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Tata Trusts
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IIM रांची के 15वें दीक्षांत समारोह में 2026 की ग्रेजुएटिंग क्लास को संबोधित करते हुए, टाटा ट्रस्ट्स के CEO श्री सिद्धार्थ शर्मा ने टाटा के काम करने के तरीके के बारे में बात की—जहां बिज़नेस की सफलता समाज की प्रगति से जुड़ी होती है, और कमाई का एक बड़ा हिस्सा समाज और आर्थिक विकास के लिए वापस लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में सिर्फ बाजार (मार्केट) अपने आप सभी बड़ी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता। इसलिए ज़रूरी है कि परोपकारी संस्थाएं, बिज़नेस और समाज, सरकार के साथ मिलकर इन समस्याओं को हल करें। उन्होंने यह देखकर खुशी जताई कि इस बैच में महिलाओं की अच्छी संख्या है, क्योंकि वे कार्यस्थल पर बहुत अहम योगदान देती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे चलकर काम की जगहों पर महिलाओं की भागीदारी और भी बढ़ेगी। साथ ही, उन्होंने युवा महिलाओं को अपने करियर को आगे बढ़ाने और बेहतर व समावेशी संस्थाएं बनाने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। ग्रेजुएट्स को काम की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने सलाह दी कि वे हमेशा जिज्ञासु रहें, अपने लक्ष्य के साथ आगे बढ़ें, और एक ऐसा भविष्य बनाने में योगदान दें जो सबके लिए समान और टिकाऊ हो। और जानने के लिए: https://youtu.be/TcQnX82D2LI #Education #NationBuilding #Growth #ThoughtLeadership #SDG4 #TataTrusts
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जैसे पानी रोज़मर्रा के इस्तेमाल में बहता है, महिलाएं एक ज़रूरी सवाल पूछ रही हैं—#WaterWeBudgeting? भारत भर में महिलाएं लंबे समय से अपने घरों में पानी का प्रबंधन करती आई हैं—हर बूंद को बचाकर और यह समझते हुए कि उसे कैसे लंबे समय तक चलाना है। आज यही समझ एक बड़े बदलाव की दिशा तय कर रही है। जब महिलाएं योजना बनाने, फैसले लेने और सामूहिक प्रयासों में आगे बढ़ रही हैं, तब पानी सिर्फ इस्तेमाल नहीं हो रहा—बल्कि उसे समझा, प्राथमिकता दी जा रही है और भविष्य के लिए सुरक्षित किया जा रहा है। रोज़मर्रा के फैसले अब लंबे समय की सुरक्षा में बदल रहे हैं। और जानने के लिए: https://tatatrusts.org/world-water-day #WaterWeBudgeting #WomenInAction #WaterManagement #StoriesOfChange #TataTrusts
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546 views 4 months ago
भारत भर में महिलाएं हमेशा पानी के सबसे करीब रही हैं—उसे घर तक लाना, हर ज़रूरत के हिसाब से संभालकर इस्तेमाल करना, और यह समझना कि हर बूंद को कैसे लंबे समय तक चलाया जाए। अब यही जुड़ाव समुदायों में पानी को समझने और संभालने का तरीका तय कर रहा है। जब वे पानी की उपलब्धता को परखती हैं, उसके इस्तेमाल को दिशा देती हैं और आने वाले समय के लिए योजना बनाती हैं, तब पानी सिर्फ इस्तेमाल होने वाली चीज़ नहीं रह जाता—बल्कि एक ऐसा संसाधन बन जाता है जिसे समझदारी से संभाला और सुरक्षित किया जाता है। तो अगर सवाल है #WaterWeBudgeting, तो जवाब उन्हीं से शुरू होता है जो हमेशा हर बूंद की कीमत समझती आई हैं। और जानने के लिए: https://tatatrusts.org/world-water-day #WaterWeBudgeting #WorldWaterDay #WaSH #WaterSustainability #SDG6 #TataTrusts
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