क्या आप जानते हैं कि सम्राट अशोक, जिन्हें चंदाशोक के नाम से जाना जाता था, ने अपने शासनकाल में एक भयानक नरक जैसा महल बनवाया था जहाँ यातनाएँ दी जाती थीं, लेकिन कलिंग युद्ध की भयावहता—जहाँ १ लाख से अधिक लोग मारे गए—ने उनके हृदय को इतना दुखी कर दिया कि वे हिंसा त्यागकर बौद्ध धर्म अपनाने लगे और दुनिया भर में शांति का प्रचार किया? 😲 यह आश्चर्यजनक तथ्य है कि अशोक ने ८४,००० स्तूप बनवाए और अपने पुत्र महेंद्र व पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा, जिससे बौद्ध धर्म एशिया तक फैला, जबकि उनके शिलालेखों में वे कहते हैं, "धर्म विजय ही सबसे श्रेष्ठ विजय है, क्योंकि यह सीमाओं से परे फैलती है और सभी को जोड़ती है।" 🌟 इस महान सम्राट की यह परिवर्तन की कहानी इतनी प्रेरणादायक है कि आज भी भारत का राष्ट्रीय ध्वज उनके अशोक चक्र से सजा है, जो शांति व अहिंसा का प्रतीक है! 🇮🇳 #सम्राटअशोक #अशोककीकहानी #बौद्धधर्म #कलिंगयुद्ध #धर्मविजय #अशोकचक्र #प्राचीनभारत #शांतिसंदेश #मौर्यसाम्राज्य
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