अमेरिका से हरियाणा के 50 युवक डिपोर्ट, 16 करनाल, 14 कैथल के रहने वाले, डंकी रूट से गए थे
अमेरिका से हरियाणा के कुल 50 युवाओं को डिपोर्ट किया गया है। ये सभी डोंकी रूट से अमेरिका गए थे। इनमें 16 करनाल के हैं।
अमेरिका से हरियाणा के 50
करनाल/कैथल : अमेरिका में ट्रंप सरकार अवैध प्रवासियों को खासी सख्ती बरत रही है। नतीजतन डोंकी रूट से अमेरिका जाने वाले हरियाणा के 50 युवाओं को यूएसए ने डिपोर्ट कर वापस भारत भेज दिया है। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक इनमें से 16 युवक करनाल जिले के रहने वाले हैं, कैथल जिले के 14 युवक, जींद के 3 युवक, जबकि बाकी युवक अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, रोहतक, पानीपत, पंचकूला, फतेहाबाद और सोनीपत के रहने वाले हैं।
अमेरिका से हरियाणा के कुल 50 युवक डिपोर्ट : डोंकी रूट से अमेरिका में प्रवेश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इस साल के शुरुआती समय में भी सैकड़ों लोगों को भारत भेजा गया था, वहीं अब फिर से अमेरिका ने हरियाणा के 50 युवकों को डिपोर्ट करके भारत भेज दिया है। आज ये सभी हरियाणा पहुंचे हैं और इन्हें परिवारजनों को सौंप दिया गया है।
करनाल के रहने वाले 16 युवक भी डिपोर्ट : करनाल के डीएसपी संदीप कुमार ने बताया कि "हरियाणा के 50 युवक डिपोर्ट किए गए हैं, उनमें से 16 युवक करनाल के रहने वाले हैं, जो करनाल पहुंच चुके हैं. ये सभी अलग-अलग गांव के रहने वाले हैं। उन्हें घर वालों को सौंप दिया गया है". जब उनसे सवाल किया गया कि क्या इनके ऊपर कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड है तो इस बारे में डीएसपी ने बताया कि "अभी सभी की इंक्वायरी की जाएगी, अभी तक हमने इंक्वायरी नहीं की है, आगे जैसे-जैसे जांच होगी तो सभी के रिकॉर्ड सामने आते जाएंगे। जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि कौन कैसे अमेरिका पहुंचा था."
करनाल के रहने वाले 16 युवक भी डिपोर्ट
"लाखों रुपए बर्बाद ना करें" : हालांकि डीएसपी ने अवैध तरीके से अमेरिका जाने वाले लोगों को सलाह देते हुए कहा कि "वे इस प्रकार का काम ना करें जिसमें वे लाखों रुपए लगाकर बर्बाद हो जाते हैं और अमेरिका जाने का भी सपना पूरा नहीं होता". उन्होंने कहा कि "पुलिस के पास अभी तक किसी एजेंट को लेकर कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।"
करनाल के ये 16 शख्स हुए डिपोर्ट : डिपोर्ट किए गए युवकों में असंध के पोपड़ा गांव निवासी हसन, रहड़ा गांव निवासी अंकुर, सिंघवा गांव निवासी रजतपाल, बांसा गांव का जश्नदीप सिंह, प्योंति गांव का तेजेंद्र सिंह, कलसी गांव का हरीश, गौर गढ़ गांव का विक्रम, बिलोना गांव का गुरजंत सिंह, फुरलक गांव का सचिन मलिक, मंचूरी गांव का मनिंदर सिंह, ओगंद गांव का मनीष कुमार, बीबीपुर गांव का प्रियांशु चहल, निसिंग का देवेंद्र सिंह, गोलपुर गांव का सावन, बस्तलि गांव का तुषार, डोड कारसा गांव का निखिल शामिल है।
