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Jan-Kranti hindi news bulletin
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सीनियर सिटिजन सदस्य ने लगाए गए गंभीर आरोपों को बताया झूठा और मनगढ़ंत निष्पक्ष जांच और सीबीआई कार्रवाई की उठाई मांग जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट अदालत की अवमानना से संबंधित सिविल वाद संख्या 05/2023 दायर करते हुए उन्होंने न्यायालय को अवगत कराया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं: जगदीश सक्सेना नई दिल्ली,भारत (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन इंडिया न्यूज़ डेस्क 29 मई 2026: सीनियर सिटिजन सदस्य जगदीश सक्सेना ने अपने विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354-A और 354-B के तहत लगाए गए आरोपों को पूरी तरह झूठा, फर्जी और मनगढ़ंत बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला साजिश के तहत तैयार किया गया। प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए उन्होंने बताया कि सीनियर सिविल जज, पटियाला हाउस कोर्ट में लंबित सिविल वाद संख्या 1078/2021 में 20 नवंबर 2021 को अदालत द्वारा प्रतिवादियों को विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन किए बिना याचिकाकर्ता को बेदखल नहीं करने का निर्देश दिया गया था। जगदीश सक्सेना के अनुसार, सागरपुर थाना प्रभारी सूबे सिंह की कथित योजना के तहत सिविल वाद संख्या 1078/2021 के प्रतिवादियों की कथित झूठी और मनगढ़ंत गवाहियों के आधार पर उनके विरुद्ध सागरपुर थाने में एफआईआर संख्या 472/2021 दर्ज कराई गई। उन्होंने कहा कि इसके बाद अदालत की अवमानना से संबंधित सिविल वाद संख्या 05/2023 दायर करते हुए उन्होंने न्यायालय को अवगत कराया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। उनका आरोप है कि जिन लोगों के विरुद्ध सिविल वाद लंबित था, उन्हीं को एफआईआर में गवाह बनाया गया। प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित मामले में न्यायालय को उचित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन उनकी अवमानना याचिका को खारिज कर दिया गया। जगदीश सक्सेना ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 175 के तहत डायरेक्ट एफआईआर दर्ज कराने के लिए उन्होंने आपराधिक याचिका संख्या 675/2026 दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों पर समुचित कार्रवाई नहीं की गई तथा फाइल बंद कर दी गई। उन्होंने संबंधित शाखा अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरटीआई के तहत मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तथा आपराधिक फाइलों में बदलाव और दस्तावेजों के गायब होने जैसी अनियमितताएं सामने आई हैं, जो भ्रष्टाचार की ओर संकेत करती हैं। जगदीश सक्सेना ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं संबंधित उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा सीबीआई से कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #moj_content #🆕 ताजा अपडेट ##india_jankranti_news,
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Jan-Kranti hindi news bulletin
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पंद्रह दिन में जमीन मामलों का निपटारा करें, नहीं तो कार्रवाई तय : मंत्री दिलीप जायसवाल जनक्रांति कार्यालय से उजैन्त कुमार की रिपोर्ट हर लंबित आवेदन में स्पष्ट रूप से कमियों का उल्लेख किया जाए, ताकि लोग बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाएं और समय पर सुधार कर सकें : मंत्री दिलीप जायसवाल पटना, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 28 मई, 2026)। बिहार में जमीन और राजस्व से जुड़े लंबित मामलों को लेकर सरकार अब पूरी तरह सख्त मोड में दिखाई दे रही है। दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, अभियान बसेरा और जन शिकायतों में लगातार हो रही देरी पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिकारियों को साफ संदेश दे दिया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर लंबित मामलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि तय समय के बाद दोबारा समीक्षा होगी और जहां भी लापरवाही मिली, वहां सीधे जवाबदेही तय की जाएगी। जिलावार समीक्षा बैठक की शुरुआत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई, जिसमें पश्चिमी चंपारण, वैशाली और सहरसा जिले के राजस्व कार्यों की विस्तार से जांच हुई। समीक्षा के दौरान कई मामलों में धीमी प्रगति और बड़ी संख्या में लंबित आवेदनों पर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम लोगों को राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता और व्यवस्था को समयबद्ध बनाना ही विभाग की प्राथमिकता है। बैठक में यह बात भी सामने आई कि बड़ी संख्या में दाखिल-खारिज आवेदनों को “डिफेक्ट” बताकर लंबित रखा जा रहा है, लेकिन आवेदकों को यह तक नहीं बताया जाता कि आवेदन में कमी क्या है। इस पर मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई और निर्देश दिया कि हर लंबित आवेदन में स्पष्ट रूप से कमियों का उल्लेख किया जाए, ताकि लोग बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाएं और समय पर सुधार कर सकें। मंत्री ने कहा कि पिछले दिनों हड़ताल और अन्य कारणों से राजस्व कार्य प्रभावित हुए थे, लेकिन अब कामकाज को पूरी रफ्तार से पटरी पर लाना होगा। उन्होंने अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर सुबह से देर रात तक और सातों दिन काम करने का निर्देश दिया, ताकि लंबित मामलों का तेजी से निपटारा हो सके। समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव जय सिंह ने भी दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, सरकारी जमीन सत्यापन, राजस्व महाअभियान, सहयोग शिविर आवेदनों, किसान पंजीकरण और एडीएम स्तर तक लंबित मामलों की एक-एक कर समीक्षा की। बैठक में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, विधायक और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🌐 राष्ट्रीय अपडेट ##india_jankranti_news, ##Bihar politics
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