quit india movement

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Praveen Kumar Yadav
675 views 29 days ago
"करो या मरो" का नारा देकर राष्ट्रपिता शहीद महात्मा गॉंधी जी ने अग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजागृति लाने हेतु अंतिम व निर्णायक लड़ाई "भारत छोड़ो आदोंलन" 8 अगस्त 1942 ई को शुरू किया था जिसका आज 83 वा स्मृति दिवस है.मै महात्मा गॉंधी जी सहित तमाम भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को शत् शत् नमन करता हूँ.यह आदोंलन मुम्बई के गोवलिया टैक से शुरू हुआ था जो पूरी तरह से अहिंसक आदोंलन था.इस आदोंलन के बाद 15 अगस्त 1947 ई को भारत देश आजाद हो गया था.इस आदोंलन को अगस्त क्रांति भी बोला जाता है.ग्रैंड ओल्ड लेडी के रूप में लोकप्रिय अरुणा आसफ अली को भारत छोड़ो आदोंलन के दौरान मुम्बई के गोवलिया टैंक मैदान में भारतीय ध्वज फहराने के लिए जाना जाता है.भारत छोड़ो का नारा एक समाजवादी युनियनवादी युसुफ मेहरली द्वारा गढा गया था.आप ने साइमन गो बैक का नारा भी गढ़ा था.क्रिप्स मिशन की विफलता के बाद यह आदोंलन शुरू हुआ था क्योंकि इसने भारत के लिए पूर्ण स्वतंत्रता नहीं बल्कि विभाजन के साथ डोमिनियन स्टेट्स पेश की थी.इसी समय द्वितीय विश्वयुद्ध भी हुआ था.इस आदोंलन के तीन चरण थे.(1)शहरी विद्रोह को दबा दिया गया था.(2)पूरे देश में हड़तालें तथा प्रदर्शन हुए तथा श्रमिकों ने कारखानों में काम न करने का समर्थन प्रदान किया.(3)गाँधी जी को आगा खा पैलेस में कैद कर लिया गया तथा अग्रेजो ने करीब 14 हजार भारतीयों को कैद कर लिया.इस आदोंलन के बाद समाजवादी नेता जेपी नारायण जिन्होंने संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था,सुचेता कृपलानी आदि नेताओं का उदय हुआ.इस आदोंलन के बाद देश में एकता और भाईचारे की भावना पैदा हुई.कई छात्रों ने स्कूल कालेज छोड़ दिया तथा लोगों ने अपनी नौकरियां छोड़ दी.आदोंलन में हिंसा हो जाने के कारण इस आदोंलन को दबा दिया गया.इस आदोंलन के प्रारंभ होने पर भारत का वायसराय लार्ड लिनलिथगो था.हिन्दू महासभा ने इस आदोंलन का विरोध किया यद्दपि वर्ष 1944 ई में इस आदोंलन को कुचल दिया गया किंतु द्वितीय विश्व युद्ध के कारण ब्रिटिश प्रशासन असहाय हो गया और अततः भारत की स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त हो गया.भारत माता की जय.जय हिंद जय भारत.🇮🇳अहिंसा परमो धर्म: 🇮🇳🙏 #भारतछोड़ोआंदोलन #quit india movement day #quit india movement #deshbhakti #students
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