर्पित करें।
#मालाजप
प्रतिदिन 108 बार "ॐ हौं जूं सः श्रीं स्वाहा" का जप करें।
जप के लिए रुद्राक्ष या कमलगट्टे की माला उत्तम है।
अर्पण
लाल/पीले पुष्प, गुड़, मिश्री या फल अर्पित करें।
दीपक में घी या तिल का तेल प्रयोग करें।
#साधना अवधि
कम से कम 11 दिन, 21 दिन या 40 दिन तक यह साधना करें।
प्रतिदिन एक ही समय पर करना सर्वोत्तम है।
🌟 लाभ
परिवार में सौभाग्य, समृद्धि और उन्नति आती है।
धन, वैभव और ऐश्वर्य की वृद्धि होती है।
नकारात्मक ऊर्जा, दरिद्रता और संकट दूर होते हैं।
देवी लक्ष्मी एवं माँ दुर्गा की कृपा बनी रहती है।
पारिवारिक सुख, प्रेम और एकता में वृद्धि होती है।
👉 यह यंत्र घर के पूजा स्थान, तिजोरी या मुख्य द्वार के अंदर लगाने पर सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है।
🙏🙏🙏: 🌸 5 मिनट की दैनिक पूजा विधि
1. शुद्धिकरण (30 सेकंड)
पूजा स्थान पर बैठकर दीपक (घी या तेल) जलाएँ।
हाथ जोड़कर बोले –
“ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा।
यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यंतरः शुचिः॥”
2. #यंत्र का स्मरण (1 मिनट)
यंत्र के सामने फूल/अक्षत चढ़ाएँ।
3 बार "ॐ" उच्चारित करें।
बीज मंत्र बोलें:
“ॐ हौं जूं सः श्रीं”
3. मुख्य प्रार्थना (1 मिनट)
यंत्र के मध्य लिखा मंत्र बोलें –
“(परिवार के नाम) को
#सौभाग्यं देहि देहि स्वाहा॥”
4. जप (2 मिनट)
11 बार "ॐ हौं जूं सः श्रीं स्वाहा" मंत्र का जप करें।
यदि संभव हो तो रुद्राक्ष/कमलगट्टे की माला से करें, अन्यथा हाथ की अंगुलियों पर गिन सकते हैं।
5. समापन (30 सेकंड)
हाथ जोड़कर प्रार्थना करें –
“हे माँ लक्ष्मी व माँ दुर्गा, हमारे परिवार को सुख-समृद्धि, सौभाग्य और रक्षा प्रदान करें।”
अंत में 3 बार "ॐ शांति शांति शांति:" कहें।
✅ इस छोटी #पूजा में सिर्फ 5 मिनट लगते हैं।
✅ इसे रोज़ सुबह या शाम कभी भी किया जा सकता है।
✅ किसी विशेष तिथि, व्रत या पर्व पर 108 मंत्र जप करने से इसका प्रभाव और बढ़ेगा।
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