#कौशिक-राज़... ✍️
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#🎂 जन्मदिन🎂 #❤️शुभकामना सन्देश #💕 प्यार भरी शुभकामनाएं "जन्मदिन मुबारक, उस लड़की को जिसने मुझे बनाया।" प्रिय, आज तुम्हारा जन्मदिन है। शाम ढल रही है और मैं यहाँ बैठा सोच रहा हूँ कि तुम कहाँ होगी – शायद किसी काम में उलझी हुई, शायद कहीं बेफिक्र निकली हुई। मुझे शक है कि तुम खुद भी भूल गई होगी कि आज वही दिन है, जिस दिन इस दुनिया ने तुम्हें मेरे हिस्से में लिखा। मैं अक्सर सोचता हूँ कि लड़कियों को इतना मेच्योर क्यों होना चाहिए कि वो अपने ही जन्मदिन को जी न पाएँ। मैं तो चाहता हूँ कि तुम इस दिन पर बस उतनी ही बच्ची बन जाओ जितनी तुम अपनी हंसी में होती हो। लेकिन तुम हो कि हर बार मुझे हैरान कर देती हो – अपने संयम से, अपने जिम्मेदार होने से, अपने उस गंभीरपन से जो तुम्हें औरों से अलग बनाता है। पिछले साल मैंने सुबह तुम्हें विश किया था। याद है? पूरा दिन तुम्हारे तानों में बीत गया। तुमने कहा था, "देखा, तुम्हें याद ही नहीं था, अगर सच में होता तो रात को ही विश करते।" उसी दिन मैंने तय कर लिया था कि अगली बार तुम्हारे लिए बारह बजते ही आसमान से पहला तारा चुनकर भेज दूँगा। और इस बार मैंने वही किया। तुम कुछ घंटों के लिए बहुत खुश हुई, फिर लौट गई अपनी ही गहराइयों में। लेकिन मुझे लगा, कहीं न कहीं तुम मुझमें भी खोई थी। संघर्ष मेरा अभी भी है, लेकिन गरीबी उतनी निर्दयी नहीं रही जितनी पहले थी। और इसका सबसे बड़ा कारण तुम हो। तुमने मुझे तिनका-तिनका जोड़कर खड़ा किया है। मैं तुम्हारे सामने टूटकर रोया भी हूँ, बेहिसाब हंसा भी हूँ। जब मैं बिखर जाता था, तुमने अपनी हथेलियों से मेरी बिखरी हुई रूह को समेटा। जब रात भर मैं फोन नहीं उठाता था, तुम बिना पूछे समझ जाती थी कि मैं डिप्रेशन की अंधेरी सुरंग में हूँ। तुम्हें आज भी मेरे हर झूठ की भनक लग जाती है। और फिर तुमने अपने अंदाज़ में डांटते हुए कहा था–"बताते क्यों नहीं? लो ये लो हजारों रुपये, जाकर ऐस करो! " उस पल तुम सिर्फ मेरी साथी नहीं, बल्कि मेरे लिए वो.... आज तुम्हारा जन्मदिन है। और मुझे अच्छा लगता है ये सोचकर कि मेरी ज़िन्दगी की सबसे खूबसूरत औरत आज के दिन इस दुनिया में आई थी। तुम निकली हो कहीं, शायद किसी छोटे-मोटे काम से। और मैं मुस्कुराकर सोच रहा हूँ–क्या सच में आज भी कोई काम करता है? वो भी लड़की? लेकिन यही तो तुम्हारी पहचान है। तुम काम करती हो, जीती हो, थामती हो, और फिर भी दूसरों के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर देती हो। आज इस चिट्ठी के बहाने मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ कि मैं तुम्हारे जन्मदिन पर कोई बड़ा तोहफ़ा नहीं दे सकता, लेकिन तुम्हारे हिस्से की खुशियां तुम्हें किश्तों में देता रहूंगा। तुम मेरी आँखों में विश्वास हो, मेरे शब्दों में अर्थ हो, और मेरे संघर्ष में उम्मीद। जन्मदिन मुबारक हो, मेरी रूह की सबसे गहरी साथी। ख़त लिखने वाला मासूम लड़का। . ##कौशिक-राज़... ✍️
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