🇭ARISH🇯AHIREY
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#मिर्ज़ा ग़ालिब
“हाथों की लकीरों पर मत जा ए ग़ालिब,
नसीब उनके भी होते हैं, जिनके हाथ नहीं होते !”
— मिर्ज़ा ग़ालिब (27 दिसंबर 1796 – 15 फरवरी 1869)
अपनी शायरी से हर व्यक्ति को भाव-विभोर कर देने वाले उर्दू एवं फ़ारसी भाषा के महान शायर “मिर्जा ग़ालिब जी” की 229वीं जयंती पर सादर श्रद्धांजलि !
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