ॐ आंजनेयाय विद्महे रामभक्ताय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात् ॥
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JAY RAMDAS
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मो सम दीन न दीन हित तुम्ह समान रघुबीर। अस बिचारि रघुबंस मनि हरहु बिषम भव भीर॥ हे श्री रघुवीर! मेरे समान कोई दीन नहीं है और आपके समान कोई दीनों का हित करने वाला नहीं है। ऐसा विचार कर हे रघुवंशमणि! मेरे जन्म-मरण के भयानक दुःख का हरण कर लीजिए॥ 🌼🌼🚩श्रीराम जय राम जय जय राम🚩🌼🌼 🌼🌼जय सियाराम🌼🌼 🌼🌼श्रीहरिवंश हरिशरणम्🌼🌼 🌼🌼हरिहर🌼🌼 #गुरुःसाक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः🚩🕉️🦚🦚🙏🙏🙏🙏🙏🌹🌹 #🕉️📿श्री हरिहर स्वरुप।📿🚩🕉️🦚🦚🙏🙏🌹🌹 #जय श्री राम 🙏 जय हनुमान 🙏ओम हनुमंत नमः 🌺💮🌺💮🌺💮🌺💮🌺💮🌺💮🌺🚩🚩🕉️🦚🦚🙏🙏🙏🌹🌹 #ॐ आंजनेयाय विद्महे रामभक्ताय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात् ॥🚩🚩🕉️🦚🦚🌺🌼🌺🌼🌺🌼🌺🌼🌺🌼🌺🌼🌺🌼🌺🌼🌺🌼🌺🌼🌺🌹🌹 #🚩🚩राम राम जी जय श्री हनुमान 🚩🚩🕉️🦚🦚🌾🍂🌾🍂🌾🍂🌾🍂🌾🍂🌾🍂🌾🍂🌾🍂🌾🍂🌾🍂🌾🪻🌲🪻🌲🪻🌲🪻🌲🪻🌲🪻🌲🪻🌲🪻🌲🪻🌲🪻🌲🪻
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JAY RAMDAS
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सुमति और कुमति :- ***************** *विभीषण जी अपने भाई रावण को समझाते हुए कहते है कि हे भाई! सुमति और कुमति दोनों सगी बहनें है और दोनों एक साथ सबके मन में रहती है कुमति के बिना सुमति का कोई असितत्त्व नहीं है हमें दिन अच्छा ही तब लगता है जब वो रात के बाद आता है सुख की सुखानुभूति होती ही तब है जब वो दुःख के बाद आये, जिस प्रकार सुख दुःख, दिन रात साथ रहते है उसी प्रकार सुमति कुमति भी साथ रहती है। *अच्छा बात करें लंका की तो यहाँ भी कुमति और सुमति दोनों ही रहती है कुमति की नींद में कुम्भकर्ण सोता है और सुमति की नींद में विभीषण जी सोते है विभीषण जी भी सो रहें थे तभी तो तुलसीदास जी को लिखना पड़ा -"तेहि समय विभीषण जागा। "लेकिन रात्रि में सोने वाला राक्षस नहीं होता है निशाचर रात्रि में नहीं सोते है। *अब आपके पास कुमति आयेगी या सुमति यह आपके जगाने वाले पर निर्भर करती है कुम्भकर्ण को जगाया कुसंग के रावण ने और विभीषण जी को जगाया सत्संग के हनुमान जी ने, कुसंग के रावण के जगाने से कुमति मिलती है और सत्संग के हनुमान जी के जगाने से सुमति मिलती है, इसलिए आइये सुमति प्राप्त करने हेतु हम हमेशा सत्संग रूपी हनुमान जी साथ जागे तभी हम मोह रूपी निशा से सही रूप में जाग्रत हो पाएंगे। *सुमति कुमति सब कें उर रहहीं। *नाथ पुरान निगम अस कहहीं॥ *जहाँ सुमति तहँ संपति नाना। *जहाँ कुमति तहँ बिपति निदाना॥" 🌹🦚हरि ऊं गुरूदेव 🦚🌹 🦚🦚श्रीराधावल्लभ हरिशरणम्🦚🦚 🦚🦚श्रीराधावल्लभ🦚🦚 🦚🦚श्रीहरिवंश🦚🦚 🦚🦚भजमन श्रीराधेकृष्णगोविन्दंगोपाल🦚🦚 🦚🦚मुकुंदंमाधव गोविन्दंबोल🦚🦚 🦚🦚हरिबोल🦚🦚 🦚🦚श्रीराधेगोपाल🦚🦚 🦚🦚मेरोद्वारिकाधीष गोविन्दंमाधव🦚🦚 🦚🦚श्रीराधावल्लभ हरिशरणम्🦚🦚 🦚🦚जय जय राधारमण हरिबोल🦚🦚 🦚🦚हरिबोल🦚🦚 🦚🦚हरिहर🦚🦚 #🕉️📿श्री हरिहर स्वरुप।📿🚩🕉️🙏🙏🙏🙏🙏🦚🦚🌼🌼 #गुरुःसाक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः🕉️🙏🙏🙏🦚🦚🌼🌼 #🙏🙏💐💟💕💖जय रघुपति राघव राजा राम💕💞 जय पतित पावन सीताराम 💕💞💖💟🌹🙏🙏🙏🦚🦚🌼🌼 #ॐ आंजनेयाय विद्महे रामभक्ताय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात् ॥🕉️🙏🙏🦚🦚🌼🌼 #जय श्री राम 🙏 जय हनुमान 🙏ओम हनुमंत नमः 🌺💮🌺💮🌺💮🌺💮🌺💮🌺💮🌺🕉️🦚🦚🌼🌻🌼🌻🌼🌻🌼🌻🌼🌻🙏🙏🙏🦚🦚🌼🌼🌼
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