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एक सवाल जो सिर्फ़ एक परिवार का नहीं, पूरे समाज की ख़ामोशी पर है। जब एक जान चली जाए और सवाल उठाने वालों की आवाज़ कम लोगों तक पहुँचे — तो क्या हमें सच में जागने की ज़रूरत नहीं? मेरा देश कुंभकरण है क्या?” एक protest song है जो सवाल करता है — क्या हम किसी दर्द को अपना दर्द मानने के लिए तब तक इंतज़ार करेंगे, जब तक वह हमारे अपने घर तक न पहुँच जाए? अभिजीत दीपके की आवाज़ में उठते सवालों और इंसानियत के नाम इस गीत को सुनिए, सोचिए और अपनी आवाज़ उठाइए। ##मेरा_देश_कुंभकरण_है_क्या #ProtestSong#HindiProtestSong ###जागोभारत #आवाज़उठाओ #इंसाफ #इंसानियत#Democracy #IndianDemocracy#PoliticalSong #for social awareness ##सवालपूछो #जागो#जनगीत #HindiSong #अभिजीतदीपके#आवाज़बनो
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आख़िर तुम इतना डरते क्यों हो? कभी सोचा है — इस डर की वजह क्या है? सच बोलने से डरते हो? सवाल उठाने से डरते हो? या फिर इस बात से डरते हो कि अगर तुमने आवाज़ उठाई तो क्या होगा? “आख़िर तुम इतना डरते क्यों हो?” एक Hindi protest song है जो डर, ख़ामोशी, सवाल पूछने की हिम्मत और अपनी आवाज़ को पहचानने की कोशिश करता है। डर हमेशा बंदूक लेकर नहीं आता। कभी नौकरी खोने का डर बनकर आता है, कभी लोगों के क्या कहने का डर, कभी अकेले पड़ जाने का डर और कभी अपने ही आसपास की ख़ामोशी बनकर। यह गीत किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उस मानसिकता और डर पर सवाल है जो इंसान को सच देखने के बाद भी चुप रहने पर मजबूर कर देता है। अगर आपने कभी कुछ गलत होते देखा है और बोलने से पहले रुक गए हैं… अगर आपने कभी कोई सवाल अपने मन में रखा लेकिन पूछा नहीं… अगर आपने कभी सच लिखकर उसे पोस्ट करने से पहले delete कर दिया… तो शायद यह गीत आपके लिए है। आख़िर तुम इतना डरते क्यों हो? सोचिए। सवाल कीजिए। अपनी आवाज़ पहचानिए। ##AakhirTumItnaDarteKyunHo ##HindiProtestSong#FreedomOfSpeech#Democracy#SawalPucho#AwaazUthao#SachBolo #Youth Voice #for social awareness
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दिमाग़ी नक्सल — आखिर इस शब्द का मतलब क्या है? सवाल पूछना, असहमति जताना या व्यवस्था से जवाब माँगना क्या किसी को “दिमाग़ी नक्सल” बना देता है? यह गीत इसी सवाल को उठाता है। बेरोज़गारी, महँगाई, शिक्षा, न्याय और लोकतंत्र पर सवाल करने वाली आवाज़ों को किसी लेबल में बाँधने के बजाय उनके सवालों का जवाब देने की ज़रूरत है। यह किसी भी प्रकार की हिंसा या सशस्त्र उग्रवाद का समर्थन नहीं करता। यह गीत असहमति, सवाल पूछने की आज़ादी और लोकतांत्रिक संवाद पर एक व्यंग्यात्मक/प्रश्नात्मक प्रस्तुति है। ##दिमागीनक्सल#दिमागीनक्सल #लोकतंत्र #सवाल #असहमति#ProtestSong ##जनगीत #संविधान #Democracy#FreedomOfSpeech #IndianPolitics#Sawal #protest song
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