कैथल के 14 युवक भी डिपोर्ट : वहीं कैथल से अमेरिका गए 14 युवकों में से कई युवक कई-कई साल से अमेरिका में रह रहे थे, जबकि कई युवक कुछ महीने पहले ही वहां गए थे। इनमें से कई युवकों को अमेरिका में पकड़े जाने के बाद जेल में रखा गया था। सभी युवाओं की उम्र 25 से 40 वर्ष के बीच बताई जा रही है। इन युवाओं में कई ऐसे भी हैं जिन्होंने विदेश जाने के लिए घर-परिवार की जमीन तक बेच दी और कुछ ने कर्ज लेकर ये जोखिम भरा रास्ता चुना था।
परिजनों के हवाले किया गया : रविवार सुबह कैथल पुलिस टीम ने इन सभी युवाओं को दिल्ली एयरपोर्ट से रिसीव किया और उन्हें कैथल पुलिस लाइन लाया गया। यहां डीएसपी ललित यादव के नेतृत्व में सभी युवकों से बकायदा पूछताछ हुई और दस्तावेजों की जांच की गई. पूछताछ के दौरान तारागढ़ निवासी नरेश कुमार का क्रिमिनल रिकॉर्ड सामने आने पर उसे तुरंत हिरासत में भी ले लिया गया। जानकारी के अनुसार नरेश कुमार चेक बाउंस और एक्साइज एक्ट से संबंधित मामले में भगोड़ा चल रहा था, बाकी 13 युवकों का कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया, जिन्हें पूछताछ के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया।
कैथल के 14 युवक भी डिपोर्ट
कैथल में कौन कहां का रहने वाला ? : डिपोर्ट किए गए युवकों में तारागढ़ निवासी नरेश कुमार, पीडल निवासी कर्ण, अग्रसेन कॉलोनी निवासी मुकेश, कैथल निवासी ऋतिक, जडोला निवासी सुखबीर सिंह, हाबड़ी निवासी अमित व दमनप्रीत, बुच्ची निवासी अभिषेक, बात्ता निवासी मोहित, पबनावा निवासी अशोक कुमार, सेरधा निवासी आशीष, सिसला निवासी प्रभात तथा ढांड निवासी सतनाम सिंह शामिल हैं।
"डंकी रूट से गए थे अमेरिका" : डीएसपी ललित यादव ने बताया कि "सभी युवक डंकी रूट के माध्यम से अमेरिका में घुसे थे, जिसे अमेरिका की सरकार ने अवैध मानते हुए उन्हें वापस भेज दिया. उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी युवक ने उन एजेंटों के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं करवाई है, जिन्होंने उन्हें गलत तरीके से विदेश भेजा था. यदि कोई शिकायत करता है तो पुलिस उसी अनुसार कार्रवाई करेगी. युवाओं ने कहा कि वे पहले परिवार से बातचीत करेंगे और उसके बाद ही आगे का निर्णय लेंगे."
फरवरी में 18 युवक हुए थे डिपोर्ट : गौरतलब है कि इसी वर्ष फरवरी माह में भी कैथल जिले के करीब 18 युवकों को अमेरिका ने डिपोर्ट किया था। इसके बावजूद जिले में डंकी रूट का जाल सक्रिय है और कई युवा लालच में ये जोखिम उठाते जा रहे हैं। डिपोर्ट हुए एक युवक ने बताया कि 3 नवंबर को एक और विमान भारत आने वाला है, जिसमें कैथल और आस-पास क्षेत्रों के कई अन्य युवकों के भी डिपोर्ट होने की संभावना है।
जींद के 3 युवकों को किया गया डिपोर्ट : जींद जिले के गांव भैरव खेड़ा निवासी अजय, गांव निम्राबाद निवासी लभजोत सिंह, पिल्लूखेड़ा निवासी नवीन को भी अमेरिका से डिपोर्ट किया गया है। नवीन और लभजोत सिंह डोंकी रास्ते के जरिए अमेरिका पहुंचे थे। जबकि अजय कनाडा वैध तरीके से गया था लेकिन बाद में वो बिना कागजात के अमेरिका पहुंच गया था।
#अमेरिका