sn vyas
776 views • 1 months ago
कन्याओं का पत्नी बनाने के लिए हुआ युद्ध रक्तपात..
महाभारत का ऐसा महाकाव्य है जिसके हर पन्ने पर रोमांच है जो एक महायुद्ध की ओर ले जाता है। लेकिन कुरुक्षेत्र तक पहुंचने के मार्ग में प्रेम, घृणा, लोभ और सौंदर्य का ऐसा चक्रव्यूह है जिसमें बड़े-बड़े महायोद्धा फंसते गए। सौंदर्य के आकर्षण में कितनों के दिल टूटे, कितनों के प्राण छूटे। यहां हम महाभारत की उन 8 कन्याओं का जिक्र कर रहे हैं जिनके प्रेम और सौंदर्य को पाने के लिए युद्ध और रक्तपात हुए।
रुक्मिणी-कृष्ण विवाह : - रुक्मिणी श्रीकृष्ण से मन ही मन प्रेम करती थीं और उन्हीं से विवाह करना चाहती थी। लेकिन उनका भाई रुक्मी कृष्ण से नफरत करता था। उसकी इच्छा अपनी बहन की शादी अपने मित्र शिशुपाल से करने की थी। रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को पत्र लिखकर अपने प्रेम और उनको ही पति रूप में वरण करने की बात लिखी। कृष्ण ने उनके प्रेम की लाज रखी और रुक्मिणी को लेने पहुंच गए। श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी का हरण कर लिया। रुक्मिणी के भाई और शिशुपाल ने श्रीकृष्ण को रोकने के लिए युद्ध आरंभ कर दिया। लेकिन श्रीकृष्ण अपने साथ रुक्मिणी को द्वारका लाने में सफल रहे।
भानुमति- दुर्योधन का विवाह : - भानुमति और दुर्योधन के विवाह की कथा निराली है। वह काम्बोज के राजा चंद्रवर्मा की पुत्री थी। वह अत्यंत रूपवान और गुणवान थीं। कथा मिलती है कि उनके स्वयंवर का आयोजन किया गया था। उसमें शिशुपाल, जरासंध, रुक्मी सहित अन्य राजाओं के साथ दुर्योधन भी पहुंचा। लेकिन जब भानुमती वरमाला लेकर आगे बढ़ी तो दुर्योधन को देखकर जैसे ही वह आगे बढ़ीं, दुर्योधन ने जबरन ही उनके हाथ से जयमाला छीनकर अपने गले में धारण कर ली। दुर्योधन के इस व्यवहार से अन्य राजाओं ने युद्ध आरंभ कर दिया। लेकिन कर्ण की सहायता से दुर्योधन भानुमति से बलपूर्वक विवाह करने में सफल रहा।
अंबा, अंबिका-अंबालिका विवाह : - अंबा, अंबिका और अंबालिका महाभारत में काशीराज की पुत्रियां थीं। कथा मिलती है कि तीनों के स्वयंवर का आयोजन किया गया था। इस स्वयंवर में हस्तिनापुर को निमंत्रण नहीं मिलने से भीष्म क्रोधित हुए और बिना बुलाए काशी पहुंच गए। इन्होंने बलपूर्वक तीनों राजकुमारियों का अपहरण कर लिया।
अंबा के पति शाल्व नरेश ने भीष्म को युद्ध के लिए ललकारा और दोनो के बीच संग्राम छिड़ गया। भीष्म शाल्व को पराजित करके राजकुमारियों को हस्तिनापुर ले गए। अंबिका और अंबालिका का विवाह भीष्म के भाई विचित्रवीर्य के साथ करवा दिया गया। अंबा भीष्म की मृत्यु का कारण बनी।
द्रौपदी- अर्जुन विवाह : - द्रौपदी और अर्जुन का विवाह भी एक युद्ध पर जा कर समाप्त हुआ था। द्रौपदी स्वयंवर के समय पाण्डव ब्राह्मण वेष में वन में भटक रहे थे।
श्रीकृष्ण के कहने पर इन्होंने स्वयंवर में भाग लिया और स्वयंवर की शर्त को पूरा करने में अर्जुन सफल रहे। कौरवों ने ब्राह्मण वेष में अर्जुन को देखकर उनका विरोध शुरू कर दिया। युद्ध की स्थिति को देखते हुए श्रीकृष्ण को बीचबचाव करना पड़ा।
दुर्योधन पुत्री लक्ष्मणा- श्रीकृष्ण पुत्र साम्ब विवाह : - दुर्योधन की पुत्री लक्ष्मणा और श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब दोनों ही एक-दूसरे से प्रेम करते थे। इस बात की खबर कौरवों को लगी तो उन्होंने लक्ष्मणा का स्वयंवर आयोजित किया।
स्वयंवर से पहले ही साम्ब लक्ष्मणा को उसी प्रकार भगा ले जाने लगे जैसे श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी का हरण किया था। लेकिन साम्ब को कौरवों की सेना ने घेर लिया और बंदी बना लिया। क्रोधित होकर बलरामजी हस्तिनापुर को यमुना में डुबाने पहुंच गए। दुर्योधन के क्षमा मांगने पर साम्ब और लक्ष्मणा का विवाह संपन्न हो गया।
उषा और अनिरुद्ध का विवाह : - राजा बलि के पुत्र बाणासुर की पुत्री उषा को श्रीकृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध से प्रेम हो गया था। इस बात की खबर उषा की सखी चित्रलेखा को लगी तो उन्होंने योगमाया का सहारा लिया और अनिरुद्ध को द्वारिका से लेकर उषा के पास पहुंचा दिया।
दोनों ही बेहद खुबसूरत और सर्वगुणों से संपन्न थे। लेकिन जैसे ही बाणासुर को इस बात की खबर हुई। उसने अनिरुद्ध को युद्ध में परास्त करके कारागार में डलवा दिया। श्रीकृष्ण को इसकी सूचना मिली तो वह बाणासुर के नगर पहुंचे, जहां भयंकर युद्ध के बाद भोलेनाथ के कहने पर बाणासुर अपनी पुत्री का विवाह श्रीकृष्ण के पौत्र से करने के लिए तैयार हो गया..
🔱#ॐ_नमो_उमा_महेश्वराय_नमः🌹🙏#जय____जय___श्रीराम 🙏🏹🚩
#महाभारत
12 shares

