sn vyas
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. *🔥 श्री वैद्यनाथ जी 🔥*
*पूर्वोत्तरे प्रज्वलिकानिधाने सदा वसन्तं गिरिजासमेतम्।*
*सुरासुराराधितपादपद्मं श्रीवैद्यनाथं तमहं नमामि॥*
> 'जो पूर्वोत्तर दिशा में चिताभूमि (वैद्यनाथधाम)- के भीतर सदा ही गिरिजा के साथ वास करते हैं, देवता और असुर जिनके चरणकमलों की आराधना करते हैं, उन श्रीवैद्यनाथजी को मैं प्रणाम करता हूँ।'
* *ज्योतिर्लिंगों की गणना में श्रीवैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का नौवाँ स्थान बताया गया है। भगवान् श्रीवैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का मन्दिर जिस स्थान पर अवस्थित है, उसे श्रीवैद्यनाथधाम कहा जाता है।*
> *रावण की तपस्या के फलस्वरूप श्रीवैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का प्रादुर्भाव हुआ, जिसे देवताओं ने स्वयं प्रतिष्ठित कर पूजन किया। यह ज्योतिर्लिंग रावण के द्वारा दबाये जाने के कारण भूमि में दबा है तथा उसके ऊपरी सिरे में कुछ गड्ढा-सा बन गया है। फिर भी इस शिवलिंग की ऊँचाई लगभग आठ अंगुल है। कहते हैं कि रावण के कटे हुए सिरों को शिवजी ने फिर से ठीक कर दिया था। साथ ही उसे सिरों के कटने की पीड़ा से भी वैद्य यानी चिकित्सक बनकर मुक्ति दिलाई थी। इसी वजह से इस ज्योतिर्लिंग को `वैद्यनाथ` कहा गया। जो मनुष्य श्रद्धा-भक्तिपूर्वक भगवान् श्रीवैद्यनाथ का अभिषेक करता है, उसका शारीरिक और मानसिक रोग अति शीघ्र नष्ट हो जाता है।*
*दर्शनात्पूजनाज्ज्योतिर्लिंगरूपो महेश्वरः ।*
*भुक्तिमुक्तिप्रदो लोके सर्वेषां हितकारकः ॥*
(शिवपुराण/कोटिरुद्रसंहिता/अध्याय २८/श्लोक ५८)
* श्री वैद्यनाथ जी के दर्शन एवं पूजन करने से ज्योतिर्लिंगस्वरूप महेश्वर भुक्ति-मुक्ति देनेवाले तथा लोक में सबका हित करनेवाले हैं ।
*हर हर महादेव 👏🏻*
*जय जय सियाराम 🙏🏻🚩*
#रावणेश्वर बाबा वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के देवघर झारखंड से #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🔱बम बम भोले🙏 #🪔सावन का पवित्र महीना 🙏 #🔱हर हर महादेव
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