🇭ARISH🇯AHIREY
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2 months ago
#मैथिलीशरण गुप्त की पुण्यतिथि “चारुचंद्र की चंचल किरणें, खेल रहीं हैं जल थल में, स्वच्छ चाँदनी बिछी हुई है अवनि और अम्बरतल में।” — मैथिलीशरण गुप्त ( 3 अगस्त 1886 – 12 दिसंबर 1964) भारतीय साहित्य की महान विभूति, राष्ट्रकवि “मैथिलीशरण गुप्त जी” की 61वीं पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन। जिन्होंने अपनी काव्यधारा से जन-जन में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रकाश फैलाया। उनकी काव्य रचनाएँ भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना की अमूल्य धरोहर हैं। #मैथिलीशरण गुप्त #राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त को नमन #🇮🇳 देशभक्ति #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान