रात — जब सूरज क्षितिज के नीचे चला जाता है तो दुनिया साइलेंट स्याह नहीं बल्कि ऊर्जा, जीवन और संस्कृति का बदलता हुआ परिदृश्य बन जाती है; विकिपीडिया के अनुसार यह वही अवधि है जब सूर्य क्षितिज के नीचे होता है। जानिए: चाँद पर एक 'रात' लगभग दो हफ्ते लंबी होती है, इसलिए वहाँ का तापमान और प्रकाश तेज़ी से बदलते हैं। "Never shall I forget that night" — एलि विसेल की यह पंक्ति रात की मानवीय पीड़ा और याददाश्त को बोल देती है। वैज्ञानिक तर्क यह है कि पृथ्वी का ≈23.44° झुकाव और उसकी कक्षा रात की अवधि को ऋतु और अक्षांश के अनुसार बदलते हैं: भूमध्यरेखा पर रात करीब 12 घंटे रहती है जबकि ध्रुवों पर 'मिडनाइट सन' या 'पोलर नाइट' जैसी घटनाएँ दिखती हैं। सोचने के लिए हुक: अगली बार जब आप रात की चादर देखेंगे तो समझिए कि वहाँ केवल अँधेरा नहीं, बल्कि ब्रह्माण्डीय ज्यामिति, जीववैज्ञानिक ताल और इतिहास छिपा हुआ है — साझा करें अगर यह नया नजरिया लगा हो! 🌙✨
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@सन्नी राज @अयंस राज @गंगा राम चधरू @❤️ सबुड़ी राज 🌹 @ऋषि राज शास्त्री जी #रात